कानपुर। करवा चौथ का त्योहार नजदीक आते ही बाजारों से लेकर घरों तक उत्सव का माहौल दिखाई देने लगा है। सुहागिन महिलाएं व्रत और पूजन की तैयारियों के साथ साज-शृंगार में भी जुटी हैं। इसी बीच कानपुर के अशोक नगर स्थित प्रतिष्ठित जर्नलिस्ट क्लब में आयोजित दो दिवसीय निःशुल्क मेहंदी शिविर महिलाओं के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। आयोजकों के अनुसार, यह शिविर 27 और 28 अक्टूबर 2026 को सुबह 10 बजे से रात 8 बजे तक आयोजित किया जा रहा है। शिविर में पहले दिन से ही बड़ी संख्या में महिलाओं के पहुंचने और मेहंदी लगवाने की जानकारी सामने आई है। कल्याणपुर विधानसभा क्षेत्र की महिलाओं को समर्पित इस पहल का आयोजन भाजपा नेता रवि बाजपेयी की ओर से किया गया है। आयोजन का उद्देश्य करवा चौथ के अवसर पर महिलाओं को उत्सव की तैयारियों के लिए निःशुल्क मेहंदी की सुविधा उपलब्ध कराना है। त्योहार के समय बाजारों में बढ़ती भीड़ और मेहंदी लगवाने के खर्च को देखते हुए इस तरह की पहल महिलाओं के लिए उपयोगी साबित हो सकती है।
मातृशक्ति के सम्मान और त्योहार की खुशियों को समर्पित आयोजन
करवा चौथ भारतीय परंपरा में विशेष महत्व रखने वाला पर्व है। इस दिन विवाहित महिलाएं अपने जीवनसाथी की लंबी आयु, सुख-समृद्धि और वैवाहिक जीवन की खुशहाली की कामना के साथ व्रत रखती हैं। कई परिवारों में इस पर्व को लेकर विशेष तैयारियां की जाती हैं। महिलाएं पारंपरिक परिधान पहनती हैं, पूजा की सामग्री जुटाती हैं और हाथों में मेहंदी रचाकर अपने शृंगार को पूरा करती हैं। इसी सांस्कृतिक महत्व को ध्यान में रखते हुए अशोक नगर के जर्नलिस्ट क्लब में निःशुल्क मेहंदी शिविर लगाया गया है। आयोजकों के अनुसार, शिविर में महिलाओं की सुविधा का ध्यान रखते हुए बैठने और जलपान की व्यवस्था की गई है। साथ ही मेहंदी लगाने के लिए कुशल कलाकारों की टीम भी मौजूद है। त्योहारों के दौरान मेहंदी कलाकारों के यहां भीड़ बढ़ जाती है। ऐसे में महिलाओं को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ सकता है और पारंपरिक डिजाइनों के लिए अधिक खर्च भी करना पड़ सकता है। निःशुल्क शिविर के माध्यम से महिलाओं को एक ही स्थान पर मेहंदी लगवाने की सुविधा देने का प्रयास किया गया है।
रवि बाजपेयी की पहल की सराहना
इस आयोजन को लेकर क्षेत्र में सकारात्मक प्रतिक्रिया मिलने की बात कही गई है। आयोजक रवि बाजपेयी की ओर से इसे महिलाओं और मातृशक्ति के सम्मान से जुड़ी पहल बताया गया है। शिविर में पहुंचने वाली महिलाएं मेहंदी लगवाने के साथ त्योहार की तैयारियों में जुटी नजर आ रही हैं। आयोजन का स्वरूप ऐसा रखा गया है कि महिलाएं अपने पसंदीदा डिजाइन चुन सकें और बिना शुल्क मेहंदी लगवा सकें। कार्यक्रम में पारंपरिक भारतीय कला और त्योहारों से जुड़ी सांस्कृतिक परंपराओं को भी महत्व दिया जा रहा है। करवा चौथ के अवसर पर मेहंदी को सुहाग शृंगार का एक अहम हिस्सा माना जाता है। कई महिलाएं इस दिन विशेष रूप से हाथों पर बारीक और आकर्षक डिजाइन बनवाना पसंद करती हैं। ऐसे में शिविर में अलग-अलग शैली की मेहंदी उपलब्ध होने से महिलाओं को अपनी पसंद के अनुसार डिजाइन चुनने का अवसर मिल रहा है।
किरण पाण्डेय ने बताया परंपरा और सम्मान का संगम
शिविर में उपस्थित अशोक नगर निवासी भाजपा नेत्री किरण पाण्डेय ने आयोजन की सराहना की। उन्होंने कहा कि करवा चौथ महिलाओं की आस्था, परंपरा और वैवाहिक जीवन से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। इस अवसर पर पूजा-पाठ के साथ सुहाग शृंगार का भी विशेष महत्व होता है। किरण पाण्डेय के अनुसार, महिलाओं की भावनाओं और पारंपरिक मान्यताओं का सम्मान करते हुए निःशुल्क मेहंदी शिविर आयोजित करना सराहनीय प्रयास है। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजनों से त्योहार की खुशियां साझा करने और महिलाओं को एक साथ उत्सव मनाने का अवसर मिलता है। उनकी प्रतिक्रिया के मुताबिक, शिविर में पहुंचने वाली महिलाओं के चेहरों पर उत्साह दिखाई दे रहा है। महिलाएं अपने हाथों में मेहंदी लगवाते हुए करवा चौथ की तैयारियों को खास बना रही हैं।
राजस्थानी और मारवाड़ी डिजाइनों की विशेष मांग
शिविर की खास बात मेहंदी के पारंपरिक डिजाइनों को लेकर महिलाओं में दिखाई दे रहा उत्साह है। आयोजन में मौजूद अनुप्रिया त्रिपाठी ने बताया कि महिलाओं की सुविधा के लिए कुशल मेहंदी कलाकारों की टीम तैनात की गई है। उनके अनुसार, इस वर्ष राजस्थानी मेहंदी डिजाइनों को लेकर खास रुचि दिखाई दे रही है। राजस्थानी मेहंदी में बारीक रेखाओं, फूल-पत्तियों, पारंपरिक आकृतियों और सघन पैटर्न का विशेष महत्व होता है। इन डिजाइनों में हाथों की हथेलियों से लेकर उंगलियों तक सुंदर कारीगरी की जाती है। वहीं मारवाड़ी शैली में पारंपरिक आकृतियों और बारीक डिजाइन का आकर्षक संयोजन देखने को मिलता है। इसके अलावा आधुनिक अरेबियन मेहंदी डिजाइन भी महिलाओं की पसंद में शामिल हैं। अरेबियन शैली में अपेक्षाकृत खुले पैटर्न, बेल-बूटे और फूलों की आकृतियों का इस्तेमाल किया जाता है। इससे महिलाएं अपनी पसंद, परिधान और अवसर के अनुरूप अलग-अलग डिजाइन चुन सकती हैं। शिविर में इन शैलियों की मांग को देखते हुए मेहंदी कलाकार महिलाओं की पसंद के अनुसार डिजाइन बनाने में जुटे हैं। पारंपरिक और आधुनिक कला के इस मेल ने आयोजन को और आकर्षक बना दिया है।
त्योहार की तैयारियों में जुटीं महिलाएं
निःशुल्क मेहंदी शिविर में बड़ी संख्या में महिलाओं के पहुंचने की जानकारी दी गई है। महिलाएं अपने हाथों पर सुंदर मेहंदी लगवाकर करवा चौथ के पर्व की तैयारियां कर रही हैं। आयोजन के प्रति महिलाओं की रुचि से यह भी स्पष्ट होता है कि त्योहारों से जुड़ी पारंपरिक कलाओं का आज भी खास महत्व बना हुआ है। महिलाओं के लिए मेहंदी केवल शृंगार का माध्यम नहीं, बल्कि उत्सव, परंपरा और पारिवारिक खुशियों से जुड़ी सांस्कृतिक अभिव्यक्ति भी है। करवा चौथ जैसे अवसरों पर परिवार और आसपास की महिलाओं के साथ मिलकर तैयारियां करना इस पर्व के सामाजिक पक्ष को भी मजबूत बनाता है। आयोजन में शामिल महिलाओं ने निःशुल्क सुविधा उपलब्ध कराने के लिए आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त किया। उनके अनुसार, इस तरह की व्यवस्था से त्योहार की तैयारी आसान होती है और महिलाओं को सामूहिक रूप से उत्सव का आनंद लेने का अवसर मिलता है।
28 अक्टूबर तक जारी रहेगा शिविर
आयोजकों की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, यह शिविर 27 और 28 अक्टूबर को सुबह 10 बजे से रात 8 बजे तक आयोजित किया जा रहा है। शिविर का स्थान अशोक नगर स्थित जर्नलिस्ट क्लब, कानपुर बताया गया है। आयोजन में निःशुल्क मेहंदी लगाने की सुविधा के साथ महिलाओं के बैठने और जलपान की व्यवस्था भी की गई है। करवा चौथ से पहले आयोजित इस शिविर ने क्षेत्र में उत्सव का माहौल बनाने में योगदान दिया है। राजस्थानी, मारवाड़ी और अरेबियन मेहंदी डिजाइनों के प्रति महिलाओं की रुचि आयोजन की प्रमुख विशेषताओं में शामिल है। कुल मिलाकर, अशोक नगर के जर्नलिस्ट क्लब में आयोजित यह निःशुल्क मेहंदी शिविर करवा चौथ की तैयारियों के बीच महिलाओं को एक साथ आने, अपनी पसंद की मेहंदी लगवाने और त्योहार की खुशियां साझा करने का अवसर दे रहा है।
















