खखरेरू/फतेहपुर। क्षेत्र के मनकापुर गांव स्थित प्रसिद्ध कुटी बाबा परिसर में आयोजित ऐतिहासिक दो दिवसीय मेले एवं दंगल का मंगलवार को धूमधाम और उत्साह के साथ समापन हो गया। मेले के अंतिम दिन आयोजित विशाल दंगल में दूर-दराज के विभिन्न स्थानों से पहुंचे नामी पहलवानों ने अखाड़े में अपने दमखम और कुश्ती के हुनर का प्रदर्शन किया। रोमांचक मुकाबलों को देखने के लिए आसपास के गांवों के साथ-साथ दूर-दराज से भी बड़ी संख्या में दर्शक पहुंचे। दंगल में राजस्थान, पंजाब, हरिद्वार, बांदा समेत कई स्थानों से आए पहलवानों ने एक-दूसरे को कड़ी चुनौती दी। अखाड़े में जैसे ही पहलवानों की जोड़ी उतरी, दर्शकों में उत्साह बढ़ गया। मुकाबले के दौरान पहलवानों ने दांव-पेंच और जोर-आजमाइश से दर्शकों का खूब मनोरंजन किया। कई मुकाबले काफी देर तक चले और पहलवानों की ताकत व तकनीक का शानदार प्रदर्शन देखने को मिला।
11 हजार की फाइनल कुश्ती में फैजल गनी ने मारी बाजी
दंगल का सबसे बड़ा आकर्षण 11 हजार रुपये की इनामी फाइनल कुश्ती रही। यह मुकाबला राजस्थान के पहलवान मनीष और बांदा के पहलवान फैजल गनी के बीच हुआ। दोनों पहलवानों के अखाड़े में उतरते ही दर्शकों की निगाहें मुकाबले पर टिक गईं। शुरुआत से ही दोनों पहलवानों ने एक-दूसरे पर बढ़त बनाने का प्रयास किया। मनीष और फैजल गनी के बीच काफी देर तक कांटे की टक्कर देखने को मिली। दोनों ने कई दांव-पेंच आजमाए और एक-दूसरे को पटखनी देने का प्रयास किया। मुकाबले के दौरान दर्शक लगातार तालियां बजाकर दोनों पहलवानों का उत्साह बढ़ाते रहे। आखिरकार बांदा के पहलवान फैजल गनी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए राजस्थान के पहलवान मनीष को पटखनी देकर 11 हजार रुपये की फाइनल कुश्ती अपने नाम कर ली। फैजल गनी की जीत के बाद अखाड़े के आसपास मौजूद दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ उनका उत्साह बढ़ाया।
5100 रुपये की कुश्ती में बाबा भगत दास विजयी
दंगल की दूसरी प्रमुख कुश्ती पंजाब के पहलवान अंगद और हरिद्वार के बाबा भगत दास के बीच हुई। इस मुकाबले में भी दोनों पहलवानों के बीच जबरदस्त जोर-आजमाइश देखने को मिली। दोनों ने अखाड़े में अपनी तकनीक और ताकत का प्रदर्शन किया। मुकाबले के दौरान बाबा भगत दास ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अंगद को पछाड़ दिया और 5100 रुपये की कुश्ती अपने नाम कर ली। उनकी जीत पर भी दर्शकों ने तालियां बजाकर उनका उत्साहवर्धन किया।
पुरानी परंपरा को आगे बढ़ा रहा मेला
मेला एवं दंगल समिति के अध्यक्ष आलोक यादव ने बताया कि मनकापुर कुटी बाबा का मेला और दंगल खागा तहसील के ऐतिहासिक आयोजनों में शामिल है। उन्होंने बताया कि यह आयोजन पूर्वजों के समय से लगातार आयोजित होता आ रहा है। मेले और दंगल के माध्यम से क्षेत्र की पुरानी परंपरा और ग्रामीण संस्कृति को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जाता है। उन्होंने कहा कि हर वर्ष आयोजित होने वाले इस मेले में आसपास के क्षेत्रों के लोग बड़ी संख्या में शामिल होते हैं। दंगल में विभिन्न स्थानों से पहलवानों के पहुंचने के कारण आयोजन का आकर्षण और बढ़ जाता है। ग्रामीण क्षेत्र में कुश्ती की परंपरा को जीवित रखने में ऐसे आयोजनों की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है।
दंगल का पहलवान हनुमत सिंह ने कराया संचालन
दंगल का संचालन पहलवान हनुमत सिंह ने किया। उनके निर्देशन में अलग-अलग वर्गों के पहलवानों के बीच मुकाबले कराए गए। अखाड़े में उतरे पहलवानों ने खेल भावना के साथ अपना प्रदर्शन किया और दर्शकों को रोमांचक मुकाबले देखने को मिले। दंगल के दौरान उद्घोषकों द्वारा पहलवानों का परिचय और मुकाबलों की जानकारी दर्शकों को दी जाती रही। जैसे-जैसे मुकाबले आगे बढ़ते गए, दर्शकों का उत्साह भी बढ़ता गया।
मेले में जुटी रही लोगों की भीड़
दो दिवसीय मेले के दौरान मनकापुर कुटी बाबा परिसर में लोगों की काफी भीड़ देखने को मिली। ग्रामीण क्षेत्रों से परिवार के साथ पहुंचे लोगों ने मेले का आनंद लिया। दंगल आयोजन मेले का प्रमुख आकर्षण रहा। बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों में भी कुश्ती मुकाबलों को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। अंतिम दिन फाइनल मुकाबलों को देखने के लिए अखाड़े के आसपास बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। पहलवानों के प्रत्येक दांव पर दर्शकों की तालियां और उत्साह देखने को मिला।
जनप्रतिनिधियों और क्षेत्रीय लोगों की रही मौजूदगी
आयोजन में मुख्य अतिथि नगर पंचायत अध्यक्ष ज्ञान चंद्र केसरवानी, संगीता राज पासवान, रामतीरथ परमहंस, नरेश कोरी, मंडेला प्रधान, अर्जुन यादव और देवेंद्र यादव समेत बड़ी संख्या में क्षेत्रीय लोग मौजूद रहे। अतिथियों और आयोजन समिति के सदस्यों ने पहलवानों का उत्साहवर्धन किया। विजेता पहलवानों को पुरस्कार और सम्मान दिए गए। आयोजकों ने सफल आयोजन के लिए क्षेत्रीय लोगों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।
सुरक्षा व्यवस्था के रहे इंतजाम
मेले और दंगल में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था के लिए स्थानीय पुलिस बल भी तैनात रहा। पुलिसकर्मियों ने आयोजन स्थल पर भीड़ को नियंत्रित करने और किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए व्यवस्था संभाली। दंगल के सफल समापन के साथ ही मनकापुर कुटी बाबा के दो दिवसीय ऐतिहासिक मेले का समापन हुआ। आयोजन समिति ने कहा कि क्षेत्र की इस पुरानी परंपरा को आने वाले वर्षों में भी इसी उत्साह और भव्यता के साथ जारी रखा जाएगा।
मुख्य बातें
- मनकापुर कुटी बाबा के दो दिवसीय मेले का समापन।
- अंतिम दिन हुआ विशाल दंगल।
- राजस्थान, पंजाब, हरिद्वार और बांदा समेत कई स्थानों से पहुंचे पहलवान।
- 11 हजार रुपये की फाइनल कुश्ती फैजल गनी ने जीती।
- राजस्थान के मनीष को फैजल गनी ने दी पटखनी।
- 5100 रुपये की कुश्ती बाबा भगत दास के नाम।
- दंगल का संचालन पहलवान हनुमत सिंह ने किया।
- बड़ी संख्या में दर्शक और क्षेत्रीय लोग रहे मौजूद।
- सुरक्षा के लिए स्थानीय पुलिस बल रहा तैनात।















