खखरेरू/फतेहपुर। धाता विकासखंड के ग्राम सभा तेंदुआ में पिछले 24 घंटे से रुक-रुककर हो रही भारी बारिश ने एक गरीब परिवार की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। सोमवार देर रात करीब दो बजे मिठाई लाल पुत्र राम सिंह का कच्चा मकान अचानक भरभराकर ढह गया। मकान गिरने से उसके मलबे की चपेट में एक गोवंश आ गया, जिसकी दबकर मौत हो गई। वहीं पास में बंधी भैंस भी मलबे की चपेट में आने से गंभीर रूप से घायल हो गई। हादसे के समय मिठाई लाल और उसके परिवार के सदस्य मकान के दूसरे हिस्से में सो रहे थे। गनीमत रही कि मकान का वह हिस्सा उस समय नहीं गिरा, जहां परिवार सो रहा था। यदि पूरा मकान एक साथ परिवार के ऊपर गिर जाता तो बड़ा हादसा हो सकता था। मकान गिरने की तेज आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और परिवार की मदद में जुट गए।
देर रात अचानक भरभराकर गिरा मकान
बताया जा रहा है कि पिछले करीब 24 घंटे से क्षेत्र में रुक-रुककर बारिश हो रही थी। लगातार बारिश के कारण कच्चे मकान की दीवारें और छत कमजोर हो गई थीं। सोमवार देर रात करीब दो बजे अचानक मकान का एक हिस्सा भरभराकर नीचे आ गिरा। रात का समय होने के कारण आसपास के लोगों में भी अफरा-तफरी मच गई। तेज आवाज सुनकर ग्रामीण अपने घरों से बाहर निकल आए और घटनास्थल की ओर दौड़े। वहां पहुंचने पर उन्होंने मकान को मलबे में तब्दील देखा। मलबे के नीचे पशु दबे होने की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों ने तत्काल मलबा हटाने का प्रयास शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद मलबा हटाया गया, लेकिन तब तक एक गोवंश की मौत हो चुकी थी। वहीं दूसरी ओर बंधी भैंस गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिली।
परिवार दूसरे हिस्से में सो रहा था, टला बड़ा हादसा
हादसे की सबसे राहत वाली बात यह रही कि मिठाई लाल और उसका परिवार मकान के दूसरे हिस्से में सो रहा था। मकान का जो हिस्सा गिरा, वहां परिवार मौजूद नहीं था। इस वजह से परिवार के सभी सदस्य सुरक्षित बच गए। मकान गिरने की आवाज से परिवार के लोग भी घबरा गए। कुछ ही देर में आसपास के ग्रामीण भी वहां पहुंच गए। ग्रामीणों ने परिवार को संभाला और मलबा हटाने में मदद की। ग्रामीणों का कहना है कि यदि परिवार उसी हिस्से में सो रहा होता, जो बारिश के कारण कमजोर होकर गिर गया, तो जान-माल का बड़ा नुकसान हो सकता था। हादसे के बाद परिवार में दहशत का माहौल है।
गोवंश की मौत से टूट गया परिवार
मकान गिरने से केवल घर को ही नुकसान नहीं हुआ, बल्कि गरीब परिवार का पशुधन भी इसकी चपेट में आ गया। मलबे में दबकर गोवंश की मौत हो गई। पशु की मौत से परिवार को आर्थिक नुकसान के साथ भावनात्मक आघात भी पहुंचा है। ग्रामीणों के मुताबिक मिठाई लाल मेहनत-मजदूरी और पशुपालन के सहारे अपने परिवार का भरण-पोषण करता है। ऐसे परिवार के लिए पशुधन आय का महत्वपूर्ण साधन होता है। ऐसे में एक ओर मकान का ढह जाना और दूसरी ओर गोवंश की मौत ने परिवार की परेशानियों को और बढ़ा दिया है। वहीं घायल भैंस के इलाज की जरूरत है। परिवार के सामने अब रहने के लिए सुरक्षित स्थान और पशुओं को रखने की समस्या भी खड़ी हो गई है।

मलबे में मृत मिला गोवंश, भैंस गंभीर घायल
ग्रामीणों ने जब मलबा हटाया तो उसमें गोवंश मृत अवस्था में मिला। घटना का दृश्य देखकर पीड़ित परिवार की आंखों से आंसू छलक पड़े। परिवार के लिए यह बेहद दुखद स्थिति थी। दूसरी ओर मलबे के पास बंधी भैंस गंभीर रूप से घायल मिली। ग्रामीणों की मदद से उसे बाहर निकाला गया। घटना की जानकारी प्रशासन तक पहुंचने के बाद क्षेत्रीय लेखपाल मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। लेखपाल ने मृत गोवंश के पोस्टमार्टम की कार्रवाई कराई। घायल भैंस के उपचार की भी व्यवस्था कराई गई, ताकि पशु को समय पर चिकित्सा सहायता मिल सके।
लेखपाल ने मौके पर पहुंचकर किया नुकसान का आकलन
घटना की सूचना मिलने के बाद क्षेत्रीय लेखपाल मौके पर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार से घटना की जानकारी ली और मकान गिरने से हुए नुकसान का जायजा लिया। प्रशासन की ओर से मौके पर नुकसान का आकलन किया गया। लेखपाल ने परिवार को भरोसा दिलाया कि नियमानुसार सहायता दिलाने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। पीड़ित परिवार के सामने सबसे बड़ी समस्या अब रहने के लिए सुरक्षित स्थान की है। बारिश का मौसम जारी रहने के कारण क्षतिग्रस्त मकान में रहना जोखिम भरा हो सकता है। ऐसे में परिवार को प्रशासन से तत्काल मदद की उम्मीद है।
गरीब परिवार के सामने दोहरा संकट
मिठाई लाल के परिवार के लिए यह हादसा दोहरे संकट के रूप में सामने आया है। एक तरफ बारिश के कारण उसका कच्चा मकान ढह गया, वहीं दूसरी तरफ पशुधन को भी नुकसान पहुंचा है। मेहनत-मजदूरी और पशुपालन से परिवार चलाने वाले व्यक्ति के लिए मकान का ढहना बड़ी आर्थिक परेशानी है। घर की मरम्मत या दोबारा निर्माण के लिए पर्याप्त संसाधन जुटाना आसान नहीं होगा। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए। साथ ही रहने के लिए अस्थायी व्यवस्था और पशुओं के लिए सुरक्षित स्थान की व्यवस्था कराने की भी मांग की गई है।

ग्रामीणों ने की प्रशासन से मदद की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि लगातार बारिश के कारण गांव में कई कच्चे मकान खतरे की स्थिति में हो सकते हैं। ऐसे में प्रशासन को बारिश के दौरान कमजोर और जर्जर मकानों का निरीक्षण कराना चाहिए, ताकि समय रहते लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा सके। ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिलाने और मकान के पुनर्निर्माण के लिए सरकारी सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। साथ ही मृत गोवंश के नुकसान की भरपाई और घायल भैंस के इलाज में पूरी मदद की अपील की गई है।
बाल-बाल बचा परिवार, लेकिन सामने बड़ी चुनौती
इस हादसे में परिवार के सभी सदस्यों का सुरक्षित बच जाना राहत की बात है। लेकिन मकान ढहने के बाद परिवार के सामने भविष्य की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। बारिश का मौसम अभी जारी है और ऐसे में खुले या क्षतिग्रस्त मकान में रहना परिवार के लिए खतरे से खाली नहीं है। प्रशासन की ओर से सहायता का आश्वासन दिया गया है, अब जरूरत है कि पीड़ित परिवार तक राहत जल्द पहुंचे। फिलहाल घटना के बाद गांव में भी चर्चा का माहौल है। ग्रामीण इस बात को लेकर चिंतित हैं कि लगातार बारिश के कारण कहीं अन्य कमजोर मकान भी इसकी चपेट में न आ जाएं।
तेंदुआ गांव की यह घटना बताती है कि लगातार बारिश गरीब और कच्चे मकानों में रहने वाले परिवारों के लिए कितनी बड़ी चुनौती बन सकती है। मिठाई लाल का परिवार एक बड़े हादसे से तो बच गया, लेकिन मकान और पशुधन के नुकसान ने उसके सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा कर दिया है। अब परिवार को प्रशासन से तत्काल और प्रभावी मदद की उम्मीद है।
















