उन्नाव जिला अस्पताल में नवजात के इलाज के दौरान शुक्रवार को उसके परिजनों के बीच विवाद हो गया। देखते ही देखते कहासुनी ने मारपीट का रूप ले लिया। अस्पताल परिसर में दोनों पक्षों के भिड़ने से कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इस दौरान किसी व्यक्ति ने घटना का वीडियो बना लिया, जो शनिवार को सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। हालांकि वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। मामला सदर कोतवाली क्षेत्र के ईदगाह निवासी एक परिवार से जुड़ा बताया जा रहा है। नवजात की तबीयत खराब होने के बाद उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान बच्चे की हालत गंभीर बनी हुई थी। इसी बीच अस्पताल में मौजूद परिजनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद शुरू हो गया।

इलाज के दौरान परिजनों में शुरू हुई कहासुनी

बताया गया कि नवजात को उपचार के लिए जिला अस्पताल लाया गया था। डॉक्टरों की निगरानी में बच्चे का इलाज चल रहा था। इसी दौरान अस्पताल परिसर में मौजूद परिजनों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। शुरुआत में दोनों पक्षों के बीच बातचीत और आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला। देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि दोनों पक्ष एक-दूसरे से भिड़ गए और हाथापाई शुरू हो गई। अस्पताल में अचानक हुए इस विवाद से वहां मौजूद मरीजों, तीमारदारों और कर्मचारियों के बीच भी हलचल मच गई। कुछ लोगों ने बीच-बचाव करते हुए दोनों पक्षों को अलग कराया। इसके बाद स्थिति को संभाला गया। इसी दौरान किसी व्यक्ति ने मोबाइल फोन से मारपीट की घटना का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया। बाद में यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो सामने आने के बाद अस्पताल में हुई मारपीट को लेकर चर्चा शुरू हो गई।

वायरल वीडियो में दिखाई दे रही मारपीट

सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि यह जिला अस्पताल परिसर में हुई मारपीट का है। वीडियो में कुछ लोग आपस में विवाद करते और हाथापाई करते दिखाई देने की बात कही जा रही है। हालांकि वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि वीडियो में दिखाई दे रहे सभी लोग घटना से जुड़े वही पक्ष हैं या नहीं। ऐसे में वीडियो के आधार पर किसी व्यक्ति की भूमिका को अंतिम रूप से तय नहीं किया जा सकता। घटना के संबंध में पुलिस शिकायत और जांच के बाद ही मारपीट की पूरी परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी।

नवजात की हालत गंभीर, कानपुर रेफर

वहीं दूसरी ओर नवजात की तबीयत को लेकर भी परिवार में चिंता बनी रही। इलाज के दौरान बच्चे की हालत गंभीर बताई गई। चिकित्सकों ने स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर उपचार के लिए कानपुर के हैलट अस्पताल रेफर कर दिया। रेफर किए जाने के बाद परिजन नवजात को लेकर कानपुर चले गए। बच्चे की वर्तमान चिकित्सकीय स्थिति के संबंध में विस्तृत जानकारी जांच और उपचार से संबंधित चिकित्सकीय रिकॉर्ड के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेगी। नवजात की हालत गंभीर होने के बीच परिवार के लोगों के बीच हुआ विवाद मामले को और संवेदनशील बना रहा।

मायके पक्ष ने लगाया जहरीला पदार्थ देने का आरोप

नवजात की मां के मायके पक्ष के लोगों ने आरोप लगाया कि बच्चे को जहरीला पदार्थ दिया गया, जिसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ी। परिजनों की ओर से लगाए गए इस आरोप को लेकर अस्पताल में भी चर्चा रही। हालांकि इस आरोप की फिलहाल स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। डॉक्टरों के अनुसार, जांच के दौरान बच्चे के पेट में अधिक गैस बनने की बात सामने आई थी। ऐसे में बच्चे की तबीयत बिगड़ने की वास्तविक वजह क्या थी, यह चिकित्सकीय जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। केवल परिजनों के आरोप के आधार पर जहरीला पदार्थ दिए जाने की बात को तथ्य के रूप में नहीं माना जा सकता।

मेडिकल जांच के बाद स्थिति होगी स्पष्ट

नवजात को कानपुर रेफर किए जाने के बाद उसके इलाज और जांच से संबंधित रिपोर्ट महत्वपूर्ण हो सकती है। यदि चिकित्सकीय जांच में किसी जहरीले पदार्थ या अन्य कारण की पुष्टि होती है तो उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट हो सकती है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार अस्पताल के डॉक्टरों ने बच्चे की हालत को गंभीर मानते हुए उसे उच्च चिकित्सा सुविधा के लिए रेफर किया। इस मामले में बच्चे की बीमारी और परिजनों के बीच हुए विवाद—दोनों पहलुओं को अलग-अलग देखना जरूरी है। एक ओर नवजात के स्वास्थ्य को लेकर परिवार चिंतित है, वहीं दूसरी ओर अस्पताल परिसर में मारपीट की घटना भी सामने आई है।

अस्पताल में हंगामे से मरीजों में भी बनी असहज स्थिति

जिला अस्पताल में बड़ी संख्या में मरीज और उनके तीमारदार इलाज के लिए पहुंचते हैं। ऐसे स्थान पर अचानक विवाद और मारपीट होने से आसपास मौजूद लोगों के बीच असहज स्थिति पैदा हो सकती है। बताया गया कि दोनों पक्षों के बीच मारपीट शुरू होने के बाद वहां मौजूद लोगों ने हस्तक्षेप कर स्थिति को संभालने का प्रयास किया। कुछ समय बाद दोनों पक्षों को अलग कर दिया गया। अस्पताल प्रशासन की ओर से इस घटना को लेकर क्या कार्रवाई की गई, इसकी स्थिति संबंधित अधिकारियों के बयान के बाद और स्पष्ट हो सकती है।

पुलिस जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर

मारपीट की घटना को लेकर दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे पर आरोप लगाए जाने की बात सामने आई है। यदि पुलिस में शिकायत दर्ज कराई जाती है तो बयान, वीडियो और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर घटना की जांच की जा सकती है। जांच में यह भी देखा जा सकता है कि विवाद की शुरुआत किस बात को लेकर हुई और मारपीट में कौन-कौन लोग शामिल थे। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को भी जांच का हिस्सा बनाया जा सकता है, लेकिन उसकी प्रामाणिकता और पूरी घटना के संदर्भ की पुष्टि आवश्यक होगी। वहीं नवजात को जहरीला पदार्थ दिए जाने के आरोप की पुष्टि भी मेडिकल जांच और संबंधित रिपोर्ट के आधार पर ही हो सकेगी।

परिवार के लिए बच्चे का इलाज सबसे बड़ी चिंता

नवजात की गंभीर हालत के चलते परिवार के सामने इस समय सबसे बड़ी चिंता बच्चे के उपचार की है। जिला अस्पताल से कानपुर रेफर किए जाने के बाद परिजन बेहतर इलाज की उम्मीद में हैलट अस्पताल पहुंचे हैं। घटना के दौरान हुई मारपीट से अलग बच्चे की चिकित्सकीय स्थिति का सही आकलन डॉक्टरों की जांच और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर ही किया जा सकता है। फिलहाल जिला अस्पताल में हुई मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में है, जबकि नवजात के इलाज और लगाए गए आरोपों की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही सामने आएगी।

निष्कर्ष

उन्नाव जिला अस्पताल में नवजात के इलाज के दौरान परिजनों के बीच हुई कहासुनी के बाद मारपीट का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, हालांकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। नवजात की हालत गंभीर होने पर उसे कानपुर के हैलट अस्पताल रेफर किया गया है। मायके पक्ष ने बच्चे को जहरीला पदार्थ दिए जाने का आरोप लगाया है, जबकि अस्पताल के डॉक्टरों के अनुसार जांच में पेट में अधिक गैस बनने की बात सामने आई थी। इसलिए बच्चे की हालत बिगड़ने की वास्तविक वजह और लगाए गए आरोपों की पुष्टि मेडिकल जांच एवं संबंधित रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी। वहीं मारपीट की घटना को लेकर भी पुलिस जांच के बाद ही जिम्मेदारी और कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होगी।

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