खागा/फतेहपुर
फतेहपुर जिले के खागा क्षेत्र में सोमवार को किशनपुर थाना क्षेत्र स्थित सर्वोदय इंटर कॉलेज में छात्रों का आक्रोश उस समय खुलकर सामने आ गया, जब विज्ञान वर्ग की कक्षाएं संचालित न होने और विद्यालय भवन की जर्जर हालत को लेकर सैकड़ों छात्र विद्यालय गेट के सामने प्रदर्शन करने पहुंच गए। छात्रों ने हाथों में अपनी मांगों से संबंधित तख्तियां लेकर विद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और बाद में विद्यालय गेट पर दर्री बिछाकर धरना शुरू कर दिया। प्रदर्शन की सूचना मिलते ही किशनपुर, खखरेरू और खागा थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने छात्रों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन छात्र अपनी मांगों को लेकर तत्काल कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। स्थिति को देखते हुए खागा क्षेत्राधिकारी रवि प्रकाश सिंह भी मौके पर पहुंचे। बाद में जिला विद्यालय निरीक्षक राकेश कुमार ने भी विद्यालय पहुंचकर छात्रों से बातचीत की और उनकी समस्याओं को सुना।
विज्ञान वर्ग की कक्षाएं शुरू न होने से छात्रों में नाराजगी
प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना था कि विद्यालय में विज्ञान वर्ग की कक्षाएं अभी तक नियमित रूप से शुरू नहीं की गई हैं। छात्रों के मुताबिक विज्ञान वर्ग से पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को पढ़ाई में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उनका आरोप है कि लंबे समय से समस्या के समाधान की मांग की जा रही है, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने के कारण उन्हें दोबारा प्रदर्शन के लिए मजबूर होना पड़ा। छात्रों ने कहा कि विज्ञान वर्ग की पढ़ाई उनके शैक्षणिक भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है। ऐसे में कक्षाओं का संचालन नहीं होने से पाठ्यक्रम पूरा होने और परीक्षा की तैयारी को लेकर भी चिंता बनी हुई है।
जर्जर भवन को लेकर भी जताया आक्रोश
छात्रों ने विद्यालय भवन की स्थिति को लेकर भी गंभीर चिंता जताई। उनका कहना है कि भवन के कई हिस्से जर्जर अवस्था में हैं और ऐसी स्थिति में कक्षाओं का संचालन विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े करता है। छात्रों का दावा है कि जर्जर भवन में पढ़ाई के दौरान किसी अप्रिय घटना की आशंका बनी रहती है। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने यह सवाल भी उठाया कि यदि भवन की खराब स्थिति के कारण कोई हादसा होता है तो उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी। छात्रों ने विद्यालय प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से भवन की स्थिति का निरीक्षण कर आवश्यक मरम्मत अथवा सुरक्षित व्यवस्था सुनिश्चित कराने की मांग की।
पहले भी हो चुका है प्रदर्शन
प्रदर्शनकारी छात्रों के मुताबिक, इन्हीं समस्याओं को लेकर 28 जुलाई को भी विद्यालय गेट के सामने प्रदर्शन किया गया था। छात्रों का कहना है कि उस समय उनकी कुछ मांगों को लेकर जिला विद्यालय निरीक्षक स्तर से कार्रवाई की गई थी, लेकिन विज्ञान वर्ग की कक्षाएं शुरू कराने और जर्जर भवन की समस्या का पूरी तरह समाधान नहीं हो सका। छात्रों का आरोप है कि समस्याएं बनी रहने के कारण उन्हें सोमवार को दोबारा विद्यालय के बाहर प्रदर्शन करना पड़ा। इस दौरान छात्रों ने विद्यालय गेट पर दर्री बिछाकर धरना दिया और अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की।
प्रदर्शन रोकने के लिए दबाव बनाने का आरोप
प्रदर्शन कर रहे कुछ छात्रों ने विद्यालय प्रशासन पर प्रदर्शन समाप्त करने के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया। छात्रों का दावा है कि उन्हें प्रदर्शन समाप्त नहीं करने पर परीक्षा में फेल करने की धमकी दिए जाने की बात कही गई। इसके अलावा कुछ छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि रविवार शाम किशनपुर थाने के इंस्पेक्टर उनके घर पहुंचे थे और उन्हें प्रदर्शन नहीं करने की हिदायत दी गई थी। छात्रों के मुताबिक, प्रदर्शन करने पर कानूनी कार्रवाई की बात भी कही गई थी। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस या संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
मौके पर पहुंची पुलिस, अधिकारियों ने छात्रों को समझाया
छात्रों के प्रदर्शन की सूचना मिलते ही किशनपुर, खखरेरू और खागा थाने की पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने छात्रों को समझाने और प्रदर्शन समाप्त कराने का प्रयास किया। इसके बाद खागा क्षेत्राधिकारी रवि प्रकाश सिंह भी मौके पर पहुंचे और छात्रों की समस्याओं को सुना। अधिकारियों ने छात्रों से बातचीत कर उन्हें भरोसा दिलाने का प्रयास किया कि उनकी समस्याओं को संबंधित स्तर पर रखा जाएगा और समाधान की दिशा में आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
डीआईओएस ने एक सप्ताह में समाधान का दिया आश्वासन
मामले की जानकारी मिलने पर जिला विद्यालय निरीक्षक राकेश कुमार भी सर्वोदय इंटर कॉलेज पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शन कर रहे छात्रों से बातचीत की और उनकी मांगों तथा समस्याओं को विस्तार से सुना। डीआईओएस ने छात्रों को आश्वासन दिया कि उनकी समस्याओं पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने एक सप्ताह के भीतर मांगों के समाधान का भरोसा दिलाया। हालांकि, छात्रों का कहना था कि समस्या लंबे समय से बनी हुई है, इसलिए वे तत्काल कार्रवाई चाहते हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक राकेश कुमार के अनुसार, छात्रों की समस्याओं को सुना गया है और संबंधित बिंदुओं पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने छात्रों को एक सप्ताह के भीतर समाधान का आश्वासन दिया है।

अब निगाहें एक सप्ताह के आश्वासन पर
फिलहाल अधिकारियों के आश्वासन के बाद छात्रों की मांगों को लेकर आगे की कार्रवाई पर निगाहें टिकी हुई हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या एक सप्ताह के भीतर विज्ञान वर्ग की कक्षाएं शुरू कराने और जर्जर भवन की समस्या का समाधान हो पाएगा? छात्रों के दोबारा प्रदर्शन के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में है। यदि पहले प्रदर्शन के बाद भी समस्याएं पूरी तरह दूर नहीं हुई थीं, तो अब प्रशासन के सामने छात्रों की मांगों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने की चुनौती है। वहीं, जर्जर भवन को लेकर छात्रों द्वारा जताई गई चिंता के मद्देनजर विद्यालय भवन की वास्तविक स्थिति का तकनीकी निरीक्षण और विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब देखना होगा कि अधिकारियों द्वारा दिए गए एक सप्ताह के आश्वासन के बाद छात्रों की मांगों पर कितना अमल होता है और विद्यालय में विज्ञान वर्ग की पढ़ाई तथा भवन की समस्या का समाधान किस स्तर तक हो पाता है।















