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कानपुर के विद्यालयों में गूंजा वंदे मातरम्, 1,05,791 छात्र-शिक्षक हुए सामूहिक गान में शामिल

हिंदू आध्यात्मिक एवं सेवा संस्थान के आह्वान पर कानपुर महानगर के विभिन्न विद्यालयों में विशेष प्रार्थना सभाओं का आयोजन; 26 से 30 नवंबर तक बेनाझाबर स्थित बृजेन्द्र स्वरूप पार्क में होगा मेला, विद्यार्थियों और अभिभावकों से सहभागिता की अपील.

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कानपुर: हिन्दू आध्यात्मिक एवं सेवा संस्थान, कानपुर के आह्वान पर मंगलवार को कानपुर महानगर के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों और विद्यालयों में सामूहिक सम्पूर्ण वंदे मातरम् गान का आयोजन किया गया। आयोजन समिति की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, सूचना तैयार किए जाने तक लगभग 1,05,791 छात्र-छात्राओं, आचार्यों और शिक्षकों ने इस कार्यक्रम में भाग लिया। इस अवसर पर महानगर के विभिन्न विद्यालयों में विशेष प्रार्थना सभाएं आयोजित की गईं। इन सभाओं में विद्यार्थियों, शिक्षकों और आचार्यों ने सामूहिक रूप से राष्ट्रगीत का गायन किया। आयोजकों के अनुसार, कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में राष्ट्रभक्ति, एकता, सांस्कृतिक चेतना और सामाजिक मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। कार्यक्रम के दौरान विद्यालयों के प्रधानाचार्यों, आचार्यों और उपस्थित पदाधिकारियों ने विद्यार्थियों को आगामी हिन्दू आध्यात्मिक एवं सेवा मेले की जानकारी भी दी। यह मेला 26 से 30 नवंबर 2026 तक कानपुर के बेनाझाबर स्थित बृजेन्द्र स्वरूप पार्क में आयोजित किया जाना प्रस्तावित है। आयोजन स्थल बीएनएसडी शिक्षा निकेतन के समीप बताया गया है।

विद्यालयों में विशेष प्रार्थना सभाओं का आयोजन

मंगलवार सुबह कानपुर महानगर के विभिन्न विद्यालयों में विशेष प्रार्थना सभाओं के माध्यम से सामूहिक वंदे मातरम् गान आयोजित किया गया। आयोजन समिति के मुताबिक, कार्यक्रम में विद्यार्थियों के साथ शिक्षकों और आचार्यों ने भी सहभागिता की। आयोजकों ने इस पहल को विद्यार्थियों के बीच राष्ट्रगीत के प्रति सम्मान, सांस्कृतिक परंपराओं और सामूहिक सहभागिता की भावना को प्रोत्साहित करने का प्रयास बताया। विद्यालयों में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान विद्यार्थियों को राष्ट्रभक्ति, सामाजिक जिम्मेदारी और सेवा कार्यों के महत्व से भी परिचित कराया गया। समिति की ओर से उपलब्ध कराए गए आंकड़े के अनुसार, कार्यक्रम में शामिल होने वालों की संख्या सूचना जारी किए जाने तक 1,05,791 थी। यह संख्या आयोजकों की ओर से दी गई है।

नवंबर में पांच दिवसीय हिन्दू आध्यात्मिक एवं सेवा मेला

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को बताया गया कि आगामी 26 से 30 नवंबर 2026 तक कानपुर के बृजेन्द्र स्वरूप पार्क, बेनाझाबर में हिन्दू आध्यात्मिक एवं सेवा मेले का आयोजन किया जाएगा। आयोजन समिति के अनुसार, मेले का उद्देश्य भारतीय संस्कृति, राष्ट्रभक्ति, पर्यावरण संरक्षण, पारिवारिक मूल्यों, मानवीय संवेदनाओं और सेवा कार्यों से लोगों को जोड़ना है। इस दौरान विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को विभिन्न प्रतियोगिताओं तथा गतिविधियों में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को अपनी सांस्कृतिक परंपराओं को समझने और सामाजिक गतिविधियों में सहभागिता करने का अवसर प्रदान कर सकते हैं। साथ ही, आध्यात्मिक एवं सेवा मेले की जानकारी भी दी। यह मेला 26 से 30 नवंबर 2026 तक कानपुर के बेनाझाबर स्थित बृजेन्द्र स्वरूप पार्क में आयोजित किया जाना प्रस्तावित है। आयोजन स्थल बीएनएसडी शिक्षा निकेतन के समीप बताया गया है।

विद्यालयों में विशेष प्रार्थना सभाओं का आयोजन

मंगलवार सुबह कानपुर महानगर के विभिन्न विद्यालयों में विशेष प्रार्थना सभाओं के माध्यम से सामूहिक वंदे मातरम् गान आयोजित किया गया। आयोजन समिति के मुताबिक, कार्यक्रम में विद्यार्थियों के साथ शिक्षकों और आचार्यों ने भी सहभागिता की। आयोजकों ने इस पहल को विद्यार्थियों के बीच राष्ट्रगीत के प्रति सम्मान, सांस्कृतिक परंपराओं और सामूहिक सहभागिता की भावना को प्रोत्साहित करने का प्रयास बताया। विद्यालयों में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान विद्यार्थियों को राष्ट्रभक्ति, सामाजिक जिम्मेदारी और सेवा कार्यों के महत्व से भी परिचित कराया गया। समिति की ओर से उपलब्ध कराए गए आंकड़े के अनुसार, कार्यक्रम में शामिल होने वालों की संख्या सूचना जारी किए जाने तक 1,05,791 थी। यह संख्या आयोजकों की ओर से दी गई है।

नवंबर में पांच दिवसीय हिन्दू आध्यात्मिक एवं सेवा मेला

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को बताया गया कि आगामी 26 से 30 नवंबर 2026 तक कानपुर के बृजेन्द्र स्वरूप पार्क, बेनाझाबर में हिन्दू आध्यात्मिक एवं सेवा मेले का आयोजन किया जाएगा। आयोजन समिति के अनुसार, मेले का उद्देश्य भारतीय संस्कृति, राष्ट्रभक्ति, पर्यावरण संरक्षण, पारिवारिक मूल्यों, मानवीय संवेदनाओं और सेवा कार्यों से लोगों को जोड़ना है। इस दौरान विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को विभिन्न प्रतियोगिताओं तथा गतिविधियों में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को अपनी सांस्कृतिक परंपराओं को समझने और सामाजिक गतिविधियों में सहभागिता करने का अवसर प्रदान कर सकते हैं। साथ ही, सेवा और पर्यावरण संरक्षण जैसे विषयों पर जागरूकता बढ़ाने में भी मदद मिल सकती है।

विद्यार्थियों और अभिभावकों से सहभागिता की अपील

विद्यालयों में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान प्रधानाचार्यों, आचार्यों और उपस्थित पदाधिकारियों ने विद्यार्थियों से आगामी मेले में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की। अभिभावकों को भी बच्चों के साथ मेले में पहुंचकर विभिन्न गतिविधियों का हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित किया गया।सेवा और पर्यावरण संरक्षण जैसे विषयों पर जागरूकता बढ़ाने में भी मदद मिल सकती है।

विद्यार्थियों और अभिभावकों से सहभागिता की अपी

आयोजकों के मुताबिक, मेले में विद्यार्थियों के लिए प्रतियोगिताओं और अन्य गतिविधियों के माध्यम से सहभागिता के अवसर उपलब्ध कराने की योजना है। हालांकि, प्रतियोगिताओं की विस्तृत सूची, पंजीकरण प्रक्रिया और समय-सारणी के बारे में अलग से जानकारी जारी किए जाने पर प्रतिभागियों को उससे अवगत होना चाहिए। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों और शिक्षकों ने आयोजन समिति की ओर से बताए गए आगामी सेवा मेले को सफल बनाने में सहयोग करने का संकल्प लिया।

प्रमुख पदाधिकारियों की रही सहभागिता

आयोजन समिति की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, विभिन्न कार्यक्रमों में हिन्दू आध्यात्मिक एवं सेवा संस्थान के राष्ट्रीय संयोजक श्री गुणवंत जी कोठारी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कानपुर प्रांत के प्रांत संचालक भवानी भीख तिवारी और प्रांत प्रचारक श्रीराम जी सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे। पदाधिकारियों ने विद्यार्थियों को आगामी मेले की जानकारी दी और उन्हें सामाजिक सेवा, सांस्कृतिक गतिविधियों तथा पर्यावरण संरक्षण से जुड़े प्रयासों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया।

सेवा और सांस्कृतिक जागरूकता पर जोर

हिन्दू आध्यात्मिक एवं सेवा संस्थान की कानपुर इकाई की ओर से आयोजित यह कार्यक्रम आगामी सेवा मेले के प्रचार-प्रसार से भी जुड़ा रहा। विद्यालयों में सामूहिक गान के साथ विद्यार्थियों को मेले के उद्देश्य और संभावित गतिविधियों की जानकारी दी गई। आयोजन समिति का कहना है कि मेले के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों को सेवा कार्यों, मानवीय मूल्यों और पर्यावरण संरक्षण जैसे विषयों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। फिलहाल, 27 अक्टूबर को आयोजित सामूहिक वंदे मातरम् गान कार्यक्रम के बाद अब आयोजकों का ध्यान नवंबर में होने वाले पांच दिवसीय मेले की तैयारियों पर रहेगा। विद्यार्थियों, अभिभावकों और आम नागरिकों की सहभागिता से इस आयोजन को व्यापक स्वरूप देने की योजना है।

आयोजन संबंधी जानकारी: हिन्दू आध्यात्मिक एवं सेवा मेला, कानपुर महानगर की आयोजन समिति के अनुसार, मेला 26 से 30 नवंबर 2026 तक बृजेन्द्र स्वरूप पार्क, बेनाझाबर, कानपुर में आयोजित किया जाएगा।

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