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रुकी दुनिया, बढ़ा भारत! खतरे के बीच होर्मुज की ओर बढ़े भारतीय टैंकर

यूपी क्राइम अलर्ट न्यूज़ ब्यूरो

नई दिल्ली: खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव और युद्ध जैसे हालात के बीच दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य पर लगभग सन्नाटा पसरा हुआ है। हालात ऐसे हैं कि पिछले 24 घंटों में इस रास्ते से एक भी कच्चा तेल ले जाने वाला टैंकर नहीं गुजरा, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर संकट गहराने लगा है।ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच बढ़ते टकराव ने इस अहम जलमार्ग को युद्ध क्षेत्र में बदल दिया है। तेहरान की ओर से जहाजों को निशाना बनाने की चेतावनी के बाद सैकड़ों जहाज सुरक्षा के चलते लंगर डाल चुके हैं। दुनिया की करीब 20 प्रतिशत तेल और एलपीजी आपूर्ति इसी मार्ग से होती है, ऐसे में यह ठहराव वैश्विक बाजार के लिए गंभीर संकेत है।
इसी तनावपूर्ण माहौल में भारत के दो एलपीजी टैंकर ‘पाइन गैस’ और ‘जग वसंत’ ने इस खतरनाक रास्ते से गुजरने की तैयारी शुरू कर दी है। शारजाह के पास मौजूद इन जहाजों ने अपने सिग्नल से संकेत दिया है कि वे जल्द ही अपनी यात्रा फिर शुरू कर सकते हैं। बताया जा रहा है कि ‘जग वसंत’ को बीपीसीएल और ‘पाइन गैस’ को आईओसी संचालित कर रहा है।
भारत सरकार पूरे घटनाक्रम पर करीबी नजर बनाए हुए है।विदेश मंत्रालय ने साफ किया है कि देश अपने जहाजों की सुरक्षित आवाजाही के लिए हर संभव कूटनीतिक प्रयास कर रहा है। इसके लिए उच्च स्तर पर वैश्विक नेताओं से संपर्क भी जारी है।विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की संतुलित कूटनीति और तटस्थ छवि के चलते कुछ चुनिंदा जहाजों को इस मार्ग से गुजरने की अनुमति मिल पा रही है। अगर ये दोनों टैंकर सुरक्षित रूप से होर्मुज पार कर लेते हैं, तो यह न केवल भारत बल्कि वैश्विक ऊर्जा बाजार के लिए भी राहत भरी खबर साबित होगी।

मुख्य बिंदु

  • होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते तनाव के चलते तेल टैंकरों की आवाजाही लगभग ठप
  • पिछले 24 घंटों में एक भी कच्चा तेल ले जाने वाला टैंकर नहीं गुजरा
  • सैकड़ों जहाजों ने सुरक्षा कारणों से समुद्र में डाला लंगर
  • दुनिया की करीब 20% तेल और एलपीजी सप्लाई इसी मार्ग से होती है
  • ईरान की चेतावनी के बाद क्षेत्र में युद्ध जैसे हालात
  • भारत के दो टैंकर ‘पाइन गैस’ और ‘जग वसंत’ ने आगे बढ़ने की तैयारी की
  • ‘जग वसंत’ BPCL और ‘पाइन गैस’ IOC द्वारा संचालित
  • भारत सरकार जहाजों की सुरक्षा को लेकर सतर्क, कूटनीतिक प्रयास तेज
  • बैक-चैनल वार्ताओं के जरिए सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित करने की कोशिश
  • वैश्विक तेल बाजार पर असर, कीमतों में उछाल की आशंका
  • सुरक्षित पार होने पर भारत और दुनिया को मिल सकती है बड़ी राहत

ईरान पर वार की तैयारी! अमेरिका को UK के सैन्य ठिकानों की खुली छूट

यूपी क्राइम अलर्ट न्यूज़ ब्यूरो
नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में तेजी से बदलते भू-राजनीतिक समीकरणों के बीच ब्रिटेन ने एक अहम और निर्णायक कदम उठाया है। ब्रिटिश सरकार ने अमेरिका को अपने सैन्य ठिकानों के इस्तेमाल की खुली छूट दे दी है, जिससे अब अमेरिका ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई को और तेज कर सकता है। इस फैसले को ‘सामूहिक आत्मरक्षा’ (Collective Self-Defense) के तहत लिया गया बताया जा रहा है।

ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि यह निर्णय अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा और वैश्विक शिपिंग मार्गों की रक्षा के मद्देनजर लिया गया है। खास तौर पर होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान की ओर से कथित तौर पर जहाजों को निशाना बनाने की घटनाओं ने पश्चिमी देशों की चिंता बढ़ा दी है।

🔴 अमेरिका को मिले दो बड़े सैन्य ठिकाने

इस फैसले के तहत अमेरिका को ब्रिटेन के दो रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण सैन्य अड्डों—आरएएफ फेयरफोर्ड (RAF Fairford) और हिंद महासागर में स्थित डिएगो गार्सिया—का उपयोग करने की अनुमति मिल गई है। ये दोनों ठिकाने अमेरिकी वायु और नौसैनिक अभियानों के लिए बेहद अहम माने जाते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि डिएगो गार्सिया से अमेरिका लंबी दूरी के बमवर्षक विमानों और मिसाइल सिस्टम के जरिए ईरान के संवेदनशील ठिकानों को निशाना बना सकता है। वहीं, RAF फेयरफोर्ड यूरोप से संचालन के लिए महत्वपूर्ण केंद्र है।

🔴 क्यों बदला ब्रिटेन का रुख?

गौरतलब है कि कुछ दिन पहले तक ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर सैन्य कार्रवाई को लेकर काफी सतर्क रुख अपनाए हुए थे। उन्होंने बार-बार इस बात पर जोर दिया था कि किसी भी सैन्य कदम के लिए स्पष्ट कानूनी आधार होना जरूरी है।

लेकिन हाल के दिनों में क्षेत्र में बढ़ते तनाव, ईरानी गतिविधियों और सहयोगी देशों पर बढ़ते खतरे को देखते हुए ब्रिटेन ने अपना रुख बदल लिया। अब वह खुलकर अमेरिका के साथ खड़ा नजर आ रहा है।

🔴 ट्रंप ने जताई नाराजगी

इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ब्रिटेन के इस फैसले का स्वागत तो किया, लेकिन साथ ही देरी को लेकर नाराजगी भी जाहिर की। ट्रंप ने कहा कि ब्रिटेन को यह कदम पहले ही उठा लेना चाहिए था।

उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ईरान के खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी है और इसमें किसी भी तरह की देरी से स्थिति और बिगड़ सकती है।

🔴 होर्मुज जलडमरूमध्य बना टकराव का केंद्र

होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल आपूर्ति का सबसे महत्वपूर्ण मार्ग माना जाता है। दुनिया का एक बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से तेल आयात करता है। ऐसे में यहां किसी भी तरह का सैन्य टकराव वैश्विक अर्थव्यवस्था पर सीधा असर डाल सकता है।

ईरान पर आरोप है कि वह इस क्षेत्र में जहाजों को निशाना बनाकर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है। हालांकि, ईरान इन आरोपों से इनकार करता रहा है।

🔴 युद्धविराम से ट्रंप का इनकार

इस पूरे घटनाक्रम के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने एक और बड़ा बयान देते हुए साफ कर दिया है कि वह ईरान के साथ किसी भी तरह का युद्धविराम नहीं चाहते। व्हाइट हाउस से रवाना होते समय उन्होंने कहा,
“हम बातचीत कर सकते हैं, लेकिन जब आप दुश्मन को पूरी तरह खत्म करने की स्थिति में हों, तब युद्धविराम का कोई मतलब नहीं होता।”

इस बयान से यह साफ संकेत मिलता है कि अमेरिका अब ईरान के खिलाफ निर्णायक सैन्य कार्रवाई के मूड में है।

🔴 इजरायल की भूमिका पर भी नजर

ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि अमेरिका के अभियान के बाद इजरायल भी युद्ध समाप्त करने की दिशा में कदम उठा सकता है। हालांकि, ईरान के प्रमुख तेल निर्यात केंद्र खार्ग द्वीप पर संभावित हमले को लेकर उन्होंने कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी।

🔴 भारत की बढ़ी चिंता

इस पूरे घटनाक्रम का असर भारत पर भी पड़ सकता है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से आयात करता है, और होर्मुज जलडमरूमध्य इसके लिए जीवनरेखा जैसा है।

मौजूदा हालात को देखते हुए भारत सरकार सतर्क हो गई है। जानकारी के मुताबिक, भारत ‘बैक-चैनल’ कूटनीति के जरिए स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहा है। साथ ही, होर्मुज में फंसे भारतीय तेल टैंकरों की सुरक्षा भी सरकार की प्राथमिकता बन गई है।

🔴 कूटनीति बनाम युद्ध

पश्चिम एशिया में हालात ऐसे मोड़ पर पहुंच चुके हैं, जहां कूटनीति और सैन्य कार्रवाई के बीच की रेखा तेजी से धुंधली होती जा रही है। एक ओर अमेरिका और उसके सहयोगी देश सैन्य दबाव बढ़ा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कई देश शांति और संतुलन बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं।

🔴 आगे क्या?

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हालात इसी तरह बिगड़ते रहे तो यह संघर्ष बड़े क्षेत्रीय युद्ध का रूप ले सकता है। खासकर होर्मुज जैसे संवेदनशील क्षेत्र में किसी भी बड़ी कार्रवाई का असर पूरी दुनिया पर पड़ेगा।

फिलहाल सभी की नजरें अमेरिका और ईरान के अगले कदम पर टिकी हैं। यह देखना अहम होगा कि क्या कूटनीति इस तनाव को कम कर पाती है या फिर दुनिया एक और बड़े संघर्ष की ओर बढ़ रही है।

78वें रामनवमी पर्व पर सनातन धर्म मोहन मंदिर से निकली भव्य शोभायात्रा

सवांददाता: अरुण जोशी

कानपुर। धार्मिक आस्था, श्रद्धा और उत्साह के संगम का अद्भुत दृश्य रविवार को कानपुर के गोविंद नगर क्षेत्र में देखने को मिला, जब श्री सनातन धर्म मोहन मंदिर की ओर से 78वें रामनवमी महोत्सव के अवसर पर भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इस शोभायात्रा ने न केवल क्षेत्र के धार्मिक वातावरण को भक्तिमय बना दिया, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक विरासत की झलक भी प्रस्तुत की।

शोभायात्रा की शुरुआत मंदिर प्रांगण से विधिवत पूजा-अर्चना और मंगलाचरण के साथ हुई। भगवान श्रीराम के जयघोष, ढोल-नगाड़ों की गूंज और भजन-कीर्तन की मधुर ध्वनि के बीच श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। जैसे ही यात्रा मंदिर से आगे बढ़ी, पूरा मार्ग “जय श्री राम” के नारों से गूंज उठा। श्रद्धालु, महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग सभी इस धार्मिक आयोजन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते नजर आए।

शोभायात्रा का मार्ग गोविंद नगर मेन बाजार से होते हुए चावला चौराहा, नंद लाल चौराहा से होकर पुनः मंदिर प्रांगण तक निर्धारित किया गया था। पूरे रास्ते में स्थानीय लोगों ने जगह-जगह पुष्पवर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया। कई स्थानों पर श्रद्धालुओं के लिए जलपान और प्रसाद वितरण की भी व्यवस्था की गई थी, जिससे पूरे मार्ग पर सेवा और भक्ति का अद्भुत संगम दिखाई दिया।

इस भव्य शोभायात्रा की सबसे खास बात रही इसमें प्रस्तुत की गई आकर्षक झांकियां, जिन्होंने सभी का मन मोह लिया। झांकियों में भगवान राम दरबार, शिव परिवार, गंगा अवतरण, दुर्गा जी दरबार और लक्ष्मी-नारायण दरबार जैसी धार्मिक झलकियों को बेहद सुंदर और जीवंत तरीके से प्रदर्शित किया गया। इन झांकियों को देखने के लिए सड़कों के दोनों ओर भारी संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। बच्चों और युवाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला, जो इन झांकियों के साथ सेल्फी लेते और वीडियो बनाते नजर आए।

कार्यक्रम का उद्घाटन प्रमुख अतिथियों द्वारा किया गया, जिनमें मलिक विजय कपूर (चेयरमैन, को-ऑपरेटिव इस्टेट दादा नगर) और अजय कपूर (पूर्व विधायक) शामिल रहे। दोनों अतिथियों ने भगवान श्रीराम के आदर्शों को जीवन में अपनाने का संदेश दिया और इस प्रकार के आयोजनों को समाज में सकारात्मक ऊर्जा और नैतिक मूल्यों के प्रसार का माध्यम बताया। उन्होंने आयोजकों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के धार्मिक आयोजन समाज को एकजुट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

मंदिर के अध्यक्ष बलदेव राज मल्होत्रा ने बताया कि यह आयोजन पिछले 78 वर्षों से लगातार किया जा रहा है और हर वर्ष इसमें श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ती जा रही है। उन्होंने कहा कि रामनवमी केवल एक पर्व नहीं, बल्कि मर्यादा, सत्य और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देने वाला उत्सव है। इस अवसर पर उन्होंने सभी श्रद्धालुओं को रामनवमी की शुभकामनाएं भी दीं।

शोभायात्रा के सफल आयोजन में कई गणमान्य लोगों और कार्यकर्ताओं का विशेष योगदान रहा। प्रमुख रूप से भारत भूषण कपूर, अनिल कूपर, सुनील दीक्षित, अनिल बजाज, अनिल यादव (सभासद), नीरज चड्ढा, मयंक पांडेय, पुजारी गण राम कुमार पाठक, गगन पाठक, पंडित उदय चंद्र झा, प्रमुख सेवक हरि सोनी, सुधीर झा, संजय कत्याल, राहुल बघेल, कमल द्विवेदी, विवेक चोपड़ा, कृष्णा चोपड़ा, संजय कुमार, देवेन्द्र सच्चर और मुन्ना विश्वकर्मा सहित अनेक लोगों ने अपनी सक्रिय भागीदारी निभाई।

पूरे आयोजन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था का भी विशेष ध्यान रखा गया। स्थानीय पुलिस प्रशासन ने शोभायात्रा के मार्ग पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सका। ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए भी विशेष प्रबंध किए गए थे, जिससे आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

धार्मिक आयोजन के साथ-साथ इस शोभायात्रा ने सामाजिक समरसता का भी संदेश दिया। विभिन्न समुदायों के लोगों ने एकजुट होकर इस आयोजन में भाग लिया और आपसी भाईचारे का परिचय दिया। यह दृश्य इस बात का प्रतीक था कि धार्मिक उत्सव केवल पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं होते, बल्कि वे समाज को जोड़ने और एक सकारात्मक माहौल बनाने का कार्य भी करते हैं।

अंत में शोभायात्रा पुनः मंदिर प्रांगण पहुंचकर संपन्न हुई, जहां भगवान श्रीराम की आरती और प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया। श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से आरती में भाग लिया और भगवान से सुख-समृद्धि की कामना की।

इस प्रकार 78वें रामनवमी महोत्सव के अवसर पर निकाली गई यह भव्य शोभायात्रा न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रही, बल्कि इसने शहर में उत्साह, उमंग और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार भी किया। ऐसे आयोजन हमारी संस्कृति और परंपराओं को जीवंत बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं और आने वाली पीढ़ियों को अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य करते हैं।

हिंदू नव वर्ष पर लखनऊ में निकली भव्य महारैली, हजारों श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़

सवांददाता-महेश कुमार

लखनऊ: हिंदू नव वर्ष के पावन अवसर पर सनातन हिंदू महासभा द्वारा लखनऊ में एक भव्य एवं ऐतिहासिक महारैली का सफल आयोजन किया गया यह आयोजन केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं बल्कि सनातन संस्कृति सामाजिक एकता एवं आध्यात्मिक चेतना का विराट प्रदर्शन रहा जिसने पूरे शहर को धर्ममय वातावरण में सराबोर और कर दिया। इस महा रैली का नेतृत्व संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष लव शुक्ला ने किया उनके मार्गदर्शन में यह यात्रा हुसडिया से प्रारंभ होकर पत्रकार पुरम होते हुए जनेश्वर मिश्र पार्क तक शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुई। यात्रा के दौरान हजारों की संख्या में श्रद्धालु युवा महिलाएं एवं बुजुर्गों की सहभागिता ने इस जन आस्था का अद्भुत संगम बना दिया। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं का उत्साह देखने को मिला जहां जय श्री राम , हर हर महादेव एवं सनातन धर्म की जय के उद्घोषों से वातावरण गूंज उठा स्थानीय नागरिकों द्वारा जगह-जगह पुष्प वर्षा कर यात्रा का भव्य स्वागत किया गया जिससे आयोजन की गरिमा और अधिक बढ़ गई इस अवसर पर संगठन के प्रमुख पदाधिकारी जिनमें प्रदेश स्तर के पदाधिकारी आकाश सिंह एवं प्रवक्ता राज त्रिपाठी समेत अन्य कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे सभी ने इस आयोजन को सनातन परंपराओं के प्रचार प्रसार एवं नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया।

महा रैली की एक विशेष उपलब्धि इसका उत्कृष्ट अनुशासन एवं व्यवस्थापन रहा इस सफल आयोजन में पुलिस प्रशासन एवं संबंधित विभागों का सराहनीय योगदान रहा सुरक्षा व्यवस्था से लेकर यातायात प्रबंधन तक सभी पहलुओं पर प्रशासन ने पूरी मुस्तैदी और समर्पण के साथ कार्य किया जगह-जगह सुरक्षा बलों की तैनाती एवं वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था के चलते आमजन को किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ा स्वास्थ्य एवं आपातकालीन सेवाएं भी पूरी तरह सक्रिय रही जिससे यात्रा में शामिल सभी श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकी इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह ने पुलिस एवं प्रशासन की कार्यशैली की सराहना की महा रैली के दौरान प्रतिभागियों में अपार उत्साह एवं आस्था देखने को मिली युवाओं ने पारंपरिक वेशभूषा धारण कर अपनी सांस्कृतिक पहचान को प्रदर्शित किया वहीं महिलाओं ने भजन एवं धार्मिक गीतों के माध्यम से वातावरण को और अधिक भक्ति में बना दिया।

संबोधन

राष्ट्रीय अध्यक्ष लव शुक्ला ने अपने संबोधन में कहा की सनातन धर्म विश्व की सबसे प्राचीन एवं समृद्ध परंपरा है जिसकी रक्षा एवं समर्थन करना हम सभी का कर्तव्य है उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज में एकता सद्भाव एवं संस्कृत जागरूकता को सुदृढ़ करते हैं उन्होंने सभी से आह्वान किया कि वह सनातन मूल्यों को अपने जीवन में अपना कर समाज को सकारात्मक दिशा प्रदान करें यह महा रैली इस बात का सशक्त प्रमाण है कि जब समाज एकजुट होता है तो वह अपनी संस्कृत एवं पहचान को और अधिक सुदृढ़ रूप में प्रस्तुत करता है हिंदू नव वर्ष के इस पावन अवसर पर आयोजित यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक रहा बल्कि सामाजिक समरसता एवं सांस्कृतिक गौरव का भी संदेश रहा।

नजीबाबाद में ठगी! बुजुर्ग महिला से सोने के कुंडल और पैसे चोरी, दो गिरफ्तार

ब्यूरो चीफ मोहम्मद हिफजान

थाना नजीबाबाद पुलिस टीम द्वारा ठगी की घटना का सफल अनावरण करते हुए दो अभियुक्तगण को मय ठगे गये 01 जोड़ी पीली धातु लेडीज कुण्डल सहित किया गिरफ्तार संक्षिप्त विवरण दिनांक 17.03.2026को वादनी श्रीमति उर्मिला चौहान पत्नी रामकुमार चौहान नि० ग्राम रामपुर बनवारी थाना नजीबाबाद जिला बिजनौर ने तहरीरी सूचना उपलब्ध करायी कि मैं समय लगभग 14.15 बजे अपनी दोस्त के घर से आ रही थी तभी मोटाआम तिराह के पास दो अज्ञात व्यक्तियों द्वारा अपनी बातों में उलझाकर धोखाधड़ी से कानो के कुण्डल व 211/- रूपये ठग लिये उपरोक्त घटना के सम्बन्ध में वादनी द्वारा दी गयी तहरीर के आधार पर थाना हाजा पर मु०अ०स०-124/2026 धारा 318(4) बीएनएस बनाम अज्ञात पंजीकृत किया गया। विवेचात्मक कार्यवाही के दौरान धारा 303(2) बीएनएस की वृद्धि की गयी। कार्यवाही दिनांक 20.03.2026 को थाना नजीबाबाद पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर उक्त घटना से सम्बन्धित 02 अभियुक्तगण 1. रियाज अहमद उर्फ भूरा पुत्र फय्याज अहमद निवासी नई बस्ती कलियर शरीफ थाना पीर कलियर जनपद हरिद्वार उत्तराखण्ड 2. ताहिर पुत्र कुतुब खाँ निवासी मौ० त्यागी मस्जिद चक्की के सामने थाना पीर कलियर जनपद हरिद्वार उत्तराखण्ड को आजाद चौक से मोटाआम की तरफ धनी ज्वैलर्स के खाली पडे प्लाट के पास से गिरफ्तार किया।
अभियुक्तगण के कब्जे से एक जोडी कान के लेडीज कुण्डल पीली धातु बरामद हुए। तथा उक्त अभियोग में अभियुक्तगण 1. रियाज अहमद उर्फ भूरा पुत्र फय्याज अहमद निवासी नई बस्ती कलियर शरीफ थाना पीर कलियर जनपद हरिद्वार उत्तराखण्ड 2. ताहिर पुत्र कुतुब खाँ निवासी मौ० त्यागी मस्जिद चक्की के सामने थाना पीर कलियर जनपद हरिद्वार उत्तराखण्ड का नाम प्रकाश में आया तथा माल बरामदगी के आधार पर अभियोग में धारा 317(2) बीएनएस की वृद्धि की गई पूछताछ का विवरण- पकड़े गये अभियुक्तगण से पूछताछ की तो बताया कि दिनांक 17.03.2026 को समय करीब 02.00/02.30 बजे दिन मे हम दोनो मोटाआम पर खडे थे तभी हमे एक बुजुर्ग महिला आती हुई दिखाई दी थी। हम दोनो ने उसे कहा था कि तेरा भाग्य तुझसे रूठा हुआ है। अगर अपना भाग्य चमकाना चाहती है तो हम जो कह रहे है वह करो और हमने उसके कानो के कुन्डल व 211 रूपये ले लिये थे और उसे कहा था कि आप 52 कदम चल कर आओ तो आपका भाग्य चमकेगा। जब वो महिला वहाँ से 52 कदम चलने गयी थी तो हम दोनो उसके दोनो कुन्डल व 211 रूपये चोरी करके वहाँ से भाग गये थे। आपने जो कुन्डल हमसे बरामद किये है ये दोनोवही कुन्डल है जो हमने उस बुजुर्ग महिला से धोखाधडी कर चोरी किये थे। हम दोनो ने एक एक कुन्डल आपस मे बांट लिया था। चोरी किये गये पैसे हम दोनो ने खर्च कर दिये है। आज हम दोनो के पास पैसे खत्म हो गये थे तो हम दोनो इन कुन्डलो को बेचने की फिराक में थे कि आपने हमे पकड लिया।
गिरफ्तार अभियुक्तगण का विवरण-

  1. रियाज अहमद उर्फ भूरा पुत्र फय्याज अहमद निवासी नई बस्ती कलियर शरीफ थाना पीर कलियर जनपद हरिद्वार उत्तराखण्ड उम्र करीब 51 वर्ष
  2. ताहिर पुत्र कुतुब खाँ निवासी मौ० त्यागी मस्जिद चक्की के सामने थाना पीर कलियर जनपद हरिद्वार
    उत्तराखण्ड उम्र करीब 60 वर्ष
    बरामदगी का विवरण- एक जोडी कान के लेडीज कुण्डल पीली धातु
    अपराधिक इतिहास- रियाज अहमद उर्फ भूरा पुत्र फय्याज अहमद निवासी नई बस्ती कलियर शरीफ थाना पीर
    कलियर जनपद हरिद्वार उत्तराखण्ड
    1.मु0अ0स0-124/2026 धारा 318(4)/303(2)/317(2) बीएनएस थाना नजीबाबाद जनपद बिजनौर
    अपराधिक इतिहास- ताहिर पुत्र कुतुब खाँ निवासी मौ० त्यागी मस्जिद चक्की के सामने थाना पीर कलियर
    जनपद हरिद्वार उत्तराखण्ड
  3. मु0अ0स0-124/2026 धारा 318(4)/303(2)/317(2) बीएनएस थाना नजीबाबाद जनपद बिजनौर
    घटना का अनावरण करने वाली टीम का विवरण –
  4. प्रभारी निरीक्षक श्री अमित कुमार थाना नजीबाबाद जनपद बिजनौर।
    2.30नि0 सौरभ सिंह थाना नजीबाबाद जनपद बिजनौर।
  5. हे0का0 453 नेत्रपाल राठी थाना नजीबाबाद जनपद बिजनौर
    4.हे0का0 134 सौरभ कुमार थाना नजीबाबाद जनपद बिजनौर
  6. का0 236 रोहित थाना नजीबाबाद जनपद बिजनौर।
  7. का0 1580 ललित थाना नजीबाबाद जनपद बिजनौर।

भ्रष्टाचार का मास्टरमाइंड! प्रभा भंडारी की जमानत खारिज

लखनऊ: केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर विभाग की आईआरएस अधिकारी प्रभा भंडारी को रिश्वत मामले में बड़ी राहत नहीं मिल सकी है। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी है।न्यायमूर्ति राजीव सिंह की एकल पीठ ने सुनवाई के दौरान स्पष्ट कहा कि भ्रष्टाचार जैसे गंभीर मामलों में उदारता नहीं बरती जा सकती। कोर्ट ने पाया कि आरोपी के खिलाफ मौजूद इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य बेहद ठोस और गंभीर हैं, जिससे उनकी संलिप्तता स्पष्ट होती है।इस मामले में सीबीआई द्वारा पेश की गई व्हाट्सएप कॉल रिकॉर्डिंग अहम साक्ष्य बनी। रिकॉर्डिंग में प्रभा भंडारी अपने अधीनस्थ अधिकारी को कथित तौर पर रिश्वत की रकम को ‘सोने में बदलने’ का निर्देश देती सुनाई दीं। कोर्ट ने इसे गंभीर आपराधिक संकेत मानते हुए जमानत देने से इनकार कर दिया।अभियोजन के अनुसार, झांसी में तैनाती के दौरान प्रभा भंडारी ने अन्य अधिकारियों के साथ मिलकर जीएसटी चोरी के एक मामले को दबाने के बदले व्यापारियों से करीब डेढ़ करोड़ रुपये की मांग की थी।सीबीआई ने ट्रैप के दौरान सह-आरोपी अधीक्षक अजय शर्मा के पास से 70 लाख रुपये बरामद किए थे। जांच में भंडारी को इस पूरे मामले का मास्टरमाइंड बताया गया है।सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि उनके पास से कोई रकम बरामद नहीं हुई और मानवीय आधार पर जमानत दी जानी चाहिए, लेकिन कोर्ट ने इन दलीलों को खारिज कर दिया। अदालत ने कहा कि पद का दुरुपयोग कर इस तरह के निर्देश देना गंभीर अपराध है और ऐसे मामलों में सख्ती जरूरी है।कोर्ट के इस फैसले के बाद प्रभा भंडारी को फिलहाल जेल में ही रहना होगा, जबकि मामले में आगे की सुनवाई जारी रहेगी।

मुख्य बिंदु

  • मामला: डेढ़ करोड़ रुपये की रिश्वत कांड में IRS अधिकारी प्रभा भंडारी शामिल।
  • स्थान: लखनऊ, इलाहाबाद हाईकोर्ट (लखनऊ बेंच)।
  • कोर्ट का निर्णय: जमानत याचिका खारिज।
  • कारण: भ्रष्टाचार जैसे गंभीर मामलों में उदारता न देना; इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य (व्हाट्सएप कॉल रिकॉर्डिंग) ठोस।
  • साक्ष्य: प्रभा भंडारी अपने अधीनस्थ को ‘रिश्वत की रकम सोने में बदलने’ का निर्देश देती सुनाई गईं।
  • राशि: डेढ़ करोड़ रुपये की मांग, ट्रैप में 70 लाख रुपये बरामद।
  • स्थिति: प्रभा भंडारी फिलहाल जेल में; सुनवाई जारी।

आगरा हिरासत मौत मामला: 17 पुलिसकर्मियों के खिलाफ CID की चार्जशीट, कार्रवाई तय

यूपी क्राइम अलर्ट न्यूज़ ब्यूरो

गरा के बहुचर्चित राजू गुप्ता हिरासत मौत मामले में अब बड़ा एक्शन तय माना जा रहा है। मानवाधिकार आयोग के निर्देश पर हुई जांच के बाद सीआईडी ने अपनी विवेचना पूरी कर 17 पुलिसकर्मियों के खिलाफ चार्जशीट शासन को भेज दी है। इसमें सिकंदरा थाने में तैनात पुलिसकर्मियों पर गैर इरादतन हत्या और अवैध हिरासत जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
सीआईडी की जांच में सामने आया कि जिस समय राजू गुप्ता की पिटाई हो रही थी, उस दौरान थाने में मौजूद किसी भी पुलिसकर्मी ने विरोध नहीं किया। कोर्ट ने भी अपने फैसले में माना कि यह घटना पुलिसकर्मियों की मौन सहमति से हुई।अपर जिला जज नितिन कुमार ठाकुर ने अपने 82 पेज के आदेश में सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि इस मामले में “रक्षक ही भक्षक बन गए”। कोर्ट ने यह भी कहा कि एक निर्दोष व्यक्ति को उसकी मां के सामने बेरहमी से पीटा गया, लेकिन किसी ने हस्तक्षेप नहीं किया। आदेश की प्रति शासन और पुलिस कमिश्नर को भेजते हुए संबंधित अधिकारियों पर सेवा नियमों के तहत कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।जांच में यह भी उजागर हुआ कि प्रारंभिक विवेचना करने वाले अधिकारियों ने मामले की गंभीरता को नजरअंदाज किया और न्याय की प्रक्रिया में बाधा डाली। कोर्ट ने इस पर भी कड़ी नाराजगी जताई और कहा कि विवेचकों ने तथ्यों को दबाने का प्रयास किया।मामले ने उस वक्त पूरे शहर को झकझोर दिया था। पीड़ित की मां इंसाफ के इंतजार में ही दुनिया छोड़ गईं। घटना के बाद समाज के लोगों ने लगातार प्रदर्शन कर कार्रवाई की मांग की थी।अब इस प्रकरण में सीआईडी की चार्जशीट के बाद 17 पुलिसकर्मियों पर कानूनी कार्रवाई की तलवार लटक गई है और शासन स्तर पर अंतिम फैसला होना बाकी है।

मुख्य बिंदु

  • 17 पुलिसकर्मी आरोपित: आगरा के राजू गुप्ता हिरासत मौत मामले में 17 पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की तैयारी।
  • CID चार्जशीट दाखिल: जांच पूरी कर शासन को चार्जशीट सौंपी गई।
  • गंभीर धाराएं: गैर इरादतन हत्या और अवैध हिरासत जैसे आरोप लगाए गए।
  • कोर्ट की सख्त टिप्पणी: “रक्षक ही भक्षक बन गए” – अदालत ने जताई नाराजगी।
  • मौन सहमति का आरोप: पिटाई के दौरान मौजूद पुलिसकर्मियों ने विरोध नहीं किया।
  • जांच में लापरवाही: प्रारंभिक विवेचना में तथ्यों को दबाने के आरोप भी सामने आए।
  • मां को नहीं मिला न्याय: पीड़ित की मां इंसाफ का इंतजार करते हुए दुनिया छोड़ गईं।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का वृंदावन दौरा, संत प्रेमानंद महाराज से की खास मुलाकात

यूपी क्राइम अलर्ट न्यूज़ ब्यूरो

मथुरा: ब्रज प्रवास के दूसरे दिन शुक्रवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने वृंदावन पहुंचकर प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज से मुलाकात की और उनका आशीर्वाद लिया। भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच राष्ट्रपति ‘श्रीहित राधा केलि कुंज आश्रम’ पहुंचीं, जहां उनका पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया।आश्रम में राष्ट्रपति और प्रेमानंद महाराज के बीच एकांत वार्ता हुई, जिसमें अध्यात्म, निस्वार्थ सेवा और जनकल्याण जैसे विषयों पर चर्चा हुई। राष्ट्रपति ने महाराज के सादगीपूर्ण जीवन और उनके आध्यात्मिक विचारों के प्रति गहरी श्रद्धा व्यक्त की। इस दौरान आश्रम का वातावरण पूरी तरह शांत और भक्तिमय बना रहा।इससे पहले राष्ट्रपति ने गुरुवार को इस्कॉन मंदिर वृंदावन में भगवान श्रीकृष्ण-बलराम के दर्शन किए। भारी बारिश के बावजूद उन्होंने पूरे विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की। इस दौरान उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल भी उनके साथ मौजूद रहीं। मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार, संकीर्तन और बालिकाओं के नृत्य ने माहौल को भक्ति से सराबोर कर दिया।इसके बाद राष्ट्रपति प्रेम मंदिर वृंदावन पहुंचीं, जहां उन्होंने राधा-कृष्ण के युगल विग्रह के दर्शन किए और भव्य लेजर शो का आनंद लिया। मंदिर प्रशासन ने उन्हें आध्यात्मिक ग्रंथ और स्मृति चिन्ह भेंट किए।राष्ट्रपति का यह दौरा पूरी तरह अध्यात्म और शांति के संदेश से परिपूर्ण रहा। खराब मौसम के बावजूद उनकी अटूट श्रद्धा ने ब्रजवासियों और देशभर के श्रद्धालुओं को भावुक कर दिया।

मुख्य बिंदु

  • राष्ट्रपति का वृंदावन दौरा: द्रौपदी मुर्मू ने ब्रज प्रवास के दौरान संत प्रेमानंद महाराज से मुलाकात की।
  • आश्रम में एकांत वार्ता: श्रीहित राधा केलि कुंज आश्रम में अध्यात्म और सेवा पर चर्चा हुई।
  • आशीर्वाद लिया: राष्ट्रपति ने संत के विचारों और सादगीपूर्ण जीवन की सराहना की।
  • इस्कॉन मंदिर दर्शन: श्रीकृष्ण-बलराम के दर्शन कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की।
  • बारिश में भी भक्ति: खराब मौसम के बावजूद कार्यक्रम पूरे श्रद्धा भाव से संपन्न हुआ।
  • प्रेम मंदिर भ्रमण: राधा-कृष्ण के दर्शन और लेजर शो का आनंद लिया।
  • 🇮🇳 आध्यात्मिक संदेश: दौरा शांति, भक्ति और जनकल्याण के संदेश से जुड़ा रहा।

पेंटागन का बड़ा दांव: ईरान जंग के लिए 200 अरब डॉलर की मांग, कांग्रेस में फंसा फैसला

यूपी क्राइम अलर्ट न्यूज़ ब्यूरो

नई दिल्ली: अमेरिका में ईरान के खिलाफ जारी युद्ध के बीच रक्षा खर्च को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। पेंटागन ने इस युद्ध के लिए अतिरिक्त 200 अरब डॉलर की भारी-भरकम राशि की मांग की है, जिसे मंजूरी के लिए अमेरिकी कांग्रेस के पास भेजा गया है।रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह प्रस्ताव वाइट हाउस के माध्यम से आगे बढ़ाया गया है। रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस आंकड़े की पुष्टि से बचते हुए कहा कि राशि में बदलाव संभव है, लेकिन युद्ध के लिए पर्याप्त फंडिंग जरूरी है।यह मांग ऐसे समय आई है जब अमेरिकी संसद ने इस सैन्य अभियान को औपचारिक मंजूरी नहीं दी है। सांसदों के बीच युद्ध की रणनीति और उसके दायरे को लेकर असमंजस बना हुआ है। सत्ताधारी रिपब्लिकन पार्टी के कई ‘फिस्कल हॉक्स’ बड़े सरकारी खर्च के विरोध में हैं, जबकि डेमोक्रेट्स तब तक समर्थन देने को तैयार नहीं हैं जब तक प्रशासन स्पष्ट रणनीति पेश नहीं करता।यदि यह प्रस्ताव पास हो जाता है, तो पेंटागन का बजट मौजूदा 800 अरब डॉलर से कहीं अधिक हो जाएगा। गौरतलब है कि इसमें पहले से ही 150 अरब डॉलर की अतिरिक्त फंडिंग शामिल है, जो रक्षा क्षमताओं के उन्नयन के लिए दी गई थी।अब यह प्रस्ताव अमेरिकी राजनीति में बड़ी परीक्षा बन गया है। इसे पारित कराने के लिए रिपब्लिकन नेताओं को या तो अकेले प्रयास करना होगा या फिर डेमोक्रेट्स के साथ समझौता करना पड़ेगा, जिससे यह पैकेज और महंगा हो सकता है।

मुख्य बिंदु

  • 200 अरब डॉलर की मांग: पेंटागन ने ईरान के खिलाफ युद्ध के लिए भारी फंड की मांग की।
  • कांग्रेस में मंजूरी बाकी: प्रस्ताव अमेरिकी कांग्रेस के पास, अभी तक अंतिम स्वीकृति नहीं।
  • राजनीतिक टकराव: रिपब्लिकन और डेमोक्रेट्स के बीच खर्च और रणनीति पर मतभेद।
  • खर्च पर विरोध: रिपब्लिकन के ‘फिस्कल हॉक्स’ इतने बड़े रक्षा खर्च के खिलाफ।
  • बजट में उछाल संभव: मंजूरी मिलने पर पेंटागन का बजट 800 अरब डॉलर से काफी ऊपर जा सकता है।
  • रणनीति पर सवाल: डेमोक्रेट्स ने स्पष्ट युद्ध योजना के बिना समर्थन देने से इनकार किया।
  • वैश्विक असर: बढ़ता रक्षा खर्च और युद्ध अंतरराष्ट्रीय राजनीति और अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकता है।

तेल संकट का खतरा! होर्मुज पर कब्जे की जंग तेज

यूपी क्राइम अलर्ट न्यूज़ ब्यूरो

नई दिल्ली: ईरान के साथ जारी युद्ध के बीच अमेरिका पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। बीते करीब 20 दिनों से चल रहे इस संघर्ष में अमेरिका अरबों डॉलर खर्च कर चुका है और उसके कई सैनिक भी हताहत हुए हैं।इस बीच सबसे बड़ी चिंता होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर है, जहां से जहाजों की आवाजाही लगभग ठप हो चुकी है।अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस अहम समुद्री मार्ग को खुलवाने के लिए यूरोप, चीन और जापान समेत कई देशों से मदद मांगी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर होर्मुज को खोलने के लिए सैन्य अभियान तेज कर दिया है। यहां ईरानी ड्रोन को रोकने के लिए अपाचे हेलीकॉप्टर तैनात किए गए हैं, जबकि फाइटर जेट ईरानी नौसैनिक ठिकानों पर लगातार हमले कर रहे हैं।अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, ईरान के मिसाइल ठिकानों को भी निशाना बनाया गया है, क्योंकि वहां से एंटी-शिप क्रूज मिसाइलों के जरिए अंतरराष्ट्रीय व्यापार को खतरा था।दूसरी ओर ईरान अपने रुख पर अड़ा हुआ है। संसद अध्यक्ष मोहम्मद-बाकर ग़ालिबाफ ने साफ कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य अब पहले जैसी स्थिति में नहीं लौटेगा। वहीं शीर्ष नेतृत्व भी इस मार्ग पर नियंत्रण बनाए रखने के संकेत दे चुका है।विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर यह जलडमरूमध्य पूरी तरह बंद होता है तो वैश्विक ऊर्जा संकट गहरा सकता है। जेपी मॉर्गन की रिपोर्ट के अनुसार, पश्चिम एशिया के तेल उत्पादक देश अधिकतम 25 दिनों तक ही उत्पादन बनाए रख सकेंगे।गौरतलब है कि दुनिया की करीब 20 प्रतिशत तेल आपूर्ति इसी मार्ग से होती है। ऐसे में यहां जारी तनाव ने पहले ही कच्चे तेल की कीमतों को बढ़ा दिया है, जिससे वैश्विक स्तर पर महंगाई और ईंधन संकट की आशंका और गहरा गई है।

ईरान का पलटवार, 16 अमेरिकी फाइटर जेट और ड्रोन नष्ट

मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष अब खतरनाक हवाई युद्ध का रूप ले चुका है, जहां अमेरिका को भारी नुकसान झेलना पड़ा है। रक्षा अधिकारियों के हवाले से सामने आई रिपोर्ट्स के मुताबिक, युद्ध की शुरुआत से अब तक अमेरिकी वायुसेना के कम से कम 16 सैन्य विमान नष्ट हो चुके हैं।इनमें सबसे ज्यादा नुकसान अत्याधुनिक ड्रोन बेड़े को हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, 10 एमक्यू-9 रीपर ड्रोन तबाह हुए, जिनमें से 9 को ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम ने मार गिराया। वहीं एक ड्रोन जॉर्डन के एयरफील्ड पर बैलिस्टिक मिसाइल हमले की चपेट में आ गया, जबकि कुछ तकनीकी खराबियों के कारण भी नष्ट हुए।सबसे चिंताजनक पहलू ‘फ्रेंडली फायर’ और तकनीकी चूक से हुआ नुकसान है। कुवैत में गलत पहचान के चलते अमेरिकी सेना ने अपने ही तीन एफ-15 लड़ाकू विमानों को मार गिराया। इसके अलावा, एक केसी-135 रिफ्यूलिंग टैंकर के क्रैश होने से चालक दल के सभी छह सदस्यों की मौत हो गई। सऊदी अरब में तैनात पांच अन्य टैंकर भी मिसाइल हमलों में क्षतिग्रस्त हुए हैं।विशेषज्ञों का मानना है कि आमतौर पर हर युद्ध में हवाई बढ़त हासिल करने वाली अमेरिकी वायुसेना इस बार पूरी तरह नियंत्रण स्थापित नहीं कर पाई है। हाल ही में एक अत्याधुनिक एफ-35 फाइटर जेट को भी इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी, जिससे स्थिति की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।दूसरी ओर ईरान ने अपने ऊर्जा ठिकानों पर हुए हमलों के जवाब में कतर और सऊदी अरब के इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाना तेज कर दिया है। होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे अहम मार्गों पर नियंत्रण को लेकर संघर्ष और तेज होता जा रहा है, जिससे वैश्विक सुरक्षा और ऊर्जा आपूर्ति दोनों पर खतरा मंडरा रहा है।

मुख्य बिंदु

  • 16 अमेरिकी विमान तबाह: ईरान ने दावा किया है कि अब तक अमेरिका के 16 सैन्य विमान नष्ट किए गए हैं।
  • ड्रोन को सबसे ज्यादा नुकसान: इनमें 10 MQ-9 रीपर ड्रोन शामिल हैं, जिनमें से ज्यादातर एयर डिफेंस सिस्टम से गिराए गए।
  • F-15 भी हुए शिकार: कुवैत में ‘फ्रेंडली फायर’ की घटना में अमेरिका के 3 F-15 फाइटर जेट नष्ट हुए।
  • मिसाइल हमले और तकनीकी खराबी: कुछ विमान मिसाइल हमलों और तकनीकी कारणों से भी नष्ट हुए।
  • टैंकर विमान क्रैश: KC-135 रिफ्यूलिंग टैंकर के क्रैश में 6 सैनिकों की मौत हुई।
  • हवाई बढ़त पर असर: विशेषज्ञों के मुताबिक इस युद्ध में अमेरिका को एयर सुपीरियरिटी बनाए रखने में दिक्कत आ रही है।
  • तनाव बढ़ा: मिडिल ईस्ट में संघर्ष और तेज हो गया है, जिससे वैश्विक सुरक्षा पर खतरा बढ़ रहा है।
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