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उन्नाव: पैतृक जमीन पर खेती करने से रोकने और मारपीट का आरोप, महिला ने अधिकारियों से लगाई न्याय की गुहार

अचलगंज थाना क्षेत्र के पचोड्डा सरांय गांव की निवासी संगीता ने परिवार के कुछ लोगों पर गाली-गलौज, घर में घुसकर मारपीट और धमकी देने के आरोप लगाए; कार्रवाई और सुरक्षा की मांग, पुलिस का आधिकारिक पक्ष आना बाकी. डेस्क रिपोर्ट

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उन्नाव, उत्तर प्रदेश। जनपद उन्नाव के अचलगंज थाना क्षेत्र के पचोड्डा सरांय गांव में पैतृक कृषि भूमि पर खेती करने को लेकर विवाद का मामला सामने आया है। गांव की निवासी एक महिला ने अपने ही परिवार के कुछ लोगों पर जमीन की जोताई-बुआई करने से रोकने, घर में घुसकर मारपीट करने, गाली-गलौज करने और अश्लील हरकतें करने के आरोप लगाए हैं। पीड़िता ने संबंधित अधिकारियों को प्रार्थना पत्र देकर मामले में कानूनी कार्रवाई करने और अपनी सुरक्षा सुनिश्चित कराने की मांग की है। पीड़िता संगीता पत्नी फूल यादव के अनुसार, उनके पति विदेश में रहते हैं और वह गांव में अकेली रहती हैं। महिला का कहना है कि वह पिछले कई वर्षों से अपने हिस्से की कृषि भूमि पर खेती करती आ रही हैं। आरोप है कि अब परिवार के ही कुछ लोग उनकी जमीन पर खेती करने में बाधा उत्पन्न कर रहे हैं। इसी बात को लेकर विवाद की स्थिति बनी हुई है। महिला की शिकायत के मुताबिक, जब उन्होंने अपनी कृषि भूमि पर खेती करने से रोकने का विरोध किया, तो कथित तौर पर आरोपियों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। पीड़िता ने आरोप लगाया कि कुछ लोग जबरन उनके घर में घुस आए और उनके साथ गाली-गलौज तथा मारपीट की। महिला का यह भी दावा है कि इस दौरान उनके साथ अश्लील हरकतें की गईं और शिकायत करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई। हालांकि, मामले में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है। संबंधित पक्षों का बयान और पुलिस की जांच सामने आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

पैतृक जमीन पर खेती को लेकर विवाद का आरोप

पीड़िता संगीता का कहना है कि कृषि भूमि उनके परिवार की पैतृक संपत्ति से संबंधित है और वह लंबे समय से अपने हिस्से की जमीन पर जोताई-बुआई करती रही हैं। महिला के अनुसार, खेती करना उनके परिवार की आजीविका और जमीन पर उनके अधिकार से जुड़ा विषय है। आरोप है कि परिवार के कुछ लोग उन्हें अपने हिस्से की जमीन पर खेती करने से रोक रहे हैं। इस वजह से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। महिला का दावा है कि जब उन्होंने अपनी जमीन पर खेती करने की बात कही, तो विवाद बढ़ गया और उनके साथ कथित तौर पर अभद्रता की गई। जमीन से जुड़े विवादों में स्वामित्व, हिस्सेदारी और कब्जे की स्थिति महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में मामले की निष्पक्ष जांच के दौरान राजस्व अभिलेखों, जमीन के बंटवारे से संबंधित दस्तावेजों और दोनों पक्षों के दावों की जांच करना जरूरी होगा। इससे यह स्पष्ट करने में मदद मिलेगी कि विवाद की वास्तविक वजह क्या है और संबंधित भूमि पर किसका कितना अधिकार है।

घर में घुसकर मारपीट और धमकी देने का आरोप

महिला ने अपने प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया है कि जमीन पर खेती करने को लेकर हुए विवाद के दौरान कुछ लोगों ने उनके घर में जबरन प्रवेश किया। पीड़िता के अनुसार, आरोपियों ने उनके साथ गाली-गलौज की और मारपीट की। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनके साथ अश्लील हरकतें की गईं। संगीता का दावा है कि विरोध करने और घटना की शिकायत करने की बात कहने पर उन्हें फर्जी मुकदमे में फंसाने तथा जान से मारने की धमकी दी गई। महिला के मुताबिक, इन घटनाओं के बाद से वह भयभीत हैं और उन्हें अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है। यदि शिकायत में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं, तो मामला केवल कृषि भूमि के विवाद तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि कथित मारपीट, धमकी और अन्य आरोपों की भी कानूनी जांच आवश्यक होगी। हालांकि, आरोपों की प्रकृति और उन पर लागू कानूनी प्रावधानों का निर्धारण जांच तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर संबंधित अधिकारी करेंगे।

एक अक्टूबर को थाने में प्रार्थना पत्र देने का दावा

पीड़िता ने बताया कि उन्होंने 1 अक्टूबर 2026 को संबंधित थाने में भी प्रार्थना पत्र देकर मामले की शिकायत की थी। महिला का आरोप है कि शिकायत देने के बावजूद उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ और उन्हें न्याय नहीं मिला। पीड़िता के अनुसार, उन्हें लगातार धमकियां मिलने की आशंका बनी हुई है, जिसके कारण वह परेशान हैं। उन्होंने अधिकारियों से मामले को गंभीरता से लेते हुए उनकी शिकायत पर उचित कार्रवाई करने की मांग की है। हालांकि, थाने में दिए गए प्रार्थना पत्र पर क्या कार्रवाई हुई, शिकायत दर्ज की गई या नहीं, और पुलिस ने दोनों पक्षों से पूछताछ की है या नहीं—इन बिंदुओं पर आधिकारिक जानकारी सामने आना अभी बाकी है। इस संबंध में पुलिस का पक्ष मिलने पर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

अधिकारियों से कार्रवाई और सुरक्षा की मांग

संगीता ने अधिकारियों को प्रार्थना पत्र देकर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने, मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई करने की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने अपनी सुरक्षा सुनिश्चित कराने की भी अपील की है। महिला का कहना है कि वह अपने घर में सुरक्षित रहना चाहती हैं और अपनी कृषि भूमि पर खेती करने को लेकर होने वाली कथित बाधाओं से छुटकारा चाहती हैं। उनका आग्रह है कि संबंधित अधिकारी मामले का संज्ञान लेकर उचित कदम उठाएं, ताकि विवाद का समाधान कानूनी प्रक्रिया के तहत हो सके। ऐसे मामलों में शिकायतकर्ता की सुरक्षा, निष्पक्ष जांच और दोनों पक्षों को सुनना महत्वपूर्ण होता है। यदि महिला की ओर से लगाए गए धमकी और मारपीट के आरोपों की पुष्टि होती है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। वहीं, जमीन के अधिकार से जुड़े विवाद का निस्तारण संबंधित राजस्व और कानूनी प्रक्रिया के तहत किया जाना आवश्यक होगा।

पुलिस के आधिकारिक पक्ष का इंतजार

पचोड्डा सरांय गांव का यह मामला पैतृक कृषि भूमि पर खेती करने के विवाद से जुड़ा बताया जा रहा है। पीड़िता ने परिवार के कुछ लोगों पर गंभीर आरोप लगाते हुए अधिकारियों से न्याय और सुरक्षा की मांग की है। फिलहाल, आरोपियों का पक्ष और पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संबंधित पुलिस अधिकारी शिकायत पर क्या कार्रवाई करते हैं और जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं। शिकायत पर की गई कार्रवाई, भूमि से जुड़े अभिलेखों और संबंधित पक्षों के बयानों के आधार पर ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

फिलहाल, पीड़िता संगीता ने अधिकारियों से निष्पक्ष जांच, कानूनी कार्रवाई और सुरक्षा की मांग की है। मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही होगी।

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