खखरेरू/फतेहपुर। थाना क्षेत्र के कनपुरवा गांव के आलमपुर गेरिया इलाके में बिजली विभाग की हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से दो बंदरों की मौत का मामला सामने आया है। घटना के बाद ग्रामीणों में बिजली विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी देखने को मिली। ग्रामीणों और बजरंग दल हिंद के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि खेत के ऊपर से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन काफी नीचे झूल रही है, जिसके चलते हादसा हुआ। बताया गया कि घटना उस समय हुई जब दो बंदर आपस में लड़ते हुए खेत के ऊपर से गुजर रही बिजली की लाइन के संपर्क में आ गए। ग्रामीणों के अनुसार तार जमीन से काफी कम ऊंचाई पर लटक रहे थे। हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने के बाद दोनों बंदरों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। हादसे का मंजर देखकर ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। लोगों ने बिजली विभाग के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि समय रहते झूलते तारों को ठीक करा दिया जाता तो हादसा टाला जा सकता था।
छह महीने से शिकायत का दावा
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इलाके में हाईटेंशन लाइन काफी नीचे झूल रही है और इस संबंध में पिछले करीब छह महीने से बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को जानकारी दी जा रही थी। ग्रामीणों के मुताबिक, खेतों के ऊपर से गुजर रही लाइन को ऊंचा कराने और तारों को ठीक तरीके से कसने की मांग लगातार की गई, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं कराया गया। ग्रामीणों का कहना है कि हाईटेंशन लाइन केवल बंदरों के लिए ही खतरा नहीं है, बल्कि खेतों में काम करने वाले किसानों और आसपास के लोगों की सुरक्षा के लिए भी गंभीर जोखिम बनी हुई है। ग्रामीणों ने आशंका जताई कि यदि समय रहते तारों को ठीक नहीं किया गया तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है। हालांकि, बिजली विभाग की ओर से शिकायतों और कार्रवाई में देरी के संबंध में कोई आधिकारिक बयान इस खबर के तैयार होने तक सामने नहीं आया है। ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि भी नहीं हो सकी है।
हादसे के बाद मौके पर पहुंची भीड़
दो बंदरों की मौत की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंच गए। घटना को लेकर लोगों में आक्रोश था। ग्रामीणों ने बिजली विभाग से मांग की कि क्षेत्र में झूल रही हाईटेंशन लाइन का तत्काल निरीक्षण कराया जाए और उसे सुरक्षित ऊंचाई पर किया जाए। ग्रामीणों का कहना था कि बिजली के तार खेतों के ऊपर से गुजरते हैं और किसान खेती-किसानी के काम से अक्सर इन्हीं स्थानों पर आते-जाते हैं। ऐसे में नीचे झूल रही हाईटेंशन लाइन कभी भी गंभीर हादसे का कारण बन सकती है। लोगों ने विभाग से यह भी मांग की कि क्षेत्र में बिजली के पोल और तारों की स्थिति की जांच कराकर जहां भी तार मानक से कम ऊंचाई पर हैं, उन्हें तत्काल दुरुस्त कराया जाए।
बजरंग दल हिंद के पदाधिकारी पहुंचे
घटना की सूचना मिलने के बाद बजरंग दल हिंद के पदाधिकारी आशीष शुक्ला भी समर्थकों और ग्रामीणों के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटना पर नाराजगी जताते हुए बिजली विभाग से तारों को तत्काल दुरुस्त कराने की मांग की। बताया गया कि मृत बंदरों का सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार भी कराया गया। इस दौरान मौजूद लोगों ने मृत बेजुबान जीवों के प्रति संवेदना व्यक्त की और बिजली विभाग से भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की। आशीष शुक्ला ने आरोप लगाया कि यदि बिजली विभाग ने ग्रामीणों की शिकायतों को समय रहते गंभीरता से लिया होता तो यह घटना टाली जा सकती थी। उन्होंने कहा कि बिजली के हाईटेंशन तारों को सुरक्षित ऊंचाई पर रखना विभाग की जिम्मेदारी है।
ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी
घटना के बाद ग्रामीणों और बजरंग दल हिंद के कार्यकर्ताओं ने बिजली विभाग के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी दी। उनका कहना है कि यदि हाईटेंशन लाइन को तत्काल ठीक नहीं कराया गया तो वे विभाग के खिलाफ बड़ा आंदोलन करेंगे। ग्रामीणों ने कहा कि वर्तमान घटना में दो बेजुबान जानवरों की जान गई है, लेकिन यदि तारों की स्थिति नहीं सुधारी गई तो भविष्य में किसी किसान या राहगीर के साथ भी गंभीर हादसा हो सकता है। ग्रामीणों ने बिजली विभाग के अधिकारियों से मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण करने और समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की है।
सुरक्षा को लेकर उठे सवाल
हाईटेंशन लाइन के जमीन के नजदीक होने की शिकायत के बाद अब बिजली व्यवस्था की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार खेती वाले क्षेत्र में बिजली की 11 हजार वोल्ट की लाइन का कम ऊंचाई पर होना गंभीर जोखिम है। स्थानीय लोगों का कहना है कि खेतों में किसान ट्रैक्टर, कृषि उपकरण और अन्य साधनों के साथ काम करते हैं। ऐसे में यदि बिजली के तार पर्याप्त ऊंचाई पर नहीं हैं तो किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीणों ने विभाग से केवल घटना वाले स्थान पर ही नहीं, बल्कि आसपास के पूरे क्षेत्र में हाईटेंशन लाइनों का निरीक्षण कराने की मांग की है।
विभागीय कार्रवाई का इंतजार
दो बंदरों की मौत के बाद अब ग्रामीण बिजली विभाग की ओर से कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं। लोगों की मांग है कि मौके का निरीक्षण कर तारों को सुरक्षित ऊंचाई पर किया जाए और भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। फिलहाल घटना के बाद ग्रामीणों में नाराजगी है और बिजली विभाग की कार्यशैली को लेकर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बेजुबान जानवरों की मौत को चेतावनी के रूप में लेते हुए विभाग को अब तत्काल कदम उठाना चाहिए। मामले में बिजली विभाग का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हाईटेंशन लाइन की वास्तविक ऊंचाई कितनी थी, क्या पूर्व में कोई शिकायत दर्ज कराई गई थी और तारों को दुरुस्त करने के लिए विभाग की ओर से क्या कार्रवाई की गई।
