डेस्क रिपोर्ट
कानपुर शहर में शराब ठेकों के खिलाफ महिलाओं का विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। ताजा मामला किदवई नगर क्षेत्र का है, जहां स्थानीय महिलाओं ने शराबियों की बढ़ती अराजकता से तंग आकर जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। महिलाओं का आरोप है कि कंपोजिट शराब ठेके के आसपास का माहौल पूरी तरह असुरक्षित हो चुका है, जिससे क्षेत्र की महिलाएं और परिवार दहशत में जीने को मजबूर हैं।
जानकारी के अनुसार, शहर के अलग-अलग इलाकों में पिछले कुछ दिनों से शराब ठेकों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन देखने को मिल रहे हैं। इससे पहले कर्रही सब्जी मंडी स्थित शराब ठेके के बाहर भी महिलाओं ने जमकर प्रदर्शन किया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि वहां आने वाले शराबी आए दिन हंगामा करते हैं और क्षेत्र का माहौल खराब करते हैं।
इसी कड़ी में अब किदवई नगर स्थित कंपोजिट शराब ठेका विवादों के केंद्र में आ गया है। बगाही निवासी राधा सहित कई महिलाओं ने जिलाधिकारी को दिए शिकायती पत्र में बताया कि उनके घर के ठीक बगल में गली से जुड़ा अंग्रेजी शराब का ठेका है। यहां शराब खरीदने आने वाले लोग सड़क पर ही खुलेआम शराब पीते हैं, जिससे पूरे इलाके में असामाजिक गतिविधियों का माहौल बन गया है।
महिलाओं का कहना है कि स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि गली से गुजरना तक मुश्किल हो गया है। शराब के नशे में धुत लोग राह चलती महिलाओं के सामने अभद्र व्यवहार करते हैं, यहां तक कि कई बार सार्वजनिक स्थानों पर लघुशंका करते हुए भी देखे जाते हैं। जब इसका विरोध किया जाता है, तो वे झगड़े पर उतारू हो जाते हैं और महिलाओं को डराने-धमकाने की कोशिश करते हैं।
सबसे गंभीर बात यह है कि यह शराब ठेका धार्मिक स्थलों के बेहद करीब स्थित है। महिलाओं ने बताया कि ठेके से महज 50 कदम की दूरी पर सैयद बाबा की मजार है, घर के पीछे मस्जिद स्थित है और सामने ब्रह्मदेव बाबा का स्थान है। ऐसे में यहां इस तरह की गतिविधियां धार्मिक भावनाओं को भी आहत कर रही हैं।
महिलाओं ने यह भी आरोप लगाया कि ठेका संचालक नियमों की खुलकर अनदेखी कर रहा है। आबकारी विभाग द्वारा निर्धारित समय सीमा के बाद भी देर रात तक अतिरिक्त पैसे लेकर शराब बेची जाती है। इस संबंध में कई बार वीडियो भी बनाए गए हैं, लेकिन इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे ठेका संचालक के हौसले और बढ़ गए हैं।
इस समस्या से परेशान होकर मोहल्ले के करीब 30 लोगों ने सामूहिक रूप से शिकायती पत्र पर हस्ताक्षर कर जिलाधिकारी से ठेके के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। महिलाओं का कहना है कि अगर जल्द ही कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो वे बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगी।
जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचीं महिलाओं की मुलाकात उस समय सीधे डीएम से नहीं हो सकी, क्योंकि वे कार्यालय में मौजूद नहीं थे। इसके बाद महिलाओं ने एसडीएम को अपना प्रार्थना पत्र सौंपा। एसडीएम ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
महिलाओं का कहना है कि यह केवल एक इलाके की समस्या नहीं है, बल्कि पूरे शहर में कई जगहों पर शराब ठेकों के कारण इसी तरह की समस्याएं सामने आ रही हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे ठेकों को आबादी और धार्मिक स्थलों से दूर स्थानांतरित किया जाए, ताकि आम लोगों को राहत मिल सके।
यह मामला शहर की कानून व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यशैली पर भी सवाल खड़े करता है। एक ओर जहां सरकार कानून-व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाने की बात करती है, वहीं दूसरी ओर इस तरह की घटनाएं जमीनी हकीकत को उजागर करती हैं।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और क्या महिलाओं को इस समस्या से निजात मिल पाती है या नहीं।














