खखरेरू/फतेहपुर। नगर पंचायत खखरेरू के वार्ड संख्या पांच पंडित दीनदयाल नगर में सड़क किनारे कराए जा रहे नाला निर्माण को लेकर निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों ने निर्माण कार्य में निर्धारित मानकों की अनदेखी किए जाने का आरोप लगाते हुए इसकी तकनीकी जांच कराने की मांग की है। लोगों का आरोप है कि नाले के निर्माण में गुणवत्तापूर्ण सामग्री का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है और ढलाई के दौरान अपेक्षित मात्रा में सरिया भी नहीं लगाया जा रहा है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, नाला निर्माण का उद्देश्य क्षेत्र में जल निकासी की समस्या को दूर करना है। सड़क किनारे नाला बनने से बारिश और घरों से निकलने वाले पानी की निकासी बेहतर होने की उम्मीद है, लेकिन निर्माण के दौरान गुणवत्ता से जुड़ी शिकायतों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। वार्डवासियों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुसार नहीं कराया गया तो नाला बनने के कुछ समय बाद ही उसके क्षतिग्रस्त होने की आशंका बनी रह सकती है।

निर्माण सामग्री की गुणवत्ता पर उठे सवाल

स्थानीय लोगों ने निर्माण कार्य में इस्तेमाल की जा रही सीमेंट और बालू की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की गुणवत्ता पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इसके साथ ही नाले की बुनियाद और ढलाई में भी निर्धारित तकनीकी मानकों के पालन को लेकर लोगों ने आशंका जताई है। वार्डवासियों का कहना है कि नाला किसी भी क्षेत्र की जल निकासी व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। यदि इसकी नींव, ढलाई और अन्य निर्माण कार्य मजबूत तरीके से नहीं किए गए तो बारिश के मौसम में पानी का दबाव बढ़ने पर निर्माण को नुकसान पहुंच सकता है। ऐसी स्थिति में जल निकासी की समस्या दोबारा सामने आ सकती है और स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

कम सरिया लगाने का आरोप

स्थानीय निवासियों की ओर से लगाए गए प्रमुख आरोपों में नाले की ढलाई में कम सरिया लगाए जाने की शिकायत भी शामिल है। लोगों का कहना है कि निर्माण की मजबूती के लिए जिस मात्रा और तकनीकी मानक के अनुसार सरिया लगाया जाना चाहिए, उसके अनुपालन को लेकर मौके पर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, सरिया की वास्तविक मात्रा और निर्माण मानकों के अनुरूप उसका इस्तेमाल हुआ है या नहीं, इसकी आधिकारिक तकनीकी पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। ऐसे में स्थानीय लोगों ने मांग की है कि निर्माणाधीन नाले की तकनीकी जांच कराकर सरिया की मात्रा, उसकी गुणवत्ता, ढलाई की मोटाई और अन्य निर्माण मानकों की जांच कराई जाए।

निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल

वार्डवासियों का कहना है कि सरकारी धन से कराए जा रहे विकास कार्यों में गुणवत्ता की निगरानी नगर पंचायत के संबंधित अधिकारियों और तकनीकी कर्मचारियों की जिम्मेदारी होती है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण स्थल पर पर्याप्त निगरानी दिखाई नहीं दे रही है, जिसके कारण निर्माण सामग्री और कार्य की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें सामने आ रही हैं। लोगों का कहना है कि किसी भी सरकारी निर्माण कार्य में केवल काम पूरा कर देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह भी सुनिश्चित किया जाना जरूरी है कि निर्माण निर्धारित डिजाइन, तकनीकी मानकों और स्वीकृत गुणवत्ता के अनुरूप हुआ हो। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि निर्माण कार्य पूरा होने से पहले ही संबंधित अधिकारियों द्वारा स्थल का निरीक्षण किया जाए। इससे यदि निर्माण में किसी तरह की कमी सामने आती है तो उसे समय रहते ठीक कराया जा सकता है और बाद में सरकारी धन की दोबारा खर्च होने की स्थिति से बचा जा सकता है।

जलभराव की समस्या को लेकर चिंता

पंडित दीनदयाल नगर में नाला निर्माण का मुख्य उद्देश्य जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाना बताया जा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, क्षेत्र में बारिश के दौरान जलभराव की समस्या उत्पन्न होने की आशंका रहती है। ऐसे में मजबूत और मानक के अनुरूप नाला निर्माण स्थानीय लोगों के लिए महत्वपूर्ण है। वार्डवासियों का कहना है कि यदि नाले का निर्माण गुणवत्तापूर्ण तरीके से होता है तो बारिश के पानी की निकासी में मदद मिलेगी। लेकिन यदि निर्माण में तकनीकी खामी रह गई या इस्तेमाल की गई सामग्री अपेक्षित गुणवत्ता की नहीं हुई तो भविष्य में नाले के टूटने, बैठने या पानी की निकासी प्रभावित होने की समस्या सामने आ सकती है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच के साथ-साथ यह भी देखा जाए कि नाले का निर्माण स्वीकृत मानक और डिजाइन के अनुसार हो रहा है या नहीं।

अवर अभियंता ने दिया जांच का आश्वासन

मामले को लेकर नगर पंचायत के अवर अभियंता मोहित श्रीवास्तव ने कहा कि वह निर्माण स्थल पर जाकर कार्य को दिखवाएंगे। उन्होंने कहा कि यदि मौके पर निर्माण कार्य मानकों के विपरीत पाया गया या किसी प्रकार की कमी सामने आती है तो आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। अवर अभियंता के इस बयान के बाद अब स्थानीय लोगों की नजर तकनीकी जांच पर है। वार्डवासियों का कहना है कि जांच केवल औपचारिकता तक सीमित न रहे, बल्कि निर्माण में इस्तेमाल हो रही सामग्री, सरिया की मात्रा और गुणवत्ता सहित नाले की बुनियाद और ढलाई की तकनीकी स्थिति की भी जांच की जाए।

निर्माण पूरा होने से पहले जांच की मांग

स्थानीय लोगों ने मांग की है कि नाला निर्माण पूरा होने से पहले संबंधित विभाग द्वारा मौके का निरीक्षण कराया जाए। लोगों का कहना है कि निर्माण पूरा होने के बाद किसी कमी को दूर करना कठिन और महंगा हो सकता है। इसके विपरीत निर्माण के दौरान ही खामी पकड़ में आने पर उसे आसानी से सुधारा जा सकता है। वार्डवासियों ने निर्माण सामग्री की गुणवत्ता की जांच के साथ-साथ तकनीकी मानकों के अनुरूप सरिया लगाए जाने की भी पुष्टि कराने की मांग की है। उनका कहना है कि सरकारी धन से होने वाले प्रत्येक विकास कार्य में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित की जानी चाहिए। फिलहाल नाला निर्माण को लेकर लगाए गए आरोपों की तकनीकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। नगर पंचायत के अवर अभियंता द्वारा मौके पर निरीक्षण किए जाने की बात कही गई है। अब देखना होगा कि जांच में निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप पाया जाता है या स्थानीय लोगों की शिकायतों के आधार पर किसी तरह की कमी सामने आती है। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि संबंधित अधिकारी समय रहते निर्माण स्थल का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करेंगे, ताकि नाला मजबूत और टिकाऊ तरीके से तैयार हो सके और क्षेत्र की जल निकासी की समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जा सके।

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