खागा/फतेहपुर। कटोघन हाईवे पर सड़क हादसे में युवक की मौत के मामले में कार्रवाई न होने का आरोप लगाते हुए मृतक के परिजनों ने पुलिस अधीक्षक फतेहपुर से शिकायत की है। परिजनों का कहना है कि हादसे के बाद पुलिस को कथित रूप से दुर्घटना में शामिल मोटरसाइकिल का नंबर उपलब्ध कराया गया था, इसके बावजूद अब तक जिम्मेदार चालक के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। परिवार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। मामला 7 अगस्त 2026 का बताया जा रहा है। कटोघन गांव निवासी सुनील कुमार मिश्रा कटोघन हाईवे पर सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। परिजनों के अनुसार, तेज रफ्तार बुलेट मोटरसाइकिल ने उन्हें टक्कर मार दी थी। हादसे में सुनील के सिर में गंभीर चोट आई। परिजन उन्हें इलाज के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। युवक की मौत के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है। मृतक के परिवार में पत्नी के अलावा दो बेटियां और एक बेटा हैं। परिजनों का कहना है कि परिवार के मुखिया की मौत के बाद उनके सामने आर्थिक और पारिवारिक संकट खड़ा हो गया है।
तेज रफ्तार बुलेट से टक्कर का आरोप
परिजनों के मुताबिक, हादसे के समय सुनील कुमार मिश्रा कटोघन हाईवे पर थे। इसी दौरान तेज रफ्तार से आ रही एक बुलेट मोटरसाइकिल ने उन्हें टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि सुनील गंभीर रूप से घायल हो गए। उनके सिर में गंभीर चोट लगने के बाद परिजनों और आसपास के लोगों ने उन्हें उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। लेकिन इलाज के दौरान उनकी हालत बिगड़ गई और उनकी मौत हो गई। हादसे के बाद परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का कहना है कि घटना के बाद उन्हें उम्मीद थी कि पुलिस दुर्घटना के जिम्मेदार वाहन चालक की पहचान कर उसके खिलाफ कार्रवाई करेगी।
मौके से भागने का आरोप
परिजनों का कहना है कि हादसे के बाद हाईवे से गुजर रहे उनके कुछ परिचितों ने बुलेट सवार को रोकने का प्रयास किया था। आरोप है कि मोटरसाइकिल चालक मौके पर रुकने के बजाय तेज रफ्तार से वहां से भाग निकला। परिचितों द्वारा मोटरसाइकिल का नंबर नोट किए जाने का दावा किया गया है। परिजनों के अनुसार, वाहन का नंबर UP 71 BM 9173 पुलिस को उपलब्ध कराया गया। परिवार का कहना है कि वाहन नंबर मिलने के बाद पुलिस के लिए संबंधित वाहन और उसके स्वामी तक पहुंचना संभव था। इसी उम्मीद में परिजनों ने खागा थाने में तहरीर देकर घटना की जानकारी दी और कार्रवाई की मांग की।
वाहन स्वामी को हिरासत में लेने का दावा
शिकायतकर्ता का आरोप है कि मामले के विवेचक ने दुर्घटना में शामिल बताए जा रहे वाहन के स्वामी को हिरासत में लिया था। हालांकि, परिजनों का दावा है कि बाद में उसे बिना प्रभावी कार्रवाई के छोड़ दिया गया। परिजनों ने आरोप लगाया कि राजनीतिक दबाव के चलते कार्रवाई प्रभावित हुई। इस आरोप की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया भी खबर लिखे जाने तक सामने नहीं आई है। परिवार का कहना है कि यदि पुलिस ने वाहन स्वामी को हिरासत में लिया था तो मामले की जांच को आगे बढ़ाते हुए चालक की पहचान और उसकी भूमिका स्पष्ट की जानी चाहिए थी।
निष्पक्ष जांच की मांग
मृतक के परिजनों ने अब पुलिस अधीक्षक फतेहपुर से मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि हादसे की परिस्थितियों, मोटरसाइकिल के नंबर और चालक की पहचान की जांच कर सच्चाई सामने लाई जाए। परिजनों की मांग है कि यदि जांच में संबंधित चालक की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाए। परिवार का कहना है कि सुनील की मौत के बाद उनके छोटे बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया है। ऐसे में उन्हें न्याय मिलना जरूरी है।

परिवार के सामने आर्थिक संकट
परिजनों के मुताबिक, सुनील परिवार के महत्वपूर्ण सदस्य थे। उनकी मौत के बाद पत्नी और तीन बच्चों के सामने भविष्य को लेकर कई तरह की चिंताएं खड़ी हो गई हैं। मृतक के पीछे पत्नी, दो बेटियां और एक बेटा हैं। परिवार का कहना है कि अचानक हुई मौत ने उन्हें मानसिक आघात के साथ आर्थिक संकट में भी डाल दिया है। परिजन चाहते हैं कि सड़क हादसे की निष्पक्ष जांच हो और यदि किसी की लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
पुलिस की जांच पर परिजनों की नजर
मामले में अब पुलिस की जांच महत्वपूर्ण हो गई है। दुर्घटना में शामिल वाहन के नंबर के आधार पर वाहन स्वामी की जानकारी, चालक की पहचान, घटनास्थल के आसपास मौजूद लोगों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच से घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकती है। इसके अलावा, यदि हादसे के समय आसपास कोई सीसीटीवी कैमरा मौजूद था तो उसके फुटेज की जांच भी घटना के क्रम को समझने में मदद कर सकती है। परिजनों का आरोप है कि हादसे के बाद पर्याप्त कार्रवाई नहीं हुई। वहीं, पुलिस की ओर से मामले की वर्तमान स्थिति को लेकर खबर लिखे जाने तक कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
एसपी से कार्रवाई की उम्मीद
स्थानीय स्तर पर कार्रवाई से संतुष्ट नहीं होने का आरोप लगाते हुए परिवार ने अब पुलिस अधीक्षक के सामने अपनी बात रखी है। प्रार्थनापत्र के माध्यम से परिजनों ने मामले की दोबारा निष्पक्ष जांच कराने, जिम्मेदार चालक की पहचान करने और उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। परिजनों का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी निर्दोष व्यक्ति को परेशान करना नहीं, बल्कि हादसे की वास्तविकता सामने लाना और जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित कराना है। अब देखना होगा कि एसपी स्तर से शिकायत पर क्या कार्रवाई की जाती है और जांच में हादसे की जिम्मेदारी किसकी सामने आती है।
फिलहाल मामले में परिजनों द्वारा लगाए गए आरोप जांच का विषय हैं। वाहन चालक की भूमिका, हादसे की वास्तविक परिस्थितियां और पुलिस कार्रवाई की स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। खबर लिखे जाने तक किसी उच्च अधिकारी से संपर्क नहीं हो पाया।















