रिपोर्ट/खखरेरू। महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, आत्मविश्वास तथा अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से बुधवार को फतेहपुर जिले के बरयेपुर स्थित श्री साधु शरण सिंह इंटर कॉलेज में मिशन शक्ति अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में खखरेरू थाने की शिवपुरी चौकी के प्रभारी प्रशांत मिश्रा और महिला पुलिसकर्मियों ने करीब एक हजार छात्र-छात्राओं को महिला सुरक्षा, बालिका सशक्तीकरण और आत्मरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। पुलिसकर्मियों ने विद्यार्थियों को बताया कि किसी भी असहज या आपात स्थिति में सतर्क रहना, अपने अधिकारों को समझना और जरूरत पड़ने पर पुलिस की सहायता लेना क्यों जरूरी है। विद्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाने के साथ उनमें आत्मविश्वास और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करना रहा। पुलिसकर्मियों ने छात्र-छात्राओं को प्रेरित किया कि वे किसी भी परेशानी को छिपाने के बजाय विश्वसनीय व्यक्ति, विद्यालय प्रशासन या पुलिस को इसकी जानकारी दें।
महिला सुरक्षा और बालिका सशक्तीकरण पर दिया जोर
कार्यक्रम के दौरान पुलिसकर्मियों ने महिला सुरक्षा और बालिका सशक्तीकरण के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी। छात्राओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और किसी भी प्रकार की परेशानी या असुरक्षा महसूस होने पर उचित सहायता लेने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही छात्र-छात्राओं को यह समझाने का प्रयास किया गया कि सुरक्षित वातावरण बनाने में समाज के प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका महत्वपूर्ण है। पुलिसकर्मियों ने कहा कि सुरक्षा के प्रति जागरूकता केवल किसी एक वर्ग की जिम्मेदारी नहीं है। विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों और समाज के अन्य लोगों को मिलकर ऐसा वातावरण तैयार करना चाहिए, जहां महिलाएं और बालिकाएं बिना भय के शिक्षा प्राप्त कर सकें और अपनी गतिविधियों में भाग ले सकें। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को यह भी बताया गया कि किसी भी समस्या के समय चुप रहने के बजाय सही समय पर मदद मांगना महत्वपूर्ण है। अपनी परेशानी को भरोसेमंद व्यक्ति के सामने रखना और आवश्यक होने पर संबंधित अधिकारियों तक सूचना पहुंचाना सुरक्षा की दिशा में उपयोगी कदम हो सकता है।
आत्मरक्षा और सतर्कता के बताए उपाय
मिशन शक्ति कार्यक्रम के दौरान पुलिसकर्मियों ने छात्र-छात्राओं को आत्मरक्षा के प्रति जागरूक किया। उन्होंने बताया कि किसी संभावित खतरे या असहज परिस्थिति में घबराने के बजाय सतर्क रहना, सुरक्षित स्थान की ओर जाना और आसपास मौजूद भरोसेमंद लोगों से सहायता लेना जरूरी है। विद्यार्थियों को अपनी व्यक्तिगत सुरक्षा को प्राथमिकता देने, अनजान परिस्थितियों में सावधानी बरतने और किसी भी तरह के दबाव या अनुचित व्यवहार की स्थिति में उचित सहायता लेने के लिए प्रेरित किया गया। पुलिसकर्मियों ने इस बात पर भी जोर दिया कि सुरक्षा से संबंधित जानकारी का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को जागरूक और आत्मविश्वासी बनाना है। छात्राओं को बताया गया कि उन्हें अपनी सुरक्षा और सम्मान से जुड़े मामलों में आवाज उठाने का अधिकार है। वहीं छात्र-छात्राओं को दूसरों की सुरक्षा और सम्मान का ध्यान रखने तथा किसी के साथ अनुचित व्यवहार होते देखने पर उचित तरीके से मदद करने की जिम्मेदारी के प्रति भी जागरूक किया गया।
आपात स्थिति में पुलिस की मदद लेने की अपील
कार्यक्रम में आपातकालीन परिस्थितियों में सहायता प्राप्त करने के महत्व पर भी चर्चा हुई। पुलिसकर्मियों ने विद्यार्थियों को समझाया कि किसी खतरे, उत्पीड़न या सुरक्षा संबंधी समस्या की स्थिति में समय रहते पुलिस या संबंधित अधिकारियों को सूचना देनी चाहिए। विद्यार्थियों को अपनी समस्या बताने में संकोच नहीं करने और जरूरत पड़ने पर परिवार के सदस्यों, शिक्षकों या अन्य विश्वसनीय व्यक्तियों की मदद लेने के लिए प्रोत्साहित किया गया। जागरूकता कार्यक्रमों का उद्देश्य यही है कि बच्चे और किशोर-किशोरियां सुरक्षा से जुड़े विषयों को समझें और उचित समय पर सही कदम उठा सकें। मिशन शक्ति जैसे अभियान विद्यालयों में सुरक्षा संबंधी संवाद को बढ़ावा देने का माध्यम बन सकते हैं। इनके जरिए विद्यार्थियों को अधिकारों, जिम्मेदारियों और सहायता प्राप्त करने के उपलब्ध तरीकों के बारे में जानकारी मिलती है। इससे विद्यालयों में सुरक्षित और सहयोगपूर्ण वातावरण तैयार करने में भी मदद मिल सकती है।
प्रधानाचार्य ने पुलिस की पहल की सराहना की
श्री साधु शरण सिंह इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य श्लेष कुमार सिंह ने पुलिस विभाग की इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के बीच सुरक्षा और जागरूकता से जुड़े कार्यक्रम आयोजित करना महत्वपूर्ण है। ऐसे कार्यक्रमों से बच्चों में सुरक्षा के प्रति समझ, आत्मविश्वास और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित होती है। प्रधानाचार्य के अनुसार, शिक्षा का उद्देश्य केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं है। विद्यार्थियों को जीवन में आने वाली परिस्थितियों का सामना करने, अपने अधिकारों को समझने और जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए भी तैयार करना आवश्यक है। इस दृष्टि से पुलिस विभाग की ओर से आयोजित जागरूकता कार्यक्रम उपयोगी साबित हो सकते हैं। विद्यालय परिवार ने विद्यार्थियों को महिला सुरक्षा और बालिका सशक्तीकरण के प्रति जागरूक करने के लिए पुलिस विभाग का आभार जताया। कार्यक्रम में मौजूद शिक्षकों और कर्मचारियों ने भी विद्यार्थियों के बीच सुरक्षा संबंधी जानकारी पहुंचाने के महत्व पर जोर दिया।
शिक्षक और विद्यालय कर्मचारी रहे मौजूद
मिशन शक्ति अभियान के तहत आयोजित इस जागरूकता कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाचार्य श्लेष कुमार सिंह के अलावा पंकज सिंह, ओमप्रकाश बाजपेई, भोला सिंह, पनिश सिंह और गुलाब सिंह सहित विद्यालय के शिक्षक एवं कर्मचारी मौजूद रहे। कार्यक्रम में करीब एक हजार छात्र-छात्राओं की सहभागिता रही। पुलिसकर्मियों ने विद्यार्थियों को महिला सुरक्षा, आत्मरक्षा, बालिका सशक्तीकरण और आपातकालीन सहायता के प्रति जागरूक किया। विद्यालय परिवार ने इस पहल को विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए पुलिस विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया।
जागरूकता से मजबूत होगी सुरक्षा की समझ
बरयेपुर के श्री साधु शरण सिंह इंटर कॉलेज में आयोजित यह कार्यक्रम विद्यार्थियों को सुरक्षा के प्रति सजग बनाने की दिशा में एक प्रयास रहा। महिला सुरक्षा और बालिका सशक्तीकरण जैसे विषयों पर समय-समय पर संवाद होने से विद्यार्थियों को अपने अधिकारों और जिम्मेदारियों को समझने का अवसर मिलता है। कार्यक्रम के माध्यम से पुलिसकर्मियों ने संदेश दिया कि किसी भी समस्या की स्थिति में मदद मांगना कमजोरी नहीं, बल्कि समझदारी है। विद्यार्थियों को अपने आसपास के वातावरण के प्रति सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर उचित सहायता लेने के लिए प्रेरित किया गया। मिशन शक्ति अभियान के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में करीब एक हजार छात्र-छात्राओं को जागरूक करने के साथ विद्यालय और पुलिस के बीच संवाद को भी बढ़ावा मिला। विद्यालय परिवार ने उम्मीद जताई कि इस तरह की पहल विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ाने और सुरक्षित समाज के निर्माण में योगदान देगी।

















