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UP को बड़ी सौगात! 101 किमी फोरलेन हाईवे को मिली मंजूरी

यूपी क्राइम अलर्ट न्यूज़ ब्यूरो

बाराबंकी: उत्तर प्रदेश में बुनियादी ढांचे को मजबूती देने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति (सीसीईए) की बैठक में बाराबंकी से बहराइच तक 101.51 किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय राजमार्ग-927 को फोरलेन बनाने की मंजूरी दे दी गई है। इस परियोजना पर करीब 6,969 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि मौजूदा संकरी सड़क को हाई-स्पीड फोरलेन कॉरिडोर में बदला जाएगा, जिससे यातायात जाम की समस्या कम होगी और सफर का समय घटेगा। परियोजना में निर्माण कार्य के लिए लगभग 3,485 करोड़ रुपये और भूमि अधिग्रहण व पुनर्वास के लिए 1,574 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।यह परियोजना सिर्फ सड़क निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि उत्तर प्रदेश के आर्थिक और सामाजिक ढांचे को मजबूत करने वाली एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित होगी। नेपाल सीमा से जुड़े व्यापारिक केंद्रों को इसका सीधा लाभ मिलेगा, जिससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।तराई क्षेत्र के किसानों के लिए भी यह हाईवे राहत लेकर आएगा, क्योंकि अब उनकी उपज को लखनऊ और दिल्ली जैसे बड़े बाजारों तक तेजी से पहुंचाया जा सकेगा। साथ ही, यह मार्ग सामरिक दृष्टि से भी अहम है, जिससे सीमावर्ती इलाकों में सेना और रसद की आवाजाही और तेज होगी।सरकार का लक्ष्य इस महत्वाकांक्षी परियोजना को तय समय सीमा में पूरा कर प्रदेश को बेहतर और सुगम कनेक्टिविटी प्रदान करना है।

मुख्य बिंदु

  • बाराबंकी से बहराइच तक 101.51 किमी फोरलेन हाईवे को मंजूरी
  • कुल लागत करीब ₹6969 करोड़
  • नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में CCEA का फैसला
  • ट्रैफिक जाम कम होगा, यात्रा समय घटेगा
  • नेपाल बॉर्डर से कनेक्टिविटी मजबूत होगी
  • व्यापार, पर्यटन और किसानों को सीधा फायदा
  • रक्षा और लॉजिस्टिक्स के लिए भी अहम परियोजना

सीमा पर शांति की कोशिश, 24 मार्च तक जंग पर ब्रेक

यूपी क्राइम अलर्ट न्यूज़ ब्यूरो

नई दिल्ली: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच जारी तनाव के बीच ईद-उल-फितर से पहले बड़ी राहत की खबर आई है। दोनों देशों ने आपसी संघर्ष को अस्थायी रूप से रोकने का ऐलान किया है। यह फैसला 18/19 मार्च की मध्यरात्रि से लागू होकर 23/24 मार्च तक प्रभावी रहेगा।पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने बताया कि यह कदम ईद-उल-फितर के मद्देनज़र और सऊदी अरब, कतर तथा तुर्किये जैसे देशों के अनुरोध पर उठाया गया है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि सीमा पार से कोई हमला या आतंकी गतिविधि होती है, तो सैन्य अभियान तुरंत फिर से शुरू कर दिया जाएगा।वहीं, अफगानिस्तान की ओर से भी प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने रक्षा अभियानों को अस्थायी रूप से निलंबित करने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि ईद के अवसर पर शांति बनाए रखने की कोशिश की जा रही है, लेकिन किसी भी आक्रामकता का जवाब देने के लिए सुरक्षा बल पूरी तरह तैयार हैं।इस सीजफायर के बावजूद दोनों देशों के बीच तनाव बना हुआ है। अफगानिस्तान ने आरोप लगाया है कि हाल ही में हुए पाकिस्तानी एयर स्ट्राइक में काबुल स्थित एक अस्पताल को निशाना बनाया गया, जिसमें करीब 400 लोगों की मौत और 250 से अधिक लोग घायल हुए। हालांकि, पाकिस्तान ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि उसके हमले केवल सैन्य ठिकानों पर केंद्रित थे।मामले की गंभीरता को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय ने इस हमले की स्वतंत्र और पारदर्शी जांच की मांग की है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह अस्थायी विराम भले ही राहत दे, लेकिन हालात अभी भी बेहद संवेदनशील बने हुए हैं।

पाकिस्तान का चौंकाने वाला दावा—हमजा बिन लादेन जिंदा!

सीमा पर बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान ने एक बड़ा और चौंकाने वाला दावा किया है। पाकिस्तानी सेना के मीडिया विंग आईएसपीआर के महानिदेशक अहमद शरीफ चौधरी ने आरोप लगाया है कि अफगानिस्तान में तालिबान शासन ओसामा बिन लादेन के बेटे हमजा बिन लादेन के संपर्क में है और उसे देश में बुलाने की तैयारी कर रहा है।प्रेस कॉन्फ्रेंस में चौधरी ने कहा कि अफगान तालिबान की ‘दोहरी नीति’ अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल अलकायदा, टीटीपी, दाएश और बीएलए जैसे आतंकी संगठनों द्वारा किया जा रहा है, जिससे क्षेत्रीय सुरक्षा को खतरा बढ़ रहा है।पाकिस्तानी अधिकारियों का दावा है कि हमजा बिन लादेन जिंदा है और वह काबुल के पास जलालाबाद इलाके में छिपा हुआ है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह अपने भाई के साथ मिलकर अलकायदा को फिर से सक्रिय करने में जुटा है और उसे संगठन का नया प्रमुख भी माना जा रहा है।हालांकि, 2019 में अमेरिका ने दावा किया था कि हमजा एक एयर स्ट्राइक में मारा गया है, लेकिन हालिया रिपोर्ट्स ने इस दावे पर सवाल खड़े कर दिए हैं।पाकिस्तान ने यह भी आरोप लगाया है कि तालिबान न सिर्फ आतंकियों को पनाह दे रहा है, बल्कि नए आतंकी ट्रेनिंग कैंप स्थापित करने में भी उनकी मदद कर रहा है। इन दावों के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है, जबकि इस पर अफगानिस्तान की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

मुख्य बिंदु

  • ईद-उल-फितर से पहले पाकिस्तान-अफगानिस्तान के बीच अस्थायी सीजफायर
  • 18/19 मार्च से 23/24 मार्च तक लागू रहेगा युद्धविराम
  • सऊदी अरब, कतर और तुर्किये के अनुरोध पर लिया गया फैसला
  • हमले की स्थिति में तुरंत फिर शुरू हो सकता है सैन्य ऑपरेशन
  • एयर स्ट्राइक में 400 मौतों के आरोप पर विवाद जारी
  • पाकिस्तान ने आरोपों से किया इनकार, UN ने मांगी जांच
  • क्षेत्र में तनाव अभी भी बरकरार, हालात संवेदनशील

नवरात्र-ईद भीड़ से निपटने की तैयारी, रेलवे-रोडवेज का बड़ा प्लान

यूपी क्राइम अलर्ट न्यूज़ ब्यूरो

लखनऊ: चैत्र नवरात्र और ईद-उल-फितर के मद्देनज़र यात्रियों की बढ़ती भीड़ को संभालने के लिए रेलवे और परिवहन विभाग ने विशेष तैयारियां शुरू कर दी हैं। उत्तर रेलवे ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए लखनऊ और मिर्जापुर के बीच नवरात्र स्पेशल ट्रेन का संचालन शुरू किया है, जबकि रोडवेज प्रशासन ने ईद के मौके पर अतिरिक्त बसें चलाने का फैसला लिया है।नवरात्र के दौरान विंध्याचल धाम जाने वाले भक्तों के लिए ट्रेन संख्या 04113/04114 का संचालन 19 मार्च से 3 अप्रैल तक किया जाएगा। यह ट्रेन मिर्जापुर से चलकर प्रयागराज जंक्शन, रायबरेली समेत कई प्रमुख स्टेशनों से होते हुए लखनऊ पहुंचेगी। वहीं वापसी में यह ट्रेन रात में लखनऊ से रवाना होकर सुबह मिर्जापुर पहुंचेगी। इसके अलावा वाराणसी-लखनऊ रूट पर भी स्पेशल ट्रेन चलाई जा रही है, जिससे पूर्वांचल के यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।त्योहारी सीजन में बढ़ती भीड़ को देखते हुए दिल्ली और बिहार रूट पर भी विशेष ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। वहीं परिवहन विभाग ने बस अड्डों पर उमड़ने वाली भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त बसों की व्यवस्था की है। प्रशासन का मानना है कि इन व्यवस्थाओं से यात्रियों को कंफर्म सीट मिलने में आसानी होगी और सड़कों पर वाहनों का दबाव भी कम होगा।

मुख्य बिंदु

  • नवरात्र और ईद के चलते बढ़ती भीड़ को संभालने के लिए विशेष इंतजाम
  • लखनऊ-मिर्जापुर के बीच नवरात्र स्पेशल ट्रेन का संचालन शुरू
  • विंध्याचल धाम जाने वाले श्रद्धालुओं को बड़ी सुविधा
  • वाराणसी-लखनऊ और दिल्ली-बिहार रूट पर भी अतिरिक्त ट्रेनें
  • ईद पर घर लौटने वालों के लिए अतिरिक्त बसों का संचालन
  • बस अड्डों और स्टेशनों पर भीड़ नियंत्रण के लिए प्रशासन अलर्ट
  • यात्रियों को कंफर्म सीट और सुगम यात्रा का भरोसा

तेल ठिकानों पर हमले के बाद बढ़ा तनाव, अमेरिका कर सकता है बड़ा कदम

यूपी क्राइम अलर्ट न्यूज़ ब्यूरो

कानपुर: पश्चिम एशिया में ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच जारी युद्ध अब और गंभीर होता जा रहा है। बीते 19 दिनों से जारी इस संघर्ष में जहां अमेरिका और इजरायल ने ईरान के शीर्ष नेतृत्व और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है, वहीं ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई में इजरायल और खाड़ी देशों पर मिसाइल और ड्रोन हमले तेज कर दिए हैं।ताजा घटनाक्रम में ईरान ने सऊदी अरब, कतर और संयुक्त अरब अमीरात के तेल और गैस ठिकानों को निशाना बनाया है, जिससे वैश्विक स्तर पर ऊर्जा संकट की आशंका और बढ़ गई है।इसी बीच खबर है कि डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन मिडिल ईस्ट में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ाने पर विचार कर रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हजारों अमेरिकी सैनिकों की तैनाती की योजना पर काम चल रहा है, ताकि क्षेत्र में ऑपरेशन को और मजबूत किया जा सके।सूत्रों के अनुसार, इस तैनाती का उद्देश्य स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तेल टैंकरों के लिए सुरक्षित रास्ता सुनिश्चित करना हो सकता है। यह मिशन मुख्य रूप से नौसेना और वायुसेना के सहयोग से संचालित किया जाएगा, लेकिन जरूरत पड़ने पर जमीनी सेना की तैनाती भी की जा सकती है।इसके अलावा खर्ग द्वीप, जो ईरान के लगभग 90% तेल निर्यात का केंद्र है, वहां भी अमेरिकी सेना भेजने के विकल्प पर चर्चा चल रही है। हालांकि, इसे बेहद जोखिम भरा कदम माना जा रहा है, क्योंकि ईरान की मिसाइल और ड्रोन क्षमताएं इस क्षेत्र में मजबूत हैं।विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अमेरिका सैनिक तैनात करता है, तो यह संघर्ष और व्यापक हो सकता है, जिससे पूरे क्षेत्र में अस्थिरता और बढ़ने की आशंका है। फिलहाल दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में यह जंग किस दिशा में जाती है।

हत्या के बाद ईरान का गुस्सा, खामेनेई का बड़ा ऐलान

पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच ईरान के शीर्ष नेतृत्व पर हो रहे हमलों ने हालात को और विस्फोटक बना दिया है। ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने सुरक्षा प्रमुख अली लारीजानी की हत्या पर कड़ा रुख अपनाते हुए साफ कहा है कि इस हमले के जिम्मेदार लोगों को इसकी “कीमत चुकानी होगी”। उनके इस बयान ने क्षेत्र में संभावित बड़े टकराव की आशंकाओं को और बढ़ा दिया है।अर्ध-सरकारी एजेंसी तस्नीम न्यूज एजेंसी के जरिए जारी बयान में खामेनेई ने लारीजानी को एक बुद्धिमान और समर्पित नेता बताते हुए उनकी हत्या पर गहरा दुख जताया। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं ईरान की राजनीतिक व्यवस्था को कमजोर नहीं, बल्कि और मजबूत करती हैं। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि “खून की हर बूंद का हिसाब लिया जाएगा” और दोषियों को जल्द सजा दी जाएगी।इस घटनाक्रम ने ईरान और इजरायल के बीच जारी संघर्ष को और भड़का दिया है। बीते दिनों में ईरान के कई बड़े नेताओं को निशाना बनाए जाने से देश की सत्ता संरचना पर दबाव बढ़ा है। विशेषज्ञों का मानना है कि ये हमले रणनीतिक तौर पर किए जा रहे हैं, जिनका उद्देश्य ईरान के नेतृत्व को कमजोर करना हो सकता है।दूसरी ओर, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस घटना को लेकर प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। रूस समेत कई देशों ने ऐसे हमलों की निंदा करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ बताया है। हालात जिस तेजी से बिगड़ रहे हैं, उससे साफ है कि आने वाले दिनों में पश्चिम एशिया में तनाव और गहरा सकता है।

इंदौर हादसा: EV कार में आग से पूरा घर जला, 8 जिंदा जले

यूपी क्राइम अलर्ट न्यूज़ ब्यूरो

इंदौर: इंदौर में इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) चार्जिंग के दौरान लगी भीषण आग ने एक ही परिवार के 8 लोगों की जान ले ली। जानकारी के मुताबिक, पुगलिया परिवार रात में अपनी ईवी कार को चार्जिंग पर लगाकर सो गया था। तड़के करीब 4 बजे चार्जिंग पॉइंट में शॉर्ट सर्किट हुआ, जिससे कार में आग लग गई और देखते ही देखते आग ने पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया।आग इतनी तेजी से फैली कि घर में रखे गैस सिलेंडर भी इसकी चपेट में आ गए।सिलेंडरों में एक के बाद एक धमाके हुए, जिससे पूरा इलाका दहल उठा और मकान का एक हिस्सा ढह गया। अंदर सो रहे लोगों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला। इस हादसे में मकान मालिक मनोज जैन पुंगलिया समेत कुल 8 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि तीन लोगों को रेस्क्यू कर अस्पताल पहुंचाया गया।घटना ने इलेक्ट्रिक वाहनों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले पर प्रदेश के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने चिंता जताते हुए कहा कि जब पूरी दुनिया ईवी की ओर बढ़ रही है, ऐसे में इस तरह की घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं। उन्होंने कहा कि आग लगने के कारणों की गहराई से जांच होनी चाहिए और इसके लिए विशेषज्ञों की कमेटी बनाकर एक स्पष्ट एसओपी तैयार किया जाना जरूरी है।
मंत्री ने यह भी कहा कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए चार्जिंग सिस्टम और सुरक्षा मानकों की सख्त समीक्षा की जानी चाहिए।फिलहाल पुलिस और प्रशासन मामले की जांच में जुटे हैं और आग लगने के सटीक कारणों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।

वाराणसी में गंगा पर पार्टी, मांसाहार के आरोप में 14 गिरफ्तार

यूपी क्राइम अलर्ट न्यूज़ ब्यूरो

वाराणसी: वाराणसी की पवित्र गंगा नदी में नाव पर इफ्तार पार्टी आयोजित करने का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अब तक 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।वीडियो में कुछ लोग गंगा के बीच नाव पर बैठकर इफ्तार करते और मांसाहार, खासकर चिकन बिरयानी का सेवन करते दिखाई दे रहे हैं। आरोप है कि खाने के बाद उसके अवशेष भी गंगा में फेंके गए, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत होने और जल प्रदूषण का मामला बन गया।मामले का संज्ञान लेते हुए भारतीय जनता युवा मोर्चा के महानगर अध्यक्ष रजत जायसवाल ने कोतवाली थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की थी। इसके बाद पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं और जल प्रदूषण निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया।हिंदू संगठनों ने इस घटना पर कड़ा विरोध जताया है और इसे आस्था के साथ खिलवाड़ बताया है। पुलिस ने जिस नाव पर यह आयोजन हुआ, उसकी भी पहचान कर ली है और अब नाव मालिक व चालक के खिलाफ लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की जा रही है।विजय प्रताप सिंह (एसीपी कोतवाली) के अनुसार, वायरल वीडियो के आधार पर तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी की गई है और मामले में आगे की जांच जारी है।

पाकिस्तानी गैंगस्टर से कनेक्शन, हापुड़ से 2 संदिग्ध पकड़े गए

यूपी क्राइम अलर्ट न्यूज़ ब्यूरो

हापुड़: उत्तर प्रदेश एटीएस ने हापुड़ के धौलाना क्षेत्र के गांव पिपलैड़ा में दबिश देकर दो संदिग्धों को हिरासत में लिया है। ये दोनों पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी के संपर्क में बताए जा रहे हैं, जो आईएसआई के लिए काम करता है।एटीएस की पूछताछ में सामने आया है कि संदिग्ध आरोपी और उसके भतीजे ने शहजाद भट्टी से कई बार वीडियो कॉल के जरिए बातचीत की थी। उन्हें बड़ी रकम देने और विदेश में अपने नेटवर्क में शामिल करने का लालच दिया गया था। साथ ही कुछ खास ‘टास्क’ सौंपने की भी बात हुई थी, लेकिन उससे पहले ही एजेंसी ने दोनों को पकड़ लिया।सूत्रों के मुताबिक, शहजाद भट्टी भारत में स्लीपर मॉड्यूल तैयार कर आतंकी वारदातों को अंजाम दिलाने की साजिश रचता रहा है। वह दुबई समेत अन्य देशों में रहकर अपना गैंग संचालित करता है और उसका कनेक्शन अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क से भी जुड़ा बताया जाता है।जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में और कौन-कौन लोग इस नेटवर्क से जुड़े हैं। पकड़े गए युवकों से लगातार पूछताछ की जा रही है और उनके मोबाइल व डिजिटल डिवाइस की गहन जांच हो रही है।गौरतलब है कि शहजाद भट्टी का नाम पहले भी कई बड़ी आपराधिक और आतंकी घटनाओं में सामने आ चुका है। ऐसे में एटीएस की यह कार्रवाई सुरक्षा एजेंसियों के लिए अहम मानी जा रही है।

लव मैरिज से नाराज ससुर का खौफनाक कदम, दामाद की हत्या

यूपी क्राइम अलर्ट न्यूज़ ब्यूरो

लखनऊ: आशियाना क्षेत्र में मंगलवार रात एक सनसनीखेज हत्या का मामला सामने आया है, जिसे ‘ऑनर किलिंग’ से जोड़कर देखा जा रहा है। सेक्टर-आई स्थित एक घर के बरामदे में 32 वर्षीय युवक का खून से लथपथ शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया।मृतक की पहचान प्रतापगढ़ के सांगीपुर निवासी विष्णु यादव के रूप में हुई है, जिन्होंने चार साल पहले अधिवक्ता तीरथ राज सिंह की बेटी साक्षी से प्रेम विवाह किया था। बताया जा रहा है कि ससुर इस शादी से नाराज थे और लंबे समय से दोनों के बीच तनाव चल रहा था।मंगलवार को पत्नी के कहने पर विष्णु अपनी ससुराल पहुंचे थे। रात करीब 10:30 बजे किसी बात को लेकर उनका ससुर से विवाद हो गया, जो देखते ही देखते हिंसक हो गया। आरोप है कि गुस्से में तीरथ राज सिंह ने चारपाई का पाया उठाकर विष्णु के सिर पर कई वार किए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। बीच-बचाव करने आई पत्नी साक्षी भी इस दौरान घायल हो गई।घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। विक्रांत वीर (डीसीपी मध्य) और एसीपी कैंट अभय प्रताप मल्ल ने फोरेंसिक टीम के साथ साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त लकड़ी का डंडा बरामद कर लिया है।पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी अधिवक्ता तीरथ राज सिंह और उनकी चार बेटियों को हिरासत में ले लिया है। मामले में मृतक के परिजनों की तहरीर और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।पुलिस का कहना है कि यह जांच की जा रही है कि हत्या पूर्व नियोजित थी या अचानक हुए विवाद का नतीजा। इस घटना ने एक बार फिर प्रेम विवाह को लेकर समाज में मौजूद कट्टर सोच और उससे उपजी हिंसा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

ईरान युद्ध के बीच ट्रंप का चीन दौरा टला, NATO पर भड़के

यूपी क्राइम अलर्ट न्यूज़ ब्यूरो

नई दिल्ली: डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को अपना प्रस्तावित चीन दौरा टाल दिया है। यह दौरा इसी महीने के अंत में होना था, लेकिन ईरान के साथ जारी युद्ध की वजह से इसे स्थगित कर दिया गया। व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि मौजूदा हालात को देखते हुए उन्हें अपनी प्राथमिकताएं बदलनी पड़ीं, हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह दौरा पूरी तरह रद्द नहीं हुआ है।ट्रंप ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि वह अगले पांच से छह हफ्तों में चीन का दौरा करेंगे और वहां शी जिनपिंग के साथ महत्वपूर्ण वार्ता करेंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि अमेरिका और चीन के बीच कामकाजी रिश्ते काफी मजबूत हैं और इस देरी से द्विपक्षीय संबंधों पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा।ट्रंप ने यह भी कहा कि वह शी जिनपिंग से मिलने के लिए उत्साहित हैं और उन्हें भरोसा है कि चीनी राष्ट्रपति भी इस मुलाकात का इंतजार कर रहे हैं।
ट्रंप ने चीन के साथ व्यापारिक संबंधों की भी सराहना की और कहा कि बेहतर तालमेल से अमेरिका को आर्थिक रूप से फायदा हो सकता है। गौरतलब है कि राष्ट्रपति बनने से पहले ट्रंप चीन को एक बड़ा रणनीतिक प्रतिद्वंद्वी बताते रहे हैं, लेकिन अब उनके रुख में नरमी देखने को मिल रही है।इस बीच ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि उनका चीन दौरा कुछ हद तक अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और सहयोग पर निर्भर करता है। उन्होंने पहले कहा था कि होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए अमेरिका को चीन की मदद की जरूरत हो सकती है। हालांकि, बीजिंग की ओर से साफ कर दिया गया है कि इस दौरे का उस मुद्दे से कोई सीधा संबंध नहीं है।दूसरी ओर ट्रंप ने नाटो और अन्य सहयोगी देशों पर तीखा हमला बोला।उन्होंने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा के लिए की गई उनकी अपील को अधिकतर सहयोगी देशों ने ठुकरा दिया है। ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि कई देश इस बात से सहमत हैं कि ईरान को परमाणु हथियार नहीं मिलने चाहिए, लेकिन इसके बावजूद वे सैन्य अभियान में शामिल होने से पीछे हट रहे हैं।ट्रंप ने आरोप लगाया कि अमेरिका वर्षों से अपने सहयोगियों की सुरक्षा पर भारी खर्च करता रहा है, लेकिन जब अमेरिका को समर्थन की जरूरत होती है, तो ये देश पीछे हट जाते हैं। उन्होंने नाटो को ‘एकतरफा व्यवस्था’ बताते हुए कहा कि अमेरिका को अब अपनी रणनीति पर स्वतंत्र रूप से आगे बढ़ना चाहिए।उन्होंने यह भी दावा किया कि ऑस्ट्रेलिया, जापान और दक्षिण कोरिया जैसे देशों ने भी मदद के उनके आह्वान को स्वीकार नहीं किया। ट्रंप के अनुसार, हाल की सैन्य कार्रवाई में मिली सफलता के बाद अमेरिका को अब किसी बाहरी सहयोग की आवश्यकता नहीं है और वह अपने दम पर स्थिति को संभाल सकता है।गौरतलब है कि 28 फरवरी से अमेरिका और इजरायल द्वारा शुरू किए गए सैन्य अभियान के बाद से पश्चिम एशिया में तनाव लगातार बढ़ रहा है। इसके जवाब में ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में स्थित अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया है और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य में गतिविधियों को बाधित करने की कोशिश की है।विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह टकराव इसी तरह जारी रहा, तो इसका असर न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा पर बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा आपूर्ति पर भी पड़ सकता है। ऐसे में ट्रंप का चीन दौरा टलना और सहयोगियों के साथ मतभेद उभरना अंतरराष्ट्रीय राजनीति में बड़े बदलाव का संकेत माना जा रहा है।

महंगे ड्रोन ढेर, अब सस्ते ‘लुकास’ पर अमेरिका का भरोसा

अमेरिका-इजरायल के नेतृत्व वाले सैन्य अभियान के दौरान ईरान के खिलाफ चल रही कार्रवाई में अमेरिकी सेना को बड़ा झटका लगा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, फरवरी के अंत से अब तक अमेरिका के कम से कम 11 अत्याधुनिक‌ एम क्यू-9 रेपर ड्रोन ईरानी वायु रक्षा प्रणालियों द्वारा मार गिराए जा चुके हैं। इन ड्रोन की कीमत 30 से 32 मिलियन डॉलर प्रति यूनिट बताई जाती है, जिसके चलते कुल नुकसान 330 मिलियन डॉलर से अधिक आंका जा रहा है।विशेषज्ञों के अनुसार, ये ड्रोन मूल रूप से आतंकवाद विरोधी अभियानों के लिए तैयार किए गए थे और इनकी अधिकतम गति करीब 480 किमी प्रति घंटा है। लेकिन आधुनिक युद्ध परिस्थितियों में ये ड्रोन उन्नत एयर डिफेंस सिस्टम के सामने कमजोर साबित हुए हैं। ईरान की ओर से इस्तेमाल की जा रही एस-300 एयर डिफेंस सिस्टम और खोरदाद-15 एयर डिफेंस सिस्टम जैसी प्रणालियों ने इन ड्रोन को निशाना बनाकर अमेरिका की रणनीति को बड़ा झटका दिया है।इन लगातार हो रहे नुकसानों के बाद अमेरिकी सेना अब अपनी रणनीति में बदलाव कर रही है। इसी कड़ी में ‘लुकास’ नाम का कम लागत वाला नया ड्रोन सामने आया है, जिसे भविष्य की लड़ाई के लिए ज्यादा प्रभावी विकल्प माना जा रहा है। यह ड्रोन ईरान के चर्चित शाहेद-136 ड्रोन की तर्ज पर विकसित किया गया है, लेकिन इसमें अमेरिकी तकनीक का उन्नत इस्तेमाल किया गया है।विश्लेषकों का मानना है कि आधुनिक युद्ध अब महंगे और भारी उपकरणों के बजाय सस्ते, तेज और बड़ी संख्या में इस्तेमाल किए जा सकने वाले ड्रोन की दिशा में बढ़ रहा है। ऐसे में ‘लुकास’ जैसे ड्रोन अमेरिका के लिए लागत और रणनीति दोनों स्तर पर अहम भूमिका निभा सकते हैं।

एयर स्ट्राइक से काबुल दहला, अफगानिस्तान का पाकिस्तान पर बड़ा आरोप

यूपी क्राइम अलर्ट न्यूज़ ब्यूरो

नई दिल्ली: ईरान-इजरायल-अमेरिका के बीच जारी संघर्ष के बीच अब पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच हालात और ज्यादा तनावपूर्ण हो गए हैं। दोनों देशों के बीच बीते कई दिनों से लगातार हमले और जवाबी हमले हो रहे हैं, जिससे क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ती जा रही है।
अफगानिस्तान की ओर से गंभीर आरोप लगाए गए हैं कि सोमवार देर रात काबुल में एक अस्पताल और नशा मुक्ति केंद्र को निशाना बनाकर एयर स्ट्राइक की गई। इस हमले में 400 लोगों की मौत और करीब 250 लोगों के घायल होने का दावा किया गया है। अफगान प्रशासन के उप-प्रवक्ता हमदुल्ला फ़ितरत के मुताबिक, हमले में इमारत का बड़ा हिस्सा तबाह हो गया और बचाव दल मलबे से शव निकालने में जुटे हैं।हालांकि पाकिस्तान ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। पाक अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने किसी भी नागरिक स्थल या अस्पताल को निशाना नहीं बनाया और उनके हमले सीमावर्ती क्षेत्रों तक सीमित थे।दोनों देशों के बीच यह तनाव नया नहीं है, लेकिन हाल के हमलों ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। एक हफ्ते के भीतर यह दूसरा बड़ा हमला बताया जा रहा है, जिससे क्षेत्र में भय और अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है।इस बीच अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता बढ़ गई है।अफगानिस्तान के स्टार क्रिकेटर राशिद खान ने सोशल मीडिया के जरिए इस हमले पर नाराजगी जताई और संयुक्त राष्ट्र से हस्तक्षेप की मांग की है।विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात जल्द नहीं संभले, तो यह संघर्ष पूरे क्षेत्र में बड़े संकट का रूप ले सकता है।

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