रिपोर्ट: सुनील तिवारी | कानपुर
कानपुर के नौबस्ता थाना क्षेत्र स्थित बसंत विहार में बुधवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई, जब पंडित पृथ्वीनाथ (PPN) कॉलेज के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष और ट्रांसपोर्ट कारोबारी आलोक सिंह का शव उनके कमरे में खून से लथपथ मिला। शुरुआती जांच में सामने आया है कि उन्होंने अपनी लाइसेंसी बंदूक से सिर में गोली मारकर आत्महत्या कर ली। हालांकि, घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ, जिसके चलते पुलिस आत्महत्या के पीछे की वास्तविक वजह जानने के लिए हर संभावित पहलू की गहन जांच कर रही है।
घटना की सूचना मिलते ही नौबस्ता थाना पुलिस, फॉरेंसिक टीम और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया गया और साक्ष्य जुटाए गए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
देर रात सुनाई दी धमाके जैसी आवा
जानकारी के मुताबिक, 50 वर्षीय आलोक सिंह अपने पिता और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ बसंत विहार स्थित पैतृक मकान में रहते थे। परिवार का ट्रांसपोर्ट का व्यवसाय है, जिसमें आलोक सिंह भी सक्रिय भूमिका निभाते थे।
मंगलवार रात वह रोज की तरह काम से घर लौटे, परिवार के साथ भोजन किया और पहली मंजिल पर बने अपने कमरे में सोने चले गए। देर रात परिवार के लोगों को तेज धमाके जैसी आवाज सुनाई दी, लेकिन उसे सामान्य आवाज समझकर किसी ने विशेष ध्यान नहीं दिया।
सुबह नहीं खुला दरवाजा तो बढ़ी चिंता
बुधवार सुबह जब आलोक सिंह काफी देर तक कमरे से बाहर नहीं आए तो परिजनों को चिंता हुई। कई बार आवाज लगाने और दरवाजा खटखटाने के बावजूद अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।
आखिरकार परिजनों ने दरवाजा तोड़ा तो अंदर का दृश्य देखकर सभी स्तब्ध रह गए। आलोक सिंह का शव कमरे में पड़ा था और आसपास खून फैला हुआ था। तत्काल पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद मौके पर पुलिस और फॉरेंसिक टीम पहुंची।
शुरुआती जांच में आत्महत्या की आशंका
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आलोक सिंह ने अपनी लाइसेंसी बंदूक से सिर में गोली मारकर आत्महत्या की। मौके से हथियार बरामद कर लिया गया है।
हालांकि, घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला, इसलिए पुलिस फिलहाल किसी एक कारण को आत्महत्या की वजह मानने से बच रही है। अधिकारियों का कहना है कि फॉरेंसिक रिपोर्ट, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
1999 में रहे थे PPN कॉलेज के छात्रसंघ अध्यक्ष
आलोक सिंह वर्ष 1999 में पंडित पृथ्वीनाथ (PPN) कॉलेज के छात्रसंघ अध्यक्ष रह चुके थे। छात्र राजनीति के दौरान उनकी अच्छी पहचान थी। इसके अलावा वे स्थानीय सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों में भी सक्रिय रहते थे।
शहर के कई राजनीतिक और सामाजिक संगठनों से जुड़े लोग उन्हें जानते थे। उनके निधन की खबर मिलते ही क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
पत्नी और बेटियां लखनऊ में रहती हैं
परिजनों के अनुसार आलोक सिंह की पत्नी विनीता पिछले कुछ समय से दोनों बेटियों के साथ लखनऊ में रह रही थीं।
परिवार ने बताया कि बड़ी बेटी मर्चेंट नेवी में कार्यरत है, जबकि छोटी बेटी लखनऊ में 12वीं कक्षा की छात्रा है। परिजनों का कहना है कि पत्नी और बच्चों के अलग रहने के कारण आलोक सिंह मानसिक तनाव में रहते थे।
हालांकि, परिवार ने यह भी स्पष्ट किया कि घर में किसी प्रकार का पारिवारिक विवाद नहीं था और आत्महत्या के पीछे की वास्तविक वजह क्या रही, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
सूचना मिलते ही लखनऊ से पहुंचीं दोनों बेटियां
घटना की जानकारी मिलते ही दोनों बेटियां लखनऊ से कानपुर पहुंच गईं। पिता की मौत की खबर सुनकर परिवार का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
पोस्टमार्टम हाउस पर रिश्तेदारों, परिचितों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों और कई जनप्रतिनिधियों की भीड़ जुट गई। सभी ने शोक व्यक्त करते हुए परिजनों को ढांढस बंधाया।
पुलिस ने क्या कहा?
नौबस्ता थाना पुलिस का कहना है कि घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। इसलिए मामले की जांच पारिवारिक, मानसिक, सामाजिक, आर्थिक और अन्य सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आत्महत्या के कारणों को लेकर स्पष्ट स्थिति सामने आएगी। फिलहाल किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
जांच पूरी होने के बाद होगा खुलासा
पुलिस का कहना है कि मोबाइल फोन, कॉल डिटेल, पारिवारिक परिस्थितियों और अन्य तथ्यों की भी जांच की जा रही है। यदि जांच के दौरान कोई नया तथ्य सामने आता है तो उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पूरे मामले में पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और आधिकारिक रिपोर्ट आने का इंतजार किया जा रहा है।




















