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UP News: यूपी बोर्ड का बड़ा फैसला: 70 जिलों के 465 विद्यालयों की मान्यता समाप्त, अभिभावकों और छात्रों के लिए जरूरी सूचना

ब्यूरो चीफ श्रीकीर्ति उपाध्याय

लखनऊ। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UP Board) ने प्रदेश के छात्रों, अभिभावकों और विद्यालय संचालकों के लिए एक बड़ा और महत्वपूर्ण फैसला लिया है। प्रदेश के 70 जिलों के 465 वित्तविहीन विद्यालयों की मान्यता स्वतः समाप्त कर दी गई है। यह कार्रवाई उन विद्यालयों पर की गई है जिन्होंने लगातार दो वर्षों तक कक्षाओं का संचालन नहीं किया या फिर वर्ष 2025 और 2026 की यूपी बोर्ड परीक्षाओं में एक भी परीक्षार्थी शामिल नहीं कराया। यूपी बोर्ड सचिव भगवती सिंह द्वारा जारी सूचना के अनुसार, यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा अधिनियम के प्रावधानों के तहत की गई है। बोर्ड ने सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों (DIOS) को निर्देश दिए हैं कि संबंधित विद्यालयों की सूची का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि विद्यार्थी और अभिभावक किसी भी अमान्य विद्यालय में प्रवेश लेने से बच सकें।

465 विद्यालयों की मान्यता स्वतः समाप्त

यूपी बोर्ड के अनुसार, जिन विद्यालयों ने लगातार दो वर्षों तक शैक्षणिक गतिविधियां नहीं चलाईं या बोर्ड परीक्षा में एक भी छात्र-छात्रा को शामिल नहीं कराया, उनकी मान्यता स्वतः समाप्त मानी जाएगी। बोर्ड का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए यह कदम आवश्यक था। बोर्ड का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखना और फर्जी या निष्क्रिय विद्यालयों पर रोक लगाना भी है।

जिला विद्यालय निरीक्षकों को दिए गए निर्देश

यूपी बोर्ड सचिव ने सभी जिलों के जिला विद्यालय निरीक्षकों (DIOS) को निर्देशित किया है कि संबंधित विद्यालयों की सूची सार्वजनिक की जाए। इसके लिए स्कूलों, शिक्षा विभाग की वेबसाइट, नोटिस बोर्ड और अन्य माध्यमों का उपयोग किया जाए ताकि किसी छात्र का भविष्य प्रभावित न हो।

अभिभावकों और छात्रों के लिए महत्वपूर्ण सलाह

शिक्षा विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि किसी भी विद्यालय में प्रवेश लेने से पहले उसकी मान्यता की स्थिति अवश्य जांच लें। यदि कोई विद्यालय मान्यता समाप्त होने के बावजूद प्रवेश देता है, तो उससे छात्र का भविष्य प्रभावित हो सकता है।

अम्बेडकर नगर जिले के जिन विद्यालयों की मान्यता समाप्त हुई

यूपी बोर्ड द्वारा जारी सूची के अनुसार अम्बेडकर नगर जिले के निम्न विद्यालयों की मान्यता समाप्त की गई है—

इसी प्रकार प्रदेश के अन्य 70 जिलों के विद्यालय भी इस सूची में शामिल हैं।

शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की दिशा में कदम

विशेषज्ञों का मानना है कि निष्क्रिय विद्यालयों की मान्यता समाप्त करने से शिक्षा व्यवस्था अधिक व्यवस्थित होगी। इससे केवल वही विद्यालय संचालित रहेंगे जो वास्तव में छात्रों को शिक्षा उपलब्ध करा रहे हैं और बोर्ड के नियमों का पालन कर रहे हैं।

क्या करें यदि आपका विद्यालय सूची में है?

यदि किसी छात्र का विद्यालय इस सूची में शामिल है तो उसे तुरंत जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय या यूपी बोर्ड से संपर्क कर आगे की प्रक्रिया की जानकारी लेनी चाहिए। अभिभावकों को भी बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए मान्यता प्राप्त विद्यालय में प्रवेश सुनिश्चित करना चाहिए।

यूपी बोर्ड का संदेश

यूपी बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई नियमों के अनुसार की गई है और इसका उद्देश्य छात्रों के हितों की रक्षा करना है। बोर्ड ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सूची का व्यापक प्रचार-प्रसार कर विद्यार्थियों और अभिभावकों को समय रहते जानकारी उपलब्ध कराई जाए।

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