सफाई कर्मी से मारपीट और जातिसूचक गाली-गलौज का आरोप, संचारी रोग अभियान के दौरान विवाद

बंद नाली की सफाई के लिए सब्बर मांगने को लेकर हुआ विवाद, सरकारी कार्य में बाधा डालने का भी आरोप; पुलिस ने शुरू की जांच. दुर्गेश कुमार मिश्रा की रिपोर्ट

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खखरेरू/फतेहपुर। थाना क्षेत्र के शाहनगर ग्राम पंचायत के मजरे ओरहा में संचारी रोग अभियान के तहत सफाई करने पहुंची टीम के साथ विवाद का मामला सामने आया है। सफाई कर्मी ने गांव के दो युवकों पर जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करने, गाली-गलौज और मारपीट करने का आरोप लगाया है। घटना के बाद पीड़ित सफाई कर्मी ने साथी कर्मचारियों के साथ थाने पहुंचकर पुलिस को तहरीर दी और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। मामले के अनुसार धाता थाना क्षेत्र के वेलावां गांव निवासी प्रेमप्रकाश सफाई कर्मी के पद पर तैनात हैं। इन दिनों मुख्य विकास अधिकारी के निर्देश पर जिले की ग्राम पंचायतों में संचारी रोग अभियान के तहत विशेष सफाई अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के क्रम में शनिवार सुबह करीब 8:30 बजे सफाई कर्मियों की टीम शाहनगर ग्राम पंचायत के मजरे ओरहा पहुंची थी। टीम का उद्देश्य गांव में नालियों और आसपास के स्थानों की सफाई कर स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर करना था।

बंद नाली की सफाई के दौरान शुरू हुआ विवाद

पीड़ित सफाई कर्मी द्वारा पुलिस को दी गई तहरीर के अनुसार गांव के निवासी शहाबुद्दीन ने अपने दरवाजे के पास बंद पड़ी नाली की सफाई के लिए सफाई कर्मियों की टीम को बुलाया था। टीम जब मौके पर पहुंची तो नाली में बिजली का एक टूटा हुआ पोल पड़ा हुआ था, जिसके कारण सफाई कार्य में परेशानी आ रही थी। बताया गया कि टूटे बिजली के पोल को हटाने के लिए सफाई कर्मियों ने शहाबुद्दीन से लोहे का सब्बर मांगा। आरोप है कि इसी बात को लेकर शहाबुद्दीन के बेटे कयामुद्दीन उर्फ फैसल और सलाहुद्दीन उर्फ आकिफ सफाई कर्मियों से विवाद करने लगे। पीड़ित का आरोप है कि बातचीत के दौरान दोनों युवकों ने उसके साथ गाली-गलौज की और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया। आरोप है कि विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई और थप्पड़ मारा गया। घटना के बाद मौके पर मौजूद अन्य सफाई कर्मियों ने बीच-बचाव कर स्थिति को शांत कराया।

सरकारी कार्य में बाधा डालने का भी आरोप

सफाई कर्मी का कहना है कि वह और उसके साथी सरकारी निर्देश के तहत संचारी रोग अभियान में अपनी ड्यूटी कर रहे थे। ऐसे में विवाद और कथित मारपीट के कारण सफाई अभियान प्रभावित हुआ। पीड़ित ने आरोप लगाया कि टीम को अपना काम करने में बाधा का सामना करना पड़ा। विवाद बढ़ने के बाद पीड़ित ने 112 नंबर पर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, जिसके बाद स्थिति सामान्य हुई। इसके बाद पीड़ित सफाई कर्मी अपने साथी कर्मचारियों के साथ थाने पहुंचा और पूरे मामले की जानकारी पुलिस को देते हुए तहरीर दी।

साथी कर्मचारियों में भी नाराजगी

घटना की जानकारी मिलने के बाद साथी सफाई कर्मियों में भी नाराजगी देखने को मिली। कर्मचारियों का कहना है कि सरकारी अभियान के तहत गांवों में सफाई व्यवस्था को बेहतर करने के लिए टीमें काम कर रही हैं। ऐसे में यदि किसी स्थान पर विवाद होता है या सफाई कर्मियों के साथ कथित रूप से अभद्रता अथवा मारपीट की जाती है तो इससे अभियान प्रभावित हो सकता है। हालांकि घटना को लेकर लगाए गए आरोपों की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि विवाद किन परिस्थितियों में हुआ और घटना के दौरान वास्तव में क्या हुआ था।

पुलिस ने कहा- तहरीर मिली, जांच जारी

इस मामले में थाना प्रभारी सतपाल सिंह ने बताया कि सफाई कर्मी की ओर से तहरीर प्राप्त हुई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर सुसंगत धाराओं में कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की जांच में घटना के दौरान मौजूद लोगों के बयान, मौके की परिस्थितियों और लगाए गए आरोपों की पुष्टि सहित अन्य पहलुओं को देखा जा सकता है। इसके बाद ही यह स्पष्ट होगा कि विवाद की वास्तविक वजह क्या थी और किन धाराओं में कार्रवाई बनती है।

संचारी रोग अभियान के बीच विवाद ने उठाए सवाल

गौरतलब है कि बारिश और बदलते मौसम के बीच गांवों में संचारी रोगों की रोकथाम के लिए सफाई अभियान चलाया जा रहा है। नालियों की सफाई, जलभराव की स्थिति को दूर करना और आसपास स्वच्छता बनाए रखना इस तरह के अभियानों का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे में शाहनगर ग्राम पंचायत के मजरे ओरहा में सफाई अभियान के दौरान सामने आया विवाद कई सवाल खड़े करता है। यदि सफाई कर्मी के आरोप जांच में सही पाए जाते हैं तो सरकारी ड्यूटी के दौरान कर्मचारी के साथ कथित मारपीट और अभद्रता गंभीर विषय होगा। वहीं, आरोपों की पुष्टि से पहले पूरे मामले के दूसरे पक्ष की स्थिति सामने आना भी जरूरी है। फिलहाल पुलिस ने तहरीर मिलने की पुष्टि की है और जांच जारी है। जांच के बाद ही यह साफ होगा कि घटना के लिए कौन जिम्मेदार है और मामले में किस प्रकार की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

नोट: इस खबर में मारपीट, जातिसूचक शब्दों के प्रयोग और सरकारी कार्य में बाधा डालने से जुड़े आरोप पीड़ित सफाई कर्मी की तहरीर के आधार पर हैं। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।

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