खखरेरू/फतेहपुर
फतेहपुर के खखरेरू थाना क्षेत्र के चचीडा गांव में मंगलवार को आयोजित मेले में महिलाओं के मंगलसूत्र छिनने के मामले में अब नया मोड़ सामने आया है। घटना के बाद जहां पीड़ित महिलाओं ने भीड़ के बीच मंगलसूत्र छिनैती का आरोप लगाया था, वहीं अब एक पीड़िता ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि पुलिसकर्मियों ने उस पर दबाव बनाकर घटना के संबंध में अपना बयान बदलने को कहा। सोथरापुर गांव निवासी आरती देवी के मुताबिक, मंगलवार शाम वह चचीडा गांव में आयोजित मेले में शामिल होने गई थीं। मेले में काफी भीड़ थी। इसी दौरान उनके गले में पहना मंगलसूत्र कथित तौर पर किसी ने खींच लिया। आरती देवी का कहना है कि घटना के बाद उन्होंने एक अन्य पीड़िता के साथ मंगलसूत्र छिनने की बात कही थी और मामले की जानकारी मीडिया को भी दी थी।
पुलिसकर्मियों पर दबाव बनाने का आरोप
पीड़िता आरती देवी ने आरोप लगाया कि घटना के कुछ समय बाद थाने से कुछ पुलिसकर्मी उनके घर पहुंचे। पीड़िता का दावा है कि पुलिसकर्मियों ने उनसे मंगलसूत्र छिनने की बात नहीं कहने के लिए कहा। आरोप है कि उनसे यह कहने को कहा गया कि मंगलसूत्र मेले में कहीं गिर गया था। आरती देवी के मुताबिक, पुलिसकर्मियों ने उनके बयान का वीडियो भी बनाया। पीड़िता का आरोप है कि वीडियो में उनसे मंगलसूत्र छिनने की बात से इनकार करने और मंगलसूत्र गिर जाने की बात कहने के लिए कहा गया। पीड़िता के इस आरोप के बाद पूरे मामले को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि शुरुआती शिकायत में मंगलसूत्र छिनने की बात सामने आई थी तो बाद में घटना को मंगलसूत्र गिरने की बात के रूप में क्यों बताया गया? हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
मेले की भीड़ में हुई थी घटना
बताया जा रहा है कि चचीडा गांव में मंगलवार को आयोजित मेले में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे। भीड़भाड़ के बीच महिलाओं के साथ मंगलसूत्र छिनने की घटनाओं के आरोप सामने आए। ऐसे आयोजनों में भीड़ का फायदा उठाकर महिलाओं के आभूषण चोरी या छिनने की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। आरती देवी के अनुसार, वह भी मेले में सामान्य रूप से खरीदारी और घूमने के लिए गई थीं। इसी दौरान उन्हें अपने गले में पहना मंगलसूत्र गायब होने की जानकारी हुई। उनका कहना है कि उन्हें संदेह है कि भीड़ के बीच किसी ने उनके गले से मंगलसूत्र खींच लिया। घटना के बाद पीड़ित महिलाओं ने मामले को लेकर अपनी बात रखी। इसके बाद पुलिस की भूमिका को लेकर भी चर्चा शुरू हुई। अब आरती देवी के पुलिस पर बयान बदलवाने के आरोप ने मामले को और गंभीर बना दिया है।
पुलिस पर उठे सवाल
पीड़िता के आरोप के बाद पुलिस की जांच प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। यदि पुलिस के पास घटना से संबंधित शिकायत पहुंची थी तो मामले में किस आधार पर जांच की गई और पीड़िता से क्या बयान लिया गया, यह जांच का विषय है। वहीं, पीड़िता द्वारा पुलिसकर्मियों पर दबाव बनाने का आरोप लगाए जाने के बाद यह भी महत्वपूर्ण हो गया है कि पुलिस इस आरोप पर क्या स्पष्टीकरण देती है। क्या वास्तव में पुलिसकर्मियों ने पीड़िता का वीडियो बनाया था? यदि वीडियो बनाया गया तो उसमें क्या बयान दर्ज किया गया? इन सभी सवालों का जवाब पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
थाना प्रभारी ने कही मुकदमा दर्ज कर जांच की बात
मामले में थाना प्रभारी सतपाल सिंह ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है। पुलिस की ओर से मामले की जांच के संबंध में विस्तृत जानकारी सामने आना अभी बाकी है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों और संबंधित लोगों के बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में अब जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मेले में वास्तव में मंगलसूत्र छिनैती हुई थी या वह कहीं गिर गया था।
आरोपों की पुष्टि जांच के बाद
मामले में पीड़िता द्वारा पुलिस पर लगाए गए आरोप गंभीर हैं, लेकिन इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। इसी तरह मंगलसूत्र छिनैती की घटना को लेकर भी पुलिस जांच जारी है। इसलिए मामले से जुड़े सभी पहलुओं को जांच के निष्कर्ष के आधार पर ही देखा जाना उचित होगा। फिलहाल एक ओर पीड़िता पुलिस पर दबाव बनाकर बयान बदलवाने का आरोप लगा रही है, तो दूसरी ओर पुलिस मुकदमा दर्ज कर जांच किए जाने की बात कह रही है। ऐसे में जांच रिपोर्ट और पुलिस की आधिकारिक कार्रवाई का इंतजार रहेगा।
नोट: पीड़िता द्वारा पुलिस पर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि हमारा समाचार संस्थान नहीं करता है। पुलिस एवं संबंधित पक्ष का आधिकारिक और विस्तृत पक्ष सामने आने पर उसे भी निष्पक्षता एवं प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया जाएगा।















