खखरेरू/फतेहपुर। नगर पंचायत खखरेरू के वार्ड नंबर नौ चंद्रशेखर आजाद नगर मनकापुर में संचालित कान्हा गौशाला की व्यवस्थाओं को लेकर जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स ने कड़ी नाराजगी जताई है। शिकायत मिलने के बाद बुधवार को गौशाला का निरीक्षण करने पहुंचीं जिलाधिकारी को मौके पर कई खामियां मिलीं। व्यवस्थाओं और निर्माण कार्यों में कमियां मिलने पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए सभी आवश्यक सुधार 10 दिन के भीतर पूरा कराने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी के निरीक्षण के दौरान गौशाला में निर्माण कार्यों से लेकर मूलभूत सुविधाओं तक कई स्तर पर अव्यवस्थाएं सामने आईं। टीनशेड के नीचे बिछाया गया खड़ंजा कई स्थानों पर धंसा हुआ मिला। इसके अलावा निर्माण कार्य भी निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया। इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को खड़ंजे की स्थिति तत्काल ठीक कराने और निर्माण कार्य को मानक के अनुसार पूरा कराने के निर्देश दिए।

धंसा मिला खड़ंजा, निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने गौशाला के टीनशेड के नीचे बने खड़ंजे का बारीकी से जायजा लिया। कई जगह खड़ंजा धंसने के कारण जमीन की स्थिति खराब मिली। इससे गौशाला में रहने वाले पशुओं की सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े होते हैं। जिलाधिकारी ने अधिकारियों से निर्माण कार्य से जुड़ी जानकारी लेते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि जहां भी खड़ंजा खराब है, वहां उसे दुरुस्त कराया जाए। उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान देने को कहा, ताकि भविष्य में दोबारा ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो।

बिना मीटर बिजली के इस्तेमाल पर डीएम नाराज

गौशाला में चारा काटने की मशीन के संचालन के लिए बिजली के इस्तेमाल की व्यवस्था की जानकारी लेने के दौरान जिलाधिकारी को बताया गया कि बिजली का उपयोग बिना मीटर के किया जा रहा है। इस पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए व्यवस्था को नियमानुसार कराने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि गौशाला जैसी महत्वपूर्ण सार्वजनिक व्यवस्था में बिजली समेत सभी सुविधाएं नियमों के अनुसार होनी चाहिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर बिजली की व्यवस्था दुरुस्त कराने के निर्देश दिए।

पशु शवदाह स्थल की भी ली जानकारी

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने गौशाला में पशु शवदाह स्थल की व्यवस्था को लेकर भी अधिकारियों से जानकारी ली। उन्होंने पूछा कि पशुओं की मृत्यु की स्थिति में उनके शवों के निस्तारण के लिए क्या व्यवस्था की गई है और प्रस्तावित स्थल की वर्तमान स्थिति क्या है। इसके साथ ही पशु चिकित्सक के सामने बनाए जा रहे अड़गड़ा सहित अन्य निर्माण कार्यों की भी जानकारी ली गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गौशाला में पशुओं के रखरखाव, उपचार, चारे और अन्य आवश्यक सुविधाओं को बेहतर बनाया जाए।

18 लाख रुपये की अस्थायी गौशाला के प्रस्ताव की जांच के आदेश

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने पूर्व में 18 लाख रुपये की लागत से प्रस्तावित अस्थायी गौशाला के निर्माण से संबंधित मामले को भी गंभीरता से लिया। उन्होंने इस पूरे प्रकरण की जांच के आदेश दिए हैं। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अस्थायी गौशाला के प्रस्ताव से संबंधित सभी अभिलेखों, स्वीकृति, निर्माण कार्य और मौके की वास्तविक स्थिति की जांच की जाए। जांच के बाद पूरी रिपोर्ट उनके समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। इस आदेश के बाद अब संबंधित विभागीय अधिकारियों के सामने निर्माण से जुड़े अभिलेख और मौके की स्थिति स्पष्ट करने की जिम्मेदारी होगी। जिलाधिकारी ने जांच में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए।

नवरात्र में प्रस्तावित था गौशाला का उद्घाटन

बताया गया कि कान्हा गौशाला का उद्घाटन नवरात्र के दौरान प्रस्तावित था। हालांकि निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी को कई कार्य अधूरे मिले और गौशाला की व्यवस्थाएं भी संतोषजनक नहीं पाई गईं। निर्माण और व्यवस्थाओं की स्थिति देखने के बाद जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि उद्घाटन अथवा संचालन से पहले गौशाला में सभी आवश्यक कार्य पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि पशुओं के लिए जरूरी सुविधाओं में किसी भी तरह की कमी नहीं रहनी चाहिए।

10 दिन में कमियां दूर करने का अल्टीमेटम

गौशाला में मिली खामियों को लेकर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को 10 दिन का समय दिया है। उन्होंने निर्देशित किया कि इस अवधि में निर्माण कार्यों को दुरुस्त करने के साथ-साथ बिजली, पशु शवदाह स्थल, पशु चिकित्सा से जुड़ी व्यवस्था और अन्य जरूरी सुविधाओं को ठीक किया जाए। जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी को विशेष रूप से निर्देश दिया कि 10 दिन बाद दोबारा कान्हा गौशाला का निरीक्षण किया जाए। दोबारा निरीक्षण के दौरान यह देखा जाएगा कि जिलाधिकारी द्वारा दिए गए निर्देशों का कितना पालन हुआ और गौशाला की व्यवस्थाओं में कितना सुधार आया।

अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ निरीक्षण

जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स के निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी, एसडीएम खागा, तहसीलदार खागा तथा नगर पंचायत खखरेरू के संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने जिलाधिकारी को गौशाला में चल रहे निर्माण कार्यों और वर्तमान व्यवस्थाओं की जानकारी दी। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट किया कि गौशाला में पशुओं के लिए बेहतर और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जाना प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने व्यवस्थाओं में किसी भी तरह की लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदारी तय किए जाने के संकेत भी दिए। फिलहाल जिलाधिकारी के निर्देश के बाद अब संबंधित विभाग और नगर पंचायत के सामने 10 दिन के भीतर गौशाला की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने की चुनौती है। दोबारा होने वाले निरीक्षण में यह साफ होगा कि मौके पर मिली कमियों को कितनी गंभीरता से लिया गया और दिए गए निर्देशों पर कितना अमल हुआ।

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