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Fatehpur News: 24 घंटे बाद SDRF ने नदी से बरामद किया लापता युवक का शव, मूर्ति विसर्जन के दौरान तेज बहाव में बह गया था मनीष

पत्नी और तीन बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल, घटनास्थल से करीब एक किलोमीटर दूर मिला शव; पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेजा. दुर्गेश कुमार मिश्रा की रिपोर्ट

खखरेरू/फतेहपुर। ससुर खदेरी नदी में मूर्ति विसर्जन के दौरान तेज बहाव में बहकर लापता हुए युवक मनीष का शव करीब 24 घंटे बाद एसडीआरएफ ने बरामद कर लिया। शनिवार को लखनऊ से पहुंची 16 सदस्यीय टीम ने करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद घटनास्थल से लगभग एक किलोमीटर दूर शव खोज निकाला। शव मिलते ही परिवार में मातम पसर गया।

मूर्ति विसर्जन के दौरान नदी में बहा मनीष

शुक्रवार सुबह करीब 11:30 बजे दरियापुर गांव के पास मूर्ति विसर्जन कार्यक्रम चल रहा था। इसी दौरान मनीष नदी के गहरे पानी में चला गया। तेज बहाव की चपेट में आने के बाद वह पानी में बह गया। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर मौजूद लोगों ने शोर मचाया और पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस और स्थानीय गोताखोरों ने नदी में युवक की तलाश शुरू की।

सात घंटे तक तलाश, लेकिन नहीं मिला सुराग

स्थानीय पुलिस और क्षेत्रीय गोताखोरों ने करीब सात घंटे तक नदी में सर्च ऑपरेशन चलाया। नदी के कई हिस्सों में तलाश की गई, लेकिन मनीष का कोई पता नहीं चल सका। अंधेरा होने के बाद रेस्क्यू अभियान रोकना पड़ा। इसके बावजूद पुलिसकर्मी पूरी रात घाट पर तैनात रहे और नदी में जाल डालकर संभावित स्थानों पर निगरानी करते रहे।

सुबह पहुंची SDRF की 16 सदस्यीय टीम

शनिवार सुबह करीब 10:30 बजे लखनऊ से एसडीआरएफ की 16 सदस्यीय टीम मौके पर पहुंची। टीम ने नदी और पानी के बहाव का जायजा लेने के बाद रेस्क्यू की तैयारी शुरू की। करीब आधे घंटे की तैयारी के बाद एसडीआरएफ के जवान नदी में उतरे और मनीष की तलाश शुरू कर दी।

एक किलोमीटर दूर मिला शव

एसडीआरएफ की टीम ने करीब एक घंटे तक नदी में सर्च ऑपरेशन चलाया। कड़ी मशक्कत के बाद घटनास्थल से करीब एक किलोमीटर दूर मनीष का शव बरामद कर लिया गया। शव बाहर निकलते ही मौके पर मौजूद परिजन फूट-फूटकर रोने लगे। परिवार की चीख-पुकार से पूरा माहौल गमगीन हो गया।

पत्नी और तीन बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल

मनीष की मौत की खबर और शव मिलने के बाद पत्नी मंजू देवी का रो-रोकर बुरा हाल रहा। 13 वर्षीय महिमा, 10 वर्षीय प्रिंस और 8 वर्षीय आनंद भी पिता की मौत से सदमे में हैं। मनीष की मौत ने पत्नी और तीन बच्चों से उनका सहारा छीन लिया।

रेहड़ी लगाकर चलाता था परिवार

बताया गया कि मनीष रेहड़ी लगाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। उसकी कमाई से ही पत्नी और तीन बच्चों का खर्च चलता था। हादसे के बाद परिवार के सामने आर्थिक संकट भी खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।

हादसे के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

नदी में मूर्ति विसर्जन के दौरान हुए इस हादसे के बाद सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि तेज बहाव और गहरे पानी वाले स्थानों पर विसर्जन के दौरान पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था होनी चाहिए। ऐसे स्थानों पर बैरिकेडिंग, पुलिस बल और प्रशिक्षित गोताखोरों की मौजूदगी से हादसों को रोकने में मदद मिल सकती है।

पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव

शव बरामद होने के बाद पुलिस ने पंचनामा की कार्रवाई पूरी की और उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। थाना प्रभारी सत्यपाल सिंह ने बताया कि मनीष का शव एसडीआरएफ की टीम ने बरामद किया है। शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है।

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