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अनकहे दर्द से कराहती पत्रकारिता: क्या लोकतंत्र का चौथा खम्भा संकट में है?

डेस्क रिपोर्ट 
भारत में पत्रकारिता को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ कहा जाता है। यह वही माध्यम है जो जनता और सत्ता के बीच सेतु का काम करता है तथा समाज के सामने सच को रखने की जिम्मेदारी निभाता है। लेकिन वर्तमान दौर में पत्रकारिता स्वयं कई प्रकार की चुनौतियों और दबावों से जूझती दिखाई दे रही है। निष्पक्ष और जनसरोकार आधारित पत्रकारिता करने वाले पत्रकारों के सामने आज परिस्थितियां पहले की अपेक्षा कहीं अधिक कठिन होती जा रही हैं। विशेषज्ञों और मीडिया जगत से जुड़े लोगों का मानना है कि पत्रकारिता का मूल उद्देश्य समाज के महत्वपूर्ण मुद्दों को सामने लाना, शासन-प्रशासन की जवाबदेही सुनिश्चित करना और आम जनता की आवाज को मंच प्रदान करना है। हालांकि बदलते समय में पत्रकारिता के स्वरूप और कार्यशैली को लेकर लगातार बहस जारी है।


सच लिखने की कीमत
पत्रकारिता से जुड़े कई लोगों का कहना है कि आज के समय में निष्पक्ष रिपोर्टिंग करना आसान नहीं रह गया है। यदि कोई पत्रकार भ्रष्टाचार, प्रशासनिक खामियों, शिक्षा, स्वास्थ्य, बेरोजगारी, आवास या अन्य जनहित के मुद्दों पर सवाल उठाता है, तो उसे विभिन्न प्रकार के दबावों का सामना करना पड़ सकता है।
मीडिया जगत के कई प्रतिनिधियों का मानना है कि पत्रकारों को कभी कानूनी चुनौतियों, कभी सामाजिक दबावों और कभी मानसिक तनाव जैसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में स्वतंत्र और निष्पक्ष पत्रकारिता की राह पहले की तुलना में अधिक कठिन दिखाई देती है।


जनसरोकार से दूर होती पत्रकारिता?
विश्लेषकों का कहना है कि पत्रकारिता का एक बड़ा उद्देश्य समाज के वास्तविक मुद्दों को सामने लाना है। लेकिन वर्तमान समय में टीआरपी, व्यावसायिक प्रतिस्पर्धा और डिजिटल दौर की तेज रफ्तार के कारण कई बार महत्वपूर्ण जनसरोकार के मुद्दे पीछे छूट जाते हैं। आलोचकों का आरोप है कि कई मीडिया संस्थान राजनीतिक विमर्श, आरोप-प्रत्यारोप और सनसनीखेज विषयों को अधिक प्राथमिकता देते हैं, जबकि आम जनता से जुड़े मूलभूत मुद्दे अपेक्षित स्थान नहीं पा पाते। हालांकि मीडिया संस्थान इस आरोप से सहमत नहीं होते और अपने कार्य को पेशेवर मानकों के अनुरूप बताते हैं।


लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की भूमिका
इतिहास गवाह है कि जब-जब लोकतांत्रिक संस्थाओं के सामने चुनौतियां आईं, पत्रकारिता ने समाज को जागरूक करने और जवाबदेही तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर विभिन्न सामाजिक आंदोलनों तक, पत्रकारिता ने जनता की आवाज को मजबूत करने का कार्य किया।
लेकिन वर्तमान समय में यह सवाल उठ रहा है कि क्या पत्रकारिता स्वयं दबावों के दौर से गुजर रही है? क्या चौथा स्तंभ अपनी पारंपरिक भूमिका को उसी मजबूती से निभा पा रहा है, जिसके लिए वह जाना जाता था?
मीडिया विशेषज्ञों का मानना है कि पत्रकारिता की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए निष्पक्षता, तथ्यपरकता और जनहित सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। साथ ही पत्रकारों की स्वतंत्रता और सुरक्षा सुनिश्चित करना भी उतना ही आवश्यक है।


जनता की भूमिका भी महत्वपूर्ण
पत्रकारिता पर चर्चा के दौरान एक महत्वपूर्ण प्रश्न यह भी उठता है कि समाज और जनता की भूमिका क्या होनी चाहिए। कई वरिष्ठ पत्रकारों का मानना है कि जब कोई पत्रकार जनहित के मुद्दों को उठाता है, तब उसे केवल आलोचना ही नहीं बल्कि समाज का समर्थन भी मिलना चाहिए। यदि समाज निष्पक्ष पत्रकारिता को महत्व देता है, तो उसे सत्य और तथ्यों पर आधारित रिपोर्टिंग को प्रोत्साहित करना होगा। लोकतंत्र में जागरूक नागरिक और स्वतंत्र पत्रकारिता एक-दूसरे के पूरक माने जाते हैं।


भविष्य की राह
विशेषज्ञों के अनुसार पत्रकारिता का भविष्य उसकी विश्वसनीयता पर निर्भर करता है। तकनीक और सोशल मीडिया के इस दौर में जहां सूचनाओं का प्रवाह बेहद तेज हो गया है, वहीं तथ्यात्मक और जिम्मेदार पत्रकारिता की आवश्यकता पहले से अधिक बढ़ गई है। पत्रकारिता को अपनी मूल भावना जनहित, निष्पक्षता और सत्य—से जोड़कर रखने की जरूरत है। साथ ही सरकार, समाज, मीडिया संस्थानों और नागरिकों को मिलकर ऐसा वातावरण तैयार करना होगा, जहां पत्रकार बिना भय और दबाव के अपना कार्य कर सकें। लोकतंत्र की मजबूती के लिए स्वतंत्र और जिम्मेदार पत्रकारिता अनिवार्य है। यदि चौथा स्तंभ मजबूत रहेगा, तो लोकतांत्रिक व्यवस्था भी अधिक जवाबदेह और पारदर्शी बनी रहेगी।

सिंघानिया परिवार से जुड़े धार्मिक ट्रस्ट में करोड़ों के घोटाले का आरोप, फर्जी बैंक खाता और संपत्ति सौदे पर उठे सवाल

डेस्क रिपोर्ट

कानपुर, 3 जून। देश के प्रतिष्ठित औद्योगिक घराने सिंघानिया परिवार से जुड़े श्री बलदेव जी महाराज (टेम्पल) ट्रस्ट को लेकर करोड़ों रुपये की संपत्ति, फर्जी बैंक खाते और कथित गबन का मामला चर्चा में आ गया है। सर्व ब्राह्मण महासभा के एक प्रतिनिधिमंडल ने संगठन के राष्ट्रीय महामंत्री नरेश चन्द्र त्रिपाठी के नेतृत्व में पुलिस आयुक्त रघुवीर लाल से मुलाकात कर मामले की विस्तृत शिकायत सौंपते हुए दोषियों के विरुद्ध आपराधिक मुकदमा दर्ज करने और निष्पक्ष जांच की मांग की है। पुलिस आयुक्त ने शिकायत का संज्ञान लेते हुए जांच के निर्देश दिए हैं। प्रतिनिधिमंडल में बृजेन्द्र नाथ मिश्रा, हीरेन्द्र नाथ दीक्षित समेत कई अन्य पदाधिकारी शामिल रहे। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि ट्रस्ट की बहुमूल्य संपत्तियों के प्रबंधन में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं, जिनसे ट्रस्ट को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचा है।

प्रेसवार्ता में लगाए गए गंभीर आरोप

पुलिस आयुक्त से मुलाकात के बाद सिविल लाइंस स्थित एक होटल में आयोजित प्रेसवार्ता में सर्व ब्राह्मण महासभा के पदाधिकारियों ने दावा किया कि वर्ष 1942 में स्थापित श्री बलदेव जी महाराज (टेम्पल) ट्रस्ट एक सार्वजनिक धार्मिक एवं चैरिटेबल ट्रस्ट है। ट्रस्ट की आर्यनगर, कानपुर स्थित लगभग 1331 वर्गगज भूमि वर्तमान समय में करोड़ों रुपये मूल्य की बताई जा रही है। महासभा के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि ट्रस्ट से जुड़े कुछ लोगों ने कथित मिलीभगत के तहत इस संपत्ति का विक्रय अनुबंध मात्र 4.88 करोड़ रुपये में कर दिया, जबकि बाजार में इसकी वास्तविक कीमत इससे कहीं अधिक बताई जा रही है। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि इस सौदे के एवज में लगभग 1.20 करोड़ रुपये की धनराशि प्राप्त की गई।

न्यायालय की अनुमति के बिना सौदे का आरोप

शिकायतकर्ताओं का कहना है कि धार्मिक एवं सार्वजनिक ट्रस्ट की संपत्ति के विक्रय अथवा उससे संबंधित किसी भी बड़े वित्तीय निर्णय के लिए सक्षम न्यायालय की पूर्व अनुमति आवश्यक होती है। आरोप है कि संबंधित ट्रस्टियों ने बिना न्यायालय की अनुमति और बिना आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी किए संपत्ति के संबंध में अनुबंध कर लिया। महासभा का कहना है कि यदि जांच में यह आरोप सही साबित होते हैं तो यह केवल वित्तीय अनियमितता नहीं बल्कि धार्मिक ट्रस्ट की संपत्ति और उसके हितों को नुकसान पहुंचाने का गंभीर मामला माना जाएगा।

फर्जी बैंक खाते से करोड़ों के लेन-देन का आरोप

मामले का सबसे गंभीर पहलू कथित फर्जी बैंक खाते से जुड़ा बताया जा रहा है। प्रेसवार्ता में दावा किया गया कि संपत्ति सौदे से प्राप्त लगभग 1.20 करोड़ रुपये की धनराशि दिल्ली स्थित एक बैंक में ट्रस्ट के नाम पर खोले गए खाते में जमा कराई गई। आरोप है कि यह खाता ट्रस्ट के एक ट्रस्टी के कथित जाली और कूटरचित हस्ताक्षरों के आधार पर खोला गया था। शिकायतकर्ताओं के अनुसार बाद में इस खाते से धनराशि विभिन्न निजी खातों में स्थानांतरित कर दी गई, जिससे ट्रस्ट को आर्थिक नुकसान पहुंचा। महासभा के पदाधिकारियों का आरोप है कि पूरे प्रकरण में सुनियोजित तरीके से वित्तीय अनियमितताएं की गईं और ट्रस्ट की संपत्ति एवं धनराशि का दुरुपयोग हुआ।

पहले से दर्ज है एफआईआर

प्रेसवार्ता में यह भी बताया गया कि कथित फर्जी बैंक खाते के संबंध में वर्ष 2024 में थाना फजलगंज में एफआईआर संख्या 113/2024 दर्ज की जा चुकी है। इस मामले में कई लोगों को नामजद किया गया था और पुलिस द्वारा जांच भी की गई। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि विवेचना के दौरान फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की रिपोर्ट में संबंधित हस्ताक्षरों के फर्जी होने की पुष्टि हुई थी। उनका कहना है कि पुलिस इस मामले में न्यायालय में आरोपपत्र भी दाखिल कर चुकी है, जिससे जालसाजी और कूटरचना के आरोपों को और बल मिलता है। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि जांच एजेंसियों और न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से ही हो सकेगी।

आर्थिक अपराध शाखा से जांच की मांग

सर्व ब्राह्मण महासभा ने पूरे मामले की जांच आर्थिक अपराध शाखा (EOW) या किसी अन्य सक्षम एजेंसी से कराए जाने की मांग की है। उनका कहना है कि मामले में संपत्ति सौदे, बैंक खातों, धनराशि के हस्तांतरण और ट्रस्ट प्रशासन से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच आवश्यक है। महासभा का तर्क है कि निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच के बिना सच्चाई सामने आना मुश्किल होगा। इसलिए वित्तीय लेन-देन की जांच विशेषज्ञ एजेंसी द्वारा कराई जानी चाहिए।

धार्मिक ट्रस्टों की पारदर्शिता पर उठे सवाल

यह मामला अब केवल एक संपत्ति विवाद तक सीमित नहीं रह गया है। इसके बहाने धार्मिक एवं चैरिटेबल ट्रस्टों की संपत्तियों के प्रबंधन, वित्तीय पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर भी बहस तेज हो गई है। सामाजिक संगठनों का कहना है कि धार्मिक ट्रस्ट जनता की आस्था से जुड़े होते हैं, इसलिए उनके संचालन में पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित किया जाना बेहद आवश्यक है। यदि जांच में आरोप सही साबित होते हैं तो यह प्रदेश के चर्चित ट्रस्ट विवादों में से एक माना जाएगा।

जांच पर टिकी निगाहें

फिलहाल पुलिस आयुक्त द्वारा जांच के निर्देश दिए जाने के बाद सभी पक्षों की निगाहें आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। जांच के निष्कर्ष ही यह स्पष्ट करेंगे कि शिकायतकर्ताओं द्वारा लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और संबंधित लोगों की क्या भूमिका रही। जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक आरोपों को आरोप के रूप में ही देखा जाएगा। हालांकि मामले ने कानपुर से लेकर बांदा और प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी चर्चा का विषय बना दिया है।

कल्याणपुर कला स्थित राम प्रसादेश्वर मंदिर में लगा वॉटर कूलर, समाजसेवी रवि बाजपेयी की पहल से श्रद्धालुओं को मिलेगी राहत

कानपुर के कल्याणपुर विधानसभा क्षेत्र में भीषण गर्मी के बीच जनसेवा और सामाजिक सरोकार की एक सराहनीय मिसाल देखने को मिली। वर्षों से क्षेत्रीय जनता और श्रद्धालुओं द्वारा महसूस की जा रही आवश्यकता को समाजसेवी रवि बाजपेई ने बिना किसी सरकारी पद या राजनीतिक जिम्मेदारी के अपने सेवा भाव से पूरा कर दिखाया। उन्होंने कल्याणपुर कला स्थित प्रसिद्ध राम प्रसादेश्वर मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं और आम लोगों के लिए शीतल जल की व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए वॉटर कूलर लगवाया। इस पहल से मंदिर आने वाले भक्तों और राहगीरों को गर्मी के मौसम में बड़ी राहत मिलेगी। कार्यक्रम के दौरान मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, श्रद्धालु और मातृशक्ति उपस्थित रही। लोगों ने रवि बाजपेयी की इस पहल की जमकर सराहना की और इसे समाजसेवा की सच्ची भावना का उदाहरण बताया। उपस्थित लोगों का कहना था कि अक्सर लोग पद मिलने के बाद ही जनसेवा की बात करते हैं, लेकिन रवि बाजपेयी ने यह साबित कर दिया कि यदि सेवा का भाव हो तो बिना किसी पद के भी समाज के लिए सार्थक कार्य किए जा सकते हैं।

समाजसेवी रवि बाजपेयी ने इस अवसर पर कहा कि भीषण गर्मी के दौरान सबसे बड़ी जरूरत लोगों को स्वच्छ और शीतल पेयजल उपलब्ध कराने की होती है। मंदिर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं और गर्मी के कारण उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ता था। ऐसे में वॉटर कूलर लगवाने का उद्देश्य केवल लोगों को राहत पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि यह कोई बड़ा कार्य नहीं, बल्कि समाज और धर्मस्थल के प्रति उनका छोटा सा दायित्व है। रवि बाजपेयी ने यह भी कहा कि समाजसेवा केवल भाषणों और वादों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि लोगों की जरूरतों को समझते हुए जमीनी स्तर पर कार्य करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि यदि हर व्यक्ति अपने आसपास के क्षेत्र में छोटी-छोटी जिम्मेदारियां निभाने लगे, तो समाज में सकारात्मक बदलाव स्वतः दिखाई देने लगेगा।

राम प्रसादेश्वर मंदिर क्षेत्र के श्रद्धालुओं ने बताया कि गर्मियों में मंदिर में आने वाले बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को पानी की काफी दिक्कत होती थी। अब वॉटर कूलर लग जाने से लोगों को ठंडा और स्वच्छ पानी आसानी से उपलब्ध हो सकेगा। स्थानीय लोगों ने इसे जनहित में किया गया बेहद उपयोगी कार्य बताया। कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र के कई गणमान्य लोग और सामाजिक कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। प्रमुख रूप से अशोक सिंह दद्दा, संतोष सिंह, देवीचरण शुक्ला, मान सिंह, डीएन मिश्रा, संदीप कुमार, राहुल भदौरिया, बऊअन दादा, दिनेश सिंह, राहुल सिंह और अमन सिंह सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे। सभी ने रवि बाजपेयी के प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि समाज को ऐसे ही सेवा भाव रखने वाले लोगों की जरूरत है।

मौजूद मातृशक्ति ने भी इस पहल की प्रशंसा की और कहा कि मंदिर में आने वाली महिलाओं और बच्चों के लिए यह सुविधा बेहद लाभकारी साबित होगी। लोगों का मानना है कि धर्मस्थलों पर इस प्रकार की बुनियादी सुविधाओं का होना आवश्यक है ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो। स्थानीय निवासियों ने उम्मीद जताई कि आगे भी इसी तरह समाजहित में कार्य होते रहेंगे और क्षेत्र के अन्य सार्वजनिक स्थानों पर भी पेयजल जैसी सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी। लोगों ने यह भी कहा कि समाजसेवियों और जनप्रतिनिधियों को मिलकर ऐसे कार्यों को बढ़ावा देना चाहिए, जिससे आम जनता को सीधा लाभ मिल सके।

भीषण गर्मी के इस दौर में जहां तापमान लगातार बढ़ रहा है, वहीं शीतल जल की व्यवस्था लोगों के लिए राहत का बड़ा माध्यम बनती जा रही है। ऐसे समय में कल्याणपुर कला स्थित राम प्रसादेश्वर मंदिर में वॉटर कूलर की स्थापना निश्चित रूप से श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों के लिए उपयोगी कदम माना जा रहा है। कुल मिलाकर रवि बाजपेयी की यह पहल न केवल जनसेवा का संदेश देती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए पद या अधिकार से ज्यादा जरूरी सेवा भावना और जनहित के प्रति समर्पण होता है।

गेंजेस क्लब में हुआ ‘कास्टिंग काउच’ फिल्म का क्लाइमैक्स शूट, बॉलीवुड की कड़वी सच्चाई को दिखाएगी फिल्म

कानपुर के प्रतिष्ठित गेंजेस क्लब, आर्य नगर में आगामी फिल्म कास्टिंग काउच का क्लाइमैक्स शूट बड़े पैमाने पर संपन्न हुआ। इस दौरान फिल्म से जुड़े कलाकारों, तकनीकी टीम और निर्माताओं की मौजूदगी ने माहौल को फिल्मी रंग में रंग दिया। फिल्म के निर्माता अजय त्रिपाठी ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि यह फिल्म बॉलीवुड इंडस्ट्री के उस काले सच को उजागर करती है, जिसके बारे में अक्सर लोग खुलकर बात करने से बचते हैं। निर्माता अजय त्रिपाठी ने कहा कि देशभर से हर दिन हजारों युवा मुंबई पहुंचते हैं। इनमें कई ऐसे लड़के और लड़कियां होते हैं जो अभिनय, मॉडलिंग और फिल्मी दुनिया में नाम कमाने का सपना लेकर आते हैं। उन्होंने कहा कि मुंबई पहुंचने वाली ट्रेनों में हर तीसरा या चौथा व्यक्ति कहीं न कहीं बॉलीवुड में अपनी किस्मत आजमाने आता है।

लेकिन फिल्म इंडस्ट्री में सफलता पाना जितना आसान बाहर से दिखाई देता है, असल में यह संघर्ष उससे कहीं ज्यादा कठिन और चुनौतीपूर्ण होता है। उन्होंने बताया कि अधिकतर लोग कुछ समय संघर्ष करने के बाद वापस अपने घर लौट जाते हैं, जबकि बहुत कम लोग ही इंडस्ट्री में अपनी पहचान बना पाते हैं। खासकर लड़कियों को फिल्म इंडस्ट्री में कई कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। निर्माता के अनुसार, कई मामलों में काम पाने के लिए लड़कियों पर समझौते का दबाव बनाया जाता है। फिल्म कास्टिंग काउच इसी गंभीर मुद्दे को केंद्र में रखकर बनाई जा रही है। अजय त्रिपाठी ने कहा कि इस फिल्म का उद्देश्य केवल मनोरंजन करना नहीं है, बल्कि समाज और फिल्म इंडस्ट्री की उस सच्चाई को सामने लाना भी है, जिसे अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है।

फिल्म यह दिखाने की कोशिश करेगी कि सपनों की नगरी में संघर्ष कर रहे युवाओं को किन मानसिक और सामाजिक परिस्थितियों से गुजरना पड़ता है। फिल्म की शूटिंग कानपुर के कई प्रमुख स्थानों पर की गई है। इनमें बिठूर स्थित ट्यूलिप रिसोर्ट, गेंजेस क्लब और लखनऊ के विभिन्न लोकेशन शामिल हैं। फिल्म के निर्देशक रॉबिंस कुमार हैं, जिन्होंने कहानी को यथार्थवादी अंदाज में प्रस्तुत करने का प्रयास किया है। वहीं फिल्म के डायरेक्टर ऑफ फोटोग्राफी मोनू दीक्षित हैं, जिन्होंने सिनेमेटोग्राफी के माध्यम से दृश्यों को प्रभावशाली बनाने की कोशिश की है। फिल्म में मुख्य अभिनेत्री के रूप में प्रियंका सचान नजर आएंगी। उन्होंने अपने अभिनय से किरदार को जीवंत बनाने का प्रयास किया है। वहीं साइड हीरोइन की भूमिका में स्नेहा सचान दिखाई देंगी। फिल्म के हीरो राघव मिश्रा हैं, जो संघर्षशील कलाकार की भूमिका निभा रहे हैं। इसके अलावा संजय मिश्रा, बीके मिश्रा और अरशद खान ने भी महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। अरशद खान फिल्म में पुलिस इंस्पेक्टर के किरदार में दिखाई देंगे।

गेंजेस क्लब में फिल्माए गए क्लाइमैक्स सीन के दौरान कलाकारों ने कई महत्वपूर्ण दृश्य शूट किए। शूटिंग देखने के लिए स्थानीय लोगों की भीड़ भी जमा हो गई। फिल्म यूनिट के सदस्यों ने बताया कि क्लाइमैक्स फिल्म का सबसे अहम हिस्सा है, जिसमें कहानी का बड़ा मोड़ दर्शकों को देखने को मिलेगा। फिल्म से जुड़े कलाकारों का कहना है कि यह फिल्म केवल मनोरंजन नहीं बल्कि एक सामाजिक संदेश भी देगी। फिल्म में यह दिखाया जाएगा कि सपनों को पूरा करने के लिए संघर्ष जरूरी है, लेकिन किसी भी प्रकार का शोषण स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए। कलाकारों ने उम्मीद जताई कि यह फिल्म युवाओं को जागरूक करेगी और समाज में सकारात्मक संदेश देगी।

निर्देशक रॉबिंस कुमार ने कहा कि उन्होंने फिल्म को वास्तविक घटनाओं और संघर्षों से प्रेरित होकर तैयार किया है। उनका उद्देश्य दर्शकों को भावनात्मक रूप से जोड़ना और इंडस्ट्री की सच्चाई से रूबरू कराना है। उन्होंने कहा कि फिल्म का हर दृश्य वास्तविकता के करीब रखने की कोशिश की गई है ताकि लोग इससे जुड़ाव महसूस कर सकें। फिल्म की शूटिंग पूरी होने के बाद अब पोस्ट-प्रोडक्शन का कार्य शुरू किया जाएगा। निर्माता अजय त्रिपाठी ने बताया कि जल्द ही फिल्म का ट्रेलर रिलीज किया जाएगा और इसके बाद फिल्म को सिनेमाघरों तथा डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रिलीज करने की तैयारी की जाएगी। कुल मिलाकर कास्टिंग काउच’ फिल्म बॉलीवुड की चमक-दमक के पीछे छिपे संघर्ष, दर्द और समझौतों की कहानी को पर्दे पर लाने का प्रयास कर रही है। फिल्म से जुड़े कलाकार और निर्माता उम्मीद कर रहे हैं कि यह फिल्म दर्शकों को पसंद आएगी और एक गंभीर सामाजिक मुद्दे पर चर्चा शुरू करेगी।

वैदिक परंपराओं के साथ हुआ सदस्यता अभियान एवं सम्मान समारोह, संगठन विस्तार पर दिया गया जोर

संवाददाता,श्रीकीर्ती उपाध्यय
गाजीपुर। वैदिक भारत उत्थान संगठन एनजीओ द्वारा सदस्यता अभियान एवं सम्मान समारोह का आयोजन वैदिक परंपराओं और धार्मिक वातावरण के बीच संपन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत वेद मंत्रों, स्तुति पाठ और भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ की गई। आयोजन में बड़ी संख्या में संगठन पदाधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता,जनप्रतिनिधि और स्थानीय नागरिक शामिल हुए। कार्यक्रम का उद्देश्य संगठन के विस्तार के साथ-साथ समाज में वैदिक संस्कृति, राष्ट्रभक्ति और सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देना रहा।

यह कार्यक्रम संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री कीर्ति उपाध्याय के पैतृक आवास पर आयोजित किया गया, जहां वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार अतिथियों का स्वागत किया गया। आयोजन के दौरान संगठन के सक्रिय सदस्यों और अतिथियों को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित भी किया गया। समारोह में उपस्थित वक्ताओं ने संगठन के उद्देश्यों, सामाजिक कार्यों और भावी योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में किसान मोर्चा जिला अध्यक्ष श्री ओम प्रकाश उपाध्याय उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि आज समाज को ऐसे संगठनों की आवश्यकता है जो भारतीय संस्कृति, वैदिक परंपराओं और राष्ट्रहित के मूल्यों को आगे बढ़ाने का कार्य करें। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को अपनी संस्कृति और सभ्यता से जोड़ना समय की सबसे बड़ी जरूरत है। उन्होंने संगठन के सदस्यता अभियान की सराहना करते हुए अधिक से अधिक लोगों से इससे जुड़ने की अपील की।

विशिष्ट अतिथि श्री विश्वनाथ तिवारी सहायक अध्यक्ष ने अपने वक्तव्य में कहा कि वैदिक भारत उत्थान संगठन समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि संगठन केवल सदस्यता तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक सेवा, राष्ट्र निर्माण और सांस्कृतिक संरक्षण के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से संगठन की विचारधारा को गांव-गांव और जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी श्री मणि त्रिपाठी ने संगठन की गतिविधियों की जानकारी देते हुए कहा कि वैदिक भारत उत्थान संगठन लगातार समाजहित के कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया कि संगठन का उद्देश्य भारतीय संस्कृति, गौ संरक्षण, धार्मिक जागरूकता, शिक्षा और सामाजिक समरसता को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि संगठन आने वाले समय में प्रदेश और देश स्तर पर कई सामाजिक अभियानों को आगे बढ़ाएगा।

कार्यक्रम में पवन कुमार मिश्रा, विजय पाल गुप्ता, महंत पांडेय जिला अध्यक्ष क्षेत्र पंचायत, अभिषेक तिवारी संगठन सह कार्यवाहक, आरएसएस युवा नेता आकाश पांडेय सहित कई प्रमुख लोग उपस्थित रहे। सभी ने संगठन की गतिविधियों की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए उपयोगी बताया। समारोह के दौरान संगठन द्वारा सदस्यता अभियान भी चलाया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने सदस्यता ग्रहण की। संगठन पदाधिकारियों ने नए सदस्यों को संगठन की नीतियों और उद्देश्यों की जानकारी दी। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने भारतीय संस्कृति और राष्ट्रहित से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करते हुए संगठन को मजबूत बनाने का संकल्प लिया। आयोजन के दौरान वक्ताओं ने गौ माता संरक्षण, भारतीय संस्कार, वैदिक शिक्षा और सामाजिक एकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि आधुनिकता के इस दौर में भारतीय संस्कृति और परंपराओं को बचाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। इसी उद्देश्य को लेकर संगठन लगातार कार्य कर रहा है।

कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान और भारत माता की जयकारों के साथ हुआ। अंत में संगठन की ओर से सभी अतिथियों, पदाधिकारियों और उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया गया। आयोजन का वातावरण पूरी तरह धार्मिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत दिखाई दिया। संगठन पदाधिकारियों ने विश्वास जताया कि आने वाले समय में वैदिक भारत उत्थान संगठन समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

PCM SPOT में मेधावी छात्रों ने भरी ऊंची उड़ान, सम्मान समारोह में प्रतिभाओं का हुआ गौरव

कानपुर: डेस्क रिपोर्ट

 किदवई नगर स्थित प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान PCM SPOT एक बार फिर शिक्षा के क्षेत्र में अपनी उत्कृष्टता को साबित रहा है। संस्थान में रविवार को आयोजित वार्षिक सम्मान समारोह इस बार खास है, क्योंकि इसमें शैक्षणिक सत्र 2025-26 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्रों को सम्मानित किया जाएगा। यह आयोजन न केवल छात्रों की मेहनत और उपलब्धियों का जश्न होगा, बल्कि अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बनेगा।

कार्यक्रम का आयोजन शाम 5 बजे 691 के ब्लॉक किदवई नगर मिकी हाउस के पास स्थित PCM SPOT परिसर में किया जाएगा। समारोह की अध्यक्षता संस्थान के निदेशक शुभांकन बाजपेई करेंगे। इस अवसर पर बड़ी संख्या में छात्र, अभिभावक और शिक्षक उपस्थित रहेंगे, जिससे कार्यक्रम का महत्व और भी बढ़ जाता है।

संस्थान प्रबंधन के अनुसार, यह वार्षिक सम्मान समारोह केवल पुरस्कार वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह छात्रों की मेहनत, अनुशासन और समर्पण को पहचान देने का एक सशक्त मंच है। PCM SPOT लंबे समय से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर परिणामों के लिए जाना जाता है। यहां से हर वर्ष कई छात्र उत्कृष्ट प्रदर्शन कर अपने परिवार, समाज और संस्थान का नाम रोशन करते हैं।

निदेशक शुभांकन बाजपेई ने कार्यक्रम को लेकर कहा कि PCM SPOT का उद्देश्य सिर्फ पढ़ाई तक सीमित नहीं है, बल्कि छात्रों के समग्र विकास पर भी ध्यान देना है। उन्होंने बताया कि संस्थान छात्रों को न केवल शैक्षणिक ज्ञान देता है, बल्कि उन्हें जीवन में आगे बढ़ने के लिए जरूरी आत्मविश्वास और मार्गदर्शन भी प्रदान करता है। उनके अनुसार, यह सम्मान समारोह उन छात्रों के लिए प्रेरणा का कार्य करता है, जिन्होंने कड़ी मेहनत और अनुशासन के साथ सफलता हासिल की है।

उन्होंने आगे कहा कि ऐसे आयोजनों से छात्रों का आत्मविश्वास बढ़ता है और उनमें आगे बेहतर करने की प्रेरणा जागृत होती है। यह कार्यक्रम अन्य विद्यार्थियों को भी यह संदेश देता है कि निरंतर प्रयास और समर्पण से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।

कार्यक्रम की रूपरेखा के अनुसार, समारोह की शुरुआत मुख्य संबोधन से होगी, जिसमें शिक्षा, करियर और भविष्य की चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। इसके बाद मेधावी छात्रों को पुरस्कार और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। कार्यक्रम के अंत में संवाद सत्र आयोजित किया जाएगा, जिसमें छात्र और अभिभावक अपने सवालों के जवाब शिक्षकों और विशेषज्ञों से प्राप्त कर सकेंगे।

इस वर्ष जिन छात्रों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है, उनमें कई नाम विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं। कक्षा 10 की छात्रा दिव्या गुप्ता ने 98.6 प्रतिशत अंक प्राप्त कर शीर्ष स्थान हासिल किया है। वहीं खुशाग्र शुक्ला ने 97 प्रतिशत, शौर्य सिंह चौहान ने 95 प्रतिशत और उत्कर्षी वर्मा ने 93 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं। इसके अलावा लावण्या मिश्रा ने 92 प्रतिशत और अनुषा मिश्रा ने 94.2 प्रतिशत अंक हासिल कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया है।

कक्षा 12 के परिणामों में भी छात्रों ने शानदार प्रदर्शन किया है। सौम्या गुप्ता ने 95.75 प्रतिशत अंक प्राप्त कर संस्थान का नाम रोशन किया, जबकि श्रद्धा ने 94 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। इसके अलावा शौर्य यादव और नैतिक जैसे छात्रों ने भी 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त कर यह साबित कर दिया है कि कड़ी मेहनत और समर्पण से सफलता हासिल की जा सकती है।

इन सभी छात्रों की सफलता के पीछे उनकी मेहनत के साथ-साथ शिक्षकों का मार्गदर्शन और अभिभावकों का सहयोग भी अहम भूमिका निभाता है। PCM SPOT का मानना है कि शिक्षा एक सामूहिक प्रक्रिया है, जिसमें छात्र, शिक्षक और अभिभावक तीनों की भागीदारी जरूरी होती है।

संस्थान द्वारा आयोजित यह सम्मान समारोह न केवल मेधावी छात्रों के लिए गर्व का क्षण होगा, बल्कि अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का माध्यम भी बनेगा। ऐसे आयोजनों से प्रतिस्पर्धात्मक माहौल को बढ़ावा मिलता है और छात्र बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित होते हैं।

आज के दौर में जहां प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है, वहां सही मार्गदर्शन और सकारात्मक वातावरण का होना बेहद जरूरी है। PCM SPOT इसी दिशा में लगातार प्रयासरत है और छात्रों को एक मजबूत भविष्य देने के लिए प्रतिबद्ध है।

कुल मिलाकर, PCM SPOT का यह वार्षिक सम्मान समारोह एक प्रेरणादायक आयोजन साबित होगा, जिसमें मेहनत, प्रतिभा और सफलता का उत्सव मनाया जाएगा। यह कार्यक्रम न केवल छात्रों के लिए यादगार रहेगा, बल्कि समाज में शिक्षा के महत्व को भी उजागर करेगा और यह संदेश देगा कि सही दिशा में किए गए प्रयास से हर सपना साकार हो सकता है।

कानपुर की राखी मंडी में फैक्ट्री में लगी भीषण आग, घंटों बाद पाया गया काबू

डेस्क रिपोर्ट

कानपुर नगर के जूही थाना क्षेत्र स्थित बम्बुरहिया राखी मंडी में शनिवार दोपहर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब वाइजर बनाने वाली एक फैक्ट्री में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में उसने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरी फैक्ट्री को अपनी चपेट में ले लिया। फैक्ट्री से उठते काले धुएं के गुबार दूर-दूर तक दिखाई देने लगे, जिससे इलाके में दहशत का माहौल बन गया।

जानकारी के अनुसार, राखी मंडी स्थित प्राइमस इंटरप्राइजेज नामक फैक्ट्री में दोपहर करीब तीन बजे अचानक आग भड़क उठी। शुरुआती तौर पर आग लगने के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल सका है, लेकिन आशंका जताई जा रही है कि फैक्ट्री में मौजूद ज्वलनशील सामग्री के कारण आग तेजी से फैल गई। देखते ही देखते आग ने पूरी इमारत को घेर लिया और आसपास के क्षेत्रों तक इसका असर महसूस किया जाने लगा।

स्थानीय लोगों ने जैसे ही फैक्ट्री से धुआं उठता देखा, तुरंत पुलिस और फायर विभाग को सूचना दी। मौके पर पहुंची जूही थाना पुलिस ने सबसे पहले आसपास मौजूद लोगों को सुरक्षित स्थानों पर हटाया और इलाके को खाली कराया, ताकि कोई जनहानि न हो। इसके बाद फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का अभियान शुरू किया गया।

हालांकि आग पर काबू पाना आसान नहीं था। फैक्ट्री के अंदर प्लास्टिक और अन्य ज्वलनशील सामग्री की मौजूदगी के कारण आग बार-बार भड़क उठ रही थी। फायर ब्रिगेड की टीम ने लगातार पानी की बौछार कर आग को नियंत्रित करने की कोशिश की, लेकिन एक बार आग बुझने के बाद वह दोबारा तेज हो गई। इस वजह से आग बुझाने में काफी समय लग गया। करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत और अथक प्रयासों के बाद फायर ब्रिगेड की टीम आग पर पूरी तरह काबू पाने में सफल रही। इस दौरान मौके पर सीएफओ (मुख्य अग्निशमन अधिकारी) दीपक शर्मा भी पहुंचे और उन्होंने स्थिति का जायजा लेते हुए टीम को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। आग बुझने के बाद फैक्ट्री के अंदर भारी नुकसान का अंदाजा लगाया जा रहा है, हालांकि अभी तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली है।

घटना के बाद स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने इलाके में चल रहे अवैध गोदामों को लेकर गंभीर चिंता जताई है। क्षेत्रीय पार्षद शालू सुनील कनौजिया ने आरोप लगाया कि राखी मंडी क्षेत्र में बड़ी संख्या में प्लास्टिक और अन्य ज्वलनशील सामग्री के अवैध गोदाम संचालित हो रहे हैं, जो भविष्य में और भी बड़े हादसों को जन्म दे सकते हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे सभी अवैध गोदामों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। पार्षद का कहना है कि यदि समय रहते इन अवैध गतिविधियों पर रोक नहीं लगाई गई, तो आने वाले समय में इससे भी बड़ी और गंभीर घटनाएं हो सकती हैं, जिससे जन-धन की भारी हानि हो सकती है। स्थानीय निवासियों ने भी प्रशासन से नियमित जांच और सख्त निगरानी की मांग की है, ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। फिलहाल पुलिस और प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। आग लगने के कारणों का पता लगाने के लिए तकनीकी टीम को भी लगाया जा सकता है। साथ ही यह भी जांच की जाएगी कि फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं।

यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि घनी आबादी वाले क्षेत्रों में इस तरह की फैक्ट्रियों और ज्वलनशील सामग्री के गोदामों को चलाने की अनुमति कैसे दी जाती है। प्रशासन के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती न केवल इस घटना की निष्पक्ष जांच करना है, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाना भी है। कानपुर में हुई इस घटना ने स्थानीय लोगों को झकझोर कर रख दिया है और सभी की नजरें अब प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं।

कानपुर में गंदे पानी पर बवाल: पार्षद ने अफसरों को धूप में खड़ा कर कराया मरम्मत कार्य, 24 घंटे में समाधान का अल्टीमेटम

डेस्क रिपोर्ट

कानपुर नगर में चल रहे सीएम ग्रिड सड़क निर्माण कार्य के बीच एक बड़ी लापरवाही उजागर हुई है, जिसने स्थानीय लोगों की सेहत को खतरे में डाल दिया। बाबाकुटी चौराहा से लेकर अलंकार गेस्ट हाउस तक चल रहे निर्माण कार्य के दौरान पेयजल पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई, जिसके चलते क्षेत्र में गंदे पानी की सप्लाई शुरू हो गई। इस दूषित पानी को पीने से इलाके के कई लोग बीमार पड़ने लगे, जिससे स्थानीय निवासियों में आक्रोश फैल गया। कई दिनों तक समस्या बने रहने के बाद जब लोगों को कोई राहत नहीं मिली, तो उन्होंने क्षेत्र की पार्षद शालू सुनील कनौजिया को इसकी जानकारी दी। शिकायत मिलते ही पार्षद तुरंत मौके पर पहुंचीं और स्थिति का जायजा लिया। मौके पर गंदे पानी की सप्लाई और बदहाल हालात को देखकर वह नाराज हो गईं।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पार्षद ने जलकल विभाग के अधिशाषी अभियंता जोन-3 नबीला खान और जल निगम के अवर अभियंता आशीष जयंत को तत्काल मौके पर बुलाया। अधिकारियों के पहुंचते ही पार्षद ने कड़ा रुख अपनाते हुए साफ शब्दों में कहा कि जिस तरह से जनता गंदा पानी पीकर परेशान हो रही है, उसी तरह उन्हें भी धूप में खड़े रहकर हालात का सामना करना होगा, ताकि उन्हें जनता के दर्द का एहसास हो सके। पार्षद के इस सख्त रुख के बाद मौके का माहौल बदल गया। चिलचिलाती धूप में सभी अधिकारी खड़े रहे। इस दौरान पार्षद ने एक ओर जहां जेई आशीष जैन को कुर्सी पर बैठा दिया, वहीं खुद अधिशाषी अभियंता नबीला खान और अवर अभियंता मन्नू साहनी के साथ धूप में खड़ी रहीं। यह दृश्य वहां मौजूद लोगों के लिए भी चर्चा का विषय बन गया।

कुछ ही देर में तेज धूप का असर अधिकारियों पर दिखने लगा और अवर अभियंता आशीष जैन पसीने से तरबतर हो गए। इसके बाद उन्होंने विभाग की लापरवाही को स्वीकार किया और 24 घंटे के भीतर समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया। हालांकि, पार्षद अपने रुख पर अडिग रहीं और उन्होंने अधिकारियों को मौके से जाने की अनुमति नहीं दी। पार्षद ने स्पष्ट कहा कि जब तक मरम्मत कार्य शुरू नहीं होगा, तब तक कोई भी अधिकारी वहां से नहीं जाएगा। इसके बाद अवर अभियंता ने तुरंत कर्मचारियों को मौके पर बुलवाया और क्षतिग्रस्त पाइपलाइन की मरम्मत का काम शुरू कराया गया। स्थानीय लोगों ने पार्षद की इस कार्रवाई की सराहना की और कहा कि अगर जनप्रतिनिधि इसी तरह सक्रिय रहें, तो जनता की समस्याओं का समाधान तेजी से हो सकता है। लोगों का कहना था कि कई दिनों से गंदे पानी की समस्या बनी हुई थी, लेकिन विभाग के अधिकारी इसे गंभीरता से नहीं ले रहे थे।

यह घटना न केवल विभागीय लापरवाही को उजागर करती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि जनप्रतिनिधियों की सक्रियता से प्रशासन को जवाबदेह बनाया जा सकता है। पार्षद शालू सुनील कनौजिया का यह कदम क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोगों को उम्मीद है कि अब समस्या का स्थायी समाधान किया जाएगा। फिलहाल मरम्मत कार्य शुरू हो चुका है और अधिकारियों ने 24 घंटे के भीतर पूरी तरह से जलापूर्ति व्यवस्था दुरुस्त करने का भरोसा दिया है।

कानपुर में संचारी रोग नियंत्रण अभियान की शुरुआत: जोनल बैठक के साथ घर-घर सर्वे, निक्षय शिविर में 100 लोगों की जांच

कानपुर नगर(डेस्क रिपोर्ट):
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान की शुरुआत के साथ ही कानपुर नगर में स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम ने संयुक्त रूप से व्यापक स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं। 1 से 30 अप्रैल 2026 तक चलने वाले इस अभियान के साथ 10 अप्रैल से दस्तक अभियान भी संचालित किया जा रहा है। इन अभियानों का मुख्य उद्देश्य डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया और जापानी इंसेफेलाइटिस जैसी खतरनाक बीमारियों की रोकथाम करना है। इसी क्रम में आज जोन तीन के जोनल अधिकारी कार्यालय में पार्षदों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने जनप्रतिनिधियों को अभियान की रूपरेखा, उद्देश्यों और जिम्मेदारियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।


जोनल बैठक में हुई विस्तृत चर्चा

बैठक में जिला क्षयरोग अधिकारी DTO डॉ. सुबोध प्रकाश और जिला कोऑर्डिनेटर सुधीर यादव ने पार्षदों को टीबी (क्षय रोग) के प्रति जागरूक किया। उन्होंने बताया कि टीबी अभी भी एक गंभीर बीमारी है, लेकिन समय पर पहचान और सही इलाज से इसे पूरी तरह ठीक किया जा सकता है। डॉ. सुबोध प्रकाश ने पार्षदों से अपील की कि वे अपने-अपने वार्ड में लोगों को टीबी के लक्षणों लगातार खांसी, बुखार, वजन घटना के बारे में जागरूक करें और संदिग्ध मरीजों को जांच के लिए प्रेरित करें। साथ ही उन्होंने निक्षय योजना” के तहत मिलने वाली सुविधाओं के बारे में भी जानकारी दी।


घर-घर सर्वे और दस्तक अभियान

दस्तक अभियान के तहत स्वास्थ्य कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों की स्वास्थ्य स्थिति का आकलन कर रहे हैं। इस दौरान बुखार, टीबी के संभावित मरीजों और कुपोषित बच्चों की पहचान की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें न केवल बीमारियों की पहचान कर रही हैं, बल्कि लोगों को साफ-सफाई और मच्छर जनित रोगों से बचाव के उपाय भी बता रही हैं। इसके अलावा, जिन क्षेत्रों में जलभराव या गंदगी की समस्या है, वहां विशेष ध्यान दिया जा रहा है।


फॉगिंग और एंटी-लार्वा छिड़काव

मच्छर जनित बीमारियों की रोकथाम के लिए नगर निगम द्वारा फॉगिंग और एंटी-लार्वा का छिड़काव भी किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्य नियमित रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में किया जाएगा ताकि मच्छरों के प्रजनन को रोका जा सके।


जरौली गांव में निक्षय शिविर का आयोजन

अभियान के तहत जरौली गांव में पार्षद अभय शुक्ला के आवास पर एक निक्षय शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल हुए। पार्षद की अध्यक्षता में करीब 100 लोगों का एक्स-रे किया गया। इसके अलावा शिविर में लोगों की ब्लड प्रेशर, शुगर और बीएमआई बॉडी मास इंडेक्स की भी जांच की गई। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर ही जरूरतमंद लोगों को मुफ्त दवाइयां भी वितरित कीं।


जनजागरूकता पर विशेष जोर

अधिकारियों ने बताया कि इस अभियान का एक महत्वपूर्ण पहलू जनजागरूकता है। जब तक लोग खुद सतर्क नहीं होंगे, तब तक इन बीमारियों पर पूरी तरह नियंत्रण पाना मुश्किल है। लोगों को सलाह दी जा रही है कि वे अपने घरों के आसपास पानी जमा न होने दें, मच्छरदानी का उपयोग करें और बुखार या अन्य लक्षण दिखाई देने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।


जनप्रतिनिधियों की भूमिका अहम

बैठक में मौजूद पार्षदों को अपने-अपने क्षेत्रों में अभियान को सफल बनाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने को कहा गया। अधिकारियों ने बताया कि जनप्रतिनिधि यदि लोगों को जागरूक करेंगे, तो अभियान का प्रभाव और भी बढ़ेगा। पार्षद अभय शुक्ला ने कहा कि वे अपने क्षेत्र में स्वास्थ्य जागरूकता को लेकर लगातार काम कर रहे हैं और आगे भी इस अभियान में पूरा सहयोग देंगे।


अभियान का उद्देश्य और महत्व

संचारी रोग नियंत्रण अभियान का मुख्य उद्देश्य मौसमी बीमारियों को फैलने से पहले ही रोकना है। हर साल मानसून के दौरान डेंगू, मलेरिया और अन्य बीमारियों के मामले बढ़ जाते हैं। ऐसे में पहले से तैयारी करना बेहद जरूरी है। इस अभियान के माध्यम से सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि हर व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचे और कोई भी व्यक्ति इलाज से वंचित न रहे।


स्वास्थ्य विभाग की अपील

स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे इस अभियान में सहयोग करें और स्वास्थ्य टीमों को सही जानकारी दें। साथ ही, किसी भी तरह की बीमारी के लक्षण नजर आने पर तुरंत जांच कराएं।


निष्कर्ष

कानपुर नगर में संचारी रोग नियंत्रण अभियान की शुरुआत के साथ ही स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम पूरी तरह सक्रिय हो गए हैं। जोनल बैठक, घर-घर सर्वे, फॉगिंग और स्वास्थ्य शिविरों के जरिए इस अभियान को जमीनी स्तर पर लागू किया जा रहा है। यदि जनसहभागिता और प्रशासनिक प्रयास इसी तरह जारी रहे, तो निश्चित रूप से डेंगू, मलेरिया और टीबी जैसी बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकेगा।

कानपुर: सजेती पुलिस के हत्थे चढ़ा शातिर चोर, वैगनआर कार और नकदी बरामद

कानपुर नगर(डेस्क रिपोर्ट):
कानपुर नगर के सजेती थाना क्षेत्र में पुलिस को एक और महत्वपूर्ण सफलता मिली है। नियमित चेकिंग अभियान के दौरान पुलिस ने एक शातिर चोर को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपी की पहचान सुनील कुमार के रूप में हुई है, जो फतेहाबाद जनपद का निवासी बताया जा रहा है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक वैगनआर कार UP 76 AW 8295 और करीब 6100 रुपये नकद बरामद किए हैं। यह कार्रवाई सजेती थाना पुलिस की सतर्कता और सक्रियता का परिणाम मानी जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में अपराध पर नियंत्रण के लिए लगातार चेकिंग और निगरानी बढ़ाई गई है, जिसके चलते यह गिरफ्तारी संभव हो सकी।

चेकिंग के दौरान पकड़ा गया आरोपी
पुलिस के अनुसार, सजेती थाना क्षेत्र में संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की सघन चेकिंग की जा रही थी। इसी दौरान एक वैगनआर कार संदिग्ध स्थिति में दिखाई दी। पुलिस टीम ने वाहन को रोककर जांच की, तो चालक की गतिविधियां संदिग्ध लगीं। पूछताछ के दौरान वह संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया, जिसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की। पूछताछ में आरोपी ने चोरी की घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली। इसके बाद पुलिस ने उसे औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया और उसके कब्जे से कार व नकदी बरामद की।

बरामदगी और जांच
पुलिस ने आरोपी के पास से बरामद वैगनआर कार UP 76 AW 8295 को कब्जे में ले लिया है। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि यह वाहन चोरी का हो सकता है या चोरी की वारदातों में इस्तेमाल किया गया हो। हालांकि, पुलिस वाहन के कागजात और उसके स्वामित्व की जांच कर रही है, ताकि पूरी सच्चाई सामने आ सके। इसके अलावा आरोपी के पास से करीब 6100 रुपये नकद भी बरामद किए गए हैं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि यह रकम किसी चोरी की घटना से संबंधित है या नहीं।

डीसीपी साउथ का बयान
मामले को लेकर डीसीपी साउथ ने प्रेस वार्ता में जानकारी देते हुए बताया कि सजेती थाना पुलिस ने एक शातिर चोर को गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और उसे न्यायालय में पेश किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि आरोपी से पूछताछ के दौरान अन्य संभावित वारदातों और उसके साथियों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। यदि इस मामले में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

गिरफ्तारी टीम की भूमिका
इस सफलता में सजेती थाना प्रभारी और उनकी टीम की अहम भूमिका रही। पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए संदिग्ध वाहन को रोका और तत्परता से कार्रवाई करते हुए आरोपी को पकड़ लिया। अधिकारियों ने टीम के कार्य की सराहना की है और कहा है कि इस तरह की सक्रियता से ही अपराध पर नियंत्रण पाया जा सकता है।

अपराध पर अंकुश की दिशा में प्रयास
कानपुर पुलिस द्वारा चलाए जा रहे सघन चेकिंग अभियान का उद्देश्य क्षेत्र में बढ़ती आपराधिक गतिविधियों पर लगाम लगाना है। हाल के दिनों में चोरी और वाहन चोरी की घटनाओं को देखते हुए पुलिस ने निगरानी और गश्त बढ़ा दी है। इसी के तहत विभिन्न थाना क्षेत्रों में लगातार चेकिंग अभियान चलाए जा रहे हैं। पुलिस का मानना है कि इस तरह की कार्रवाई से न केवल अपराधियों में भय पैदा होता है, बल्कि आम जनता में सुरक्षा का विश्वास भी मजबूत होता है।

स्थानीय लोगों में संतोष
सजेती क्षेत्र में इस गिरफ्तारी के बाद स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है। लोगों का कहना है कि पुलिस की सक्रियता से अपराधियों पर लगाम लगेगी और क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनी रहेगी। उन्होंने पुलिस प्रशासन से ऐसे ही अभियान लगातार चलाने की मांग की है।

आगे की कार्रवाई
पुलिस अब आरोपी के आपराधिक इतिहास की भी जांच कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि वह पहले किन-किन मामलों में शामिल रहा है और उसके खिलाफ अन्य जिलों में भी कोई मुकदमे दर्ज हैं या नहीं। इसके साथ ही पुलिस आरोपी से पूछताछ के आधार पर अन्य संभावित साथियों और गिरोह के नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। यदि इस मामले में और लोग शामिल पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

निष्कर्ष
सजेती थाना पुलिस की यह कार्रवाई अपराध नियंत्रण की दिशा में एक अहम कदम है। एक शातिर चोर की गिरफ्तारी और उससे वाहन व नकदी की बरामदगी यह दर्शाती है कि पुलिस अपने दायित्वों के प्रति गंभीर है और अपराधियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाए हुए है। आने वाले समय में भी ऐसे अभियान जारी रहने की उम्मीद है, जिससे क्षेत्र में अपराध पर प्रभावी नियंत्रण कायम रखा जा सके।

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