खखरेरू/फतेहपुर। नगर पंचायत खखरेरू में अश्विन मास के पितृ पक्ष के अवसर पर आयोजित पांच दिवसीय पारंपरिक मेले के तीसरे दिन गुरुवार को महिलाओं और बच्चों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से ही मेला परिसर में लोगों की आवाजाही शुरू हो गई थी, जो दोपहर बाद लगातार बढ़ती गई। शाम होते-होते मुख्य मार्ग से लेकर मेला परिसर तक बड़ी संख्या में लोग नजर आए। महिलाओं, किशोरियों और बच्चों की मौजूदगी से पूरा मेला क्षेत्र देर शाम तक चहल-पहल और रौनक से भरा रहा। मेले की वर्षों पुरानी परंपरा के अनुसार शुरुआती दो दिन पुरुषों के लिए मेले का आयोजन किया जाता है। इसके बाद तीसरे दिन से मेले के समापन तक महिलाओं और बच्चों की भागीदारी अधिक रहती है। इसी परंपरा के तहत गुरुवार को मेले के तीसरे दिन आसपास के गांवों और कस्बे से बड़ी संख्या में महिलाएं अपने बच्चों और परिवार के साथ मेला देखने पहुंचीं। लोगों की भारी भीड़ के चलते मेला परिसर में दिनभर उत्साह का माहौल बना रहा।

झूलों पर बच्चों ने उठाया आनंद

मेले में बच्चों के मनोरंजन के लिए विभिन्न प्रकार के झूले लगाए गए हैं। तीसरे दिन बच्चों और किशोरों में झूलों को लेकर खासा उत्साह दिखाई दिया। परिवार के साथ मेला पहुंचे बच्चों ने अपनी पसंद के झूलों का आनंद लिया। कहीं बच्चे झूलों पर बैठे नजर आए तो कहीं अपने अभिभावकों के साथ मेले में घूमते दिखाई दिए। झूला संचालकों के लिए भी तीसरा दिन काफी व्यस्त रहा। बच्चों की भीड़ के कारण झूलों के आसपास लगातार चहल-पहल बनी रही। अभिभावक अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी सतर्क नजर आए। मेले में आने वाले लोगों ने मनोरंजन के साथ-साथ खरीदारी और खानपान का भी आनंद लिया।

घरेलू सामान की दुकानों पर महिलाओं की भीड़

मेले में घरेलू जरूरत और घर-गृहस्थी से जुड़ी वस्तुओं की कई दुकानें लगाई गई हैं। महिलाओं ने इन दुकानों पर पहुंचकर जरूरत के सामान की खरीदारी की। घरेलू उपयोग की वस्तुओं के साथ-साथ विभिन्न प्रकार के सामान और छोटे-मोटे उपयोगी उत्पाद दुकानों पर उपलब्ध रहे। तीसरे दिन महिलाओं की संख्या बढ़ने के साथ इन दुकानों पर भी ग्राहकों की भीड़ बढ़ गई। दुकानदार भी ग्राहकों को सामान दिखाने और उनकी जरूरत के अनुसार वस्तुएं उपलब्ध कराने में व्यस्त नजर आए। मेले में खरीदारी करने आई महिलाओं ने कहा कि मेले में मनोरंजन के साथ घरेलू जरूरत का सामान भी एक ही स्थान पर मिल जाता है, जिससे उन्हें सुविधा होती है।

खानपान की दुकानों पर भी रही रौनक

मेले में खानपान की दुकानों पर भी पूरे दिन लोगों की आवाजाही बनी रही। चाट, पकौड़ी, आइसक्रीम और अन्य खाद्य पदार्थों की दुकानों पर बच्चों और परिवारों की भीड़ दिखाई दी। मेला घूमने आए लोगों ने खरीदारी के साथ खानपान का भी आनंद लिया। बच्चों में आइसक्रीम और अन्य पसंदीदा खाद्य पदार्थों को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला। वहीं बड़े लोग भी मेले में उपलब्ध विभिन्न प्रकार के व्यंजनों का स्वाद लेते नजर आए। शाम के समय खानपान की दुकानों पर भीड़ और बढ़ गई।

खिलौनों की दुकानों पर बच्चों की भीड़

मेले में खिलौनों और बच्चों से संबंधित सामान की दुकानें भी आकर्षण का केंद्र बनी रहीं। रंग-बिरंगे खिलौने देखकर बच्चे अपने माता-पिता से उन्हें खरीदने की मांग करते नजर आए। कई बच्चे खिलौनों की दुकानों पर काफी समय तक रुके रहे। मेले में आने वाले परिवारों के लिए यह आयोजन मनोरंजन और खरीदारी का अवसर भी बन गया। बच्चे जहां झूलों और खिलौनों में व्यस्त रहे, वहीं महिलाएं घरेलू सामान और अन्य वस्तुओं की खरीदारी करती दिखाई दीं।

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस रही सक्रिय

महिलाओं और बच्चों की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया। मेला परिसर और आसपास के प्रमुख स्थानों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती रही। पुलिस बल लगातार भीड़ के बीच गश्त करता रहा और व्यवस्था पर नजर बनाए रखी। भीड़ अधिक होने के कारण पुलिसकर्मियों ने प्रमुख रास्तों और मेला परिसर के आसपास लगातार निगरानी की। महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस की मौजूदगी लगातार बनी रही। मेला प्रशासन की ओर से भी व्यवस्थाओं पर निगरानी रखी गई।

देर शाम तक बनी रही भीड़

तीसरे दिन मेले में सुबह से शुरू हुई लोगों की आवाजाही देर शाम तक जारी रही। जैसे-जैसे दिन ढलता गया, मेले की रौनक और बढ़ती गई। रोशनी से सजे झूले, दुकानों पर खरीदारी करते लोग और खानपान की दुकानों पर जुटी भीड़ ने पूरे मेला क्षेत्र को जीवंत बना दिया। मुख्य मार्ग से लेकर मेला मैदान तक लोगों की चहल-पहल देखने को मिली। परिवार के साथ पहुंचे लोगों ने मेले का आनंद लिया। बच्चों के लिए झूले और खिलौने आकर्षण का केंद्र रहे, जबकि महिलाओं ने खरीदारी का आनंद लिया।

परंपरा और उत्साह का संगम बना मेला

खखरेरू का यह पांच दिवसीय मेला स्थानीय लोगों के लिए केवल मनोरंजन का अवसर नहीं, बल्कि लंबे समय से चली आ रही परंपरा से जुड़ा आयोजन भी है। पितृ पक्ष में आयोजित होने वाले इस मेले में आसपास के क्षेत्र से लोग पहुंचते हैं। तीसरे दिन महिलाओं और बच्चों की बड़ी भागीदारी ने मेले की रौनक को और बढ़ा दिया। मेले में भारी भीड़ के बावजूद पुलिस और मेला प्रशासन की सक्रियता के चलते व्यवस्थाएं बनाए रखने का प्रयास जारी रहा। देर शाम तक महिलाएं, बच्चे और परिवार मेले में घूमते और विभिन्न गतिविधियों का आनंद लेते दिखाई दिए।

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