उन्नाव/सोहरामऊ। लखनऊ-कानपुर हाईवे स्थित आई.पी.एस.आर. ग्रुप ऑफ इंस्टिट्यूशंस, सोहरामऊ, जनपद उन्नाव में विश्व फार्मासिस्ट दिवस उत्साह और विविध शैक्षणिक गतिविधियों के साथ मनाया गया। इस वर्ष कार्यक्रम की थीम “बेहतर भविष्य के लिए फार्मासिस्टों को सशक्त बनाना” रखी गई। कार्यक्रम के दौरान फार्मेसी के क्षेत्र में विद्यार्थियों की भूमिका, बदलती स्वास्थ्य व्यवस्था और आधुनिक तकनीक के साथ फार्मासिस्टों की जिम्मेदारियों को लेकर वक्ताओं ने अपने विचार रखे। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि एवं मोटिवेशनल वक्ता अमृत पाल सिंह सोधी, संस्थान के संस्थापक बद्री विशाल तिवारी, अध्यक्ष डॉ. जितेंद्र तिवारी, वाइस चेयरमैन श्रीमती ऊषा तिवारी तथा फार्मेसी विभाग के निदेशक डॉ. अमरेश गुप्ता ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इसके बाद विद्यार्थियों ने विभिन्न सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक गतिविधियों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। विश्व फार्मासिस्ट दिवस के अवसर पर संस्थान में मॉडल मेकिंग, विज्ञान कार्टून, लीफलेट, पोस्टर प्रेजेंटेशन, रंगोली प्रतियोगिता, नुक्कड़ नाटक और क्विज प्रतियोगिता सहित कई कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन प्रतियोगिताओं में फार्मेसी विभाग के छात्र-छात्राओं ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान बी.फार्म चतुर्थ वर्ष की छात्रा अंकित तिवारी ने उपस्थित लोगों और विद्यार्थियों को फार्मासिस्ट की शपथ दिलाई। शपथ के माध्यम से फार्मेसी के क्षेत्र में जिम्मेदारी, सेवा भावना और मरीजों के प्रति सही जानकारी एवं सहयोग की भावना को प्राथमिकता देने का संदेश दिया गया।
ज्ञान, तकनीक और सेवा भावना से सशक्त बनने का संदेश
मुख्य अतिथि अमृत पाल सिंह सोधी ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि स्वास्थ्य व्यवस्था तेजी से बदल रही है। नई-नई दवाओं, आधुनिक तकनीक, डिजिटल हेल्थ और व्यक्तिगत उपचार के क्षेत्र में लगातार नए अवसर सामने आ रहे हैं। ऐसे समय में फार्मासिस्ट की भूमिका भी लगातार व्यापक हो रही है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि फार्मासिस्ट की भूमिका को केवल दवाओं के वितरण तक सीमित नहीं रखना चाहिए। फार्मेसी के विद्यार्थियों को अपने ज्ञान को लगातार बढ़ाने के साथ आधुनिक तकनीक से जुड़ना चाहिए और सेवा भावना के साथ अपने क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को ज्ञान से सशक्त, तकनीक से सक्षम और समाज के प्रति जिम्मेदार फार्मासिस्ट बनने के लिए प्रेरित किया।
फार्मेसी के महत्व पर हुई चर्चा
फार्मेसी विभाग के निदेशक डॉ. अमरेश गुप्ता ने विद्यार्थियों को फार्मेसी के महत्व और इस क्षेत्र में मौजूद विभिन्न करियर अवसरों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने छात्र-छात्राओं को पढ़ाई के साथ अपने कौशल को विकसित करने तथा फार्मेसी के अलग-अलग क्षेत्रों की संभावनाओं को समझने के लिए प्रोत्साहित किया। संस्थान के चेयरमैन बद्री विशाल तिवारी ने कार्यक्रम के आयोजन और प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों की भागीदारी की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन विद्यार्थियों के अंदर रचनात्मकता, आत्मविश्वास और टीम भावना को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाने पर जोर दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासन के साथ लगातार आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि आज का सशक्त फार्मासिस्ट भविष्य के स्वस्थ समाज की नींव तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। संस्थान के अध्यक्ष डॉ. जितेंद्र तिवारी ने विश्व फार्मासिस्ट दिवस की सभी को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि एक सक्षम फार्मासिस्ट केवल दवा उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं होता, बल्कि सही जानकारी देने और उपचार प्रक्रिया में सहयोग करने के साथ स्वस्थ समाज के निर्माण में भी महत्वपूर्ण योगदान देता है।
प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा
विश्व फार्मासिस्ट दिवस के अवसर पर आयोजित प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। रंगोली प्रतियोगिता में बी.फार्म चतुर्थ वर्ष की डॉली दीक्षित, हर्षिता राय, आकांक्षा शर्मा, अंकित तिवारी और राघवेंद्र प्रताप ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं डी.फार्म प्रथम वर्ष की अंजुम, छाया, आरती, शुभम और फलक को द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ। पोस्टर प्रेजेंटेशन प्रतियोगिता में बी.फार्म द्वितीय वर्ष की नंदनी ने प्रथम स्थान हासिल किया, जबकि बी.फार्म द्वितीय वर्ष के कुशाग्र प्रसाद को द्वितीय स्थान मिला। विज्ञान कार्टून प्रतियोगिता में बी.फार्म चतुर्थ वर्ष के अंकित ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि बी.फार्म द्वितीय वर्ष की वैष्णवी द्वितीय स्थान पर रहीं। लीफलेट प्रतियोगिता में डी.फार्म प्रथम वर्ष की अंजू को प्रथम स्थान और बी.फार्म द्वितीय वर्ष के रोहन मिश्रा को द्वितीय स्थान मिला। क्विज प्रतियोगिता में बी.फार्म चतुर्थ वर्ष के हिमांशु मिश्रा, डॉली दीक्षित और हर्षिता राय ने प्रथम स्थान हासिल किया। वहीं अंकित वर्मा, डी.फार्म द्वितीय वर्ष, उत्कर्ष तिवारी और बी.फार्म तृतीय वर्ष के विद्यार्थियों ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। पैनल प्रतियोगिता में बी.फार्म चतुर्थ वर्ष की डॉली दीक्षित, हर्षिता राय, हरिओम मिश्रा और दिव्यांशु पांडे विजेता रहे। द्वितीय स्थान पर सुदीप बिस्वास और उत्कर्ष तिवारी, बी.फार्म द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में फार्मेसी विभागाध्यक्ष प्रो. संतोष कुमार शुक्ल, डॉ. संगीता सिंह, डॉ. हेमा जायसवाल, मि. अश्वनी कुमार सहित संस्थान के शिक्षक-शिक्षिकाएं, कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। विश्व फार्मासिस्ट दिवस का यह आयोजन विद्यार्थियों के लिए शैक्षणिक गतिविधियों के साथ-साथ फार्मेसी के क्षेत्र में अपनी जिम्मेदारियों को समझने और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार होने का अवसर बना। कार्यक्रम के समापन पर प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार प्रदान किए गए और सभी प्रतिभागियों के प्रयासों की सराहना की गई।















