फतेहपुर/खागा। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता और किसान नेता राकेश टिकैत के फतेहपुर दौरे के दौरान किसानों में खासा उत्साह देखने को मिला। मंगलवार को कटोघन टोल प्लाजा पर बड़ी संख्या में किसानों ने फूल-मालाओं और डीजे के साथ उनका भव्य स्वागत किया। सुबह से ही किसान अपने नेता की अगवानी के लिए टोल प्लाजा पर जुटने लगे थे। दोपहर करीब 12 बजे राकेश टिकैत के पहुंचते ही स्वागत का सिलसिला शुरू हो गया। किसानों ने फूल-मालाएं पहनाकर उनका अभिवादन किया। टिकैत करीब 10 मिनट तक टोल प्लाजा पर रुके और इसके बाद खागा के लिए रवाना हो गए। राकेश टिकैत के इस दौरे में किसान संगठन की गतिविधियों को मजबूत करने के साथ किसानों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया। खागा में भारतीय किसान यूनियन के कार्यालय का उद्घाटन करने के बाद वह असोथर में आयोजित किसान महापंचायत में शामिल होने पहुंचे। यहां उन्होंने न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी की कानूनी गारंटी, धान खरीद में कथित अनियमितताओं, गन्ने के बकाया भुगतान और बिजली-खाद से जुड़ी समस्याओं सहित कई मुद्दों पर अपनी बात रखी। उन्होंने किसानों से एकजुट रहने और अपने अधिकारों के लिए संगठित होकर आवाज उठाने का आह्वान किया।
कटोघन टोल प्लाजा पर सुबह से जुटने लगे किसान
राकेश टिकैत के स्वागत को लेकर कटोघन टोल प्लाजा पर सुबह से ही किसानों का पहुंचना शुरू हो गया था। जैसे-जैसे उनके आगमन का समय नजदीक आया, किसानों की मौजूदगी बढ़ती गई। दोपहर करीब 12 बजे उनके पहुंचने पर समर्थकों और किसान संगठन के कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाओं के साथ उनका स्वागत किया। स्वागत के दौरान डीजे भी बजाया गया और किसानों ने अपने नेता के प्रति उत्साह दिखाया। राकेश टिकैत ने वहां मौजूद किसानों का अभिवादन स्वीकार किया। कुछ देर रुकने के बाद वह खागा के लिए रवाना हो गए। किसान नेता के दौरे को संगठनात्मक गतिविधियों और किसानों की समस्याओं को लेकर चल रही मुहिम के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। टोल प्लाजा पर स्वागत के बाद उनके कार्यक्रम का अगला पड़ाव खागा तहसील क्षेत्र रहा, जहां किसान यूनियन के कार्यालय का उद्घाटन किया जाना था।
खागा में किसान यूनियन कार्यालय का उद्घाटन
कटोघन टोल प्लाजा से खागा पहुंचने के बाद राकेश टिकैत ने खागा तहसील अध्यक्ष सर्वेश कुमार के साथ भारतीय किसान यूनियन के कार्यालय का उद्घाटन किया। संगठन के कार्यालय को स्थानीय स्तर पर किसानों से जुड़ी समस्याओं को उठाने और उनके समाधान के लिए संवाद का माध्यम बनाने की दिशा में एक कदम माना जा रहा है। किसान संगठनों की स्थानीय इकाइयां किसानों को उनकी समस्याओं के लिए एक मंच उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। खेती-किसानी से जुड़े मुद्दों, सरकारी खरीद, भुगतान में देरी, बिजली आपूर्ति और खाद की उपलब्धता जैसी समस्याओं पर किसान संगठन के माध्यम से अधिकारियों तक अपनी बात पहुंचाने का प्रयास किया जाता है। खागा में कार्यालय के उद्घाटन के बाद राकेश टिकैत असोथर में आयोजित किसान महापंचायत में शामिल होने के लिए रवाना हो गए। इससे पहले वह प्रयागराज के मुंडेरा में आयोजित किसान क्रांति महापंचायत में भी शामिल हुए थे। लगातार आयोजित हो रहे इन कार्यक्रमों के जरिए किसान संगठन विभिन्न क्षेत्रों में किसानों की समस्याओं को लेकर अपनी गतिविधियां आगे बढ़ा रहे हैं।
असोथर महापंचायत में एमएसपी की कानूनी गारंटी का मुद्दा
असोथर में आयोजित किसान महापंचायत के दौरान राकेश टिकैत ने न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी की कानूनी गारंटी के लिए कानून बनाने की मांग उठाई। उन्होंने किसानों की उपज के उचित मूल्य को लेकर अपनी बात रखी और इस मुद्दे पर किसानों से एकजुट रहने का आह्वान किया। एमएसपी को लेकर किसानों की प्रमुख मांगों में यह सुनिश्चित करना शामिल है कि उनकी उपज का उचित मूल्य मिले और सरकारी खरीद व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहे। किसान संगठनों का कहना है कि खरीद प्रक्रिया में आने वाली परेशानियों और कीमतों को लेकर बनी अनिश्चितता का असर किसानों की आय पर पड़ता है। महापंचायत में भी एमएसपी की कानूनी गारंटी को किसानों के हितों से जुड़ा प्रमुख मुद्दा बताया गया। राकेश टिकैत ने सरकार से इस दिशा में ठोस कदम उठाने की मांग की। हालांकि, इस मांग पर आगे क्या निर्णय होगा, यह संबंधित सरकारी नीतियों और भविष्य की वार्ताओं पर निर्भर करेगा।
धान खरीद में कथित धांधली और धान चोरी का मुद्दा उठा
महापंचायत में धान खरीद को लेकर भी सवाल उठाए गए। राकेश टिकैत ने धान खरीद में कथित धांधली और धान चोरी का मुद्दा उठाते हुए किसानों की समस्याओं की ओर ध्यान दिलाया। धान की सरकारी खरीद किसानों के लिए महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि इसके माध्यम से उन्हें निर्धारित व्यवस्था के तहत अपनी उपज बेचने का अवसर मिलता है। खरीद केंद्रों पर प्रक्रिया, तौल, भुगतान और उपज के पंजीकरण से जुड़ी समस्याएं किसानों के लिए परेशानी का कारण बन सकती हैं। ऐसे में किसान संगठनों की ओर से खरीद व्यवस्था में पारदर्शिता और शिकायतों के निस्तारण की मांग की जाती रही है। असोथर की महापंचायत में भी इन मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया। हालांकि, धान खरीद में कथित धांधली से संबंधित विशिष्ट घटनाओं और आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है।
गन्ने के बकाया भुगतान और बिजली-खाद की समस्या पर जोर
किसान महापंचायत में गन्ने के बकाया भुगतान का मुद्दा भी उठाया गया। किसानों के लिए समय पर भुगतान महत्वपूर्ण है, क्योंकि खेती की लागत, अगली फसल की तैयारी और घरेलू जरूरतों के लिए उन्हें अपनी उपज की बिक्री से मिलने वाली रकम पर निर्भर रहना पड़ता है। यदि भुगतान में देरी होती है, तो किसानों की आर्थिक योजना प्रभावित हो सकती है। इसी कारण किसान संगठन बकाया राशि के समयबद्ध भुगतान की मांग करते हैं। इसके साथ ही बिजली और खाद की उपलब्धता से जुड़ी समस्याओं पर भी चर्चा हुई। खेती के मौसम में पर्याप्त बिजली आपूर्ति और समय पर खाद मिलना किसानों के लिए आवश्यक है। इन व्यवस्थाओं में परेशानी होने पर सिंचाई, फसल की वृद्धि और कृषि कार्यों की समय-सारणी प्रभावित हो सकती है। महापंचायत में इन मुद्दों को उठाते हुए किसानों की समस्याओं का समाधान करने की मांग की गई। अब देखना होगा कि संबंधित विभागों और प्रशासन की ओर से इन विषयों पर क्या कदम उठाए जाते हैं।
वोट चोरी का मुद्दा भी उठाया
असोथर की महापंचायत में राकेश टिकैत ने वोट चोरी का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने किसानों के सामने राजनीतिक और लोकतांत्रिक प्रक्रिया से संबंधित अपनी चिंताएं रखीं। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में किसी विशेष घटना, चुनाव या कथित अनियमितता का विवरण नहीं दिया गया है। इसलिए इस मुद्दे को महापंचायत में उठाई गई मांग और आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए। किसी चुनावी अनियमितता की पुष्टि संबंधित दस्तावेजों और सक्षम प्राधिकरण की जांच के आधार पर ही की जा सकती है।
किसानों से एकजुट रहने और ट्रैक्टर तैयार रखने का आह्वान
महापंचायत के दौरान राकेश टिकैत ने किसानों से एकजुट रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसानों को अपने मुद्दों के समाधान के लिए संगठित रहना चाहिए। उन्होंने किसानों से अपने ट्रैक्टर तैयार रखने का आह्वान भी किया और समस्याओं का समाधान नहीं होने की स्थिति में आर-पार के आंदोलन की चेतावनी दी। उनके इस आह्वान को किसान संगठन की ओर से अपनी मांगों को लेकर दबाव बनाए रखने के संदेश के रूप में देखा जा सकता है। हालांकि, किसी आगामी आंदोलन की तारीख, स्थान या स्वरूप की जानकारी उपलब्ध विवरण में नहीं दी गई है। किसान संगठनों की ओर से समय-समय पर महापंचायत और अन्य कार्यक्रमों के माध्यम से अपनी मांगें सरकार तक पहुंचाई जाती हैं। असोथर की महापंचायत में भी एमएसपी, सरकारी खरीद, गन्ना भुगतान और कृषि संसाधनों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता दी गई।
किसानों की समस्याओं के समाधान पर टिकी निगाहें
कटोघन टोल प्लाजा पर स्वागत से शुरू हुआ राकेश टिकैत का फतेहपुर दौरा खागा में किसान यूनियन कार्यालय के उद्घाटन और असोथर की महापंचायत तक पहुंचा। इस दौरान किसानों की समस्याओं, कृषि उपज के उचित मूल्य और सरकारी व्यवस्थाओं से जुड़ी मांगों को उठाया गया। अब महत्वपूर्ण यह होगा कि किसानों की ओर से उठाए गए मुद्दों पर संबंधित विभाग क्या कार्रवाई करते हैं और समस्याओं के समाधान के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।
फिलहाल, कटोघन टोल पर स्वागत, खागा में कार्यालय का उद्घाटन और असोथर महापंचायत में उठाई गई मांगों के जरिए किसान संगठन ने किसानों के मुद्दों को फिर से चर्चा के केंद्र में ला दिया है।

















