खखरेरू/फतेहपुर

त्योहारों का सीजन शुरू होते ही खाद्य पदार्थों में मिलावट को लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग की सक्रियता बढ़ गई है। इसी क्रम में फतेहपुर जिले के खखरेरू थाना क्षेत्र के चकिया गांव में मंगलवार दोपहर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने एक कथित गुड़ भट्ठी पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान मौके पर गुड़ तैयार करने में इस्तेमाल की जा रही संदिग्ध सामग्री, चीनी का सीरा और सड़ा-गला गुड़ मिलने की बात सामने आई। भट्ठी परिसर में साफ-सफाई की स्थिति भी बेहद खराब बताई गई। खाद्य विभाग की टीम ने कार्रवाई के दौरान करीब 15 कुंतल संदिग्ध गुड़ को जेसीबी की मदद से नष्ट कराया। इसके अलावा मौके से चार अलग-अलग नमूने लेकर उन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। विभाग का कहना है कि प्रयोगशाला से रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

शिकायत और खबरों के बाद हरकत में आया विभाग

जानकारी के अनुसार चकिया गांव में पिछले कई महीनों से कथित तौर पर ‘स्पेशल देसी गुड़’ तैयार किए जाने की शिकायतें स्थानीय स्तर पर सामने आ रही थीं। ग्रामीणों का आरोप था कि जिस गुड़ को देसी और बेहतर गुणवत्ता वाला बताकर बाजार में भेजा जा रहा था, उसे तैयार करने में संदिग्ध सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसी बीच इस मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर खबरें भी प्रकाशित हुईं। इसके बाद खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने मंगलवार दोपहर संबंधित भट्ठी पर छापेमारी की। टीम के अचानक पहुंचने से मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने वहां गुड़ तैयार करने की प्रक्रिया और इस्तेमाल होने वाली सामग्री का निरीक्षण किया। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, मौके पर कड़ाहों में सड़ा-गला गुड़ और चीनी का सीरा मौजूद मिला। इसके साथ ही भट्ठी परिसर में जगह-जगह गंदगी भी दिखाई दी।

गंदगी के बीच तैयार हो रहा था गुड़!

खाद्य विभाग की कार्रवाई में सबसे गंभीर बात भट्ठी परिसर की साफ-सफाई को लेकर सामने आई। अधिकारियों के अनुसार, गुड़ तैयार करने वाले स्थान पर स्वच्छता के मानकों का पालन होता नहीं दिखाई दिया। परिसर में गंदगी का अंबार मिलने की बात कही गई है। गुड़ जैसे खाद्य पदार्थ के निर्माण में साफ-सफाई और इस्तेमाल होने वाली सामग्री की गुणवत्ता बेहद महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में यदि खाद्य पदार्थ तैयार करने वाली जगह पर गंदगी हो या संदिग्ध कच्चे माल का इस्तेमाल किया जाए तो उसकी गुणवत्ता को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है। हालांकि, मौके पर मिले पदार्थों में किसी विशेष रसायन या अन्य प्रतिबंधित सामग्री की मौजूदगी की अंतिम पुष्टि अभी नहीं हुई है। इसके लिए खाद्य विभाग द्वारा लिए गए नमूनों की प्रयोगशाला जांच महत्वपूर्ण होगी। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि तैयार किया जा रहा गुड़ निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों पर खरा उतरता है या नहीं।

चार नमूने जांच के लिए भेजे

खाद्य सुरक्षा टीम ने कार्रवाई के दौरान कुल चार नमूने एकत्र किए। इन नमूनों को प्रयोगशाला में जांच के लिए भेज दिया गया है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि नमूनों की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई का नेतृत्व कर रहे सहायक आयुक्त खाद्य बीरन सिंह कुशवाहा ने बताया कि टीम ने मौके से चार नमूने लिए हैं। उन्होंने बताया कि संदिग्ध पाए गए लगभग 15 कुंतल गुड़ को जेसीबी की सहायता से नष्ट कराया गया, ताकि इसे बाजार में बिक्री के लिए नहीं भेजा जा सके। अधिकारी के मुताबिक प्रयोगशाला की रिपोर्ट मिलने के बाद यदि नमूने निर्धारित मानकों के विपरीत पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा कानून के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

‘स्पेशल देसी गुड़’ के नाम पर बाजार में बिक्री का आरोप

स्थानीय स्तर पर यह आरोप भी सामने आया है कि तैयार किए जा रहे गुड़ को कथित तौर पर गत्तों में पैक करके आसपास के बाजारों में ‘स्पेशल देसी गुड़’ के नाम से भेजा जाता था। इस संबंध में स्थानीय लोगों द्वारा सवाल उठाए गए हैं। बताया गया है कि संबंधित भट्ठी का संचालन बृजेश कुमार केसरवानी पुत्र चिरौंजी लाल, निवासी सराय अकिल, कौशांबी द्वारा किए जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, इस संबंध में सामने आए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। खाद्य विभाग की जांच और प्रयोगशाला रिपोर्ट के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वास्तव में तैयार किए जा रहे गुड़ में खाद्य मानकों का उल्लंघन हुआ था या नहीं। ऐसे में जांच रिपोर्ट इस पूरे मामले में अहम भूमिका निभाएगी। यदि नमूनों में मिलावट या निर्धारित मानकों का उल्लंघन पाया जाता है तो विभाग द्वारा संबंधित व्यक्ति अथवा प्रतिष्ठान के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।

15 कुंतल गुड़ नष्ट किए जाने से उठे बड़े सवाल

छापेमारी के दौरान करीब 15 कुंतल संदिग्ध गुड़ नष्ट कराया जाना अपने आप में बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। सवाल यह भी है कि यदि इतनी बड़ी मात्रा में गुड़ तैयार कर रखा गया था तो इससे पहले इसका कितना हिस्सा बाजार में पहुंच चुका होगा। स्थानीय लोगों की ओर से यह भी सवाल उठाया जा रहा है कि यदि भट्ठी पिछले कई महीनों से संचालित होने की बात सामने आ रही है तो संबंधित गतिविधियों की निगरानी पहले क्यों नहीं हो सकी। क्या तैयार गुड़ आसपास के बाजारों तक पहुंच रहा था और यदि पहुंच रहा था तो उसकी गुणवत्ता की जांच किस स्तर पर हुई—ये ऐसे सवाल हैं जिनका जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

‘कड़ाहों में उबलता मीठा जहर’ वाली खबर के बाद कार्रवाई

चकिया गांव में कथित तौर पर मिलावटी गुड़ तैयार किए जाने को लेकर पहले से स्थानीय स्तर पर चर्चा थी। इस मामले में ‘कड़ाहों में उबलता मीठा जहर’ शीर्षक से खबर प्रकाशित होने के बाद खाद्य विभाग की कार्रवाई सामने आई। अब विभाग के सामने दो महत्वपूर्ण चुनौतियां हैं। पहली, प्रयोगशाला जांच के माध्यम से यह पता लगाना कि मौके से लिए गए नमूने खाद्य सुरक्षा मानकों पर खरे उतरते हैं या नहीं। दूसरी, यदि नमूने मानकों के विपरीत पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों की जिम्मेदारी तय करते हुए नियमानुसार कार्रवाई करना। इसके साथ ही यह भी महत्वपूर्ण होगा कि यदि जांच में गड़बड़ी साबित होती है तो बाजार में पहले से पहुंच चुके कथित मिलावटी गुड़ की बिक्री को रोकने के लिए विभाग क्या कदम उठाता है।

पुलिस बल भी रहा मौजूद

छापेमारी के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम के साथ पुलिस बल भी मौजूद रहा। कार्रवाई में एफएसओ धीरज कुमार दीक्षित, एफएसओ गणेश चंद्र और एफएसओ देवेश कुमार मिश्रा समेत अन्य अधिकारी और कर्मचारी शामिल रहे। फिलहाल चारों नमूनों को जांच के लिए भेज दिया गया है और अब सभी की नजर प्रयोगशाला रिपोर्ट पर है। रिपोर्ट आने के बाद ही यह तय होगा कि मौके पर तैयार किया जा रहा गुड़ खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप था या उसमें वास्तव में मिलावट अथवा गुणवत्ता संबंधी गंभीर खामी पाई गई। त्योहारों के दौरान मिठाइयों और गुड़ समेत अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में खाद्य विभाग की इस कार्रवाई से यह संदेश जरूर गया है कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और मिलावट को लेकर विभाग निगरानी कर रहा है। हालांकि, चकिया की इस भट्ठी में तैयार गुड़ की वास्तविक गुणवत्ता और कथित मिलावट का सच अब प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगा।

नोट: इस खबर में मिलावट, संदिग्ध सामग्री और भट्ठी संचालन से संबंधित जो आरोप बताए गए हैं, वे उपलब्ध जानकारी/स्थानीय आरोपों पर आधारित हैं। इनकी अंतिम पुष्टि खाद्य विभाग की जांच और प्रयोगशाला रिपोर्ट के बाद ही होगी। संबंधित पक्ष का आधिकारिक पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जा सकता है।

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here