उन्नाव सफीपुर तहसील में शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में बड़ी संख्या में फरियादी अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। जिलाधिकारी घनश्याम मीना की अध्यक्षता और पुलिस अधीक्षक जयप्रकाश सिंह की मौजूदगी में आयोजित कार्यक्रम में अधिकारियों ने विभिन्न विभागों से संबंधित शिकायतें सुनीं। समाधान दिवस में कुल 201 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 19 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया गया। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि समाधान दिवस में आने वाली प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लिया जाए और उसका निस्तारण निर्धारित समय सीमा के भीतर किया जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि शिकायतों का समाधान केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहे, बल्कि शिकायतकर्ता को वास्तविक और गुणवत्तापूर्ण राहत मिलनी चाहिए।
राजस्व विभाग से सबसे ज्यादा शिकायतें
संपूर्ण समाधान दिवस में सबसे अधिक शिकायतें राजस्व विभाग से संबंधित रहीं। अधिकारियों के अनुसार कुल 201 शिकायतों में राजस्व विभाग की 56 शिकायतें शामिल थीं। इसके बाद पुलिस विभाग से 41, विकास विभाग से 29, विद्युत विभाग से 16, समाज कल्याण विभाग से 13, पूर्ति विभाग से 13, शिक्षा विभाग से 4 और अन्य विभागों से संबंधित 29 शिकायतें प्राप्त हुईं। शिकायतों की संख्या से स्पष्ट रहा कि राजस्व और पुलिस से संबंधित समस्याएं बड़ी संख्या में फरियादियों को तहसील स्तर पर अपनी बात रखने के लिए लेकर पहुंचीं। अधिकारियों ने संबंधित विभागों को शिकायतों के निस्तारण के लिए भेजा।
19 शिकायतों का मौके पर निस्तारण
समाधान दिवस के दौरान प्राप्त कुल 201 शिकायतों में से 19 मामलों का मौके पर ही निस्तारण किया गया। शेष शिकायतों को संबंधित विभागों के अधिकारियों को सौंपते हुए समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए। डीएम ने अधिकारियों से कहा कि शिकायतों को केवल संबंधित विभाग को भेजना ही पर्याप्त नहीं है। उनकी प्रगति की निगरानी भी की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि निर्धारित समय सीमा में शिकायतकर्ता को समाधान मिले। उन्होंने अधिकारियों को शिकायतों के निस्तारण में पारदर्शिता बरतने और शिकायतकर्ता की समस्या को समझकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
शिकायतकर्ता की संतुष्टि पर भी जोर
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिस श्रेणी की शिकायत है, उसका निस्तारण भी उसी श्रेणी में किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी शिकायत को बिना वास्तविक समाधान के निस्तारित दिखाने से समस्या का समाधान नहीं होगा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि कार्रवाई के दौरान शिकायतकर्ता की संतुष्टि को भी ध्यान में रखा जाए। शिकायतों के निस्तारण की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। डीएम ने कहा कि शासन की प्राथमिकता जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान करना है। इसलिए अधिकारियों को शिकायतों के प्रति संवेदनशील रहकर काम करना चाहिए।
भूमि विवाद और अवैध कब्जे के मामलों पर विशेष निर्देश
राजस्व विभाग से बड़ी संख्या में शिकायतें आने के बाद जिलाधिकारी ने भूमि विवाद, जमीन की पैमाइश, अवैध कब्जे और अन्य संवेदनशील मामलों को लेकर अधिकारियों को गंभीरता से कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजस्व संबंधी मामलों में मौके की स्थिति की जांच और आवश्यक अभिलेखों का परीक्षण करने के बाद ही कार्रवाई की जाए। जमीन से जुड़े विवादों में जल्दबाजी के बजाय तथ्यों के आधार पर निष्पक्ष कार्रवाई करने पर जोर दिया गया। अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया कि ऐसे मामलों में अनावश्यक देरी न हो और शिकायतकर्ताओं को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
लापरवाही पर कार्रवाई के निर्देश
समाधान दिवस में डीएम ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनता की शिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि शासन स्तर से भी जनसमस्याओं के समाधान को प्राथमिकता दी जा रही है। अधिकारियों से कहा गया कि प्राप्त शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागीय अधिकारी स्वयं उनकी निगरानी करें। जरूरत पड़ने पर मौके पर जाकर जांच करने और संबंधित पक्षों से जानकारी लेने के बाद समाधान करने के निर्देश दिए गए।
दैवीय आपदा प्रभावित लाभार्थी को चार लाख का चेक
समाधान दिवस के दौरान सेवा संकल्प अभियान के तहत जिलाधिकारी ने दैवीय आपदा से प्रभावित लाभार्थी को चार लाख रुपये का चेक प्रदान किया। चेक प्रदान करते हुए संबंधित लाभार्थी को सरकारी सहायता उपलब्ध कराई गई। इसके अलावा विभिन्न सरकारी योजनाओं से जुड़े लाभार्थियों को भी स्वीकृति प्रमाण पत्र दिए गए। प्रशासन की ओर से बताया गया कि पात्र लाभार्थियों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना भी जनकल्याणकारी व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
आवास और स्वामित्व योजना के लाभार्थियों को प्रमाण पत्र
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी, स्वामित्व योजना और कृषक दुर्घटना योजना के लाभार्थियों को स्वीकृति प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। इन योजनाओं के माध्यम से पात्र लोगों को सरकार की ओर से उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं और सहायता की जानकारी भी दी गई। अधिकारियों ने लाभार्थियों से योजनाओं का निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार लाभ लेने की अपील की। डीएम ने संबंधित विभागीय अधिकारियों से योजनाओं की प्रगति और लाभार्थियों को मिल रहे लाभ के बारे में जानकारी ली।
सरकारी योजनाओं के स्टालों का निरीक्षण
संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान विभिन्न विभागों की ओर से सरकारी योजनाओं, नीतियों और कार्यक्रमों से संबंधित स्टाल लगाए गए थे। जिलाधिकारी ने इन स्टालों का निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों से योजनाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों से पूछा कि संबंधित योजनाओं का लाभ किन लोगों को दिया जा रहा है और पात्र लोगों तक योजनाओं की जानकारी किस तरह पहुंचाई जा रही है। डीएम ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि पात्र लोगों को सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी उपलब्ध कराई जाए और आवेदन की प्रक्रिया में अनावश्यक परेशानी न हो।
अधिकारियों की रही मौजूदगी
समाधान दिवस में तहसील और जिला स्तर के कई अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान एसडीएम सफीपुर फाल्गुनी सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, परियोजना निदेशक तेजवंत सिंह, जिला विकास अधिकारी देव चतुर्वेदी समेत अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने अपने-अपने विभाग से संबंधित शिकायतों को सुना और उनके निस्तारण के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
जनता की समस्याओं के समाधान पर प्रशासन का जोर
संपूर्ण समाधान दिवस का उद्देश्य लोगों को अपनी शिकायतों और समस्याओं को प्रशासन के सामने रखने के लिए एक मंच उपलब्ध कराना है। सफीपुर तहसील में आयोजित इस कार्यक्रम में 201 शिकायतें पहुंचना बताता है कि बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासन के पास पहुंचे। 19 शिकायतों का मौके पर निस्तारण किया गया, जबकि अन्य मामलों को संबंधित अधिकारियों के पास भेजा गया। अब इन शिकायतों के निस्तारण की जिम्मेदारी संबंधित विभागों पर है। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि शिकायतों का समाधान समय सीमा के भीतर किया जाए और कार्रवाई की गुणवत्ता पर भी ध्यान दिया जाए।
निष्कर्ष
सफीपुर तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में 201 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें सबसे अधिक 56 शिकायतें राजस्व विभाग से संबंधित थीं। पुलिस विभाग से 41 और विकास विभाग से 29 शिकायतें आईं। इनमें से 19 शिकायतों का मौके पर निस्तारण किया गया। डीएम घनश्याम मीना ने अधिकारियों को समयबद्ध, निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण समाधान के निर्देश दिए। भूमि विवाद, पैमाइश और अवैध कब्जे जैसे मामलों में गंभीरता से कार्रवाई करने को कहा गया। कार्यक्रम के दौरान दैवीय आपदा प्रभावित लाभार्थी को चार लाख रुपये का चेक देने के साथ विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए। अधिकारियों ने सरकारी योजनाओं से संबंधित स्टालों का भी निरीक्षण किया।














