खखरेरू/फतेहपुर। नगर पंचायत खखरेरू में बुनियादी नागरिक सुविधाओं को लेकर जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। थाना परिसर के पास स्थित सामुदायिक शौचालय में ताला लगा होने के कारण आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खासतौर पर इन दिनों नगर पंचायत क्षेत्र में पांच दिवसीय मेला आयोजित होने के कारण आसपास के गांवों और क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। ऐसे में सार्वजनिक शौचालय बंद मिलने से महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है। शुक्रवार को मेले में पहुंचे लोगों ने थाना परिसर के पास स्थित सामुदायिक शौचालय के बाहर ताला लगा देखा। मेले के आसपास बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी के बावजूद शौचालय का इस्तेमाल नहीं हो पाने से लोगों को सार्वजनिक सुविधा के लिए इधर-उधर भटकना पड़ा। मेले में आने वाले परिवारों के सामने यह समस्या विशेष रूप से दिखाई दी।
मेले में बढ़ी सार्वजनिक सुविधा की जरूरत
खखरेरू नगर पंचायत क्षेत्र में इन दिनों पांच दिवसीय मेला चल रहा है। मेले में स्थानीय लोगों के अलावा आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। दिनभर मेला परिसर और उसके आसपास लोगों की आवाजाही बनी रहती है। महिलाओं और बच्चों की संख्या भी काफी अधिक रहती है। ऐसे में सार्वजनिक शौचालय जैसी मूलभूत सुविधा की जरूरत सामान्य दिनों की तुलना में कहीं अधिक बढ़ जाती है। लोगों का कहना है कि मेला स्थल के आसपास सार्वजनिक शौचालय उपलब्ध होने और उसके नियमित रूप से खुले रहने से बाहर से आने वाले लोगों को सुविधा मिल सकती है। लेकिन शौचालय पर ताला लगा होने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
महिलाओं और बच्चों को सबसे अधिक परेशानी
मेले में बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे अपने परिवार के साथ पहुंच रहे हैं। सार्वजनिक शौचालय बंद होने से महिलाओं और बच्चों के सामने विशेष परेशानी खड़ी हो रही है। दूर-दराज से आने वाले लोगों को सुविधा के अभाव में इधर-उधर जाना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं और बच्चों की सुविधा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। मेले के दौरान जब हजारों की संख्या में लोग एक स्थान पर पहुंचते हैं, तब शौचालय जैसी बुनियादी सुविधा का उपलब्ध रहना जरूरी हो जाता है।
थाने आने वाले फरियादियों को भी परेशानी
सामुदायिक शौचालय थाना परिसर के पास स्थित है। ऐसे में थाने में अपनी शिकायत या फरियाद लेकर पहुंचने वाले लोगों के लिए भी यह सुविधा उपयोगी हो सकती है। दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों से अपनी समस्याएं लेकर थाना पहुंचने वाले फरियादियों को भी सार्वजनिक शौचालय बंद होने के कारण परेशानी उठानी पड़ रही है। लोगों का कहना है कि थाना, बाजार और मेला क्षेत्र जैसे सार्वजनिक स्थानों के आसपास नागरिक सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए। यदि किसी सार्वजनिक सुविधा का निर्माण आम लोगों के इस्तेमाल के लिए किया गया है तो उसका नियमित संचालन भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
तीन वर्ष पूर्व बनी थी नगर पंचायत
स्थानीय लोगों के अनुसार करीब तीन वर्ष पहले खखरेरू को नगर पंचायत का दर्जा मिलने के बाद कस्बे में नागरिक सुविधाओं के बेहतर होने की उम्मीद जगी थी। लोगों को उम्मीद थी कि नगर पंचायत बनने के बाद सफाई, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और सार्वजनिक सुविधाओं में सुधार होगा। हालांकि, सामुदायिक शौचालय में लंबे समय से ताला लगे होने की स्थिति सामने आने के बाद स्थानीय लोग व्यवस्था को लेकर सवाल उठा रहे हैं। लोगों का कहना है कि केवल शौचालय का निर्माण कर देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसकी नियमित सफाई, रखरखाव और संचालन भी जरूरी है।
नियमित संचालन और सफाई की मांग
स्थानीय नागरिकों ने नगर पंचायत प्रशासन से सामुदायिक शौचालय को नियमित रूप से खुलवाने और उसकी साफ-सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि शौचालय में पानी, सफाई और अन्य आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध रहनी चाहिए, ताकि इसका उपयोग करने वालों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। मेले के दौरान इस समस्या को लेकर लोगों की चिंता और बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि मेले में आने वाली भीड़ को देखते हुए प्रशासन को पहले से ही अतिरिक्त व्यवस्थाएं करनी चाहिए थीं। यदि मेला कई दिनों तक चल रहा है तो सार्वजनिक सुविधाओं की नियमित निगरानी भी जरूरी है।
नगर पंचायत अध्यक्ष ने दी जानकारी
सामुदायिक शौचालय में ताला लगे होने के संबंध में नगर पंचायत अध्यक्ष ज्ञानचंद केसरवानी से संपर्क किया गया। उन्होंने बताया कि उन्हें सामुदायिक शौचालय में ताला लगे होने की जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि शौचालय बंद है तो उसे जल्द खुलवाया जाएगा। नगर पंचायत अध्यक्ष के इस आश्वासन के बाद अब लोगों को उम्मीद है कि सामुदायिक शौचालय को जल्द ही आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा और इसकी नियमित सफाई एवं रखरखाव की व्यवस्था की जाएगी।
अब कार्रवाई का इंतजार
मेले में बढ़ती भीड़ के बीच सार्वजनिक शौचालय की समस्या सामने आने के बाद अब लोगों की नजर नगर पंचायत प्रशासन की कार्रवाई पर है। स्थानीय नागरिक चाहते हैं कि शौचालय केवल कागजों पर उपलब्ध न रहे, बल्कि जरूरत के समय आम लोगों के लिए वास्तव में खुला मिले। विशेषकर महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की सुविधा को देखते हुए मेले के दौरान सार्वजनिक शौचालय का नियमित संचालन महत्वपूर्ण है। लोगों का कहना है कि प्रशासन को मेला समाप्त होने के बाद भी इस सुविधा को नियमित रूप से संचालित करना चाहिए, ताकि कस्बे में आने वाले फरियादियों, राहगीरों और स्थानीय नागरिकों को भविष्य में परेशानी न उठानी पड़े। फिलहाल नगर पंचायत अध्यक्ष की ओर से शौचालय खुलवाने का आश्वासन दिया गया है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस समस्या का समाधान कितनी जल्दी करता है और सामुदायिक शौचालय को नियमित रूप से आम जनता के उपयोग के लिए उपलब्ध कराया जाता है।















