कानपुर: गैस की किल्लत के बीच सिलिंडरों की कालाबाजारी का बड़ा मामला सामने आया है। ग्वालटोली क्षेत्र में जिला पूर्ति विभाग की टीम ने छापेमारी कर एक घर से खाली और भरे मिलाकर कुल 46 गैस सिलिंडर बरामद किए हैं। मामले में पूर्ति निरीक्षक की तहरीर पर आरोपित के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। कर्नलगंज खाद्य क्षेत्र में तैनात पूर्ति निरीक्षक अपराजिता सिंह ने बताया कि गैस सिलिंडरों की कालाबाजारी की सूचना मिलने पर टीम ने ग्वालटोली निवासी इकबाल के घर पर छापा मारा। तलाशी के दौरान कमर्शियल गैस के आठ खाली और नौ भरे सिलिंडर बरामद हुए, जबकि घरेलू गैस के आठ खाली और 21 भरे सिलिंडर भी मौके से मिले।छापेमारी के दौरान छह रिफिलर और एक धर्मकांटा भी बरामद किया गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपित घरेलू गैस सिलिंडरों से कमर्शियल सिलिंडरों में गैस भरकर उन्हें अधिक कीमत पर बेच रहा था। इससे न केवल सरकारी नियमों का उल्लंघन हो रहा था, बल्कि उपभोक्ताओं की सुरक्षा भी खतरे में पड़ रही थी।इस संबंध में अमित चौरसिया, एसीपी कर्नलगंज ने बताया कि पूर्ति निरीक्षक की तहरीर पर आरोपित के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
मुख्य बिंदु
कानपुर के ग्वालटोली क्षेत्र में गैस सिलिंडरों की कालाबाजारी का बड़ा खुलासा।
जिला पूर्ति विभाग की छापेमारी में 46 गैस सिलिंडर बरामद।
बरामद सिलिंडरों में घरेलू और कमर्शियल दोनों प्रकार के सिलिंडर शामिल।
मौके से 6 रिफिलर और एक धर्मकांटा भी मिला।
आरोपित घरेलू सिलिंडर से कमर्शियल सिलिंडर में गैस भरकर महंगे दामों पर बेच रहा था।
पूर्ति निरीक्षक की तहरीर पर आवश्यक वस्तु अधिनियम में मुकदमा दर्ज।
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटरिंग व्यवस्था लागू होते ही बड़ी संख्या में प्रीपेड बिजली उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ गई है। लाखों उपभोक्ताओं के कनेक्शन नेगेटिव बैलेंस के कारण स्वतः कट गए हैं और कई मामलों में रीचार्ज कराने के बाद भी बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो पा रही है। इससे परेशान लोग बिजली विभाग के दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर हैं।इस मुद्दे को लेकर राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने प्रभावित उपभोक्ताओं को मुआवजा देने की मांग उठाई है। परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा का कहना है कि नियमों के अनुसार यदि रीचार्ज के दो घंटे के भीतर कनेक्शन बहाल नहीं होता है तो उपभोक्ता को 50 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से मुआवजा मिलना चाहिए।आंकड़ों के अनुसार पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम, मध्यांचल विद्युत वितरण निगम, दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम, पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम और केस्को क्षेत्रों में 14 मार्च की शाम 5:30 बजे तक 1,13,862 स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के कनेक्शन नेगेटिव बैलेंस के कारण कट गए थे। इनमें से 16,263 मामलों में रीचार्ज के बाद कनेक्शन जोड़ने की प्रक्रिया शुरू हुई, लेकिन 2,909 उपभोक्ताओं की बिजली आपूर्ति अब तक बहाल नहीं हो सकी है।उपभोक्ता परिषद ने इन मामलों की जांच कराने की मांग की है। परिषद का कहना है कि बकायेदार उपभोक्ताओं को एक बार 40 प्रतिशत भुगतान करने के बाद शेष रकम तीन किस्तों में चुकाने का विकल्प दिया जाता है, लेकिन यह सुविधा स्मार्ट प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं को नहीं मिल रही है। इस संबंध में मामला जल्द ही नियामक आयोग के समक्ष उठाया जाएगा।प्रदेश में फिलहाल 50 लाख से अधिक स्मार्ट प्रीपेड मीटर खातों का बैलेंस नेगेटिव बताया जा रहा है। उधर उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन ने आदेश जारी कर कहा है कि नेगेटिव बैलेंस वाले उपभोक्ता यदि बकाया का 50 प्रतिशत जमा करते हैं तो उनका कनेक्शन केवल तीन दिनों के लिए जोड़ा जाएगा। इस अवधि में पूरा रीचार्ज नहीं होने पर बिजली आपूर्ति फिर से काट दी जाएगी।गौरतलब है कि केंद्र सरकार की रिवैंप डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम के तहत प्रदेश में पुराने पोस्टपेड मीटरों को स्मार्ट मीटर से बदला जा रहा है। 13 मार्च से स्मार्ट मीटरिंग व्यवस्था पूरी तरह लागू होने के बाद नेगेटिव बैलेंस वाले उपभोक्ताओं के कनेक्शन स्वतः कटने लगे हैं, जिससे बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हो रहे हैं।
मुख्य बिंदु
उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटरिंग व्यवस्था लागू होने के बाद लाखों उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
नेगेटिव बैलेंस के कारण बड़ी संख्या में बिजली कनेक्शन स्वतः कट गए।
कई मामलों में रीचार्ज कराने के बाद भी बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो पा रही।
राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने प्रभावित उपभोक्ताओं को मुआवजा देने की मांग उठाई है।
परिषद के अनुसार रीचार्ज के दो घंटे के भीतर कनेक्शन न जुड़ने पर 50 रुपये प्रतिदिन मुआवजा मिलना चाहिए।
14 मार्च तक 1,13,862 स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के कनेक्शन नेगेटिव बैलेंस के कारण कटे।
इनमें से 2,909 उपभोक्ताओं की बिजली आपूर्ति अब तक बहाल नहीं हो सकी।
प्रदेश में फिलहाल 50 लाख से अधिक स्मार्ट प्रीपेड मीटर खातों का बैलेंस नेगेटिव बताया जा रहा है।
बिजली विभाग ने आदेश दिया है कि 50% बकाया जमा करने पर कनेक्शन केवल तीन दिन के लिए जोड़ा जाएगा।
इस योजना से प्रदेश के हजारों गरीब परिवारों का घर का सपना पूरा होगा
प्रयागराज: चर्चित उमेश पाल हत्याकांड के फरार आरोपियों की तलाश अब और तेज कर दी गई है। संयुक्त अरब अमीरात में आर्थिक अपराधी राशिद नसीम की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को उम्मीद है कि विदेश में छिपे अन्य आरोपियों तक पहुंचने में भी मदद मिल सकती है। इसी कड़ी में अब माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ अहमद की पत्नियों शाइस्ता परवीन और जैनब फातिमा को भी राज्य की ‘मोस्ट वांटेड’ सूची में शामिल करने की तैयारी की जा रही है।पुलिस सूत्रों के मुताबिक प्रदेश की मोस्ट वांटेड सूची में पहले से शामिल गुड्डू मुस्लिम, अरमान, नासिर और आफताब आलम के साथ अब दो और नाम जोड़ने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। जांच एजेंसियों को आशंका है कि शाइस्ता परवीन और जैनब फातिमा दुबई में रहकर विदेशों से आने वाले धन के जरिए आईएस-227 गैंग के नेटवर्क को दोबारा सक्रिय करने की कोशिश कर रही हैं।फिलहाल शाइस्ता पर 50 हजार रुपये और जैनब तथा अतीक की बहन आयशा नूरी पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार इनामी राशि बढ़ाकर शाइस्ता पर पांच लाख रुपये तथा जैनब और आयशा पर दो-दो लाख रुपये करने का प्रस्ताव भी तैयार किया जा रहा है।गौरतलब है कि उमेश पाल और दो पुलिसकर्मियों की दिनदहाड़े हत्या को तीन वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन मामले के कई मुख्य आरोपी अब भी फरार हैं।पुलिस को संदेह है कि बमबाज गुड्डू मुस्लिम दिसंबर 2024 में फर्जी पासपोर्ट के जरिए कोलकाता से दुबई भाग गया था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार आईएस-227 गैंग में अब भी 121 सक्रिय सदस्य और 70 से अधिक सहयोगी मौजूद हैं।इधर ‘शाइन सिटी’ प्रोजेक्ट के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी के आरोपी राशिद नसीम की गिरफ्तारी के बाद भी यूपी की मोस्ट वांटेड सूची में उसका नाम बना हुआ है। सूत्रों के अनुसार उसकी गिरफ्तारी के बाद सूची को अभी अपडेट नहीं किया गया है।
मुख्य बिंदु
उमेश पाल हत्याकांड के फरार आरोपियों की तलाश पुलिस ने तेज कर दी है।
यूएई में आर्थिक अपराधी राशिद नसीम की गिरफ्तारी के बाद जांच को नया सुराग मिला है।
शाइस्ता परवीन और जैनब फातिमा को प्रदेश की ‘मोस्ट वांटेड’ सूची में शामिल करने की तैयारी।
पुलिस को आशंका कि दोनों दुबई में छिपकर गैंग के नेटवर्क को सक्रिय करने की कोशिश कर रही हैं।
फिलहाल शाइस्ता पर 50 हजार और जैनब व आयशा नूरी पर 25-25 हजार का इनाम घोषित है।
प्रस्ताव के अनुसार शाइस्ता पर 5 लाख और जैनब-आयशा पर 2-2 लाख रुपये इनाम बढ़ाने की तैयारी।
उमेश पाल और दो पुलिसकर्मियों की हत्या को तीन साल हो चुके, लेकिन कई आरोपी अब भी फरार हैं।
पुलिस को शक कि गुड्डू मुस्लिम फर्जी पासपोर्ट से कोलकाता से दुबई भाग गया था।
पुलिस को शक कि गुड्डू मुस्लिम फर्जी पासपोर्ट से कोलकाता से दुबई भाग गया था।
लखनऊ: योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार आज गरीबों के लिए आवास उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है।सोमवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, लखनऊ में आयोजित विशेष समारोह में मुख्यमंत्री ‘प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0’ के तहत प्रदेश के 90 हजार शहरी लाभार्थियों को आवास निर्माण की पहली किश्त के रूप में 900 करोड़ रुपये सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर करेंगे।अपराह्न 4:30 बजे शुरू होने वाले इस कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना और नगर विकास मंत्री अरविंद कुमार शर्मा समेत कई कैबिनेट मंत्री और जनप्रतिनिधि मौजूद रहेंगे। कार्यक्रम में लखनऊ और अयोध्या मंडल के करीब 1,500 लाभार्थी प्रत्यक्ष रूप से शामिल होंगे, जबकि अन्य जिलों के हजारों लोग वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कार्यक्रम से जुड़ेंगे।समारोह के दौरान मुख्यमंत्री 20 लाभार्थियों को प्रतीकात्मक रूप से आवास स्वीकृति प्रमाण-पत्र भी सौंपेंगे। इसके साथ ही वह फतेहपुर, गोरखपुर, प्रयागराज, सहारनपुर, महाराजगंज और देवरिया के लाभार्थियों से वर्चुअल संवाद कर उनके अनुभव भी सुनेंगे।सरकारी आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2014 से अब तक प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी के तहत उत्तर प्रदेश में 21.35 लाख आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं। इन आवासों के निर्माण के लिए लाभार्थियों के खातों में अब तक 44,471 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि जारी की जा चुकी है।यदि शहरी और ग्रामीण योजनाओं को मिलाकर देखा जाए तो राज्य सरकार अब तक 62 लाख से अधिक परिवारों को आवास उपलब्ध करा चुकी है। इसमें प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी और ग्रामीण), मुख्यमंत्री आवास योजना और माफियाओं से मुक्त कराई गई जमीनों पर बनाए गए गरीबों के फ्लैट्स भी शामिल हैं।
मुख्य बिंदु
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत 90 हजार शहरी परिवारों को बड़ी सौगात।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लाभार्थियों को पहली किस्त जारी करेंगे।
करीब 900 करोड़ रुपये की पहली किस्त सीधे लाभार्थियों के खातों में ट्रांसफर की जाएगी।
योजना का उद्देश्य शहरी गरीब परिवारों को पक्का घर उपलब्ध कराना है।
सरकार का लक्ष्य है कि हर जरूरतमंद परिवार को अपना घर मिल सके।
इस योजना से प्रदेश के हजारों गरीब परिवारों का घर का सपना पूरा होगा।
नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट में जारी सैन्य टकराव के बीच ईरान ने साफ कर दिया है कि उसने न तो युद्धविराम की मांग की है और न ही किसी तरह की बातचीत की पहल की है। ईरानी नेतृत्व का कहना है कि जब तक जरूरत होगी, उसके सशस्त्र बल युद्ध जारी रखेंगे। यह बयान ऐसे समय आया है जब इस संघर्ष के कारण भारत सहित कई देशों में ईंधन आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ने लगी है।ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि ईरान ने न तो सीजफायर का अनुरोध किया है और न ही वार्ता की मांग की है। उन्होंने कहा कि देश के सशस्त्र बल तब तक लड़ाई जारी रखेंगे, जब तक परिस्थितियां इसकी मांग करती रहेंगी। लगभग तीन सप्ताह से ईरान के बीच अमेरिका और इजराइल के साथ सैन्य टकराव जारी है।अराघची ने यह भी कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह बंद नहीं किया गया है, लेकिन अमेरिकी हमलों के कारण क्षेत्र में असुरक्षा बढ़ गई है, जिससे जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है। उन्होंने बताया कि कुछ देशों ने अपने जहाजों के सुरक्षित मार्ग के लिए ईरान से अनुरोध किया है, हालांकि इस पर अंतिम फैसला ईरानी सैन्य बलों को लेना है।दुनिया के करीब 20 फीसदी तेल आपूर्ति के लिए अहम इस समुद्री मार्ग पर फिलहाल आवागमन लगभग ठप है और सैकड़ों जहाज फंसे होने की खबरें हैं। सुरक्षा कारणों से कई शिपिंग कंपनियों और तेल निर्यातकों ने परिचालन रोक दिया है।गौरतलब है कि 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल ने ईरान के परमाणु और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए हमले शुरू किए थे। इसके जवाब में ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में स्थित कई देशों संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन, सऊदी अरब, कतर और ओमान की दिशा में मिसाइल और ड्रोन हमले करने का दावा किया है। ईरान का कहना है कि उसका निशाना अमेरिकी ठिकाने हैं, हालांकि कई जगह हवाई अड्डों और रिहायशी इलाकों में हमलों की खबरें भी सामने आई हैं।
मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच लंबी जंग की आशंका, वैश्विक बाजारों पर भी पड़ सकता है असर
मिडिल ईस्ट में अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच जारी संघर्ष अब तीसरे सप्ताह में पहुंच गया है। इस बीच युद्ध की अवधि को लेकर बड़ा बयान सामने आया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के शीर्ष आर्थिक सलाहकार और वाइट हाउस की राष्ट्रीय आर्थिक परिषद के प्रमुख केविन हैसेट ने कहा है कि पेंटागन के अनुमान के मुताबिक यह युद्ध चार से छह सप्ताह तक चल सकता है।सीबीएस के कार्यक्रम ‘फेस द नेशन’ में हैसेट ने कहा कि शनिवार तक पेंटागन का आकलन था कि मिशन को पूरा करने में चार से छह सप्ताह लग सकते हैं और फिलहाल अभियान तय समय से आगे बढ़ रहा है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अंतिम निर्णय राष्ट्रपति ट्रंप का ही होगा।हैसेट ने कहा कि इस सैन्य अभियान का मुख्य लक्ष्य ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करना है। उनका दावा है कि अमेरिका के मजबूत घरेलू तेल उत्पादन के कारण ईरान का प्रभाव 1970 के दशक जैसे वैश्विक तेल संकट की स्थिति पैदा नहीं कर पाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि यदि ईरान अमेरिकी अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाकर ट्रंप प्रशासन को पीछे हटाने की उम्मीद कर रहा है, तो यह उसकी बड़ी भूल है।
मध्य-पूर्व तनाव का असर, तेल की कीमतें 103 डॉलर पार
मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी साफ दिखाई दे रहा है।होर्मुज जलडमरूमध्य पर तनाव बढ़ने के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत 103 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई है। यह समुद्री मार्ग दुनिया के लगभग एक-पांचवें तेल और बड़ी मात्रा में द्रवीकृत प्राकृतिक गैस की आपूर्ति के लिए बेहद अहम माना जाता है।इस बीच अमेरिकी ऊर्जा सचिव क्रिस राइट ने एबीसी के कार्यक्रम ‘दिस वीक’ में कहा कि तेल और गैसोलीन की कीमतें फिलहाल ऊंची जरूर हैं, लेकिन यह स्थिति ज्यादा समय तक नहीं रहेगी। उनके मुताबिक यह संघर्ष कुछ ही हफ्तों में समाप्त हो सकता है, जिसके बाद आपूर्ति में सुधार होगा और कीमतें गिरेंगी।वहीं राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अन्य देशों से होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखने के लिए युद्धपोत भेजने की अपील की है। उन्होंने चीन, फ्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया और ब्रिटेन से इसमें भागीदारी की उम्मीद जताई है। हालांकि जापान की सत्तारूढ़ पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने टैंकरों की सुरक्षा के लिए जहाज भेजने को बड़ी चुनौती बताया है।ट्रंप प्रशासन ने अमेरिकी नागरिकों से धैर्य रखने की अपील करते हुए कहा है कि ईरान को क्षेत्रीय खतरे के रूप में कमजोर करना दीर्घकालिक रणनीतिक लक्ष्य है, भले ही इसके कारण फिलहाल वैश्विक बाजार में अस्थायी अस्थिरता क्यों न देखने को मिल रही हो।
मुख्य बिंदु
ईरान ने साफ किया कि उसने न सीजफायर मांगा है और न बातचीत की पहल की है।
विदेश मंत्री अब्बास अराघची बोले – जब तक जरूरत होगी, ईरान के सशस्त्र बल युद्ध जारी रखेंगे।
अमेरिका और इजराइल के साथ लगभग तीन सप्ताह से सैन्य टकराव जारी है।
होर्मुज जलडमरूमध्य में असुरक्षा बढ़ने से जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है।
दुनिया की करीब 20% तेल आपूर्ति इसी समुद्री मार्ग से गुजरती है।
कई शिपिंग कंपनियों ने सुरक्षा कारणों से परिचालन रोक दिया, सैकड़ों जहाज फंसे बताए जा रहे हैं।
कानपुर: रतनलाल नगर क्षेत्र में सोमवार दोपहर उस समय बड़ा हादसा हो गया जब एक खाली प्लॉट में जेसीबी मशीन से चल रही खुदाई के दौरान पास खड़ा पेड़ उखड़कर बिजली के तारों पर गिर गया। पेड़ गिरने से तारों में तेज खिंचाव पैदा हुआ और एक के बाद एक करीब पांच बिजली के पोल भरभराकर गिर पड़े। इनमें से दो पोल पास स्थित केस्को सब स्टेशन के पास बने सैलून पर जा गिरा, जिससे सैलून संचालक गंभीर रूप से घायल हो गया,अस्पताल ले जाते समय उसकी हालत बिगड़ गई और हैलट अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।बताया जा रहा है कि खाली पड़े करीब 400 वर्ग गज के प्लॉट में जेसीबी मशीन से खुदाई का काम चल रहा था। मिट्टी हटने से पास का पेड़ असंतुलित होकर सीधे बिजली के तारों पर जा गिरा। इसके चलते बिजली के तारों में तेज खिंचाव आया और आसपास लगे पांच बिजली के खंभे अचानक गिर पड़े। इसी दौरान एक खंभा केस्को सब स्टेशन के पास स्थित सैलून पर जा गिरा, जिससे वहां मौजूद सैलून संचालक उसकी चपेट में आ गया।मृतक की पहचान 40 वर्षीय रियाज अहमद उर्फ़ राजू के रूप में हुई है, जो मूल रूप से बिहार के छपरा जिले के घाटा मोहम्मदपुर के निवासी थे और वर्तमान में वार्ड-4 में रहकर केस्को सब स्टेशन के पास पिछले सात वर्षों से टेंटर्सुमा सैलून चला रहे थे।
हादसे के समय वह मीटर के आवेदन के सिलसिले में केस्को सब स्टेशन आए थे और फोटो कॉपी कराने के लिए बाहर निकल रहे थे, तभी यह दुर्घटना हो गई। बिजली का पोल गिरने से बर्फ-3 निवासी रविशंकर पांडेय की बाइक, रियाज की बाइक और एक स्कूटी भी क्षतिग्रस्त हो गई।हादसे के बाद प्लॉट मालिक और जेसीबी चालक मौके से फरार हो गए। सूचना मिलने पर गोविंद नगर पुलिस और केस्को के अधिकारी मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू कर दी। डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि हादसे में घायल रियाज को अस्पताल ले जाया गया था, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों ने लापरवाही को लेकर नाराजगी जताई है। वही परिवार ने शव का पोस्टमार्टम करवाने से किया इंकार
मुख्य बिंदु
कानपुर के रतनलाल नगर में जेसीबी की खुदाई के दौरान बड़ा हादसा हुआ।
खुदाई के दौरान पेड़ बिजली के तारों पर गिर गया, जिससे तारों में तेज खिंचाव आया।
खिंचाव के कारण एक के बाद एक करीब 5 बिजली के पोल गिर पड़े।
एक पोल केस्को सब स्टेशन के पास बने सैलून पर गिर गया, जिससे सैलून संचालक गंभीर रूप से घायल हो गया।
घायल रियाज अहमद (40) को अस्पताल ले जाया गया, जहां हैलट अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
रियाज मूल रूप से बिहार के छपरा जिले के रहने वाले थे और पिछले 7 साल से सैलून चला रहे थे।
हादसे में दो बाइक और एक स्कूटी भी क्षतिग्रस्त हो गई।
मृतक के परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया।
सूचना पर गोविंद नगर पुलिस और केस्को के अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की।
कानपुर: घाटमपुर स्थित कूष्मांडा देवी मंदिर के पास सीसी रोड पर किए गए अवैध कब्जों के खिलाफ नगर पालिका ने पुलिस के साथ मिलकर सख्त कार्रवाई की। मंदिर आने-जाने वाले श्रद्धालुओं को हो रही परेशानियों को देखते हुए शुक्रवार को पालिका की टीम ने अभियान चलाकर सड़क के दोनों ओर किए गए अतिक्रमण हटवा दिए। कार्रवाई से पहले पालिका द्वारा 42 दुकानदारों को नोटिस जारी कर कब्जे हटाने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन तय समय के बाद भी अतिक्रमण नहीं हटाया गया। शुक्रवार को अधिशाषी अधिकारी महेंद्र कुमार के नेतृत्व में पुलिस और पालिका कर्मियों की टीम मौके पर पहुंची और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी। जैसे ही पालिका कर्मियों ने दुकानों का सामान ट्रैक्टर में लादना शुरू किया, वैसे ही दुकानदारों में हड़कंप मच गया और कई लोगों ने खुद ही अपना कब्जा हटाना शुरू कर दिया। कुछ कब्जेदारों ने विरोध करने की कोशिश की, लेकिन अधिकारियों के सख्त रुख के चलते वह पीछे हट गए। पालिका अधिकारियों के अनुसार मंदिर मार्ग पर अवैध कब्जों के कारण श्रद्धालुओं और राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। इसी को ध्यान में रखते हुए सीसी रोड को पूरी तरह खाली कराने का अभियान चलाया गया। नोटिस पाने वालों में मंदिर परिसर के बाहर पार्किंग स्थल में ट्रक खड़े करने वाले ट्रांसपोर्टर भी शामिल थे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में दोबारा अतिक्रमण करने पर और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य बिंदु
घाटमपुर में प्रशासन ने अवैध अतिक्रमण के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई की।
कार्रवाई से पहले 42 दुकानदारों को नोटिस जारी किया गया था।
सड़क किनारे और सरकारी जमीन पर बने अवैध ढांचे हटाए गए।
अभियान के दौरान भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
कार्रवाई के दौरान क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए।
प्रशासन ने चेतावनी दी कि भविष्य में भी अतिक्रमण के खिलाफ अभियान जारी रहेगा।
कानपुर नगर में उप निरीक्षक (नागरिक पुलिस) सीधी भर्ती-2025 की लिखित परीक्षा को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। शनिवार को प्रथम पाली के दौरान पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने शहर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान पुलिस आयुक्त कैलाशनाथ बालिका इंटर कॉलेज, डीएवी कॉलेज, जीजीआईसी और बीएनएसडी इंटर कॉलेज सहित कई परीक्षा केंद्रों पर पहुंचे। उन्होंने केंद्रों पर स्थापित सीसीटीवी कैमरों की कार्यप्रणाली की बारीकी से जांच की और कंट्रोल रूम का भी दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की।इस दौरान उन्होंने ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मियों और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। पुलिस आयुक्त ने कहा कि परीक्षा को पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी अधिकारियों और पुलिस कर्मियों को सतर्कता के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभाने के निर्देश देते हुए कहा कि अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और परीक्षा प्रक्रिया सुचारू रूप से संपन्न हो, इसके लिए हर स्तर पर निगरानी रखी।
मुख्य बिंदु
पुलिस आयुक्त ने पुलिस भर्ती परीक्षा के केंद्रों का औचक निरीक्षण किया।
केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों और सुरक्षा व्यवस्था की हकीकत परखी गई।
परीक्षा में नकल रोकने के लिए सख्त इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों और स्टाफ को सतर्क रहने के निर्देश।
धिकारियों ने कहा कि परीक्षा की पारदर्शिता और निष्पक्षता से कोई समझौता नहीं होगा।
नई दिल्ली: उत्तर-पूर्व एशिया में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। उत्तर कोरिया ने शनिवार को जापान सागर की दिशा में एक बैलिस्टिक मिसाइल दागी। जापान रक्षा मंत्रालय ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि मिसाइल उड़ान के दौरान समुद्र में गिर गई और जापान के विशेष आर्थिक क्षेत्र के बाहर जाकर समाप्त हो गई।जानकारी के अनुसार यह प्रक्षेपण ऐसे समय हुआ है जब अमेरिका और दक्षिण कोरिया संयुक्त रूप से अपना वार्षिक ‘फ्रीडम शील्ड’ सैन्य अभ्यास कर रहे हैं। क्षेत्र में जारी इस सैन्य गतिविधि के बीच उत्तर कोरिया की मिसाइल कार्रवाई को सुरक्षा दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे पहले जनवरी में भी उत्तर कोरिया ने दो बैलिस्टिक मिसाइलों का परीक्षण किया था।इसी बीच दक्षिण कोरिया के प्रधानमंत्री किम मिन‑सोक इस समय वॉशिंगटन दौरे पर हैं। उन्होंने हाल ही में कहा था कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन के साथ बातचीत दोबारा शुरू करने के पक्ष में हैं।सूत्रों के अनुसार ट्रंप इस महीने के अंत में शी जिनपिंग से मुलाकात के लिए चीन भी जा सकते हैं और इस दौरान उत्तर कोरिया के साथ वार्ता की संभावनाओं पर भी चर्चा हो सकती है। हाल ही में उत्तर कोरिया की एक महत्वपूर्ण बैठक में किम जोंग उन ने संकेत दिया था कि वह अमेरिका के साथ बेहतर संबंधों के लिए बातचीत का रास्ता खुला रखना चाहते हैं।हालांकि अमेरिका लंबे समय से उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रमों का विरोध करता रहा है। ऐसे में जापान सागर की दिशा में हुए इस मिसाइल परीक्षण के बाद क्षेत्र में फिर से तनाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
मुख्य बिंदु
उत्तर कोरिया ने बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया।
मिसाइल जापान के विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) के बाहर समुद्र में जाकर गिरी।
परीक्षण के बाद जापान और दक्षिण कोरिया ने सुरक्षा अलर्ट जारी किया।
क्षेत्र में सैन्य तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
अमेरिका और सहयोगी देशों ने मिसाइल परीक्षण पर चिंता जताई।
मेरठ: ईद से पहले कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने सख्ती बढ़ा दी है। पुलिस ने सड़क पर नमाज पढ़ने, भीड़ को उकसाने और शहर में सांप्रदायिक तनाव फैलाने के आरोप में 200 से अधिक लोगों को चिन्हित कर रेड कार्ड नोटिस भेजा है। शुक्रवार से यह कार्रवाई शुरू की गई है और आने वाले दिनों में यह संख्या और बढ़ सकती है।पुलिस ने पिछले पांच वर्षों का रिकॉर्ड खंगालकर ऐसे लोगों की थानेवार सूची तैयार की है, जिन पर पहले भी माहौल खराब करने या विवाद खड़ा करने के आरोप लगे थे। इसी आधार पर इन लोगों को चेतावनी स्वरूप रेड कार्ड नोटिस जारी किए जा रहे हैं। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि यदि भविष्य में किसी ने कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश की तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।पुलिस के अनुसार रेड कार्ड नोटिस पाने वाले लोगों को चेताया गया है कि दोबारा सड़क पर नमाज पढ़ने, भीड़ को उकसाने या सांप्रदायिक तनाव फैलाने की कोशिश की गई तो मुकदमा दर्ज करने के साथ ही कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की टीमें थानेवार इन लोगों के घर जाकर नोटिस सौंप रही हैं।इस संबंध में आयुष विक्रम सिंह (एसपी सिटी, मेरठ) ने बताया कि सड़क पर नमाज पढ़ने और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने के मामलों में शामिल लोगों की पहचान कर उनका रिकॉर्ड तैयार किया गया है। इन सभी को रेड कार्ड नोटिस देकर चेतावनी दी जा रही है कि दोबारा ऐसी गतिविधियों में शामिल होने पर सख्त कार्रवाई होगी।पुलिस के अनुसार पिछले वर्ष ईद के मौके पर बैरिकेड तोड़ने और सड़क पर नमाज पढ़ने के मामले में रेलवे रोड थाना में करीब 55 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। उन मामलों में चिन्हित आरोपियों को भी इस कार्रवाई के दायरे में लाया गया है।इधर रमजान के महीने में शुक्रवार को जुमे की नमाज शहर की मस्जिदों में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शांतिपूर्ण ढंग से अदा की गई। बड़ी संख्या में नमाजी मस्जिदों में पहुंचे। संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस और प्रशासन की विशेष निगरानी रही। इस अवसर पर शाही ईदगाह मेरठ और शाही जामा मस्जिद मेरठ के कारी शफीक़ुर्रहमान कासमी ने अपने संबोधन में लोगों से अपील की कि ईद की नमाज ईदगाह और मस्जिदों में ही अदा करें और आपसी भाईचारा बनाए रखें।
मुख्य बिंदु
ईद से पहले मेरठ पुलिस अलर्ट मोड में, शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सख्त कदम।
200 से ज्यादा लोगों को रेड कार्ड नोटिस जारी कर चेतावनी दी गई।
ये नोटिस ऐसे लोगों को दिए गए हैं जिनका पहले विवाद या शांति भंग से जुड़ा रिकॉर्ड रहा है।
शहर के संवेदनशील इलाकों में पुलिस और प्रशासन की निगरानी बढ़ाई गई।
त्योहार के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया।