खागा/फतेहपुर
खागा तहसील क्षेत्र के उकाथू गांव में भगवान श्रीकृष्ण की पावन लीलाओं को समर्पित भव्य रासलीला महोत्सव का शुभारंभ श्रद्धा, भक्ति और हर्षोल्लास के वातावरण में हुआ। आठ दिवसीय इस धार्मिक आयोजन के शुभारंभ अवसर पर वृंदावन से विशेष रूप से पहुंचे प्रसिद्ध कलाकारों ने श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं और रासलीला का मनमोहक मंचन कर श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम को देखने के लिए गांव के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। रासलीला के मंच पर जैसे ही कलाकारों ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का मंचन शुरू किया, पूरा पंडाल भक्तिमय वातावरण में डूब गया। छोटे-छोटे कलाकारों के मंच पर आते ही श्रद्धालुओं के बीच उत्साह देखने को मिला और पूरा परिसर ‘राधे-राधे’ तथा ‘जय श्रीकृष्ण’ के जयकारों से गूंज उठा। कलाकारों ने अपनी भावपूर्ण प्रस्तुतियों के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, राधा-कृष्ण के प्रेम और सखियों के साथ रास का सुंदर चित्रण प्रस्तुत किया।
मंच पर भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का जीवंत चित्रण देखकर उपस्थित दर्शक भावविभोर हो उठे। बच्चों द्वारा निभाई गई विभिन्न धार्मिक भूमिकाओं ने कार्यक्रम को और भी आकर्षक बना दिया। श्रद्धालु भक्ति गीतों और भजनों पर झूमते नजर आए। पूरे कार्यक्रम स्थल पर ऐसा वातावरण दिखाई दिया, मानो उकाथू गांव में वृंदावन की भक्ति और संस्कृति उतर आई हो। रासलीला महोत्सव के दौरान वृंदावन से आए कलाकारों की प्रस्तुति ने श्रद्धालुओं का विशेष ध्यान आकर्षित किया। कलाकारों ने धार्मिक संवादों, भक्ति गीतों और भावपूर्ण अभिनय के माध्यम से श्रीकृष्ण की लीलाओं को जीवंत कर दिया। मंच पर राधा-कृष्ण की झांकी और रास के दृश्यों ने उपस्थित लोगों को आध्यात्मिक आनंद की अनुभूति कराई।
कार्यक्रम स्थल पर शाम होते ही श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ती गई। महिलाओं, पुरुषों और बच्चों में रासलीला को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। कई श्रद्धालु परिवार सहित कार्यक्रम देखने पहुंचे। आयोजन समिति की ओर से कार्यक्रम को व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गईं। श्रद्धालुओं ने वृंदावन से आए कलाकारों की प्रस्तुतियों की जमकर सराहना की। आयोजन समिति के मुख्य संयोजक शनि जी ने बताया कि रासलीला महोत्सव का उद्देश्य क्षेत्र में सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना करना है। इसके साथ ही युवा पीढ़ी को अपनी समृद्ध सनातन संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और भक्ति मार्ग से जोड़ना भी इस आयोजन का प्रमुख उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में बच्चों और युवाओं को अपनी संस्कृति और धार्मिक विरासत से जोड़ना बेहद आवश्यक है। रासलीला जैसे आयोजन नई पीढ़ी को हमारी धार्मिक परंपराओं और भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षाओं से परिचित कराने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
मुख्य संयोजक शनि जी ने बताया कि यह धार्मिक आयोजन 24 अगस्त 2026 से लगातार आठ दिनों तक चलेगा। इस दौरान प्रत्येक दिन भगवान श्रीकृष्ण की अलग-अलग लीलाओं का मंचन वृंदावन से आए कलाकारों द्वारा किया जाएगा। श्रद्धालुओं को प्रतिदिन अलग धार्मिक प्रसंग और श्रीकृष्ण की विभिन्न लीलाओं का मंचन देखने का अवसर मिलेगा। उन्होंने क्षेत्र के लोगों से अपील की कि अधिक से अधिक संख्या में रासलीला महोत्सव में पहुंचें और भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का श्रवण एवं दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित करें। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से समाज में धार्मिक भावना के साथ-साथ आपसी भाईचारा, प्रेम और सद्भाव भी मजबूत होता है।
वहीं श्री रासलीला के संयोजक सनी कुमार ने भी ग्रामवासियों और क्षेत्रवासियों से भारी संख्या में कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की लीलाएं केवल धार्मिक कथाएं नहीं हैं, बल्कि इनमें प्रेम, त्याग, सद्भाव, सत्य, धर्म और मानवता का संदेश भी छिपा है। उन्होंने कहा कि रासलीला महोत्सव में बच्चों और युवाओं की भागीदारी से उन्हें अपनी संस्कृति और परंपराओं को समझने का अवसर मिलेगा। सनी कुमार ने कहा कि आयोजन समिति का प्रयास है कि आठ दिनों तक चलने वाले इस महोत्सव को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाया जाए। उन्होंने ग्रामीणों से अपील करते हुए कहा कि अपने परिवार और बच्चों के साथ कार्यक्रम स्थल पर पहुंचें तथा धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आनंद लें।
रासलीला के शुभारंभ अवसर पर जिस तरह से श्रद्धालुओं ने कलाकारों की प्रस्तुतियों का उत्साहपूर्वक स्वागत किया, उससे आयोजन समिति भी उत्साहित नजर आई। मंच पर श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं के दौरान लगातार जयकारे लगते रहे। भक्ति गीतों की धुन और कलाकारों की भावपूर्ण प्रस्तुति से पूरा वातावरण आध्यात्मिक रंग में रंगा रहा। ग्रामीणों ने कहा कि गांव में इस तरह के धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन होने से लोगों को अपनी परंपराओं से जुड़ने का अवसर मिलता है। खासकर बच्चों के लिए यह आयोजन काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि उन्हें भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं के माध्यम से भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं की जानकारी मिलती है।
आयोजन समिति के अनुसार आने वाले दिनों में भी रासलीला के विभिन्न प्रसंगों का मंचन किया जाएगा। प्रत्येक दिन अलग-अलग धार्मिक कथा और श्रीकृष्ण की लीला प्रस्तुत की जाएगी। इसके चलते आगामी दिनों में भी कार्यक्रम स्थल पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। उकाथू में रासलीला महोत्सव के शुभारंभ के साथ ही गांव में धार्मिक उत्सव का माहौल बन गया है। वृंदावन से आए कलाकारों की मनमोहक प्रस्तुतियां श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। ‘राधे-राधे’ और ‘जय श्रीकृष्ण’ के जयकारों के बीच शुरू हुआ यह आठ दिवसीय महोत्सव आने वाले दिनों में भी श्रद्धालुओं को भक्ति और आध्यात्मिकता के रस में सराबोर करता रहेगा।














