Unnao Breaking News: खौलते दूध की चपेट में आया 11 माह का मासूम, इलाज के दौरान मौत

खेलते समय भगोने पर लगा हाथ, हिलते ही ऊपर गिरा खौलता दूध; मौरावां के जेरा गांव में दर्दनाक हादसे से परिवार में मातम. डेस्क रिपोर्ट

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उन्नाव। मौरावां थाना क्षेत्र के जेरा गांव में सोमवार शाम एक दर्दनाक हादसे में 11 माह के मासूम की उपचार के दौरान मौत हो गई। घर में खेलते समय बच्चे का हाथ दूध के भगोने पर लग गया। भगोना हिलने से उसमें रखा खौलता दूध मासूम के ऊपर गिर गया, जिससे वह गंभीर रूप से झुलस गया। परिजन तत्काल उसे उपचार के लिए मौरावां सरकारी अस्पताल लेकर पहुंचे। हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने बच्चे को उन्नाव रेफर कर दिया, जहां देर रात इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मासूम की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। मां समेत परिवार के अन्य सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना के बाद पूरे गांव में भी शोक का माहौल है।

घर में खेल रहा था मासूम

मृतक की पहचान रजनीश चंद्र पुत्र मोनू के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार सोमवार को घर में एक बच्चे की तबीयत खराब थी और उसके लिए दवा लेने की तैयारी चल रही थी। इसी दौरान घर में चूल्हे पर दूध गर्म किया जा रहा था। बताया गया कि 11 माह का रजनीश घर में ही खेल रहा था। परिवार के लोग अपने काम में व्यस्त थे। खेलते-खेलते मासूम दूध के भगोने के पास पहुंच गया। इसी दौरान उसका हाथ भगोने पर लग गया।

भगोना हिलते ही ऊपर गिरा खौलता दूध

बच्चे का हाथ लगने से दूध का भगोना हिल गया और उसमें रखा खौलता दूध मासूम के ऊपर गिर गया। गर्म दूध की चपेट में आते ही बच्चा बुरी तरह झुलस गया और दर्द से चीखने लगा। मासूम की चीख सुनकर उसकी मां उर्मिला और परिवार के अन्य सदस्य तत्काल मौके पर पहुंचे। परिजनों ने बच्चे को संभाला और बिना देर किए उसे उपचार के लिए मौरावां सरकारी अस्पताल ले गए। हादसे की अचानक हुई घटना से परिवार के लोग घबरा गए। अस्पताल पहुंचने के बाद चिकित्सकों ने बच्चे का प्राथमिक उपचार किया।

गंभीर हालत में उन्नाव किया गया रेफर

मौरावां सरकारी अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद मासूम की हालत गंभीर बताई गई। चिकित्सकों ने बेहतर इलाज के लिए उसे उन्नाव रेफर कर दिया। परिजन बच्चे को लेकर तत्काल उन्नाव पहुंचे, जहां उसका उपचार शुरू किया गया। परिवार को उम्मीद थी कि इलाज के बाद मासूम की हालत में सुधार आएगा, लेकिन उसकी स्थिति गंभीर बनी रही। देर रात उपचार के दौरान रजनीश ने दम तोड़ दिया। मासूम की मौत की खबर परिवार तक पहुंचते ही घर में चीख-पुकार मच गई।

मां उर्मिला का रो-रोकर बुरा हाल

11 माह के मासूम की मौत से मां उर्मिला का रो-रोकर बुरा हाल है। जिस बच्चे को परिवार के लोग इलाज के बाद ठीक होने की उम्मीद में अस्पताल लेकर पहुंचे थे, उसकी मौत की खबर ने सभी को तोड़कर रख दिया। परिवार के अन्य सदस्य भी इस दुखद घटना से गहरे सदमे में हैं। मासूम की मौत के बाद घर में मातम पसरा हुआ है। रिश्तेदार और ग्रामीण परिजनों को ढांढस बंधाने के लिए पहुंच रहे हैं।

मजदूरी कर परिवार का पालन करते हैं पिता

रजनीश के पिता मोनू मजदूरी करके परिवार का पालन-पोषण करते हैं। परिवार में दादी रूपरानी, भाई श्रीचंद और सतीश चंद्र तथा बहन साक्षी हैं। परिवार के लिए यह हादसा बेहद पीड़ादायक है। परिजनों के अनुसार घर में एक बच्चे की तबीयत खराब थी और उसकी दवा लेने की तैयारी की जा रही थी। इसी दौरान हुए हादसे ने पूरे परिवार की खुशियां छीन लीं।

गांव में पसरा मातम

मासूम की मौत की जानकारी जैसे ही गांव के लोगों को हुई, वहां भी शोक का माहौल बन गया। ग्रामीण परिवार के घर पहुंचे और परिजनों को सांत्वना दी। ग्रामीणों के लिए भी यह घटना बेहद दुखद है, क्योंकि महज 11 माह के बच्चे की एक दर्दनाक घरेलू हादसे में जान चली गई। घटना ने परिवार और गांव के लोगों को गहरे सदमे में डाल दिया है।

एक पल की घटना ने उजाड़ दिया परिवार

घटना बेहद कम समय में हुई। मासूम खेलते हुए दूध के भगोने तक पहुंचा और हाथ लगने से भगोना हिल गया। देखते ही देखते खौलता दूध उसके ऊपर गिर गया। परिवार ने तत्काल बच्चे को अस्पताल पहुंचाया और बेहतर उपचार के लिए उन्नाव भी ले जाया गया, लेकिन चिकित्सकीय प्रयासों के बावजूद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। इस घटना ने एक बार फिर घर में गर्म तरल पदार्थ और चूल्हे के आसपास छोटे बच्चों की मौजूदगी को लेकर सावधानी की जरूरत को सामने ला दिया है। खासकर छोटे बच्चों के आसपास गर्म दूध, पानी या अन्य गर्म वस्तुओं को सुरक्षित स्थान पर रखना जरूरी है।

परिवार के लिए मुश्किल समय

मासूम की मौत के बाद परिवार के सामने दुख का पहाड़ टूट पड़ा है। पिता मजदूरी करके परिवार का भरण-पोषण करते हैं, जबकि मां ने अपने छोटे बच्चे को खो दिया है। परिवार के लिए यह हादसा लंबे समय तक न भूल पाने वाला दुख बन गया है। 11 माह के रजनीश की मौत से घर की खुशियां मातम में बदल गई हैं। जेरा गांव में हुई इस दर्दनाक घटना ने सभी को स्तब्ध कर दिया है। परिवार को अभी अपने मासूम बच्चे को खोने के सदमे से गुजरना पड़ रहा है। घटना के बाद परिजन गहरे दुख में हैं और ग्रामीण भी परिवार के साथ खड़े नजर आ रहे हैं।

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