Unnao Temple News: खंडित मूर्तियों की जगह सिद्धेश्वर महादेव मंदिर में नई प्रतिमाओं की प्राण प्रतिष्ठा, उमड़े शिवभक्त

शांति नगर मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भोलेनाथ और नंदी की नई मूर्तियां स्थापित, श्रद्धालुओं ने किया जलाभिषेक और पूजा-अर्चना. डेस्क रिपोर्ट

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उन्नाव। शांति नगर स्थित सिद्धेश्वर महादेव मंदिर में शनिवार को धार्मिक विधि-विधान के साथ भगवान भोलेनाथ और नंदी जी की नई मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा की गई। एक दिन पहले शुक्रवार रात मंदिर में स्थापित मूर्तियों को कथित तौर पर खंडित किए जाने की घटना के बाद नई मूर्तियां स्थापित करने का निर्णय लिया गया था। शनिवार दोपहर करीब तीन बजे वैदिक मंत्रोच्चार और पूजा-अर्चना के बीच दोनों प्रतिमाओं की पुनर्स्थापना कराई गई। प्राण प्रतिष्ठा के दौरान मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। वैदिक मंत्रों के बीच धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुआ। इसके बाद शिवभक्तों ने भगवान शिव का पूजन-अर्चन और जलाभिषेक कर सुख-शांति की प्रार्थना की। नई मूर्तियों की स्थापना के बाद मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ गई और माहौल धार्मिक नजर आया।

शुक्रवार रात खंडित की गई थीं मूर्तियां

जानकारी के अनुसार, शुक्रवार रात शांति नगर स्थित सिद्धेश्वर महादेव मंदिर में स्थापित भगवान भोलेनाथ और नंदी जी की मूर्तियों को एक युवक द्वारा कथित तौर पर खंडित किए जाने की घटना सामने आई थी। घटना के बाद आसपास के लोगों में नाराजगी की स्थिति बनी। बताया गया कि स्थानीय लोगों ने युवक को मौके पर पकड़ लिया। इसके बाद मामले की सूचना पुलिस को दी गई। भाजपा नेता बिमल द्विवेदी ने घटना की जानकारी शहर कोतवाली पुलिस को दी। सूचना मिलने के बाद शहर कोतवाल चंद्रकांत मिश्रा पुलिस टीम के साथ मंदिर पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी ली। मौके पर पकड़े गए युवक को पुलिस के हवाले कर दिया गया। घटना के बाद मंदिर परिसर में सुरक्षा और स्थिति को लेकर भी स्थानीय लोगों के बीच चर्चा रही।

नई मूर्तियों की स्थापना का लिया गया निर्णय

मंदिर में मूर्तियों के खंडित होने की घटना के बाद नई प्रतिमाओं की स्थापना का निर्णय लिया गया। इसके लिए शनिवार को धार्मिक अनुष्ठान की तैयारी की गई। नई मूर्तियों की स्थापना का कार्यक्रम बिमल द्विवेदी के नेतृत्व में आयोजित किया गया, जबकि मंदिर के संरक्षक सुरेश वर्मा की देखरेख में कार्यक्रम संपन्न कराया गया। कार्यक्रम के दौरान आचार्यों ने निर्धारित वैदिक विधि-विधान के अनुसार पूजा-अर्चना कराई। मंदिर परिसर में धार्मिक अनुष्ठान शुरू होने के साथ ही श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी।

वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हुई प्राण प्रतिष्ठा

शनिवार दोपहर करीब तीन बजे भगवान भोलेनाथ और नंदी जी की नई मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा कराई गई। इस दौरान वैदिक मंत्रों और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच प्रतिमाओं को मंदिर में स्थापित किया गया। प्राण प्रतिष्ठा का अनुष्ठान आचार्य श्रवण कुमार वाजपेयी, आचार्य वासु जी और आचार्य मनोज अवस्थी ने कराया। विधि-विधान से पूजा संपन्न होने के बाद श्रद्धालुओं ने भगवान शिव के दर्शन किए। मंदिर में धार्मिक कार्यक्रम के दौरान मौजूद लोगों ने भगवान शिव की आराधना की और मंदिर की नई स्थापित प्रतिमाओं के दर्शन कर पूजा-अर्चना की।

शिवभक्तों ने किया जलाभिषेक

नई मूर्तियों की स्थापना के बाद बड़ी संख्या में शिवभक्तों ने भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया। श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर परिवार और समाज में सुख-शांति की कामना की। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की मौजूदगी के कारण पूरे दिन धार्मिक माहौल बना रहा। कई लोगों ने भगवान शिव के दर्शन किए और नई स्थापित प्रतिमाओं के सामने पूजा की। शिवभक्तों ने धार्मिक परंपरा के अनुसार भगवान भोलेनाथ और नंदी जी का पूजन किया। मंदिर में आयोजित कार्यक्रम में स्थानीय लोगों की भागीदारी भी रही।

घटना के बाद मंदिर में बढ़ी लोगों की सक्रियता

शुक्रवार रात मूर्तियों को कथित तौर पर खंडित किए जाने की घटना के बाद शनिवार को नई प्रतिमाओं की स्थापना ने मंदिर परिसर में लोगों की सक्रियता बढ़ा दी। स्थानीय श्रद्धालु प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे। कार्यक्रम के दौरान आयोजकों और मंदिर से जुड़े लोगों ने धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराया। श्रद्धालुओं ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लेते हुए पूजा-अर्चना की। मूर्तियों की पुनर्स्थापना के बाद मंदिर में नियमित पूजा-पाठ जारी रहने की बात सामने आई है।

पुलिस ने युवक को हिरासत में लिया

शुक्रवार रात हुई घटना के बाद मौके पर पकड़े गए युवक को पुलिस के हवाले किया गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घटना की जानकारी ली थी। हालांकि युवक द्वारा मूर्तियों को खंडित किए जाने के पीछे क्या कारण था और मामले में पुलिस की ओर से आगे क्या कानूनी कार्रवाई की गई, इसकी विस्तृत जानकारी जांच और पुलिस के आधिकारिक बयान के बाद स्पष्ट होगी। मामले में लगाए गए आरोपों और युवक की भूमिका की अंतिम पुष्टि पुलिस जांच के आधार पर ही होगी।

धार्मिक आयोजन में ये लोग रहे मौजूद

सिद्धेश्वर महादेव मंदिर में आयोजित प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिवभक्त और स्थानीय लोग मौजूद रहे। इस अवसर पर जिला प्रभारी अजय त्रिवेदी, नवीन वर्मा, शक्ति वर्मा, उमेश सिंह पंकज, अश्विनी पांडेय, पीयान अवस्थी, आदित्य, विकास सविता, अंकुर त्रिपाठी और अमोली वाजपेयी समेत अन्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान सभी ने धार्मिक अनुष्ठान में भाग लिया और भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना की।

श्रद्धालुओं ने की सुख-शांति की प्रार्थना

प्राण प्रतिष्ठा के बाद श्रद्धालुओं ने भगवान शिव के दर्शन कर जलाभिषेक किया। लोगों ने परिवार की सुख-शांति और क्षेत्र में शांति की प्रार्थना की। मंदिर में नई मूर्तियों की स्थापना के बाद श्रद्धालुओं के बीच भी उत्साह देखने को मिला। धार्मिक कार्यक्रम के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार, पूजा-पाठ और जलाभिषेक से मंदिर परिसर में भक्तिमय माहौल बना रहा। स्थानीय लोगों के लिए मंदिर धार्मिक आस्था का केंद्र है। ऐसे में मूर्तियों के खंडित होने की घटना के बाद नई प्रतिमाओं की स्थापना को लेकर लोगों ने धार्मिक कार्यक्रम में भाग लिया।

जांच के बाद घटना की स्थिति होगी स्पष्ट

सिद्धेश्वर महादेव मंदिर में मूर्तियों को खंडित किए जाने की घटना को लेकर पुलिस की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार एक युवक को मौके पर पकड़े जाने के बाद पुलिस के हवाले किया गया है। मामले में घटना के कारण, युवक की भूमिका और अन्य तथ्यों की स्थिति पुलिस जांच के बाद स्पष्ट हो सकेगी। वहीं शनिवार को मंदिर में नई मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा धार्मिक विधि-विधान के साथ पूरी कर ली गई।

निष्कर्ष

शांति नगर स्थित सिद्धेश्वर महादेव मंदिर में शुक्रवार रात हुई घटना के बाद शनिवार को भगवान भोलेनाथ और नंदी जी की नई मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा की गई। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच आचार्यों ने धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिवभक्त पहुंचे और नई प्रतिमाओं के दर्शन कर जलाभिषेक किया। मंदिर में मूर्तियां खंडित किए जाने की घटना को लेकर एक युवक को मौके पर पकड़े जाने और पुलिस के हवाले किए जाने की जानकारी है। मामले की पूरी परिस्थितियां और आगे की कानूनी कार्रवाई पुलिस जांच के बाद स्पष्ट होगी। फिलहाल नई मूर्तियों की स्थापना के बाद मंदिर में पूजा-अर्चना और धार्मिक गतिविधियां दोबारा शुरू हो गई हैं।

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