Kanpur News: 43 दिन की फरारी खत्म: महंत पर हमले के आरोपी गैंगस्टर अजय ठाकुर गिरफ्तार

रतनलाल नगर से पुलिस ने दबोचा, गिरफ्तारी के दौरान एनकाउंटर की आशंका जताते हुए बोला मुझे कुछ हुआ तो जिम्मेदार ये लोग होंगे

डेस्क रिपोर्ट

कानपुर। रावतपुर क्षेत्र स्थित त्रिलोकी धाम आश्रम के महंत पर हमले के बहुचर्चित मामले में पिछले 43 दिनों से फरार चल रहे गैंगस्टर अजय ठाकुर को शनिवार दोपहर कानपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसे रतनलाल नगर क्षेत्र में एक कार वॉशिंग सेंटर के पास से घेराबंदी कर पकड़ा। गिरफ्तारी के दौरान अजय ठाकुर ने कथित तौर पर एनकाउंटर की आशंका जताते हुए जोर-जोर से कहा कि अगर मुझे कुछ हुआ तो इसके जिम्मेदार ये लोग होंगे। इसके बाद पुलिस उसे अपने साथ लेकर चली गई। अजय ठाकुर की गिरफ्तारी उस मामले में हुई है, जिसमें 29 अप्रैल को केशवपुरम स्थित त्रिलोकी धाम आश्रम के महंत रविकांत शुक्ला उर्फ भोला गिरी पर जानलेवा हमला किया गया था। इस घटना के बाद से पुलिस लगातार उसकी तलाश कर रही थी। हालांकि फरार रहने के दौरान भी अजय ठाकुर सोशल मीडिया पर सक्रिय रहा और कई वीडियो पोस्ट करता रहा, जिससे पुलिस पर उसकी गिरफ्तारी को लेकर लगातार सवाल उठ रहे थे।

रतनलाल नगर से हुई गिरफ्तारी

पुलिस सूत्रों के अनुसार शनिवार दोपहर सूचना मिली कि अजय ठाकुर रतनलाल नगर क्षेत्र में एक कार वॉशिंग सेंटर के पास मौजूद है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम सक्रिय हुई और इलाके की घेराबंदी कर उसे बिना किसी बड़ी झड़प के हिरासत में ले लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गिरफ्तारी के दौरान अजय ठाकुर ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कथित तौर पर एनकाउंटर की आशंका जताई और सार्वजनिक रूप से कहा कि यदि उसके साथ कोई अप्रिय घटना होती है तो इसके लिए कुछ लोग जिम्मेदार होंगे। इस बयान का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। हालांकि पुलिस की ओर से इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।

महंत पर हमले का क्या है मामला?

यह पूरा मामला 29 अप्रैल का है। केशवपुरम स्थित राणा प्रताप नगर के त्रिलोकी धाम आश्रम के महंत रविकांत शुक्ला उर्फ भोला गिरी ने आरोप लगाया था कि अजय ठाकुर अक्सर आश्रम के पास रहने वाली एक छात्रा से मिलने आता था। महंत ने कई बार इसका विरोध किया, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ता गया। महंत के मुताबिक, घटना वाले दिन अजय ठाकुर अपने कुछ साथियों के साथ आश्रम पहुंचा। गेट खुलते ही उसने हमला कर दिया। जान बचाने के लिए उन्हें आश्रम के एक कमरे में छिपना पड़ा। आरोप है कि हमलावरों ने बाहर से पथराव भी किया और आश्रम परिसर में दहशत का माहौल बना दिया। घटना के बाद पुलिस ने महंत की शिकायत पर अजय ठाकुर, उसकी कथित गर्लफ्रेंड और उसकी मां के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। इसके बाद से अजय फरार चल रहा था।

33 आपराधिक मुकदमे दर्ज

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार गैंगस्टर अजय ठाकुर के खिलाफ हत्या के प्रयास, मारपीट, धमकी, गैंगस्टर एक्ट सहित कुल 33 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस का दावा है कि वह लंबे समय से आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय रहा है और उसके खिलाफ कई गंभीर मामलों में कार्रवाई चल रही है। इसी वजह से उसकी गिरफ्तारी पुलिस के लिए एक महत्वपूर्ण सफलता मानी जा रही है।

फरारी के दौरान भी सोशल मीडिया पर सक्रिय

सबसे दिलचस्प बात यह रही कि फरार रहने के बावजूद अजय ठाकुर सोशल मीडिया पर लगातार सक्रिय रहा। बताया जा रहा है कि पिछले 43 दिनों में उसने कई वीडियो और रील साझा कीं। इन वीडियो में वह लग्जरी गाड़ियों के काफिले, स्टंटबाजी और अपने समर्थकों के साथ सार्वजनिक स्थानों पर दिखाई देता रहा। सोशल मीडिया पर उसकी मौजूदगी को लेकर लोगों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए कि जब आरोपी खुलेआम वीडियो पोस्ट कर रहा था तो उसकी गिरफ्तारी में इतना समय क्यों लगा। हालांकि पुलिस का कहना है कि आरोपी लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था और उसकी गिरफ्तारी के लिए कई टीमें लगाई गई थीं।

मां ने जताई फर्जी एनकाउंटर की आशंका

अजय ठाकुर की गिरफ्तारी की खबर मिलते ही उसकी मां रावतपुर थाने पहुंचीं। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर बेटे के साथ दुर्व्यवहार का आरोप लगाया और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की। उन्होंने यह भी आशंका जताई कि उनके बेटे का फर्जी एनकाउंटर किया जा सकता है। इस संबंध में उन्होंने पुलिस अधिकारियों से कानूनी प्रक्रिया का पालन करने और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की मांग की। पुलिस की ओर से फिलहाल इस आरोप पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

आगे क्या होगी कार्रवाई?

पुलिस अब अजय ठाकुर से पूछताछ कर रही है। संभावना है कि पूछताछ के दौरान महंत पर हमले में शामिल अन्य आरोपियों, फरारी के दौरान मदद करने वालों और सोशल मीडिया गतिविधियों से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जाएगी। इसके अलावा पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास करेगी कि फरारी के दौरान उसे किसने संरक्षण दिया और वह लगातार पुलिस की पकड़ से कैसे बचता रहा।

जांच जारी

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की विवेचना जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं, अजय ठाकुर द्वारा गिरफ्तारी के दौरान दिए गए कथित बयान और उसकी मां द्वारा लगाए गए आरोपों की भी जांच की जा सकती है। फिलहाल पुलिस ने कानून के तहत कार्रवाई जारी रखने की बात कही है।

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