Home Blog Page 12

पुलिस कस्टडी में युवती को मारी गोली, सीएचसी में घात लगाकर बैठे थे सगे भाई

यूपी क्राइम अलर्ट न्यूज़ ब्यूरो

सहारनपुर। सहारनपुर में पुलिस कस्टडी के दौरान युवती पर हुई फायरिंग की सनसनीखेज घटना ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है। आरोप है कि युवती के सगे भाइयों ने ही सीएचसी परिसर में घात लगाकर इस वारदात को अंजाम दिया। घटना के बाद कानून-व्यवस्था और पुलिस सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।

जानकारी के अनुसार, युवती को मेडिकल परीक्षण के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया था। बताया जा रहा है कि हमलावर पहले से ही करीब दो घंटे तक परिसर में मौजूद थे और मौके का इंतजार कर रहे थे। जैसे ही मेडिकल प्रक्रिया पूरी हुई और पुलिस युवती को प्राइवेट कार से लेकर निकलने लगी, तभी दोनों आरोपी भाई सामने आए और कार के शीशे से पिस्टल सटाकर फायरिंग शुरू कर दी।

इस दौरान एक गोली युवती के सिर में जा लगी, जिससे उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है।

घटना के समय कार में मौजूद महिला कांस्टेबल प्रीति ने साहस दिखाते हुए खुद को युवती के सामने ढाल बना लिया, जिससे और बड़ा नुकसान टल गया। वहीं, एसआई विजयपाल सिंह ने एक आरोपी को पकड़ने की कोशिश की, लेकिन हाथापाई के दौरान वह भागने में सफल रहा।

पुलिस ने मौके से तीन खोखे बरामद किए हैं और फरार आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि युवती हाल ही में लापता हुई थी और परिजनों ने अपहरण का मामला दर्ज कराया था। सोमवार को वह खुद थाने पहुंची और अपने बयान में खुद को बालिग बताते हुए प्रेमी के साथ जाने की बात कही थी।

युवती के इस बयान से नाराज परिजनों, खासकर भाइयों ने आशंका जताई कि वह कोर्ट में भी यही बात दोहराएगी। इसी के चलते उन्होंने जल्दबाजी में इस हमले की साजिश रची और वारदात को अंजाम दिया।

फायरिंग की इस घटना से सीएचसी परिसर में अफरा-तफरी मच गई। मरीज और तीमारदार दहशत में आ गए और इधर-उधर भागने लगे। घटना के वक्त मौके पर सुरक्षा के लिए कई पुलिसकर्मी मौजूद थे, इसके बावजूद आरोपी फरार हो गए, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं और जल्द ही उन्हें पकड़ लिया जाएगा। मामले की जांच जारी है।

यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि पुलिस कस्टडी में भी अगर इस तरह की वारदात हो सकती है, तो आम लोगों की सुरक्षा कितनी मजबूत है।

डूबते साथियों को बचाते हुए शहीद हुए कैप्टन प्रशांत, पूरे सम्मान के साथ अंतिम विदाई

ब्यूरो चीफ-पवन मिश्रा

गाजीपुर: देश के लिए समर्पण और साथियों के प्रति कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल पेश करते हुए गाजीपुर के जमानियां निवासी कैप्टन प्रशांत कुमार चौरसिया शहीद हो गए। देहरादून में सैन्य अभ्यास के दौरान उन्होंने डूबते साथियों को बचाने के लिए अपनी जान की परवाह नहीं की और वीरगति को प्राप्त हो गए। सोमवार को उनके पार्थिव शरीर को पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई।

जानकारी के मुताबिक, 21 मार्च को विकासनगर स्थित आसन बैराज में सेना का नदी पार करने का प्रशिक्षण चल रहा था। इसी दौरान तेज बहाव में कुछ जवान फंस गए और डूबने लगे। स्थिति को गंभीर देखते हुए कैप्टन प्रशांत तुरंत नदी में कूद पड़े और अपने साथियों को बचाने का प्रयास किया। उन्होंने बहादुरी दिखाते हुए कई जवानों की जान बचाई, लेकिन खुद गहरे पानी में डूब गए।

सोमवार को शहीद कैप्टन का पार्थिव शरीर वायुसेना के विशेष विमान से वाराणसी एयरपोर्ट लाया गया, जहां सेना के अधिकारियों और जवानों ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर देकर श्रद्धांजलि दी। इसके बाद सड़क मार्ग से उनका पार्थिव शरीर पैतृक गांव जमानियां पहुंचाया गया।

गांव में शहीद के अंतिम दर्शन के लिए जनसैलाब उमड़ पड़ा। तिरंगे में लिपटे पार्थिव शरीर को देख हर आंख नम थी। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। मां और पिता अपने बेटे की शहादत पर गर्व और गम दोनों भावों में डूबे नजर आए।

इसके बाद पूरे सम्मान के साथ अंतिम यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। रास्ते भर लोगों ने फूल बरसाकर अपने वीर सपूत को श्रद्धांजलि दी। पक्का बलुआ घाट पर सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया, जहां उनके छोटे भाई ने मुखाग्नि दी।

कैप्टन प्रशांत की शहादत से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। स्थानीय लोगों ने बाजार बंद रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। हर किसी की जुबान पर उनके साहस और बलिदान की चर्चा रही।

कैप्टन प्रशांत चौरसिया की यह शहादत देश के युवाओं के लिए प्रेरणा है। उन्होंने यह साबित कर दिया कि भारतीय सेना के जवान हर परिस्थिति में अपने कर्तव्य को सर्वोपरि रखते हैं। उनका बलिदान हमेशा याद रखा जाएगा।

शंकराचार्य की ‘चतुरंगिणी सेना’ का ऐलान, 2.18 लाख सदस्यों का लक्ष्य

संवाददाता-पवन मिश्रा

वाराणसी। काशी से एक बड़ी धार्मिक-संगठनात्मक पहल सामने आई है। ज्योतिष्पीठाधीश्वर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने ‘शंकराचार्य चतुरंगिणी सेना’ के गठन की घोषणा करते हुए इसे सनातन धर्म की रक्षा और सामाजिक एकजुटता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है। इस संगठन के जरिए देशभर में व्यापक स्तर पर लोगों को जोड़ने की योजना बनाई गई है।

शंकराचार्य घाट स्थित श्रीविद्यामठ में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने बताया कि इस सेना के संचालन के लिए ‘शंकराचार्य चतुरंगिणी सभा’ का गठन किया गया है। संगठन में करीब 2 लाख 18 हजार 700 सदस्यों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही 27 पदाधिकारियों की सूची भी जारी कर दी गई है, जो अलग-अलग जिम्मेदारियां संभालेंगे।

शंकराचार्य ने संगठन की कार्यप्रणाली को स्पष्ट करते हुए ‘टोको, रोको और ठोको’ का तीन-स्तरीय मॉडल पेश किया। उन्होंने कहा कि किसी भी मुद्दे पर पहले संवाद और चेतावनी दी जाएगी, इसके बाद शांतिपूर्ण विरोध किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने विशेष रूप से स्पष्ट किया कि ‘ठोको’ शब्द का अर्थ किसी भी प्रकार की हिंसा नहीं है, बल्कि यह संवैधानिक दायरे में रहकर कार्रवाई करने का प्रतीक है।

संगठन की संरचना को चार प्रमुख अंगों और करीब 20 विभागों में बांटा गया है। इसमें संत समाज, विद्वान, अधिवक्ता और मीडिया से जुड़े लोग अहम भूमिका निभाएंगे। इसके अलावा विभिन्न स्तरों पर स्वयंसेवकों की टीम भी बनाई जाएगी, जो जमीनी स्तर पर कार्य करेगी।

इस सेना का एक विशेष स्वरूप भी तय किया गया है। इसके सदस्य पीले वस्त्र पहनेंगे और परशु (फरसा) को प्रतीक के रूप में धारण करेंगे। इसे संगठन की पहचान के रूप में विकसित किया जाएगा।

शंकराचार्य ने बताया कि इस संगठन का औपचारिक शुभारंभ आगामी माघ अमावस्या के अवसर पर संगम स्नान के साथ किया जाएगा। इस दौरान देशभर से बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल धार्मिक संगठन के साथ-साथ सामाजिक और वैचारिक स्तर पर भी प्रभाव डाल सकती है। हालांकि, संगठन की गतिविधियां किस दिशा में आगे बढ़ती हैं, इस पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।

फिलहाल इस घोषणा के बाद धार्मिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है और इसे एक बड़े संगठनात्मक प्रयास के रूप में देखा जा रहा है, जो आने वाले समय में विभिन्न मुद्दों पर अपनी भूमिका निभा सकता है।

कागजों में ‘स्मार्ट सिटी’, जमीनी हकीकत में फेल LDA मास्टर प्लान

संवाददाता-महेश कुमार

लखनऊ। राजधानी लखनऊ को ‘स्मार्ट सिटी’ बनाने के दावों के बीच लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) का मास्टर प्लान-2016 अब गंभीर सवालों के घेरे में आ गया है। हालिया समीक्षा में इस योजना की कई बड़ी खामियां उजागर हुई हैं, जिससे साफ हो गया है कि कागजों पर तैयार किया गया यह प्लान जमीनी सच्चाई से काफी दूर है।

शासन के निर्देश पर एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार की अध्यक्षता में गठित समिति जब इस मास्टर प्लान की समीक्षा में जुटी, तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। जांच में पाया गया कि शहर के कई हिस्सों में सड़कों का ऐसा खाका तैयार किया गया है, जो वास्तविकता में संभव ही नहीं है।

सबसे चौंकाने वाला मामला कालिदास मार्ग का है, जहां मुख्यमंत्री आवास के सामने 24 मीटर चौड़ी सड़क को सीधे गोमती नदी में समाप्त होते दिखाया गया है। इस पर सवाल उठ रहे हैं कि क्या बिना जमीनी सर्वे के ही यह योजना बना दी गई थी।

इसी तरह अयोध्या रोड को कागजों में 100 मीटर चौड़ा दर्शाया गया है, जबकि जमीनी स्तर पर इसकी चौड़ाई इससे काफी कम है। आईआईएम रोड का भी यही हाल है, जहां पहले से मौजूद 60 मीटर सड़क के दोनों ओर आबादी बस चुकी है, लेकिन मास्टर प्लान में इसे 150 मीटर तक चौड़ा दिखाया गया है।

कानपुर रोड, मोहान रोड और सीतापुर रोड जैसे प्रमुख क्षेत्रों में भी इसी तरह की खामियां सामने आई हैं। बिना वास्तविक स्थिति का आंकलन किए सड़कों की चौड़ाई तय कर दी गई, जिससे अब विकास कार्यों में बाधाएं आ रही हैं। कई लोगों के भवन नक्शे पास नहीं हो पा रहे, क्योंकि प्रस्तावित सड़कें उनकी जमीन के बीच से गुजरती दिखाई गई हैं।

इन खामियों ने उस समय के अधिकारियों की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि मास्टर प्लान तैयार करते समय जमीनी सर्वेक्षण को नजरअंदाज किया गया और दफ्तर में बैठकर ही पूरा रोड नेटवर्क तय कर दिया गया।

विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी शहर के विकास की नींव उसका मास्टर प्लान होता है। यदि यही योजना त्रुटिपूर्ण हो, तो भविष्य की परियोजनाएं भी प्रभावित होती हैं। लखनऊ जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहर के लिए यह स्थिति चिंताजनक मानी जा रही है।

फिलहाल एलडीए द्वारा गठित समिति इन खामियों को दूर करने की दिशा में काम कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि संशोधित मास्टर प्लान में जमीनी वास्तविकता को ध्यान में रखते हुए जरूरी बदलाव किए जाएंगे, ताकि विकास कार्य सुचारू रूप से आगे बढ़ सकें।

यह घटनाक्रम न केवल एलडीए की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि योजनाओं को लागू करने से पहले उनका जमीनी परीक्षण कितना जरूरी है। अब देखना होगा कि संशोधित योजना कितनी कारगर साबित होती है और लखनऊ को वास्तव में एक व्यवस्थित ‘स्मार्ट सिटी’ बनाने में कितनी मदद मिलती है।

मुख्य बिंदु

  • LDA मास्टर प्लान-2016 की समीक्षा में बड़ी खामियां उजागर
  • कई सड़कें कागजों में गोमती नदी में जाकर खत्म होती दिखीं
  • कालिदास मार्ग पर 24 मीटर सड़क सीधे नदी में दिखाई गई
  • अयोध्या रोड को कागजों में 100 मीटर चौड़ा दर्शाया गया
  • IIM रोड को 150 मीटर चौड़ा दिखाया, जबकि जमीनी स्थिति अलग
  • कई जगहों पर बिना सर्वे के बनाई गई सड़क योजना
  • कानपुर रोड, मोहान रोड, सीतापुर रोड में भी गड़बड़ी
  • घनी आबादी के बीच अव्यावहारिक चौड़ाई का प्रस्ताव
  • लोगों के नक्शे पास होने में आ रही दिक्कतें
  • अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर उठे गंभीर सवाल
  • समिति द्वारा खामियों को सुधारने की प्रक्रिया शुरू
  • संशोधित प्लान में जमीनी हकीकत को शामिल करने की तैयारी

पति से आखिरी बात के बाद महिला ने दी जान, 5 साल का बेटा रह गया अकेला

संवाददाता-सुनील तिवारी

कानपुर: कानपुर के साढ़ थाना क्षेत्र के सर्वांगपुर गांव से एक दर्दनाक और चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां एक 25 वर्षीय महिला ने संदिग्ध परिस्थितियों में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के पीछे पारिवारिक कारणों की आशंका जताई जा रही है। खास बात यह है कि आत्महत्या से ठीक पहले महिला की अपने पति से व्हाट्सएप कॉल पर बातचीत हुई थी। मृतका की पहचान प्रियंका के रूप में हुई है, जिसकी शादी करीब छह वर्ष पहले गोविंद पासवान से हुई थी। दंपति का एक पांच वर्षीय बेटा भी है। पति फिलहाल सऊदी अरब में काम करता है, जबकि प्रियंका अपने ससुराल में परिवार के अन्य सदस्यों के साथ रह रही थी।

घर में अकेली थी महिला

जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह परिवार के अन्य सदस्य खेत में फसल काटने के लिए चले गए थे। इसी दौरान प्रियंका घर में अकेली थी। बताया जा रहा है कि उसने घर का दरवाजा अंदर से बंद कर लिया और फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।

कुछ समय बाद जब उसका पांच वर्षीय बेटा घर लौटा और दरवाजा खटखटाया, तो अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। बच्चा रोने लगा, जिसकी आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और परिजनों को सूचना दी।

दरवाजा तोड़कर अंदर पहुंचे लोग

सूचना मिलने पर परिजन और पड़ोसी मौके पर पहुंचे। जब काफी देर तक दरवाजा नहीं खुला, तो उसे तोड़कर अंदर प्रवेश किया गया। अंदर का दृश्य देखकर सभी स्तब्ध रह गए—प्रियंका का शव फंदे से लटका हुआ था।

आनन-फानन में उसे नीचे उतारकर भीतरगांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

व्हाट्सएप कॉल के बाद उठाया कदम

पुलिस जांच में सामने आया है कि घटना से कुछ समय पहले प्रियंका की अपने पति से व्हाट्सएप कॉल पर बात हुई थी। हालांकि, उस बातचीत में क्या हुआ, यह अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। पुलिस कॉल डिटेल और अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।

पारिवारिक कारणों की आशंका

प्राथमिक जांच में पुलिस ने पारिवारिक कारणों को आत्महत्या की वजह माना है, लेकिन अभी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा गया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।

मासूम बेटे पर टूटा दुखों का पहाड़

इस घटना का सबसे दर्दनाक पहलू यह है कि प्रियंका का पांच वर्षीय बेटा अब अपनी मां के साए से वंचित हो गया है। घटना के समय वही सबसे पहले दरवाजे पर पहुंचा था और उसकी रोने की आवाज ने ही पूरे मामले का खुलासा किया।

पुलिस जांच जारी

पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। साथ ही परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है। सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की गहन जांच की जा रही है।

समाज के लिए चेतावनी

यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि पारिवारिक तनाव और मानसिक दबाव किस तरह से लोगों को गंभीर कदम उठाने पर मजबूर कर सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में समय रहते संवाद और सहयोग बेहद जरूरी होता है।

मुख्य बिंदु

  • कानपुर के साढ़ थाना क्षेत्र के सर्वांगपुर गांव की घटना
  • 25 वर्षीय महिला प्रियंका ने फंदा लगाकर की आत्महत्या
  • घटना से पहले पति से व्हाट्सएप कॉल पर हुई थी बात
  • पति सऊदी अरब में करता है काम
  • परिवार के लोग खेत पर थे, महिला घर में अकेली थी
  • दरवाजा बंद कर उठाया आत्मघाती कदम
  • 5 वर्षीय बेटे की रोने की आवाज से हुआ खुलासा
  • दरवाजा तोड़कर अंदर पहुंचे परिजन, फंदे पर लटका मिला शव
  • अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित किया
  • पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा
  • प्राथमिक जांच में पारिवारिक कारणों की आशंका
  • मामले की जांच जारी

ईद पर कानपुर बना मिसाल, दो चरणों में नमाज और ‘सड़क पर नहीं’ का पालन

सवाददाता-सुनील तिवारी

कानपुर: ईद-उल-फितर का पर्व पूरे धार्मिक उल्लास और सौहार्द के साथ मनाया गया। शहर की बड़ी ईदगाह बेनाझाबर समेत प्रमुख मस्जिदों में शनिवार को दो पालियों में नमाज अदा की गई। पहली नमाज सुबह 8 बजे और दूसरी 9:30 बजे पढ़ी गई। भीड़ को नियंत्रित करने और व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह व्यवस्था की गई थी।शहर काजी हाफिज मामूर अहमद जामई की अपील का असर साफ तौर पर दिखाई दिया। नमाजियों ने सड़क पर नमाज अदा करने के बजाय ईदगाह परिसर के भीतर ही इबादत की और देश में अमन-चैन व खुशहाली की दुआ मांगी। जामा मस्जिदों और अन्य बड़े इबादत स्थलों पर भी भीड़ के मद्देनजर दो बार नमाज पढ़ी गई।ईद के मौके पर सामाजिक और राजनीतिक सौहार्द की झलक भी देखने को मिली। पूर्व सपा विधायक इरफान सोलंकी और विधायक अमिताभ बाजपेई ने एक-दूसरे को गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी। इरफान सोलंकी ने चार साल बाद अपनों के बीच ईद मनाने की खुशी जाहिर की और सभी को बधाई दी, साथ ही नवरात्र की शुभकामनाएं भी दीं।प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल और डीसीपी पूर्वी सत्यजीत गुप्ता ने मौके पर पहुंचकर लोगों को बधाई दी और बच्चों के साथ संवाद कर सौहार्द का संदेश दिया।जाजमऊ ईदगाह में करीब 45 हजार नमाजियों ने एक साथ नमाज अदा की, जहां परिवारों के साथ पहुंचे लोगों ने इस पर्व को खास बनाया।शहर की 300 से अधिक मस्जिदों में अलग-अलग समय पर नमाज अदा की गई। ईदगाहों और मस्जिदों में साफ-सफाई, चूने से बनाए गए निशान और अन्य व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित की गई थीं, जिससे कहीं भी अव्यवस्था की स्थिति नहीं बनी।इस तरह कानपुर में ईद का त्योहार न सिर्फ धार्मिक आस्था बल्कि सामाजिक सौहार्द और अनुशासन का भी प्रतीक बनकर सामने आया।

मुख्य बिंदु

  • कानपुर में ईद-उल-फितर की नमाज दो पालियों में अदा की गई
  • बड़ी ईदगाह बेनाझाबर समेत प्रमुख मस्जिदों में हुई नमाज
  • पहली नमाज सुबह 8 बजे, दूसरी 9:30 बजे पढ़ी गई
  • भीड़ नियंत्रण के लिए दो चरणों में नमाज की व्यवस्था
  • ‘सड़क पर नमाज नहीं’ अपील का दिखा साफ असर
  • नमाजियों ने ईदगाह और मस्जिद परिसर में ही अदा की नमाज
  • देश में अमन-चैन और खुशहाली के लिए मांगी गई दुआ
  • जाजमऊ ईदगाह में करीब 45 हजार लोगों ने एक साथ नमाज पढ़ी
  • शहर की 300 से अधिक मस्जिदों में अलग-अलग समय पर नमाज
  • इरफान सोलंकी और अमिताभ बाजपेई ने गले मिलकर दी बधाई
  • पुलिस कमिश्नर और अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर दी शुभकामनाएं
  • प्रशासन की मुस्तैदी से पूरे शहर में शांतिपूर्ण माहौल
  • साफ-सफाई और व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित, कहीं अव्यवस्था नहीं

उन्नाव में खौफनाक वारदात, पति ने दुपट्टे से घोंटा पत्नी का गला

यूपी क्राइम अलर्ट न्यूज़ ब्यूरो

उन्नाव: उन्नाव के माखी थाना क्षेत्र में एक सनसनीखेज हत्या का मामला सामने आया है, जहां पति ने अपनी डांसर पत्नी की गला घोंटकर हत्या कर दी। आरोप है कि पत्नी के डांस कार्यक्रमों में जाने को लेकर दोनों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था।जानकारी के मुताबिक, रूपऊ गांव निवासी बालकिशन की शादी करीब दो साल पहले सरैया गांव की रहने वाली माधुरी से हुई थी। शादी के बाद जब पति को पत्नी के डांसर होने का पता चला, तो उसने उसे डांस छोड़ने के लिए दबाव बनाया। मना करने पर दोनों के बीच अक्सर झगड़े होने लगे, जिसके चलते माधुरी मायके चली गई थी।गुरुवार को आरोपी ने सुलह का झांसा देकर माधुरी को बुलाया। बताया जा रहा है कि वह उसे सुनसान इलाके में ले गया और उसके ही दुपट्टे से गला घोंटकर हत्या कर दी। वारदात के बाद शव को नहर किनारे फेंककर घर लौट गया। बाद में आरोपी ने खुद डायल-112 पर कॉल कर पुलिस को घटना की जानकारी दी और अपना जुर्म कबूल कर लिया।पुलिस ने मृतका की मां की तहरीर पर दहेज हत्या समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला घुटने से मौत की पुष्टि हुई है।इस घटना का सबसे दर्दनाक पहलू यह है कि मृतका की ढाई साल की मासूम बेटी अब मां के साए से महरूम हो गई है। पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।

मुख्य बिंदु

  • उन्नाव के माखी थाना क्षेत्र में पत्नी की हत्या का मामला
  • पति ने डांस न छोड़ने पर पत्नी की गला घोंटकर हत्या की
  • दोनों के बीच लंबे समय से चल रहा था विवाद
  • पत्नी मायके में रह रही थी, सुलह के बहाने बुलाया गया
  • सुनसान जगह पर दुपट्टे से गला घोंटकर हत्या
  • शव को नहर किनारे फेंककर आरोपी घर लौटा
  • आरोपी ने खुद डायल-112 पर कॉल कर दी सूचना
  • पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार किया
  • मृतका की मां की तहरीर पर केस दर्ज
  • पोस्टमार्टम में गला घुटने से मौत की पुष्टि
  • ढाई साल की मासूम बेटी हुई बेसहारा
  • पुलिस मामले की जांच में जुटी

झांसी में आकाशीय बिजली से फैक्ट्री में महाविस्फोट, 1 की मौत, 3 झुलसे

यूपी क्राइम अलर्ट न्यूज़ ब्यूरो

झांसी: झांसी के बबीना क्षेत्र स्थित इंडो गल्फ एक्सप्लोसिव फैक्ट्री में शुक्रवार रात आकाशीय बिजली गिरने से भीषण विस्फोट हो गया। धमाका इतना जबरदस्त था कि करीब एक किलोमीटर तक का इलाका दहल उठा। आसपास के घरों में दरारें पड़ गईं और खिड़कियों के शीशे टूटकर दूर जा गिरे। फैक्ट्री के एक हिस्से में आग लगने के बाद बारूद में विस्फोट हुआ, जिससे अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने पूरे इलाके को घेरकर सील कर दिया है और बिजली आपूर्ति भी एहतियातन बंद कर दी गई है।हादसे में ड्राइवर नवल यादव की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य कर्मचारी गंभीर रूप से झुलस गए हैं, जिन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर राहत-बचाव कार्य में जुटी हैं। बताया गया कि हादसे के समय फैक्ट्री में काम नहीं चल रहा था, वरना नुकसान और ज्यादा हो सकता था। वहीं मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में तेज आंधी-बारिश और आकाशीय बिजली को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिससे अगले दो दिनों तक सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

मुख्य बिंदु

  • झांसी के बबीना क्षेत्र में इंडो गल्फ एक्सप्लोसिव फैक्ट्री में बड़ा विस्फोट
  • आकाशीय बिजली गिरने से बारूद में धमाका
  • विस्फोट से करीब 1 किलोमीटर तक का इलाका दहल गया
  • आसपास के घरों में दरारें, खिड़कियों के शीशे टूटे
  • फैक्ट्री के एक हिस्से में आग लगने के बाद हुआ धमाका
  • हादसे में ड्राइवर नवल यादव की मौत
  • तीन कर्मचारी गंभीर रूप से झुलसे, मेडिकल कॉलेज रेफर
  • पुलिस ने पूरे इलाके को घेरकर किया सील
  • एहतियात के तौर पर बिजली आपूर्ति बंद की गई
  • राहत और बचाव कार्य जारी, प्रशासन मौके पर तैनात
  • हादसे के समय फैक्ट्री में काम बंद था, बड़ा नुकसान टला
  • मौसम विभाग ने आंधी-बारिश और आकाशीय बिजली को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया

गौ-तस्करों पर वाहन से कुचलकर हत्या का आरोप

यूपी क्राइम अलर्ट न्यूज़ ब्यूरो

मथुरा: मथुरा में ‘फरसा वाले बाबा’ के नाम से मशहूर गौ-रक्षक चंद्रशेखर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए। आरोप है कि गौ-तस्करों ने उन्हें वाहन से कुचलकर मार डाला, जिसके बाद गुस्साए लोगों ने दिल्ली-आगरा हाईवे जाम कर दिया।घटना कोसीकलां थाना क्षेत्र के नवीपुर इलाके की बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक, चंद्रशेखर को इलाके में गौ-तस्करी की सूचना मिली थी, जिसके बाद वह अपनी टीम के साथ आरोपियों का पीछा कर रहे थे। इसी दौरान तस्करों ने उनकी गाड़ी को टक्कर मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।घटना की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। देखते ही देखते हालात बिगड़ गए और कुछ प्रदर्शनकारियों ने पथराव शुरू कर दिया। स्थिति को नियंत्रित करने पहुंची पुलिस को भीड़ को तितर-बितर करने के लिए रबर की गोलियां चलानी पड़ीं।प्रदर्शन के चलते दिल्ली-आगरा हाईवे पर लंबा जाम लग गया, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। जाम में कई वाहन फंसे रहे, जिनमें विदेशी नागरिक भी शामिल बताए जा रहे हैं। उग्र भीड़ ने एडीएम प्रशासन की गाड़ी को भी नुकसान पहुंचाया।पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर डटे हुए हैं और स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास जारी हैं। एहतियात के तौर पर इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है, जबकि पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी गई है।

  • मथुरा में ‘फरसा वाले बाबा’ चंद्रशेखर की मौत के बाद बवाल
  • कोसीकलां थाना क्षेत्र के नवीपुर इलाके की घटना
  • गौ-तस्करी की सूचना पर आरोपियों का पीछा करते समय हादसा
  • घटना के बाद आक्रोशित भीड़ ने किया विरोध प्रदर्शन
  • दिल्ली-आगरा हाईवे पर लगाया गया जाम, यातायात बाधित
  • भीड़ द्वारा पथराव, स्थिति हुई तनावपूर्ण
  • पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए रबर बुलेट चलाई
  • एडीएम की गाड़ी में तोड़फोड़ की गई
  • जाम में कई वाहन फंसे, विदेशी नागरिक भी प्रभावित
  • मौके पर भारी पुलिस बल तैनात
  • मामले की जांच जारी, प्रशासन अलर्ट मोड में

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, NCERT में बदलेगा न्यायपालिका चैप्टर

यूपी क्राइम अलर्ट न्यूज़ ब्यूरो

नई दिल्ली: एनसीईआरटी की पाठ्यपुस्तक में न्यायपालिका से जुड़े विवादित चैप्टर को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया गया कि इस चैप्टर को दोबारा तैयार करने के लिए एक उच्चस्तरीय विशेषज्ञ समिति गठित की गई है।इस समिति में सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जज इंदु मल्होत्रा, पूर्व जज अनिरुद्ध बोस और पूर्व अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल शामिल होंगे। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ को यह जानकारी दी।यह पूरा विवाद कक्षा 8 की किताब ‘एक्सप्लोरिंग सोसाइटी: इंडिया एंड बियॉन्ड’ के उस चैप्टर से जुड़ा है, जिसमें न्यायपालिका में कथित भ्रष्टाचार से संबंधित सामग्री शामिल की गई थी। इस पर आपत्ति के बाद सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए किताब के उत्पादन और वितरण पर रोक लगा दी थी।सुनवाई के दौरान अदालत ने एनसीईआरटी के जवाब पर कड़ी नाराजगी जताई थी और स्पष्ट किया था कि चैप्टर को किसने लिखा और किसने मंजूरी दी, यह पारदर्शी होना चाहिए। इसके बाद कोर्ट ने केंद्र को निर्देश दिया था कि एक सप्ताह के भीतर विशेषज्ञ समिति गठित की जाए।केंद्र के आश्वासन और समिति गठन की जानकारी के बाद अदालत ने अपने स्वतः संज्ञान मामले का निपटारा कर दिया है। साथ ही यह भी निर्देश दिया गया है कि भविष्य में ऐसे शैक्षणिक विषयों को तैयार करते समय राष्ट्रीय न्यायिक अकादमी जैसे संस्थानों को भी शामिल किया जाए।इस घटनाक्रम के बाद अब नया चैप्टर विशेषज्ञों की निगरानी में तैयार किया जाएगा, जिससे पाठ्य सामग्री की विश्वसनीयता और संतुलन सुनिश्चित किया जा सके।

मुख्य बिंदु

  • एनसीईआरटी की कक्षा 8 की किताब के न्यायपालिका चैप्टर पर विवाद
  • सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेकर किताब के उत्पादन और वितरण पर लगाई थी रोक
  • केंद्र सरकार ने चैप्टर को दोबारा लिखने के लिए उच्चस्तरीय समिति बनाई
  • समिति में पूर्व जज इंदु मल्होत्रा, अनिरुद्ध बोस और केके वेणुगोपाल शामिल
  • सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट को दी जानकारी
  • कोर्ट ने एनसीईआरटी के जवाब पर जताई थी नाराजगी
  • चैप्टर के लेखन और मंजूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता पर जोर
  • सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को एक सप्ताह में समिति बनाने का दिया था निर्देश
  • समिति गठन के बाद कोर्ट ने स्वतः संज्ञान मामले का निपटारा किया
  • भविष्य में राष्ट्रीय न्यायिक अकादमी जैसे संस्थानों को शामिल करने का निर्देश
  • नया चैप्टर अब विशेषज्ञों की निगरानी में तैयार किया जाएगा
- Advertisement -

Recent Posts