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Uttar Pradesh News: सरकार का बड़ा फैसला: 1 जुलाई से महंगा होगा पासपोर्ट, नई फीस लागू

पासपोर्ट (संशोधन) नियम, 2026 लागू होने के साथ 36 और 60 पेज वाले पासपोर्ट की फीस में बढ़ोतरी; तत्काल सेवा भी होगी महंगी।

नई दिल्ली:  केंद्र सरकार ने देशभर के नागरिकों के लिए पासपोर्ट बनवाने और दोबारा जारी कराने की फीस में बढ़ोतरी का फैसला किया है। विदेश मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार पासपोर्ट (संशोधन) नियम, 2026 1 जुलाई 2026 से पूरे देश में लागू होंगे। नई व्यवस्था के तहत सामान्य और तत्काल (Tatkaal) दोनों श्रेणियों में पासपोर्ट शुल्क बढ़ा दिया गया है। सरकार के इस निर्णय के बाद अब नया पासपोर्ट बनवाने या पुराने पासपोर्ट का नवीनीकरण (Re-issue) कराने के लिए नागरिकों को पहले की तुलना में अधिक शुल्क देना होगा। विदेश मंत्रालय का कहना है कि संशोधित शुल्क 1 जुलाई से लागू होगा और उसी के अनुसार आवेदन स्वीकार किए जाएंगे।

36 पेज वाले पासपोर्ट की नई फीस

नई अधिसूचना के अनुसार 36 पेज वाले सामान्य पासपोर्ट या उसके पुनः जारी (Re-issue) कराने के लिए अब ₹2,500 शुल्क देना होगा। जबकि तत्काल सेवा के तहत यही पासपोर्ट बनवाने पर ₹5,000 का शुल्क लिया जाएगा।वर्तमान में 36 पेज वाले सामान्य पासपोर्ट की फीस ₹1,500 है। यानी नई व्यवस्था लागू होने के बाद इसमें ₹1,000 की बढ़ोतरी हो जाएगी।

60 पेज वाले पासपोर्ट की फीस भी बढ़ी

विदेश मंत्रालय ने 60 पेज वाले पासपोर्ट की फीस में भी बढ़ोतरी की है। नई व्यवस्था के तहत 60 पेज वाले सामान्य पासपोर्ट या उसके पुनः जारी कराने के लिए ₹3,500 शुल्क देना होगा। वहीं तत्काल सेवा के माध्यम से आवेदन करने पर ₹6,000 का भुगतान करना होगा। अभी तक 60 पेज वाले पासपोर्ट की फीस ₹2,000 है। नई दर लागू होने के बाद इसमें ₹1,500 की वृद्धि होगी।

तत्काल सेवा होगी और महंगी

जो लोग आपात स्थिति में पासपोर्ट जल्दी बनवाना चाहते हैं, उन्हें अब पहले से अधिक खर्च करना पड़ेगा। सरकार ने तत्काल सेवा के शुल्क में भी उल्लेखनीय वृद्धि की है।

नई दरों के अनुसार:

  • 36 पेज पासपोर्ट (Tatkaal): ₹5,000
  • 60 पेज पासपोर्ट (Tatkaal): ₹6,000

1 जुलाई से लागू होंगे नए नियम

विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि पासपोर्ट (संशोधन) नियम, 2026 1 जुलाई से प्रभावी होंगे। इसके बाद किए जाने वाले सभी नए आवेदन और पुनः जारी (Re-issue) के मामलों में नई फीस लागू होगी। यदि किसी व्यक्ति ने 1 जुलाई से पहले आवेदन कर दिया है, तो उस पर पुरानी शुल्क व्यवस्था लागू हो सकती है। हालांकि अंतिम प्रक्रिया संबंधित पासपोर्ट सेवा केंद्र के नियमों के अनुसार होगी।

क्यों बढ़ाई गई फीस?

अधिसूचना में शुल्क बढ़ाने के कारणों का विस्तृत उल्लेख नहीं किया गया है। हालांकि समय-समय पर प्रशासनिक खर्च, डिजिटल सेवाओं के विस्तार, सुरक्षा मानकों और दस्तावेजों की गुणवत्ता में सुधार को देखते हुए शुल्क में संशोधन किया जाता रहा है।

आवेदकों पर क्या होगा असर?

फीस बढ़ने से उन लोगों पर सीधा आर्थिक प्रभाव पड़ेगा जो नया पासपोर्ट बनवाने या पुराने पासपोर्ट का नवीनीकरण कराने की योजना बना रहे हैं। विशेष रूप से तत्काल सेवा लेने वाले आवेदकों को अब पहले से अधिक राशि खर्च करनी होगी।विशेषज्ञों का मानना है कि यदि किसी व्यक्ति का पासपोर्ट जल्द समाप्त होने वाला है और वह पुरानी शुल्क व्यवस्था का लाभ लेना चाहता है, तो उसे 1 जुलाई से पहले आवेदन प्रक्रिया पूरी करने पर विचार करना चाहिए, यदि यह नियमों के अनुरूप संभव हो।

निष्कर्ष

सरकार द्वारा पासपोर्ट शुल्क में की गई यह बढ़ोतरी 1 जुलाई 2026 से लागू होगी। नई दरों के अनुसार सामान्य और तत्काल दोनों श्रेणियों में पासपोर्ट बनवाना पहले की तुलना में महंगा हो जाएगा। विदेश मंत्रालय ने नागरिकों से नई शुल्क व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए आवेदन करने की अपील की है।

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