खखरेरू/फतेहपुर। पितृ पक्ष के अवसर पर नगर पंचायत खखरेरू में आयोजित होने वाले ऐतिहासिक पांच दिवसीय मेले का शनिवार को भव्य दंगल के साथ समापन हो गया। दशकों से चली आ रही मेले और दंगल की परंपरा आज भी कस्बे की सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा बनी हुई है। मेले के अंतिम दिन आयोजित विशाल दंगल को देखने के लिए खखरेरू सहित आसपास के गांवों और क्षेत्रों से बड़ी संख्या में दर्शक पहुंचे। अखाड़े में देश के विभिन्न हिस्सों से आए पहलवानों ने अपने दांव-पेंच और दमखम का प्रदर्शन कर दर्शकों को रोमांचित कर दिया। दंगल के दौरान अखाड़े के चारों ओर दर्शकों की भारी भीड़ दिखाई दी। जैसे-जैसे मुकाबले आगे बढ़ते गए, वैसे-वैसे लोगों का उत्साह भी बढ़ता गया। पहलवानों के हर दांव पर दर्शकों ने तालियों और उत्साह के साथ उनका हौसला बढ़ाया। अंतिम इनामी कुश्ती को लेकर लोगों में विशेष उत्सुकता देखने को मिली।

नेपाल के स्टार पहलवान लकी थापा ने भी लिया हिस्सा

खखरेरू के ऐतिहासिक दंगल में नेपाल के स्टार पहलवान लकी थापा के अलावा मौसम अली, टाइगर, चीता, जावेद गनी, अंकुल समेत विभिन्न राज्यों से आए नामी पहलवानों ने अखाड़े में अपनी कुश्ती कला का प्रदर्शन किया। पहलवानों ने एक-दूसरे को चुनौती देते हुए कई रोमांचक मुकाबले किए। अखाड़े में कभी दांव-पेंच देखने को मिले तो कभी पहलवानों की ताकत और फुर्ती ने दर्शकों का ध्यान अपनी ओर खींचा। कई मुकाबलों में पहलवानों ने एक-दूसरे को कड़ी टक्कर दी। दंगल के दौरान दर्शकों में पहलवानों को लेकर खासा उत्साह रहा। अखाड़े के चारों तरफ मौजूद लोग मुकाबलों का आनंद लेते रहे और पसंदीदा पहलवानों का उत्साह बढ़ाते रहे।

राज्यमंत्री एवं खागा विधायक कृष्णा पासवान रहीं मुख्य अतिथि

दंगल कार्यक्रम में खागा विधायक एवं राज्यमंत्री कृष्णा पासवान मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचीं। उन्होंने अखाड़े में पहुंचकर पहलवानों का उत्साहवर्धन किया और दंगल का शुभारंभ कराया। मुख्य अतिथि कृष्णा पासवान ने नेपाल के पहलवान लकी थापा और मौसम अली का हाथ मिलवाकर कुश्ती की शुरुआत कराई। इसके बाद अखाड़े में पहलवानों के बीच मुकाबलों का सिलसिला शुरू हुआ। दंगल आयोजकों और उपस्थित लोगों ने अतिथि का स्वागत किया। कार्यक्रम के दौरान मेले की ऐतिहासिक परंपरा और दंगल के महत्व को लेकर भी लोगों में उत्साह देखने को मिला।

15 हजार रुपये की अंतिम इनामी कुश्ती बनी आकर्षण का केंद्र

दंगल का सबसे बड़ा आकर्षण अंतिम इनामी कुश्ती रही। इस मुकाबले में मौसम अली और जल्लाद पहलवान आमने-सामने थे। मुकाबले को लेकर दर्शकों में पहले से ही खासा उत्साह था। अखाड़े में दोनों पहलवानों ने एक-दूसरे को कड़ी चुनौती दी। शुरुआत से ही मुकाबला रोमांचक रहा। दोनों पहलवानों ने अपनी ताकत और कुश्ती के दांव-पेंच का प्रदर्शन किया। एक-दूसरे को पछाड़ने के लिए दोनों ओर से लगातार प्रयास किए गए। मुकाबले के दौरान दर्शकों की नजरें अखाड़े पर टिकी रहीं। कुछ देर तक दोनों पहलवानों के बीच कड़ा संघर्ष देखने को मिला, लेकिन आखिरकार मौसम अली ने शानदार दांव लगाते हुए जल्लाद पहलवान को पटकनी दे दी। मौसम अली के जीतते ही अखाड़े में मौजूद दर्शकों में उत्साह की लहर दौड़ गई। लोगों ने तालियों और जयकारों के साथ विजेता पहलवान का स्वागत किया।

जीत के बाद अखाड़े में बरसे रुपये

मौसम अली की जीत के बाद समर्थकों और दर्शकों में खासा उत्साह दिखाई दिया। खुशी में लोगों ने अखाड़े में रुपये बरसाकर पहलवान का स्वागत किया। अंतिम कुश्ती के विजेता मौसम अली को 15 हजार रुपये का इनामी पुरस्कार प्रदान किया गया। मुकाबले के बाद पहलवानों और आयोजकों का सम्मान भी किया गया। दंगल के इस अंतिम मुकाबले ने पांच दिवसीय मेले के समापन को खास बना दिया। देर तक दर्शक अखाड़े के आसपास मौजूद रहे और कुश्ती के रोमांच का आनंद लेते रहे।

दशकों पुरानी परंपरा आज भी कायम

खखरेरू में पितृ पक्ष के अवसर पर लगने वाला पांच दिवसीय मेला लंबे समय से क्षेत्र की पहचान बना हुआ है। मेले के साथ आयोजित होने वाला दंगल भी लोगों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहता है। दशकों पुरानी इस परंपरा में आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोग बड़ी संख्या में हिस्सा लेते हैं। मेले में जहां विभिन्न प्रकार की दुकानें और मनोरंजन के साधन लोगों को आकर्षित करते हैं, वहीं अंतिम दिन होने वाला दंगल लोगों के बीच विशेष उत्साह पैदा करता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि समय के साथ मेले का स्वरूप भले ही बदल रहा हो, लेकिन दंगल की परंपरा आज भी उसी उत्साह के साथ जारी है। युवा पीढ़ी भी इस आयोजन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेती है।

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस रही मुस्तैद

मेले और दंगल के दौरान बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी को देखते हुए स्थानीय पुलिस भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर मुस्तैद रही। आयोजन स्थल पर भीड़ को नियंत्रित करने और किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिसकर्मी तैनात रहे। पुलिस की मौजूदगी में दंगल का आयोजन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। दर्शकों ने भी आयोजन के दौरान व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग किया।

जनप्रतिनिधियों और गणमान्य लोगों की रही मौजूदगी

दंगल और मेले के समापन कार्यक्रम में नगर पंचायत अध्यक्ष ज्ञान चंद्र केसरवानी, भाजपा मंडल अध्यक्ष गया पाल, शुभम मिश्रा, प्रशांत केसरवानी समेत नगर पंचायत के सभासद, मेला कमेटी के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में गणमान्य लोग मौजूद रहे। आयोजकों ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग करने वाले लोगों और दर्शकों का आभार जताया। मेले के सफल समापन के बाद स्थानीय लोगों में भी उत्साह देखने को मिला।

ऐतिहासिक मेले का यादगार समापन

पांच दिनों तक चले ऐतिहासिक मेले का अंतिम दिन दंगल के नाम रहा। देश के विभिन्न हिस्सों से आए पहलवानों की मौजूदगी, नेपाल के स्टार पहलवान लकी थापा की भागीदारी और अंतिम मुकाबले में मौसम अली की जीत ने आयोजन को यादगार बना दिया। अंतिम इनामी कुश्ती में मौसम अली द्वारा जल्लाद पहलवान को चित किए जाने के बाद दर्शकों का उत्साह चरम पर पहुंच गया। 15 हजार रुपये की इनामी कुश्ती के साथ दंगल का समापन हुआ और इसके साथ ही खखरेरू का पांच दिवसीय ऐतिहासिक मेला भी संपन्न हो गया। दशकों से चली आ रही यह परंपरा एक बार फिर लोगों को अपनी सांस्कृतिक और खेल विरासत से जोड़ने में सफल रही। दंगल के रोमांच और दर्शकों के उत्साह के बीच मेले का समापन क्षेत्र में चर्चा का विषय बना रहा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here