कानपुर नगर, 11 अक्टूबर 2026। शारदीय नवरात्रि के अवसर पर देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सुचारु दर्शन व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने मुख्य विकास अधिकारी अभिनव जे. जैन और नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय के साथ शहर के प्रमुख देवी मंदिरों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अधिकारियों ने बिरहाना रोड स्थित तपेश्वरी मंदिर और बारादेवी मंदिर पहुंचकर साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंधन तथा श्रद्धालुओं को उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि नवरात्रि के दौरान मंदिरों में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में साफ-सफाई से लेकर सुरक्षा व्यवस्था तक सभी आवश्यक इंतजाम समय से पूरे किए जाएं। उन्होंने भीड़ को नियंत्रित करने, सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी रखने और जरूरत पड़ने पर श्रद्धालुओं को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के लिए विशेष व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
तपेश्वरी और बारादेवी मंदिर की व्यवस्थाओं का लिया जायजा
शारदीय नवरात्रि के दौरान देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ जाती है। मां के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए बड़ी संख्या में लोग मंदिरों में पहुंचते हैं। ऐसे में दर्शन व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना और मंदिर परिसर में स्वच्छता तथा सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण हो जाता है। इसी उद्देश्य से जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर, मुख्य विकास अधिकारी अभिनव जे. जैन और नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय ने बिरहाना रोड स्थित तपेश्वरी मंदिर तथा बारादेवी मंदिर का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने मंदिर परिसरों और आसपास के क्षेत्रों में श्रद्धालुओं की सुविधा से जुड़ी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान साफ-सफाई, पर्याप्त रोशनी, सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर ध्यान दिया गया। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि नवरात्रि के दौरान सभी व्यवस्थाएं व्यवस्थित ढंग से संचालित हों और श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
मंदिरों में सफाई व्यवस्था पर विशेष जोर
जिलाधिकारी ने नगर आयुक्त को निर्देश दिए कि शहर के सभी प्रमुख देवी मंदिरों में पर्याप्त संख्या में सफाई कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाए। मंदिर परिसरों के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों की भी नियमित सफाई कराई जाए, ताकि श्रद्धालुओं को स्वच्छ वातावरण मिल सके। नवरात्रि के दौरान मंदिरों में लोगों की आवाजाही बढ़ने से कचरा और गंदगी फैलने की आशंका रहती है। ऐसे में नियमित सफाई और निगरानी की व्यवस्था जरूरी है। जिलाधिकारी ने साफ-सफाई की लगातार निगरानी सुनिश्चित करने पर जोर दिया, जिससे किसी भी स्थान पर अव्यवस्था की स्थिति पैदा न हो। इसके साथ ही मंदिरों के आसपास पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था रखने के निर्देश भी दिए गए। अधिकारियों को बताया गया कि श्रद्धालुओं के आवागमन वाले रास्तों और मंदिर परिसरों में उचित रोशनी होनी चाहिए, ताकि दर्शन के लिए आने-जाने वाले लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
सीसीटीवी कैमरों से होगी भीड़ की निगरानी
नवरात्रि के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने के लिए जिलाधिकारी ने सीसीटीवी कैमरों को सक्रिय रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कैमरों के माध्यम से मंदिर परिसरों में होने वाली गतिविधियों पर नजर रखी जाए और कंट्रोल रूम से भीड़ की लगातार निगरानी सुनिश्चित की जाए। भीड़भाड़ वाले स्थानों पर निगरानी व्यवस्था महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि अधिक संख्या में लोगों के एकत्र होने पर आवागमन प्रभावित होने और अव्यवस्था पैदा होने की आशंका रहती है। सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी से संबंधित अधिकारियों को स्थिति पर नजर रखने में मदद मिल सकती है। जिलाधिकारी ने पब्लिक एड्रेस सिस्टम के माध्यम से आवश्यक सूचनाओं का प्रसारण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। इसके जरिए श्रद्धालुओं को जरूरी जानकारी उपलब्ध कराई जा सकेगी और आवश्यकता पड़ने पर भीड़ को व्यवस्थित करने में सहायता मिलेगी।
भीड़ नियंत्रण के लिए सिविल डिफेंस की तैनाती के निर्देश
निरीक्षण के दौरान भीड़ प्रबंधन को लेकर भी विशेष जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के लिए सिविल डिफेंस के वार्डन की तैनाती सुनिश्चित की जाए। नवरात्रि में मंदिरों में श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को ध्यान में रखते हुए प्रवेश और निकास मार्गों सहित आवागमन की व्यवस्था को व्यवस्थित रखना आवश्यक है। भीड़ नियंत्रण के लिए तैनात कर्मियों की मदद से श्रद्धालुओं को सही दिशा में आगे बढ़ने और अनावश्यक अव्यवस्था से बचने में सहायता मिल सकती है। प्रशासन का उद्देश्य है कि श्रद्धालु शांतिपूर्ण वातावरण में मां के दर्शन कर सकें और मंदिरों में सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाएं प्रभावी बनी रहें। इसके लिए संबंधित विभागों के बीच समन्वय और नियमित निगरानी पर जोर दिया गया है।
श्रद्धालुओं के लिए मेडिकल कैंप लगाने के निर्देश
धार्मिक आयोजनों में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी को देखते हुए स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता भी महत्वपूर्ण होती है। भीड़ के दौरान किसी श्रद्धालु की तबीयत बिगड़ने या किसी अन्य स्वास्थ्य संबंधी परेशानी की स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराना जरूरी है। इसी को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने प्रमुख देवी मंदिरों में मेडिकल कैंप लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मेडिकल कैंप में आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था उपलब्ध रखी जाए, ताकि जरूरत पड़ने पर श्रद्धालुओं को तत्काल चिकित्सा सहायता मिल सके। मेडिकल कैंप की व्यवस्था से श्रद्धालुओं को स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थिति में मदद मिल सकती है। प्रशासन की ओर से इस व्यवस्था पर जोर देने का उद्देश्य नवरात्रि के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा और स्वास्थ्य सुरक्षा को प्राथमिकता देना है।
अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि नवरात्रि के दौरान मंदिरों में श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं दुरुस्त रखी जाएं। उन्होंने व्यवस्थाओं की नियमित मॉनिटरिंग करने और किसी भी समस्या का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने पर जोर दिया। प्रशासन की ओर से साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, सुरक्षा निगरानी, भीड़ नियंत्रण और चिकित्सा सुविधाओं को एक साथ बेहतर बनाने की दिशा में निर्देश दिए गए हैं। इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य मंदिरों में आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराना है। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने मंदिरों में व्यवस्थाओं की समीक्षा की और संबंधित विभागों की जिम्मेदारियों को लेकर निर्देश दिए। नवरात्रि के दौरान इन व्यवस्थाओं का प्रभावी संचालन महत्वपूर्ण रहेगा, ताकि श्रद्धालुओं को दर्शन और पूजा-अर्चना में परेशानी न हो।















