उन्नाव। उत्तर प्रदेश में सरकारी विद्यालयों को बेहतर और आधुनिक बनाने की कवायद के बीच उन्नाव से सरकारी स्कूल में बच्चों के साथ कथित दुर्व्यवहार का मामला सामने आया है। पुरवा तहसील क्षेत्र के ग्राम मदारपुर स्थित जूनियर स्कूल के कई बच्चे अपने अभिभावकों के साथ एसडीएम कार्यालय पहुंचे और विद्यालय की हेडमास्टर अनामिका के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। बच्चों और उनके परिवारों ने शिक्षिका पर मारपीट, धमकाने और बच्चों के साथ कथित तौर पर अनुचित व्यवहार करने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले में एक बच्चे को कथित तौर पर धमकाने का वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया है। वीडियो वायरल होने के बाद विद्यालय में बच्चों के साथ शिक्षिका के व्यवहार को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, वायरल वीडियो और लगाए गए आरोपों की पूरी सच्चाई जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
बच्चों और अभिभावकों ने SDM कार्यालय पहुंचकर की शिकायत
मदारपुर जूनियर स्कूल के कई बच्चे अपने अभिभावकों के साथ पुरवा तहसील स्थित एसडीएम कार्यालय पहुंचे। बच्चों और अभिभावकों ने हेडमास्टर के खिलाफ प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की। शिकायत में बच्चों ने आरोप लगाया कि विद्यालय में उन्हें कई तरह के काम करने के लिए कहा जाता है। इनमें गुड मॉर्निंग नहीं बोलने, गाड़ी न धोने और टॉयलेट साफ न करने जैसी बातों को लेकर बच्चों को डांटने और कथित तौर पर मारपीट करने के आरोप लगाए गए हैं। परिजनों का कहना है कि स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे घटना के बाद मानसिक रूप से परेशान और डरे हुए हैं। परिवारों ने अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
मारपीट और दहशत बनाने का भी आरोप
बच्चों की शिकायत में हेडमास्टर पर उनके साथ मारपीट करने और स्कूल में दहशत का माहौल बनाने के आरोप लगाए गए हैं। अभिभावकों का कहना है कि विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों के साथ किसी भी तरह की हिंसा या डर का माहौल स्वीकार नहीं किया जा सकता। परिवारों ने अधिकारियों के सामने अपनी चिंता रखते हुए कहा कि बच्चे शिक्षा हासिल करने के लिए स्कूल जाते हैं। ऐसे में यदि उनके साथ कथित तौर पर मारपीट या धमकी जैसी स्थिति बनती है तो इसका सीधा असर उनकी पढ़ाई और मानसिक स्थिति पर पड़ सकता है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और हेडमास्टर का पक्ष सामने आने के बाद मामले की तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।
बच्चे को धमकाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
मामले में एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में एक शिक्षिका द्वारा एक बच्चे को कथित तौर पर धमकाते हुए देखा और सुना जाने का दावा किया जा रहा है। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी लोगों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं और स्कूल में बच्चों के साथ होने वाले व्यवहार पर सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। यह भी जांच का विषय है कि वीडियो कब का है और इसके पीछे पूरा घटनाक्रम क्या था। ऐसे में वीडियो को अंतिम साक्ष्य मानने के बजाय शिक्षा विभाग और प्रशासन की जांच रिपोर्ट का इंतजार करना जरूरी होगा।
SDM ने बच्चों और अभिभावकों से ली जानकारी
शिकायत मिलने के बाद एसडीएम दिग्विजय सिंह ने बच्चों और उनके अभिभावकों से पूरे मामले की जानकारी ली। बताया गया कि एसडीएम ने बच्चों से उनकी शिकायतों के बारे में जानकारी हासिल की और पूरे मामले को गंभीरता से सुना। एसडीएम ने मामले की जांच कराए जाने और आरोप सही पाए जाने पर हेडमास्टर के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। प्रशासन की ओर से जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बच्चों और अभिभावकों द्वारा लगाए गए आरोप कितने सही हैं।
शिक्षा विभाग की भूमिका पर भी सवाल
मामले में बेसिक शिक्षा विभाग की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। परिजनों का आरोप है कि शिकायत सामने आने के बावजूद अभी तक विभाग की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई है। वहीं, प्रशासन की ओर से जांच के निर्देश दिए जाने के बाद अब लोगों की नजर जांच के नतीजे पर है। यदि जांच में बच्चों के साथ मारपीट, धमकी या अन्य किसी तरह का अनुचित व्यवहार किए जाने के आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित शिक्षिका के खिलाफ विभागीय नियमों के तहत कार्रवाई की जा सकती है। दूसरी ओर, यदि जांच में आरोपों की पुष्टि नहीं होती है तो प्रशासन की ओर से वास्तविक स्थिति भी स्पष्ट की जाएगी।
बच्चों के परिवार सदमे में
मामले के सामने आने के बाद बच्चों के परिवारों में चिंता का माहौल है। अभिभावकों का कहना है कि बच्चों को स्कूल में सुरक्षित वातावरण मिलना चाहिए, ताकि वे बिना किसी डर के पढ़ाई कर सकें। परिवारों को अब एसडीएम की ओर से कराई जाने वाली जांच से कार्रवाई की उम्मीद है। अभिभावकों की मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और यदि किसी बच्चे के साथ गलत व्यवहार हुआ है तो जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ सख्त कदम उठाया जाए।
जांच के बाद सामने आएगी पूरी सच्चाई
फिलहाल मदारपुर जूनियर स्कूल का यह मामला प्रशासन के संज्ञान में पहुंच चुका है। बच्चों और उनके अभिभावकों की शिकायत, वायरल वीडियो तथा विद्यालय से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि बच्चों द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों की निष्पक्ष जांच हो और जांच के दौरान बच्चों की सुरक्षा तथा उनकी मानसिक स्थिति का भी ध्यान रखा जाए। प्रशासनिक जांच में यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो नियमानुसार कार्रवाई और यदि आरोप गलत पाए जाते हैं तो वास्तविक तथ्य सार्वजनिक किए जाने की जरूरत होगी।
फिलहाल बच्चों और उनके परिवारों को एसडीएम की जांच और कार्रवाई का इंतजार है। मामले में हेडमास्टर अनामिका का पक्ष और बेसिक शिक्षा विभाग की विस्तृत प्रतिक्रिया खबर लिखे जाने तक सामने नहीं आ सकी है।

















