लखनऊ: चंद्रशेखर आजाद, आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के अध्यक्ष और नगीना से सांसद, इन दिनों अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में हैं। लखनऊ और बाराबंकी में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान उन्होंने विरोधियों पर तीखा हमला बोला, जिससे प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।दरअसल, विवाद की शुरुआत तब हुई जब करणी सेना के प्रदेश महामंत्री अभिनव सिंह ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर चंद्रशेखर को बाराबंकी आने से रोकने की चेतावनी दी थी। इसके जवाब में चंद्रशेखर आजाद ने बिना नाम लिए मंच से कड़े शब्दों में पलटवार किया और कहा कि वे संविधान में विश्वास रखते हैं, लेकिन कमजोर नहीं हैं।उन्होंने अपने भाषण में कहा कि वे हर तरह से जवाब देना जानते हैं और किसी की धमकी से डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनके काफिले पर पत्थर फेंकने की कोशिश की गई थी, जिससे तनाव और बढ़ गया।इस पूरे घटनाक्रम के बीच बाराबंकी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। पुलिस प्रशासन अलर्ट मोड पर रहा और कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराया गया।वहीं, चंद्रशेखर आजाद ने आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भी बड़ा संकेत दिया।उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी भाजपा को छोड़कर किसी भी दल के साथ गठबंधन के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि अंतिम फैसला पार्टी की कार्यसमिति करेगी, लेकिन वैचारिक मतभेद के चलते भाजपा के साथ गठबंधन संभव नहीं है।इस बयानबाजी के बाद प्रदेश की राजनीति में नई गोलबंदी की चर्चाएं तेज हो गई हैं।
लखनऊ: गोरखपुर के बरगदवा क्षेत्र में मंगलवार सुबह दिनदहाड़े हुए हत्याकांड से इलाके में सनसनी फैल गई। मॉर्निंग वॉक पर निकले प्रॉपर्टी डीलर और चौहान समाज के नेता राजकुमार चौहान की अज्ञात बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी।बताया जा रहा है कि राजकुमार चौहान रोज की तरह सुबह टहलने निकले थे। घर से करीब 300 मीटर दूर एक बगीचे में पहले से घात लगाए हमलावरों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। गोली लगते ही वह मौके पर गिर पड़े और उनकी वहीं मौत हो गई।घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है, वहीं घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि हमलावरों की पहचान की जा सके।इस हत्याकांड को लेकर सियासी बयानबाजी भी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है।वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी।
कानपुर: पनकी थाना क्षेत्र अंतर्गत पनका बहादुर नगर में सरकारी और निजी भूमि की अवैध प्लॉटिंग का बड़ा मामला सामने आया है। यहां प्रधान पति समेत अन्य लोगों पर फर्जी तरीके से जमीन कब्जाकर बेचने का आरोप लगा है। शिकायतकर्ता राजेश कुमार तिवारी ने उप जिलाधिकारी सदर से शिकायत करते हुए आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत के प्रधान पति विनोद कुशवाहा, उनके भाई प्रमोद कुशवाहा और उनके सहयोगी दिनेश कुशवाहा ने उनकी पैतृक भूमि पर कब्जा कर उसे बेच दिया। साथ ही ग्राम पंचायत की खरिहान में दर्ज सरकारी भूमि को भी प्लॉटिंग कर लाखों रुपये में बेचने का आरोप लगाया गया।मामले की जांच के लिए पहुंचे लेखपाल प्रतीक कुमार ने मौके पर जांच के दौरान शिकायतकर्ता की जमीन पर कब्जा और करीब 366 गज सरकारी भूमि पर अवैध निर्माण पाया। पूछताछ में कई निर्माणकर्ताओं ने बताया कि उन्हें यह जमीन प्रधान पति और उनके सहयोगियों द्वारा बेची गई थी।ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में लंबे समय से तालाब, ऊसर और बंजर जैसी सरकारी जमीनों पर कब्जा कर प्लॉटिंग का खेल चल रहा है, जिसमें भूमाफियाओं ने जमकर कमाई की है।वहीं जमीन खरीदने वाले कुसमा देवी, नम्रता देवी और गजेंद्र कुमार ने कहा कि उन्होंने लाखों रुपये देकर प्लॉट खरीदे थे, लेकिन अब जांच में जमीन सरकारी निकलने से वे परेशान हैं। पीड़ितों ने जिलाधिकारी और मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार लगाई है।लेखपाल ने बताया कि जांच रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी जा रही है, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
नई दिल्ली: डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर हुए हमले को लेकर सफाई देते हुए कहा है कि यह कार्रवाई बेहद जरूरी थी और इससे ईरान की परमाणु हथियार बनाने की क्षमता को बड़ा झटका लगा है। उन्होंने कहा कि इस अभियान के बाद ईरान अब परमाणु हथियारों के बारे में सोच भी नहीं पाएगा और उसकी सैन्य ताकत काफी कमजोर हो चुकी है।ट्रंप ने कहा कि वैश्विक सुरक्षा के लिहाज से ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकना आवश्यक था। उन्होंने कहा कि उन्हें युद्ध पसंद नहीं है, लेकिन ईरानी सरकार ने गंभीर अपराध किए हैं। ट्रंप के मुताबिक, हाल के सप्ताहों में ईरान में हजारों प्रदर्शनकारियों की हत्या की गई, जिसे लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता जताई जा रही है।अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि यह अभियान केवल अमेरिका के हित में नहीं, बल्कि वैश्विक शांति और स्थिरता को ध्यान में रखकर चलाया गया है। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने कहा कि कई पश्चिमी देश लंबे समय से ईरान को परमाणु हथियारों से दूर रखने के पक्ष में रहे हैं।ट्रंप ने उम्मीद जताई कि चीन, फ्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया और ब्रिटेन जैसे देश भी क्षेत्र में अपने युद्धपोत भेजकर होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित और खुला रखने में सहयोग करेंगे।इस बीच यूरोपीय देशों ने भी इस मुद्दे पर चर्चा शुरू कर दी है। जोहान वाडेफुल ने कहा कि अमेरिका और इजराइल को यह स्पष्ट करना चाहिए कि सैन्य कार्रवाई का लक्ष्य कब तक हासिल हो सकेगा, ताकि आगे की रणनीति तय की जा सके।
ईरान-जंग में नया खुलासा, क्या सऊदी दे रहा है साथ?
पश्चिम एशिया में जारी युद्ध अब तीसरे सप्ताह में प्रवेश कर चुका है और हालात लगातार तनावपूर्ण होते जा रहे हैं। एक ओर संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा तेहरान पर हमले तेज किए जा रहे हैं, तो दूसरी ओर ईरान भी खाड़ी क्षेत्र के देशों को निशाना बनाते हुए जवाबी कार्रवाई कर रहा है। इसी बीच एक नई रिपोर्ट ने इस संघर्ष को लेकर कूटनीतिक हलकों में बहस छेड़ दी है।न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार मोहम्मद बिन सलमान ने कथित तौर पर डोनाल्ड ट्रंप से ईरान के खिलाफ और अधिक कठोर सैन्य कार्रवाई करने की अपील की है। रिपोर्ट में व्हाइट हाउस अधिकारियों के हवाले से कहा गया है कि अमेरिका-ईरान संघर्ष के पिछले तीन हफ्तों में सऊदी क्राउन प्रिंस और ट्रंप के बीच कई बार बातचीत हुई है। बताया गया कि यह रुख सऊदी अरब की लंबे समय से चली आ रही रणनीति का हिस्सा है। इससे पहले सऊदी अरब के दिवंगत राजा किंग अब्दुल्ला भी अमेरिका से ईरान की शक्ति को पूरी तरह खत्म करने की मांग कर चुके थे।इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद ईरान की ओर से तीखी प्रतिक्रिया भी देखने को मिली है। अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अमेरिका और इजराइल की बमबारी में अब तक सैकड़ों ईरानी नागरिक मारे जा चुके हैं, जिनमें 200 से अधिक बच्चे भी शामिल बताए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्र के कुछ पड़ोसी देश अमेरिका को अपनी जमीन से हमले की अनुमति देकर इस संघर्ष को बढ़ावा दे रहे हैं और ऐसे देशों को इस मामले में अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए।विशेषज्ञों का मानना है कि यदि क्षेत्रीय देशों की प्रत्यक्ष या परोक्ष भागीदारी के आरोप और बढ़ते हैं, तो यह संघर्ष केवल अमेरिका-ईरान तक सीमित न रहकर पूरे खाड़ी क्षेत्र में बड़े भू-राजनीतिक संकट का रूप ले सकता है।
बिधनू: कानपुर नगर के बिधनू थाना क्षेत्र के एक छोटे से गांव में सोमवार शाम को 11 वर्षीय बच्ची की हत्या का दर्दनाक मामला सामने आया। बच्ची घर से बकरी चराने के लिए खेत गई थी, लेकिन देर शाम तक घर नहीं लौटी। परिजनों ने खोजबीन शुरू की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। मंगलवार तड़के, घर से लगभग तीन सौ मीटर दूर गेहूँ के खेत में खुदी हुई मिट्टी देखकर परिजनों ने खोदाई की, और बच्ची का शव बरामद हुआ। बच्ची का परिवार मजदूरी करता है। पिता ने बताया कि उनकी बेटी पांचवी कक्षा की छात्रा थी और वह मासूम और शांत स्वभाव की थी। बच्ची के शव की स्थिति देखकर परिजनों में कोहराम मच गया। शव पूरी तरह निर्वस्त्र था और पुलिस प्रारंभिक तौर पर गला दबाकर हत्या की आशंका जता रही है।
पुलिस की प्रारंभिक जांच और आरोपी की गिरफ्तारी
मौके पर पहुंची पुलिस ने फॉरेंसिक टीम को बुलाकर जांच की। सयुक्त पुलिस आयुक्त विपिन टाडा ने मीडिया को बताया कि आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि बच्ची के साथ दुष्कर्म किया गया या नहीं। विपिन टाडा ने कहा, “हमें प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिले हैं कि बच्ची की हत्या गला दबाकर की गई। आरोपी को हिरासत में लेकर आगे की जांच की जा रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, और रिपोर्ट आने के बाद ही दुष्कर्म की पुष्टि की जाएगी। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने बच्ची की हत्या के बाद शव को खेत में गाड़ दिया था।
घटना की गंभीरता और गांव में हालात
इस घटना ने गांव में सनसनी फैलाने का काम किया। परिजनों का आरोप है कि पड़ोसी युवक ने दुष्कर्म के बाद बच्ची की हत्या कर शव को खेत में छिपाया। ग्रामीणों में गुस्सा और डर का माहौल है। लोग अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। स्थानीय लोग बताते हैं कि यह घटना उनके लिए सदमा है। बच्ची की मासूमियत और हत्या की निर्ममता ने पूरे गांव को झकझोर दिया। समाजसेवी और पड़ोसी परिवार के साथ खड़े हैं और प्रशासन से दोषी के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
परिवार की प्रतिक्रिया
बच्ची के पिता ने बताया कि उनकी बेटी रोज़ाना बकरी चराने खेत जाती थी। उन्होंने कहा कि बेटी शांत और भोली स्वभाव की थी। सोमवार को वह खेत गई, लेकिन शाम तक लौटकर नहीं आई। परिजनों ने खुद तलाश शुरू की और मंगलवार तड़के बच्ची का शव बरामद किया। माता-पिता ने पुलिस से आग्रह किया है कि आरोपी को कड़ी सजा दी जाए। परिजनों का कहना है कि न्याय मिलने तक उनका परिवार चैन से नहीं बैठ सकता।
पुलिस की कार्रवाई और आगे की जांच
पुलिस ने आरोपी युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। फॉरेंसिक टीम और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। पुलिस का कहना है कि आरोपी ने हत्या के बाद शव को छुपाने का प्रयास किया। सयुक्त पुलिस आयुक्त विपिन टाडा ने कहा, हम इस मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेंगे। आरोपी से पूरी जांच की जा रही है और सबूत जुटाए जा रहे हैं। बच्चे की हत्या की गंभीरता को देखते हुए हम आरोपी को जल्द न्याय के कटघरे में लाएंगे।
बाल सुरक्षा और दुष्कर्म की आशंका
बच्ची का शव पूरी तरह निर्वस्त्र पाया गया है, जिससे दुष्कर्म की आशंका जताई जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि बच्ची के साथ दुष्कर्म किया गया या नहीं। विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा और अधिकार सुनिश्चित करना आज की समाजिक प्राथमिकता होनी चाहिए। परिवार, समाज और प्रशासन को मिलकर बच्चों के प्रति अपराध रोकने के लिए जागरूकता और सख्ती दिखानी होगी।
सामाजिक पहल और कानून
इस मामले में आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस साक्ष्यों और फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी। समाजसेवी और बाल अधिकार संगठन इस घटना पर चिंता व्यक्त कर चुके हैं और उन्होंने अधिकारियों से त्वरित कार्रवाई की अपील की है। उनका कहना है कि बच्चों की सुरक्षा केवल कानून पर निर्भर नहीं है, बल्कि समाज की जिम्मेदारी भी है।
निष्कर्ष
कानपुर के बिधनू थानाक्षेत्र में 11 वर्षीय बच्ची की हत्या ने समाज के लिए चेतावनी पैदा कर दी है। यह घटना बच्चों की सुरक्षा, परिवार और समाज के लिए गंभीर संदेश है। बच्ची की हत्या ने पूरे इलाके में शोक और आक्रोश फैलाया है। अब सभी की निगाहें पुलिस की जांच और न्यायिक कार्रवाई पर हैं। जैसे ही पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आएगी, दुष्कर्म की पुष्टि के साथ आरोपी को कड़ी सजा दिलाने की प्रक्रिया तेज़ होगी। सयुक्त पुलिस आयुक्त विपिन टाडा ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में किसी भी प्रकार की ढील नहीं दी जाएगी और आरोपी को जल्द न्याय दिलाया जाएगा।
कानपुर: विकास नगर इलाके में तेज रफ्तार कार का खौफनाक हादसा सामने आया है। अनियंत्रित हुई एक कार अचानक सड़क से फिसलकर एआरटीओ के घर की दीवार तोड़ते हुए परिसर में जा घुसी। घटना में घर पर तैनात निजी सुरक्षा गार्ड बाल-बाल बच गया।यह पूरी घटना आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल फुटेज में कार की तेज रफ्तार और टक्कर की भयावहता साफ देखी जा सकती है।बताया जा रहा है कि हादसा रावतपुर थाना क्षेत्र में हुआ। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि हादसे के समय कार कौन चला रहा था और दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई।
मुख्य बिंदु
कानपुर के विकास नगर इलाके में तेज रफ्तार कार का हादसा सामने आया।
अनियंत्रित कार एआरटीओ के घर की दीवार तोड़ते हुए परिसर में घुस गई।
हादसे के दौरान घर पर तैनात निजी सुरक्षा गार्ड बाल-बाल बच गया।
पूरी घटना आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई।
हादसे का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
घटना रावतपुर थाना क्षेत्र की बताई जा रही है।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।
पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि कार कौन चला रहा था और हादसा कैसे हुआ।
ओडिशा: कटक स्थित श्रीराम चंद्र भांजा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (एससीबी) में रविवार देर रात भीषण आग लगने से 10 मरीजों की मौत हो गई। हादसा रात करीब तीन बजे अस्पताल की पहली मंजिल पर स्थित ट्रॉमा केयर आईसीयू में हुआ। उस समय वार्ड में करीब 23 मरीज भर्ती थे।मिली जानकारी के अनुसार आग लगने के बाद वार्ड में धुआं तेजी से फैल गया, जिससे कई गंभीर मरीज उसकी चपेट में आ गए। सात मरीजों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। मरीजों को बचाने के प्रयास में अस्पताल के कम से कम 11 कर्मचारी भी झुलस गए, जिनमें कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की तीन गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और कई घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। अस्पताल प्रशासन और बचाव दल ने दर्जनों मरीजों को सुरक्षित बाहर निकालकर अन्य वार्डों में शिफ्ट किया। गंभीर हालत वाले मरीजों को तुरंत न्यू मेडिसिन आईसीयू में भर्ती कराया गया।घटना के बाद मोहन चरण मांझी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने मृतकों के परिजनों को 25-25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की और हादसे की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए। वहीं नरेंद्र मोदी ने भी प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता देने का ऐलान किया है।प्रारंभिक जांच में आईसीयू के एयर कंडीशनिंग सिस्टम या किसी मेडिकल उपकरण में इलेक्ट्रिकल शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका जताई जा रही है। सरकार ने जांच के दौरान अस्पताल में फायर सेफ्टी मानकों के पालन की भी पड़ताल कराने की बात कही है।
मुख्य बिंदु
ओडिशा के कटक स्थित एससीबी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भीषण आग।
हादसा रात करीब 3 बजे ट्रॉमा केयर आईसीयू में हुआ।
वार्ड में भर्ती 23 मरीजों में से 10 की मौत हो गई।
7 मरीजों की मौके पर मौत, जबकि 3 ने इलाज के दौरान दम तोड़ा।
मरीजों को बचाने के प्रयास में करीब 11 कर्मचारी भी झुलस गए।
दमकल की तीन गाड़ियों ने कई घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
कई मरीजों को अन्य वार्ड और न्यू मेडिसिन आईसीयू में शिफ्ट किया गया।
मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी ने मृतकों के परिजनों को 25 लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की।
प्रधानमंत्री राहत कोष से 2 लाख रुपये मृतकों के परिजनों और 50 हजार रुपये घायलों को देने का ऐलान।
प्रारंभिक जांच में एसी सिस्टम या मेडिकल उपकरण में शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका।
कानपुर के भीतरगांव विकासखंड के साढ़ कस्बे में स्थित उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक की शाखा में डेयरी केसीसी लोन के नाम पर घूसखोरी का मामला सामने आया है। आरोप है कि शाखा प्रबंधक और फील्ड ऑफिसर दलालों के माध्यम से लोन पास कराने के बदले मोटी रकम वसूल रहे हैं। स्थानीय उपभोक्ताओं और बैंक मित्र अनुज कुमार साहू समेत करीब आधा सैकड़ा लोगों ने शाखा प्रबंधक हिरेंद्र सिंह चौहान और फील्ड ऑफिसर विजय सिंह पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि 1,52,900 रुपये के लोन पर 20 से 25 हजार और 2,95,000 रुपये के लोन पर 30 से 35 हजार रुपये तक की उगाही की जाती है। यदि कोई उपभोक्ता पैसे देने से इनकार कर देता है तो उसकी पास हो चुकी फाइल भी रोक दी जाती है।पीड़ितों का आरोप है कि यह अवैध वसूली पिछले कई महीनों से जारी है और उपभोक्ताओं को दलालों के माध्यम से भुगतान करने के लिए मजबूर किया जाता है। बैंक मित्र अनुज कुमार साहू का कहना है कि बिना घूस दिए फाइल आगे नहीं बढ़ाई जाती, जिससे गरीब उपभोक्ता परेशान हैं।मामले को लेकर उपभोक्ताओं ने बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक कार्यालय पहुंचकर लिखित प्रार्थना पत्र दिया है और साक्ष्य भी प्रस्तुत किए हैं।ग्रामीणों ने उच्च अधिकारियों से निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
मैनेजर बोले—मेरे खिलाफ रची जा रही साजिश, जांच कराई जाए
हिरेंद्र सिंह चौहान, तत्कालीन शाखा प्रबंधक, ने अपने ऊपर लगे घूसखोरी के आरोपों को निराधार बताते हुए इसे साजिश करार दिया है। उनका कहना है कि उनसे पहले तैनात शाखा प्रबंधक और बैंक मित्र के माध्यम से कुछ संदिग्ध और अनियमित लेनदेन किए गए थे। जब उन्होंने इन लेनदेन की जांच शुरू की, तो इससे जुड़े लोगों ने उनके खिलाफ शिकायतें कराकर उन्हें बैंक से हटवाने की कोशिश शुरू कर दी।शाखा प्रबंधक के मुताबिक 13 मार्च को कुछ लोग उनकी शाखा में जबरन घुस आए और उनके साथ अभद्रता तथा गाली-गलौज की। उन्होंने बताया कि इस पूरे घटनाक्रम से जुड़े साक्ष्य एकत्रित कर क्षेत्रीय थाने में प्रार्थना पत्र भी दिया गया है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की है, ताकि सच्चाई सामने आ सके।
मुख्य बिंदु
कानपुर के भीतरगांव ब्लॉक के साढ़ कस्बे स्थित यूपी ग्रामीण बैंक शाखा में रिश्वतखोरी का आरोप।
शाखा प्रबंधक और फील्ड ऑफिसर पर लोन पास कराने के नाम पर घूस लेने का आरोप।
1.52 लाख के लोन पर 20–25 हजार और 2.95 लाख के लोन पर 30–35 हजार रुपये वसूली का आरोप।
करीब 50 उपभोक्ताओं ने क्षेत्रीय प्रबंधक को लिखित शिकायत देकर जांच की मांग की।
आरोप है कि दलालों के माध्यम से कई महीनों से अवैध वसूली चल रही थी।
पैसे न देने पर पास हो चुकी फाइल भी रोक देने का आरोप।
शाखा प्रबंधक ने आरोपों को साजिश बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की।
मामले को लेकर पुलिस और बैंक प्रशासन से जांच की मांग।
कानपुर में करोड़ों रुपये की ठगी के आरोपी को एक महिला द्वारा सरेआम थप्पड़ मारने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि महिला ने आरोपी को महज छह सेकेंड में नौ थप्पड़ जड़ दिए।घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बाद में लोगों ने आरोपी को पकड़कर चकेरी थाना पुलिस के हवाले कर दिया।जानकारी के अनुसार ओमपुरवा निवासी आरोपी कृष्ण प्रकाश सिंघानिया पर करीब 35 लोगों से दो करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी करने का आरोप है।पीड़ितों का कहना है कि आरोपी ने लोन दिलाने, प्लॉट और मकान दिलाने के नाम पर लोगों से आठ से 15 लाख रुपये तक ऐंठ लिए। लंबे समय तक कोई लाभ न मिलने पर जब लोगों ने अपनी रकम वापस मांगी तो आरोपी ने उन्हें धमकाना शुरू कर दिया।शनिवार शाम आरोपी कार से सनिगवां क्षेत्र में मिला तो पीड़ितों ने उसे रोककर अपने पैसे मांगे। आरोप है कि वह नशे में था और लोगों से अभद्रता करने लगा।
इसी दौरान एक महिला कार में घुस गई और गुस्से में उसे लगातार नौ थप्पड़ जड़ दिए। इसके बाद वहां मौजूद लोगों ने आरोपी की पिटाई कर उसे पुलिस के हवाले कर दिया।पीड़ितों का आरोप है कि पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करने के बजाय उल्टा उनके खिलाफ ही प्राथमिकी दर्ज करने की बात कही। इस पर पीड़ितों ने कहा कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो वे पुलिस आयुक्त से शिकायत करेंगे। वहीं थाना प्रभारी अजय प्रकाश मिश्र का कहना है कि मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य बिंदु
कानपुर में ठगी के आरोपी को महिला ने सरेआम थप्पड़ मार दिए।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
आरोपी कृष्ण प्रकाश सिंघानिया पर करीब 35 लोगों से दो करोड़ रुपये ठगने का आरोप।
लोन, प्लॉट और मकान दिलाने के नाम पर 8 से 15 लाख रुपये तक लिए गए।
पैसे वापस मांगने पर आरोपी ने लोगों से अभद्रता और धमकी दी।
गुस्साए लोगों ने आरोपी को पकड़कर चकेरी थाना पुलिस के हवाले कर दिया।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
मथुरा: जिले के बरसाना क्षेत्र के गांव सहार स्थित राधा बल्लभ मंदिर में रविवार सुबह मंदिर के पुजारी पर अज्ञात हमलावरों ने चाकू से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल पुजारी की देर रात उपचार के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने मामले में गांव के ही दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।जानकारी के अनुसार मंदिर के पुजारी मोहन दास उर्फ गूंगा बाबा सुबह करीब नौ बजे शृंगार आरती करने के बाद मंदिर परिसर में स्थित अपने कमरे की ओर जा रहे थे। इसी दौरान अज्ञात हमलावरों ने उन पर चाकू से गले और पेट पर कई वार कर दिए। हमलावर घटना के बाद मौके से फरार हो गए। घटना की जानकारी उस समय हुई जब सुबह करीब साढ़े दस बजे कुछ श्रद्धालु पूजा के लिए मंदिर पहुंचे। उन्होंने पुजारी को खून से लथपथ हालत में देखा और ग्रामीणों की मदद से उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां देर रात इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।मामले में पुजारी के गुरु वैष्णव दास ने अज्ञात हमलावरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने मंदिर और आसपास के क्षेत्र के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले हैं, हालांकि फिलहाल किसी संदिग्ध की स्पष्ट तस्वीर सामने नहीं आई है।सुरेश चंद्र रावत, एसपी ग्रामीण ने बताया कि पुजारी मूल रूप से मध्य प्रदेश के निवासी थे और पिछले सात-आठ वर्षों से मंदिर में रहकर पूजा-अर्चना कर रहे थे। घटना के खुलासे के लिए तीन पुलिस टीमें गठित की गई हैं और सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य बिंदु
पुजारी मोहन दास उर्फ गूंगा बाबा पर अज्ञात हमलावरों ने चाकू से कई वार किए।
घटना शृंगार आरती के बाद कमरे की ओर जाते समय हुई।
गंभीर रूप से घायल पुजारी को अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान मौत हो गई।
सुबह मंदिर पहुंचे श्रद्धालुओं ने पुजारी को खून से लथपथ हालत में देखा।
पुजारी के गुरु वैष्णव दास की तहरीर पर अज्ञात हमलावरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज।
पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।
घटना के खुलासे के लिए तीन पुलिस टीमें गठित, सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।