उन्नाव। महिला सुरक्षा और छात्राओं में आत्मविश्वास बढ़ाने के उद्देश्य से शनिवार को डॉ. जी. नाथ इंटर कॉलेज में मिशन शक्ति के तहत महिला सुरक्षा एवं जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। दोपहर करीब दो बजे आयोजित इस कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों, महिला आरक्षियों, शिक्षकों और छात्राओं ने भाग लिया। कार्यशाला के दौरान छात्राओं को महिला सुरक्षा, आत्मरक्षा, साइबर अपराध से बचाव और जरूरत पड़ने पर पुलिस तथा संबंधित हेल्पलाइन की मदद लेने के बारे में जानकारी दी गई। कार्यशाला की अध्यक्षता क्षेत्राधिकारी नगर विनी सिंह ने की। उन्होंने छात्राओं से कहा कि किसी भी विपरीत परिस्थिति में घबराने के बजाय सतर्कता और समझदारी से काम लेना जरूरी है। पुलिस और सरकार की ओर से महिलाओं तथा बालिकाओं की सुरक्षा के लिए उपलब्ध कराए गए हेल्पलाइन नंबरों का इस्तेमाल जरूरत के समय किया जा सकता है।

नुक्कड़ नाटक के जरिए दिया जागरूकता का संदेश

कार्यशाला के दौरान छात्राओं ने मिशन शक्ति पर आधारित नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया। नाटक के माध्यम से महिला सशक्तिकरण, सुरक्षा के प्रति जागरूकता और विपरीत परिस्थितियों में हिम्मत के साथ सामना करने का संदेश दिया गया। छात्राओं की प्रस्तुति में महिला सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं को सामने रखा गया। कार्यक्रम में मौजूद शिक्षकों और छात्राओं ने नुक्कड़ नाटक की सराहना की। इस प्रस्तुति के जरिए छात्राओं को यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि किसी भी समस्या को छिपाने के बजाय समय रहते परिवार, शिक्षकों या पुलिस को इसकी जानकारी दी जानी चाहिए। नुक्कड़ नाटक के माध्यम से छात्राओं को यह भी समझाया गया कि जागरूकता और आत्मविश्वास किसी भी मुश्किल परिस्थिति से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

क्षेत्राधिकारी ने बताए हेल्पलाइन नंबर

क्षेत्राधिकारी नगर विनी सिंह ने छात्राओं को अलग-अलग परिस्थितियों में पुलिस और संबंधित विभागों से सहायता लेने के तरीकों की जानकारी दी। उन्होंने महिला एवं बालिकाओं की सुरक्षा से जुड़े प्रमुख हेल्पलाइन नंबरों के बारे में बताया। छात्राओं को 112 पुलिस हेल्पलाइन, 181 महिला हेल्पलाइन, 1930 साइबर अपराध हेल्पलाइन, 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन और 1076 मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के बारे में जानकारी दी गई। कार्यशाला में बताया गया कि आपात स्थिति में 112 के माध्यम से पुलिस सहायता ली जा सकती है। महिला संबंधी समस्याओं के लिए 181, साइबर अपराध या ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में 1930 तथा बच्चों से संबंधित सहायता के लिए 1098 का उपयोग किया जा सकता है। पुलिस अधिकारियों ने छात्राओं से अपील की कि वे किसी भी परेशानी की स्थिति में अकेले उसका सामना करने की कोशिश न करें। आवश्यकता पड़ने पर उपलब्ध सहायता तंत्र का इस्तेमाल करें और अपने अभिभावकों तथा शिक्षकों को भी जानकारी दें।

महिला आरक्षियों ने सिखाए आत्मरक्षा के तरीके

कार्यशाला का एक महत्वपूर्ण हिस्सा आत्मरक्षा प्रशिक्षण रहा। महिला थाना प्रभारी निरीक्षक रेखा सिंह और परिवार परामर्श केंद्र समिति के प्रभारी डॉ. आशीष श्रीवास्तव ने छात्राओं को महिला सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं के बारे में जानकारी दी। इसके बाद महिला आरक्षी आकांक्षा सिंह और रंजना देवी ने छात्राओं को आत्मरक्षा के कुछ व्यावहारिक तरीके बताए। प्रशिक्षण के दौरान छात्राओं को समझाया गया कि खतरे की स्थिति में किस तरह सतर्क रहना है और उपलब्ध अवसरों का उपयोग करके स्वयं को सुरक्षित रखना है। महिला आरक्षियों ने छात्राओं को आत्मरक्षा के दौरान आत्मविश्वास बनाए रखने और आसपास के वातावरण पर नजर रखने की जानकारी दी। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को डराने के बजाय उन्हें सुरक्षा के प्रति जागरूक और आत्मविश्वासी बनाना रहा।

साइबर अपराध से बचाव की भी दी जानकारी

कार्यशाला में महिला सुरक्षा के साथ-साथ साइबर अपराध को लेकर भी छात्राओं को जागरूक किया गया। मौजूदा समय में मोबाइल फोन और सोशल मीडिया का इस्तेमाल बढ़ने के कारण छात्राओं को ऑनलाइन सुरक्षा के प्रति सावधान रहने की सलाह दी गई। पुलिस टीम ने छात्राओं को संदिग्ध लिंक, अनजान लोगों के मैसेज और ऑनलाइन धोखाधड़ी से सावधान रहने की जानकारी दी। छात्राओं को यह समझाने का प्रयास किया गया कि किसी अनजान व्यक्ति के साथ निजी जानकारी साझा करने से बचना चाहिए। साथ ही किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि या साइबर अपराध की स्थिति में तत्काल शिकायत करने की सलाह दी गई। इसके लिए 1930 साइबर अपराध हेल्पलाइन की जानकारी विशेष रूप से दी गई।

मुश्किल परिस्थिति में घबराने के बजाय सतर्क रहें

कार्यशाला के दौरान छात्राओं को बताया गया कि किसी भी मुश्किल परिस्थिति में सबसे पहले अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता दें। आसपास के लोगों से सहायता लेने, परिवार या शिक्षक को जानकारी देने और जरूरत पड़ने पर पुलिस को सूचना देने के लिए प्रेरित किया गया। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि सुरक्षा केवल किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि परिवार, स्कूल, समाज और पुलिस सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। छात्राओं में जागरूकता बढ़ने से वे अपने साथ-साथ आसपास की अन्य महिलाओं और बालिकाओं को भी सुरक्षा के प्रति जागरूक कर सकती हैं।

छात्राओं ने पूछे सुरक्षा से जुड़े सवाल

कार्यशाला के दौरान छात्राओं ने भी सक्रिय भागीदारी की। उन्होंने महिला सुरक्षा, आत्मरक्षा और पुलिस सहायता से जुड़े विभिन्न सवाल पुलिस अधिकारियों के सामने रखे। अधिकारियों ने छात्राओं के सवालों का जवाब देते हुए उन्हें संबंधित संसाधनों और सहायता व्यवस्था की जानकारी दी। इस तरह कार्यक्रम केवल एकतरफा जागरूकता अभियान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि छात्राओं को अपनी समस्याएं साझा करने और सुरक्षा से जुड़े विषयों पर बातचीत करने का अवसर भी मिला। कार्यक्रम में डॉ. मनीष सिंह सेंगर और पुलिस टीम ने भी छात्राओं को विभिन्न सुरक्षा उपायों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने छात्राओं से जागरूक रहने और किसी भी संदिग्ध स्थिति को नजरअंदाज न करने की अपील की।

प्रधानाचार्य ने जताया आभार

कार्यशाला के समापन पर विद्यालय के प्रधानाचार्य ने कार्यक्रम में शामिल पुलिस अधिकारियों, महिला आरक्षियों, कर्मचारियों और अन्य अतिथियों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम छात्राओं के लिए उपयोगी हैं और उन्हें अपनी सुरक्षा से जुड़े अधिकारों तथा उपलब्ध सहायता के साधनों की जानकारी मिलती है। विद्यालय स्टाफ ने भी मिशन शक्ति के तहत आयोजित इस कार्यशाला को छात्राओं के लिए महत्वपूर्ण बताया। कार्यक्रम में स्कूल स्टाफ के साथ अन्य लोग भी मौजूद रहे।

सुरक्षा को लेकर जागरूकता पर जोर

डॉ. जी. नाथ इंटर कॉलेज में आयोजित मिशन शक्ति कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को महिला सुरक्षा, आत्मरक्षा और उपलब्ध सहायता संसाधनों की जानकारी देना रहा। कार्यक्रम में नुक्कड़ नाटक के माध्यम से जागरूकता का संदेश दिया गया, जबकि महिला आरक्षियों ने आत्मरक्षा के व्यावहारिक तरीके बताए। पुलिस अधिकारियों ने छात्राओं को 112, 181, 1930, 1098 और 1076 जैसे हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी देकर जरूरत पड़ने पर इनका इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के माध्यम से छात्राओं को यह संदेश दिया गया कि सुरक्षा के प्रति जागरूक रहना, समय पर सहायता लेना और विपरीत परिस्थितियों में संयम बनाए रखना बेहद महत्वपूर्ण है।

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