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क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ी।

यूपी क्राइम अलर्ट न्यूज़ ब्यूरो

नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट में जारी सैन्य संघर्ष के बीच अब दक्षिण एशिया में भी तनाव बढ़ता दिखाई दे रहा है। पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच ड्रोन हमलों को लेकर हालात गंभीर हो गए हैं। अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि शुक्रवार शाम करीब पांच बजे अफगान वायुसेना के कई ड्रोन ने इस्लामाबाद के फैजाबाद इलाके में स्थित रणनीतिक सैन्य केंद्र ‘हमजा’ को निशाना बनाया। इसे दोनों देशों के बीच विवादित डूरंड रेखा पर चल रहे टकराव में अब तक की सबसे बड़ी सैन्य कार्रवाई माना जा रहा है।अफगान रक्षा मंत्रालय के मुताबिक हमले में सैन्य केंद्र के कमांड सेंटर, डिपो और सैनिकों के आवासीय परिसर को भारी नुकसान पहुंचा है। मंत्रालय ने दावा किया कि इस कार्रवाई में पाकिस्तानी सेना को मानवीय और वित्तीय दोनों तरह से बड़ा नुकसान हुआ है।अफगानिस्तान का कहना है कि यह हमला पाकिस्तान द्वारा उसके शहरों काबुल, पक्तिया और कंधार में किए गए हवाई हमलों के जवाब में किया गया।
पाकिस्तान ने इन हमलों को ‘ऑपरेशन गजब लिल हक’ नाम देते हुए दावा किया है कि उसने आतंकवादी ठिकानों और उनके बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया। हालांकि संयुक्त राष्ट्र और अफगान अधिकारियों के अनुसार इन हमलों में काबुल के पुल‑ए‑चरखी जैसे आवासीय इलाकों में महिलाओं और बच्चों समेत कई नागरिकों की मौत हुई है।ड्रोन हमले के बाद इस्लामाबाद में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पाकिस्तान के आंतरिक मंत्री मोहसिन नकवी ने बताया कि राजधानी के प्रवेश द्वारों की संख्या 109 से घटाकर 25 कर दी गई है और हर जगह सघन जांच की जा रही है।बढ़ते तनाव को देखते हुए चीन ने दोनों देशों से संयम बरतने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की है। चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने अफगानिस्तान के कार्यवाहक विदेश मंत्री अमीर खान मुत्ताकी से फोन पर बातचीत कर सैन्य कार्रवाई रोकने का आग्रह किया।विशेषज्ञों के अनुसार पाकिस्तान और तालिबान शासित अफगानिस्तान के बीच तनाव की जड़ 2,600 किलोमीटर लंबी विवादित डूरंड रेखा है, जिसे अफगानिस्तान की वर्तमान सरकार औपचारिक रूप से मान्यता नहीं देती। पाकिस्तान का आरोप है कि अफगानिस्तान उसकी जमीन पर हमले करने वाले टीटीपी जैसे संगठनों को पनाह दे रहा है, जबकि अफगानिस्तान इसे अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बताता है।

मुख्य बिंदु

  • अफगान रक्षा मंत्रालय का दावा – अफगान वायुसेना के ड्रोन ने इस्लामाबाद के फैजाबाद स्थित रणनीतिक सैन्य केंद्र ‘हमजा’ पर हमला किया।
  • हमले में कमांड सेंटर, डिपो और सैनिकों के आवासीय परिसर को भारी नुकसान होने का दावा।
  • अफगानिस्तान ने इसे पाकिस्तान द्वारा काबुल, पक्तिया और कंधार में किए गए हवाई हमलों का जवाब बताया।
  • पाकिस्तान ने अपने अभियान को ‘ऑपरेशन गजब लिल हक’ नाम देते हुए कहा कि उसने आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया।
  • संयुक्त राष्ट्र और अफगान अधिकारियों के मुताबिक पुल-ए-चरखी जैसे आवासीय इलाकों में महिलाओं और बच्चों समेत कई नागरिकों की मौत हुई।
  • ड्रोन हमले के बाद इस्लामाबाद में हाई अलर्ट, शहर के प्रवेश द्वार 109 से घटाकर 25 किए गए और सघन जांच शुरू।
  • चीन ने दोनों देशों से संयम बरतने और बातचीत से समाधान निकालने की अपील की।
  • विशेषज्ञों के अनुसार विवाद की जड़ 2,600 किमी लंबी डूरंड रेखा है, जिसे अफगानिस्तान औपचारिक रूप से मान्यता नहीं देता।

अमेरिका का ईरान पर बड़ा वार? खार्ग द्वीप के तेल टर्मिनल निशाने पर

यूपी क्राइम अलर्ट न्यूज़ ब्यूरो

नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिकी सेना ने खार्ग द्वीप पर भीषण हमला कर वहां मौजूद ईरानी सैन्य ठिकानों को तबाह कर दिया है। फारस की खाड़ी में स्थित यह द्वीप ईरान की अर्थव्यवस्था के लिए बेहद अहम माना जाता है, क्योंकि यहां से देश के करीब 90 प्रतिशत तेल का निर्यात होता है। यह द्वीप ईरान के तट से लगभग 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि हालात नहीं सुधरे तो द्वीप पर मौजूद तेल से जुड़े बुनियादी ढांचे को भी निशाना बनाया जा सकता है। इसी बीच एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि ईरान के साथ जारी तनाव के बीच पश्चिम एशिया में 2,500 अतिरिक्त मरीन और एक युद्धपोत तैनात किए जा रहे हैं, ताकि क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य उपस्थिति और मजबूत की जा सके।इसी बीच ईरान की राजधानी तेहरान में शुक्रवार को एक बड़ा विस्फोट हुआ, जिससे शहर का केंद्रीय चौक हिल गया। उस समय वहां हजारों लोग फलस्तीनियों के समर्थन और इजराइल के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर आयोजित एक वार्षिक रैली में शामिल थे। हालांकि विस्फोट में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है और बाद में वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों की मौजूदगी में प्रदर्शन जारी रखने का निर्णय लिया गया।दूसरी ओर ईरान ने इजराइल और खाड़ी क्षेत्र के कुछ देशों पर मिसाइल और ड्रोन हमले तेज कर दिए हैं तथा होर्मुज जलडमरूमध्य को भी बाधित करने की कोशिश की है। यह समुद्री मार्ग दुनिया के लगभग पांचवें हिस्से के तेल व्यापार के लिए अहम माना जाता है। वहीं अमेरिकी और इजराइली युद्धक विमान ईरान के कई सैन्य और रणनीतिक ठिकानों पर बमबारी कर रहे हैं।एक साक्षात्कार में ट्रंप ने ईरान की सरकार को गिराए जाने के सवाल पर सावधानी भरा रुख अपनाते हुए कहा कि हथियारों से लैस ताकतों से मुकाबला करना किसी भी नागरिक आंदोलन के लिए बड़ी चुनौती होता है। उन्होंने ईरान के अर्द्धसैनिक संगठन बासिज का उदाहरण देते हुए कहा कि इस बल ने पहले भी देश में हुए बड़े विरोध प्रदर्शनों को दबाने में अहम भूमिका निभाई है।

जंग की आहट! पश्चिम एशिया में अमेरिका ने भेजे 2500 मरीन सैनिक

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने बड़ा सैन्य कदम उठाया है। एक अमेरिकी अधिकारी के मुताबिक करीब 2,500 मरीन सैनिक और कम से कम एक युद्धपोत क्षेत्र की ओर रवाना किए गए हैं। अधिकारी ने बताया कि 31वीं मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट और युद्धपोत यूएसएस त्रिपोली को पश्चिम एशिया जाने का आदेश दिया गया है। इस तैनाती से क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य उपस्थिति काफी बढ़ जाएगी और तनाव और गहरा सकता है।इसी बीच अमेरिका ने ईरान के शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ भी बड़ा कदम उठाया है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने अपने रिवॉर्ड्स फॉर जस्टिस कार्यक्रम के तहत ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों की जानकारी देने वाले को 10 मिलियन डॉलर तक के इनाम की घोषणा की है। अमेरिकी नोटिस में उन अधिकारियों को निशाना बनाया गया है जो ईरान की सत्ता और सैन्य तंत्र में अहम भूमिका निभा रहे हैं।इनमें अली असगर हेजाजी (डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ), यहया रहीम सफावी (सैन्य सलाहकार), अली लारीजानी (सलाहकार), एस्कंदर मोमेनी (आंतरिक मामलों के मंत्री) और इस्माइल खतीब (खुफिया एवं सुरक्षा मंत्री) के नाम भी शामिल हैं। अमेरिका का आरोप है कि ये अधिकारी इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के विभिन्न हिस्सों का संचालन करते हैं, जिस पर वैश्विक स्तर पर आतंकवादी गतिविधियों की योजना बनाने और उन्हें अंजाम देने का आरोप लगाया जाता रहा है।अमेरिका ने यह भी कहा है कि महत्वपूर्ण जानकारी देने वाले व्यक्ति को नकद इनाम के साथ सुरक्षित स्थान पर बसाने की सुविधा भी दी जा सकती है। यह कदम ईरान में हाल ही में शीर्ष नेतृत्व से जुड़े घटनाक्रम और जारी सैन्य अभियानों के बीच उठाया गया है।इधर, होर्मुज जलडमरूमध्य में भारतीय ध्वज वाले कई जहाजों के फंसे होने की खबरों के बीच भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फताली ने कहा कि इस मुद्दे को हल करने के लिए ईरान पूरी कोशिश करेगा। उन्होंने कहा कि ईरान और भारत पुराने मित्र हैं और दोनों देशों के हित तथा विश्वास एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं।पश्चिम एशिया में तेजी से बदलते हालात और बढ़ती सैन्य गतिविधियों ने वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि इस क्षेत्र से होकर गुजरने वाला समुद्री मार्ग दुनिया के तेल व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।

मुख्य बिंदु

  • डोनाल्ड ट्रंप का दावा – अमेरिकी सेना ने फारस की खाड़ी के खार्ग द्वीप पर हमला कर ईरानी सैन्य ठिकानों को तबाह किया।
  • खार्ग द्वीप का महत्व – ईरान के कुल तेल निर्यात का लगभग 90% इसी द्वीप से होता है, इसलिए यह उसकी अर्थव्यवस्था के लिए बेहद अहम है।
  • तेल इंफ्रास्ट्रक्चर पर चेतावनी – ट्रंप ने कहा कि हालात नहीं सुधरे तो द्वीप के तेल से जुड़े बुनियादी ढांचे को भी निशाना बनाया जा सकता है।
  • अमेरिका की सैन्य तैनाती – पश्चिम एशिया में तनाव के बीच 2,500 अतिरिक्त मरीन सैनिक और युद्धपोत USS Tripoli भेजे गए।
  • तेहरान में बड़ा विस्फोट – राजधानी के केंद्रीय चौक पर रैली के दौरान धमाका, हालांकि किसी के हताहत होने की खबर नहीं।
  • ईरान के हमले तेज – ईरान ने इजराइल और खाड़ी देशों पर मिसाइल और ड्रोन हमले बढ़ाए।
  • होर्मुज जलडमरूमध्य पर खतरा – ईरान ने इस अहम समुद्री मार्ग को बाधित करने की कोशिश की, जिससे वैश्विक तेल व्यापार प्रभावित हो सकता है।
  • ईरानी नेताओं पर इनाम – अमेरिका ने मोजतबा खामेनेई समेत कई अधिकारियों की जानकारी देने पर 10 मिलियन डॉलर तक इनाम घोषित किया।
  • भारतीय जहाजों की चिंता – होर्मुज में भारतीय ध्वज वाले जहाजों के फंसे होने की खबरों पर ईरान ने समाधान का भरोसा दिया।
  • वैश्विक चिंता बढ़ी – पश्चिम एशिया में बढ़ती सैन्य गतिविधियों से दुनिया भर में तनाव और तेल आपूर्ति को लेकर चिंता

हिरासत से जेल और फिर मौत: कानपुर में रंजीत की मौत पर हंगामा, पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल

सवांददाता-अभिषेक तिवारी

कानपुर: कमिश्नरेट पुलिस की कार्यशैली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। चोरी के एक मामले में पुलिस ने बीते 10 मार्च को रंजीत नामक युवक को हिरासत में लेकर तीन दिन तक रखा और बाद में उसे जेल भेज दिया। जेल पहुंचने के कुछ ही समय बाद अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई। हालत गंभीर होने पर पुलिस उसे इलाज के लिए उर्सला अस्पताल लेकर गई, जहां उपचार के दौरान रंजीत की मौत हो गई।
मामले ने उस समय तूल पकड़ लिया जब देर शाम मिलेट्री कैंप चौकी पुलिस मृतक के घर पहुंची और बेटे की तबीयत खराब होने का हवाला देकर उसके पिता को थाने ले गई। आरोप है कि थाने में पुलिस ने उनसे कुछ कागजातों पर हस्ताक्षर कराने का दबाव बनाया। हालांकि पिता बिना हस्ताक्षर किए ही घर लौट आए और परिवार को बेटे की मौत की जानकारी दी। छह बहनों के इकलौते भाई की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और आक्रोशित परिजनों ने मिलेट्री कैंप चौकी के सामने सड़क पर बैठकर धरना शुरू कर दिया। सूचना मिलते ही एसीपी दिलीप कुमार सर्किल फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और घंटों मशक्कत के बाद परिजनों को समझाने की कोशिश की, लेकिन देर रात तक हंगामा जारी रहा।


वहीं शनिवार दोपहर मृतक के परिजन न्याय की मांग को लेकर जिलाधिकारी कानपुर से मिलने के लिए निकले, लेकिन आरोप है कि रास्ते में जूही और बाबूपुरवा थाना पुलिस ने बल प्रयोग कर उन्हें रोक दिया। इस घटना के बाद पुलिस की भूमिका पर और भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
इधर शहर में पहले से ही कमिश्नरेट पुलिस की कार्यशैली को लेकर कई विवाद सामने आते रहे हैं। कभी फर्जी एनकाउंटर तो कभी फर्जी मुकदमों में लोगों को जेल भेजने के आरोप लगातार चर्चा में रहे हैं। हाल ही में गांजा तस्करी में कुछ पुलिसकर्मियों के नाम सामने आने से विभाग की किरकिरी हो चुकी है। वहीं सचेंडी थाने में तैनात एक दरोगा पर गंभीर आरोप दर्ज होने के बावजूद उसकी गिरफ्तारी न होना भी पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।
रंजीत की मौत के बाद जहां परिवार न्याय की मांग पर अड़ा है, वहीं कानपुर जेल प्रशासन फिलहाल पूरे मामले पर चुप्पी साधे हुए है। हालांकि उच्च अधिकारियों ने प्रेस

मुख्य बिंदु

  • हिरासत के बाद मौत: चोरी के मामले में हिरासत में लिए गए युवक रंजीत की जेल भेजे जाने के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई।
  • उर्सला अस्पताल में दम तोड़ा: जेल में तबीयत बिगड़ने पर रंजीत को उर्सला अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
  • परिजनों का आरोप: परिवार ने पुलिस पर हिरासत में मारपीट और जबरन कागजों पर हस्ताक्षर कराने का आरोप लगाया।
  • चौकी के सामने धरना: छह बहनों के इकलौते भाई की मौत के बाद आक्रोशित परिजनों ने मिलेट्री कैंप चौकी के सामने सड़क पर बैठकर विरोध प्रदर्शन किया।
  • पुलिस से झड़प: जिलाधिकारी से मिलने जा रहे परिजनों को जूही और बाबूपुरवा पुलिस ने रास्ते में रोक दिया।
  • पुलिस की कार्यशैली पर सवाल: घटना के बाद कानपुर कमिश्नरेट पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
  • जांच की मांग: परिजन और स्थानीय लोग मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

कानपुर का पनकी कूड़ा प्लांट बना ‘जहरीला पहाड़’, 50 हजार लोगों की सेहत पर मंडराया खतरा

सवांददाता-सुनील तिवारी

कानपुर: पनकी स्थित कूड़ा निस्तारण प्लांट में जैविक खाद बनाने का कार्य लगभग ठप हो जाने से हालात बेहद गंभीर हो गए हैं। प्लांट के गेट तक कूड़े के पहाड़ लग गए हैं, जिससे आसपास के गांवों में गंदगी, दुर्गंध और जहरीले धुएं से लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। करीब 46 एकड़ में फैले इस प्लांट में रोजाना लगभग 1400 मीट्रिक टन कूड़ा पहुंच रहा है, लेकिन उसे संसाधित करने वाली 13 ट्रामल मशीनों में से सात खराब पड़ी हैं और ज्यादातर मशीनें धूल खा रही हैं। गुरुवार को मौके पर केवल दो ट्रामल ही चलती मिलीं, जिससे कूड़े का ढेर लगातार बढ़ता जा रहा है और हालात बद से बदतर हो रहे हैं।स्थिति तब और भयावह हो जाती है जब वर्षों से डंप कूड़े में गर्मी के मौसम में मीथेन गैस बनने के कारण स्वतः आग लगने लगती है। करीब 20 दिन पहले भी कूड़े में आग लगने से जहरीला धुआं उठा, जिसका असर जमुई, बदुआपुर, कला का पुरवा, पनका, पनका बहादुरनगर, सुंदरनगर, गंगागंज से लेकर रतनपुर और भौंती तक देखा गया। क्षेत्र में मक्खियों का प्रकोप बढ़ गया है और सांस की तकलीफ, सिरदर्द व अन्य बीमारियों की शिकायतें बढ़ रही हैं। चिकित्सकों के अनुसार कूड़े के जलने से निकलने वाले विषाक्त तत्व लंबे समय में कैंसर, हृदय रोग, अस्थमा, ब्रोंकाइटिस और अन्य गंभीर बीमारियों का कारण बन सकते हैं। क्षेत्रीय विधायक व समाजसेवी मनीष बाजपेई ने इस समस्या को उठाते हुए लोगों को राहत दिलाने की मांग सम्बंधित अधिकारी गढ़ से की है। वहीं कूड़े में लगने वाली आग से निपटने के लिए करीब आठ सबमर्सिबल पंप लगाने की योजना बनाई जा रही है। जेई कमलेश पटेल के अनुसार तीन फर्मों से इस कार्य को लेकर बातचीत हुई है और जल्द ही समाधान की दिशा में काम शुरू किया जाएगा।

मुख्य बिंदु

  • कूड़े का पहाड़ बना खतरा: कानपुर के पनकी स्थित A TO Z कूड़ा निस्तारण प्लांट में कूड़े के बड़े-बड़े ढेर लग गए हैं।
  • मशीनें पड़ी खराब: 13 ट्रामल मशीनों में से 7 खराब हैं, मौके पर सिर्फ 2 मशीनें ही चालू मिलीं।
  • बीमारियों का खतरा: क्षेत्र में सांस की तकलीफ, सिरदर्द और अन्य बीमारियों की शिकायतें बढ़ रही हैं
  • जनप्रतिनिधियों ने उठाया मुद्दा: क्षेत्रीय विधायक मनीष बाजपेई ने समस्या को उठाते हुए अधिकारियों से जल्द समाधान की मांग की है।

कानपुर में बेजुबान पर हैवानियत: सोते कुत्ते को ईंट से कुचलकर मार डाला, वीडियो वायरल

सवाददाता- सुनील तिवारी

कानपुर के कर्नलगंज थाना क्षेत्र में इंसानियत को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। क्षेत्र का ही मिराज नाम के युवक ने सो रहे बेजुबान कुत्ते पर ईंट से ताबड़तोड़ हमला कर उसे बेरहमी से मार डाला। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आरोपी ने कुत्ते के सिर पर इतनी जोर से वार किए कि उसकी आंखें तक बाहर निकल आईं और वह काफी देर तक तड़पता रहा, लेकिन आरोपी का दिल नहीं पसीजा। वीडियो वायरल के बाद इस निर्मम घटना की जानकारी मिलते ही इलाके में आक्रोश फैल गया और स्थानीय लोग तथा पशु प्रेमी बड़ी संख्या में कर्नलगंज थाने पहुंच गए।गुस्साए लोगों ने थाने का घेराव कर आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की और लिखित तहरीर देकर उसकी तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि बेजुबान जानवर को इतनी क्रूरता से मारने वाला युवक बेखौफ इलाके में घूम रहा है, जिससे लोगों में डर और गुस्सा दोनों है। उनका कहना है कि अगर ऐसे लोगों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो समाज में हिंसा और क्रूरता को बढ़ावा मिलेगा। लोगों ने पुलिस से मांग की है कि आरोपी के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम के तहत कठोर कार्रवाई कर उसे जल्द गिरफ्तार किया जाए, ताकि बेजुबान जानवरों पर अत्याचार करने वालों को सख्त संदेश मिल सके।

मुख्य बिंदु

  • बेजुबान पर क्रूरता: कानपुर के कर्नलगंज थाना क्षेत्र में एक युवक ने सो रहे कुत्ते को ईंट से कुचलकर मार डाला।
  • ईंट से किया ताबड़तोड़ हमला: आरोपी मिराज ने कुत्ते के सिर पर कई वार किए, जिससे उसकी दर्दनाक मौत हो गई।
  • वीडियो हुआ वायरल: घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इलाके में आक्रोश फैल गया।
  • लोगों का थाने पर हंगामा: स्थानीय लोग और पशु प्रेमी बड़ी संख्या में कर्नलगंज थाने पहुंचे और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
  • लिखित शिकायत दी: लोगों ने पुलिस को तहरीर देकर आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।
  • सख्त कार्रवाई की मांग: लोगों ने पशु क्रूरता अधिनियम के तहत कठोर कार्रवाई करने की मांग की है।
  • पुलिस जांच में जुटी: पुलिस वायरल वीडियो के आधार पर मामले की जांच कर रही है और आरोपी की तलाश में जुटी है।
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कानपुर में बड़ा हादसा टला: दादा नगर पुल के पास पलटा कंटेनर, 12 घंटे बाद भी नहीं हटा मलबा

सवाददाता-सुनील तिवारी

कानपुर के दादा नगर पुल के पास शुक्रवार तड़के एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। बीती रात करीब एक बजे सोडा पाउडर से भरा कंटेनर नशे में धुत चालक की लापरवाही के कारण अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गया। गनीमत रही कि सड़क किनारे बने मंदिर पर कंटेनर पलटा और एक बड़ी दुर्घटना घटित होने से बच गई और कंटेनर पास में बनी झुग्गी-झोपड़ियों पर नहीं गिरा, वरना कई गरीब परिवार इसकी चपेट में आ सकते थे और शहर में बड़ा हादसा हो सकता था। सूचना मिलते ही विजय नगर चौराहा पर तैनात यातायात पुलिस और क्षेत्रीय पुलिस मौके पर पहुंची और यातायात बहाल कराने में जुट गई। फिलहाल इस दुर्घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन इस घटना ने सड़क किनारे रहने वाले गरीब परिवारों की असुरक्षित जिंदगी को एक बार फिर सामने ला दिया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि कंटेनर महज आधा मीटर और आगे पलट जाता तो कई महिलाओं, पुरुषों और बच्चों की जान जा सकती थी। हैरानी की बात यह रही कि घटना के 12 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी कंटेनर को हटाने का काम जुगाड़ व्यवस्था के सहारे चलता रहा, जबकि क्षेत्रीय विधायक, पार्षद और शहर के बड़े अधिकारी मौके पर नजर नहीं आए। बस्तीवासियों का आरोप है कि चुनाव के समय नेता वोट मांगने जरूर आते हैं, लेकिन इन झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले गरीब परिवारों को सुरक्षित स्थान पर बसाने की कोई ठोस योजना अब तक जमीन पर नहीं उतरी है। हादसे ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर कब तक शहर की गरीब बस्तियों की सुरक्षा यूं ही ‘राम भरोसे’ चलती रहेगी।

मुख्य बिंदु

  • कंटेनर पलटने से बड़ा हादसा टला: कानपुर के दादा नगर पुल के पास सोडा पाउडर से भरा कंटेनर अनियंत्रित होकर पलट गया।
  • नशे में था चालक: आरोप है कि चालक नशे में धुत था, जिसके कारण कंटेनर पर नियंत्रण नहीं रख सका।
  • मंदिर के पास पलटा कंटेनर: गनीमत रही कि कंटेनर झुग्गी-झोपड़ियों पर गिरने के बजाय मंदिर के पास पलटा, जिससे बड़ी जनहानि टल गई।
  • पुलिस मौके पर पहुंची: सूचना मिलते ही यातायात पुलिस और क्षेत्रीय पुलिस मौके पर पहुंचकर यातायात व्यवस्था संभाली।
  • 12 घंटे बाद भी नहीं हट सका कंटेनर: हादसे के कई घंटे बाद भी कंटेनर और मलबा पूरी तरह नहीं हटाया जा
  • बस्तीवासियों में आक्रोश: स्थानीय लोगों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की लापरवाही पर सवाल उठाए।
  • गरीब परिवारों की सुरक्षा पर सवाल: सड़क किनारे रहने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर फिर चिंता बढ़ गई है।

कानपुर राजाराम वर्मा हत्याकांड: डेढ़ करोड़ के ट्रांजेक्शन से खुला राज, बहू रेखा वर्मा नवी मुंबई से गिरफ्तार

सवाददाता- सुनील तिवारी

कानपुर: चर्चित अधिवक्ता राजाराम वर्मा हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मामले की अग्रिम विवेचना में पुलिस ने उनकी बहू रेखा वर्मा को नवी मुंबई से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि हत्या के चार-पांच माह बाद रेखा वर्मा के खाते से आरोपी राजबहादुर और उसके परिजनों के खातों में करीब डेढ़ करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए थे। संदिग्ध लेनदेन और सुपारी किलर की पहचान के आधार पर पुलिस ने रेखा वर्मा पर हत्या की साजिश रचने की धाराएं लगाकर उसे कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।पुलिस पूछताछ में सुपारी लेने के आरोपी अंकित यादव से रेखा वर्मा का आमना-सामना कराया गया। अंकित ने बताया कि बयाने के तौर पर 50 हजार रुपये देने के समय रेखा वर्मा रामखिलावन के साथ कार में आई थी। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी दिलनियाज और अंकित यादव के बीच वायरल हुए ऑडियो में एक महिला का जिक्र था, जिसे मटका तिराहे पर 50 हजार रुपये देने की बात कही जा रही थी। पुलिस को शक है कि वही महिला रेखा वर्मा है, जिसकी लंबे समय से तलाश की जा रही थी।गौरतलब है कि 22 दिसंबर 2021 को नवाबगंज के ख्योरा क्षेत्र में अधिवक्ता राजाराम वर्मा की घर के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पहले रामखिलावन, अंकित यादव, दिलनियाज और रोहित यादव को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। अब जांच में रेखा वर्मा की कॉल डिटेल से भी कई अहम सुराग मिले हैं। पुलिस के अनुसार उसने एक संदिग्ध नंबर पर करीब 78 हजार सेकेंड तक बातचीत की है, जिसके आधार पर अन्य आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है।

मुख्य बिंदु

  • हत्याकांड में बड़ा खुलासा: कानपुर के चर्चित अधिवक्ता राजाराम वर्मा हत्याकांड में पुलिस ने उनकी बहू रेखा वर्मा को नवी मुंबई से गिरफ्तार किया।
  • डेढ़ करोड़ का ट्रांजेक्शन: जांच में सामने आया कि रेखा वर्मा के खाते से आरोपी राजबहादुर और उसके परिजनों के खातों में करीब 1.5 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए थे।
  • सुपारी किलिंग का शक: पुलिस ने हत्या की साजिश रचने और सुपारी देने के आरोप में रेखा वर्मा पर धाराएं लगाई हैं।
  • आमना-सामना कराया: सुपारी लेने के आरोपी अंकित यादव से रेखा वर्मा का आमना-सामना कराया गया, जिसमें कई अहम जानकारी मिली।
  • वायरल ऑडियो से सुराग: दिलनियाज और अंकित यादव के बीच वायरल ऑडियो में एक महिला को 50 हजार रुपये देने की बात सामने आई थी।
  • कॉल डिटेल से खुलासा: रेखा वर्मा ने एक संदिग्ध नंबर पर करीब 78 हजार सेकेंड तक बातचीत की थी।
  • 2021 में हुई थी हत्या: 22 दिसंबर 2021 को नवाबगंज के ख्योरा क्षेत्र में अधिवक्ता राजाराम वर्मा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
  • कोर्ट ने भेजा जेल: पुलिस ने रेखा वर्मा को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

प्रयागराज में दिल दहला देने वाली घटना: मां ने चार माह के मासूम बेटे की ईंट से मारकर हत्या

यूपी क्राइम अलर्ट न्यूज़ ब्यूरो

प्रयागराज जिले के सरायममरेज थाना क्षेत्र के पिलखिनी गांव में बुधवार शाम दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। पति से विवाद के बाद गुस्से में एक महिला ने अपने ही चार माह के मासूम बेटे की नुकीली ईंट से प्रहार कर हत्या कर दी। वारदात के बाद उसने बच्चे के शव को लकड़ियों के ढेर में छिपा दिया। पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया है।पुलिस के अनुसार पिलखिनी गांव निवासी संतोष यादव मजदूरी करता है और उसकी पत्नी मनोरमा यादव से अक्सर घरेलू बातों को लेकर विवाद होता रहता था। पिछले तीन-चार दिनों से दोनों के बीच झगड़ा बढ़ गया था। बुधवार शाम इसी विवाद के बाद गुस्से में मनोरमा ने अपने चार माह के बेटे ईश्वर पर सीमेंट की नुकीली ईंट से कई वार कर दिए, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
हत्या के बाद मनोरमा ने बच्चे के शव को घर के पास टीनशेडनुमा कमरे में लकड़ियों के ढेर में महुआ के पत्तों और घासफूस के नीचे छिपा दिया और सामान्य रूप से घर के कामकाज में लग गई। काफी देर तक बच्चा नजर नहीं आने पर परिजनों को शक हुआ। सख्ती से पूछताछ करने पर महिला ने बेटे की हत्या करने की बात स्वीकार कर ली।
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और बच्चे के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। मृतक के दादा हरिलाल यादव उर्फ मुन्नीलाल की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी महिला के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है।
ग्रामीणों के अनुसार संतोष यादव की यह दूसरी शादी थी। पहली पत्नी से शादी के कुछ ही दिनों बाद अलगाव हो गया था। करीब दो साल पहले उसने मनोरमा से विवाह किया था और लंबे इंतजार के बाद चार माह पहले बेटे ईश्वर का जन्म हुआ था।घटना की सूचना मिलते ही पूरे गांव में शोक और सन्नाटा पसर गया। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त ईंट का टुकड़ा भी बरामद कर लिया है।अधिकारियों के मुताबिक आरोपी महिला के खिलाफ हत्या और साक्ष्य छिपाने का मामला दर्ज किया गया है और उसकी मानसिक स्थिति की भी जांच कराई जा रही है।

मुख्य बिंदु

  • दिल दहला देने वाली घटना: प्रयागराज के सरायममरेज थाना क्षेत्र के पिलखिनी गांव में मां ने अपने चार माह के बेटे की हत्या कर दी।
  • ईंट से किया हमला: पति से विवाद के बाद महिला ने गुस्से में सीमेंट की नुकीली ईंट से बच्चे पर कई वार किए।
  • शव छिपाने की कोशिश: वारदात के बाद बच्चे के शव को लकड़ियों के ढेर में महुआ के पत्तों और घासफूस के नीचे छिपा दिया।
  • पुलिस ने किया गिरफ्तार: परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी मां मनोरमा यादव को गिरफ्तार कर लिया।
  • मुकदमा दर्ज: मृतक के दादा की तहरीर पर हत्या और साक्ष्य छिपाने का केस दर्ज किया गया।
  • जांच जारी: पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल ईंट बरामद कर ली है और महिला की मानसिक स्थिति की भी जांच कराई जा रही है।
  • परिवार में विवाद: जानकारी के अनुसार पति-पत्नी के बीच कई दिनों से घरेलू विवाद चल रहा था।

गंगा एक्सप्रेसवे लगभग तैयार, 97% काम पूरा; जल्द होगा उद्घाटन

यूपी क्राइम अलर्ट न्यूज़ ब्यूरो

मेरठ: उत्तर प्रदेश की महत्वाकांक्षी परियोजना गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना अब लगभग तैयार हो चुकी है।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से हाल ही में दिए गए कड़े निर्देशों के बाद निर्माण कार्य और उद्घाटन की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। अधिकारियों के अनुसार एक्सप्रेसवे का लगभग 97 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है और शेष काम को युद्ध स्तर पर अंतिम रूप दिया जा रहा है।
मंगलवार को हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता किए बिना प्रोजेक्ट को जल्द से जल्द पूरा कर जनता को समर्पित किया जाए। इसके बाद उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारी लगातार साइट का निरीक्षण कर रहे हैं, ताकि फिनिशिंग और सुरक्षा से जुड़े सभी मानकों को समय पर पूरा किया जा सके।अधिकारियों का कहना है कि एक्सप्रेसवे के उद्घाटन की तैयारी अप्रैल या मई में की जा रही है। ट्रायल रन और टोल प्रणाली की परीक्षण प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी है। जैसे ही अंतिम कार्य समाप्त होंगे, वाहनों की आवाजाही शुरू कर दी जाएगी।करीब 594 किलोमीटर लंबा यह छह लेन का एक्सप्रेसवे भविष्य में आठ लेन तक विस्तारित किया जा सकेगा। अत्याधुनिक सुविधाओं, ट्रॉमा सेंटर और पुलिस चौकियों के साथ इसे सुरक्षित और आधुनिक परिवहन कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जा रहा है। एक्सप्रेसवे के शुरू होने के बाद मेरठ और प्रयागराज के बीच यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा।यह परियोजना पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश को सीधे जोड़ने वाली महत्वपूर्ण कड़ी बनेगी। इससे व्यापार, पर्यटन और औद्योगिक गतिविधियों को भी बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। अधिकारियों का दावा है कि एक्सप्रेसवे शुरू होने के बाद उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा एक्सप्रेसवे नेटवर्क रखने वाला राज्य बन जाएगा।इसके अलावा मेरठ के बिजौली से सिंभावली इंटरचेंज के जरिए दिल्ली-लखनऊ हाईवे तक पहुंचना भी आसान हो जाएगा। इससे मुरादाबाद और बरेली जाने वाले यात्रियों की दूरी लगभग 20 से 25 किलोमीटर तक कम हो जाएगी और पुराने भीड़भाड़ वाले मार्गों से राहत मिलेगी।

मुख्य बिंदु

  • 97% काम पूरा: गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना का लगभग 97 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है।
  • जल्द होगा उद्घाटन: अधिकारियों के अनुसार एक्सप्रेसवे का उद्घाटन अप्रैल या मई में किया जा सकता है।
  • सीएम के निर्देश: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुणवत्ता बनाए रखते हुए जल्द काम पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
  • यात्रा होगी आसान: एक्सप्रेसवे शुरू होने के बाद मेरठ से प्रयागराज के बीच यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा।
  • आधुनिक सुविधाएं: एक्सप्रेसवे पर ट्रॉमा सेंटर, पुलिस चौकियां और सुरक्षा व्यवस्थाएं भी विकसित की जा रही हैं।
  • व्यापार को बढ़ावा: परियोजना से पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के बीच व्यापार, पर्यटन और उद्योग को गति मिलेगी।
  • दूरी में कमी: बिजौली-सिंभावली इंटरचेंज के जरिए मुरादाबाद और बरेली की दूरी लगभग 20–25 किमी कम हो जाएगी।

यूपी में आतंकी साजिश का भंडाफोड़, गाजियाबाद से छह संदिग्ध गिरफ्तार

यूपी क्राइम अलर्ट न्यूज़ ब्यूरो

गाजियाबाद: उत्तर प्रदेश पुलिस ने देश विरोधी गतिविधियों में शामिल एक संदिग्ध नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए छह लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि ये लोग आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद और अन्य प्रतिबंधित संगठनों से प्रभावित होकर कट्टरपंथी गतिविधियों में लिप्त थे। पूछताछ में सामने आया है कि विदेश में बैठे आकाओं के निर्देश पर आरोपी गाजियाबाद के दो हिंदू संगठन से जुड़े व्यक्तियों को निशाना बनाने की योजना बना रहे थे।पुलिस के अनुसार खुफिया एजेंसियों की सतर्कता से इस साजिश को समय रहते नाकाम कर दिया गया। जांच में पता चला कि मुख्य आरोपी सावेज और उसके साथियों ने सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर कई ग्रुप बना रखे थे, जिनमें कट्टरपंथी और देश विरोधी सामग्री साझा की जाती थी। इन ग्रुपों में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई शहरों के युवक जुड़े हुए थे।
पुलिस ने गुरुवार को सावेज को नाहल गांव के पास से गिरफ्तार किया। इसके बाद मसूरी थाने में गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर जुनैद, फरदीन, इकराम अली, फजरू और मोहम्मद जावेद को भी गिरफ्तार कर लिया गया। अधिकारियों के अनुसार आरोपियों के मोबाइल फोन से कई आपत्तिजनक चैट और संदिग्ध सामग्री बरामद हुई है, जो जांच का अहम हिस्सा बन चुकी है।जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े वीडियो देखकर खुद को प्रशिक्षित करने की कोशिश करते थे और सोशल मीडिया के जरिए कट्टरता फैलाने का प्रयास करते थे। पुलिस अब आरोपियों के मोबाइल, सोशल मीडिया अकाउंट और डिजिटल डाटा की गहन जांच कर उनके नेटवर्क और संपर्कों की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।पुलिस अधिकारियों के मुताबिक मुख्य आरोपी सावेज बारहवीं पास है और परचून की दुकान पर काम करता है। वहीं मोहम्मद जावेद पहले नाहल की मस्जिद में मौलाना रह चुका है और वर्तमान में मसूरी के अजीज नगर इलाके में मदरसा संचालित कर रहा था। इकराम अली वकालत करता है और जुनैद विधि की पढ़ाई कर रहा है, जबकि अन्य आरोपी मजदूरी करते हैं।जांच के दौरान यह भी पता चला कि आरोपी इकराम अली की मां साहिदा मूल रूप से बांग्लादेश की निवासी है और भारतीय नागरिक बनकर रह रही थी। इस मामले में मिले साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने धोखाधड़ी की धाराएं भी बढ़ाई हैं और उसकी गिरफ्तारी की तैयारी की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे नेटवर्क का खुलासा करने के लिए जांच लगातार जारी है।

मुख्य बिंदु

  • आतंकी साजिश का खुलासा: उत्तर प्रदेश पुलिस ने गाजियाबाद में देश विरोधी गतिविधियों से जुड़े संदिग्ध नेटवर्क का भंडाफोड़ किया।
  • छह आरोपी गिरफ्तार: पुलिस ने सावेज, जुनैद, फरदीन, इकराम अली, फजरू और मोहम्मद जावेद को गिरफ्तार किया।
  • हमले की योजना: आरोपी गाजियाबाद के दो हिंदू संगठन से जुड़े लोगों को निशाना बनाने की साजिश रच रहे थे।
  • सोशल मीडिया का इस्तेमाल: आरोपियों ने सोशल मीडिया ग्रुप बनाकर कट्टरपंथी और देश विरोधी सामग्री साझा की।
  • डिजिटल साक्ष्य मिले: मोबाइल फोन से आपत्तिजनक चैट और संदिग्ध सामग्री बरामद हुई है।
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