अचलगंज/असोहा, उन्नाव। कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर बारिश के बाद सड़क की गुणवत्ता और जल निकासी व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। मंगलवार सुबह आजाद मार्ग टोल प्लाजा से आगे आटा बंथर-लक्ष्मणखेड़ा मार्ग के अंडरपास के किनारे स्लोप की मिट्टी धंसने से करीब पांच फीट चौड़ा और 10 फीट गहरा गड्ढा हो गया। मिट्टी के कटान से सड़क के नीचे का हिस्सा खोखला होने की स्थिति पैदा हो गई, जिससे सड़क धंसने का खतरा बढ़ गया। घटना की जानकारी मिलते ही निर्माण एजेंसी पीएनसी की तकनीकी टीम मौके पर पहुंची और मरम्मत का काम शुरू कराया। हालांकि, संबंधित टीम के अनुसार इस हिस्से को पूरी तरह दुरुस्त करने में करीब दो दिन का समय लग सकता है। गनीमत रही कि मिट्टी धंसने के दौरान कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ।

बारिश ने खोली एक्सप्रेसवे की खामियां

कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे के उन्नाव से लखनऊ के बीच करीब 45 किलोमीटर लंबे ग्रीनफील्ड हिस्से में बारिश के बाद कई स्थानों पर सड़क की स्थिति खराब नजर आई। कुछ स्थानों पर सड़क पर पहियों के निशान यानी व्हील ट्रैक बन गए हैं। पानी भरने के कारण ये गहरी नालियों की तरह दिखाई दे रहे हैं, जिससे तेज रफ्तार वाहनों के लहराने और असंतुलित होने का खतरा बना हुआ है। स्थानीय लोगों और वाहन चालकों का कहना है कि एक्सप्रेसवे पर हल्की बारिश के बाद भी कई स्थानों पर पानी जमा हो रहा है। ऐसे में तेज रफ्तार से चलने वाले वाहनों के लिए यह स्थिति परेशानी का कारण बन रही है।

पहले भी धंस चुकी है मिट्टी

सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि आटा बंथर के पास जहां मंगलवार को मिट्टी धंसी, वहां पहले भी कटान और धंसने की समस्या सामने आ चुकी है। बताया गया कि पूर्व में गड्ढे को भरकर मरम्मत की गई थी, लेकिन बारिश के बाद एक बार फिर मिट्टी धंस गई। इससे एक्सप्रेसवे के निर्माण और उसके बाद की मरम्मत की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, निर्माण एजेंसी की ओर से लगातार पैचवर्क और मरम्मत का काम कराया जा रहा है।

कई किलोमीटर में सड़क पर बने व्हील ट्रैक

एक्सप्रेसवे के करीब 10 किलोमीटर के दायरे में कई जगह सड़क पर व्हील ट्रैक बनने की बात सामने आई है। बारिश का पानी इन स्थानों पर जमा होने के कारण सड़क की स्थिति और स्पष्ट दिखाई दे रही है। वाहन चालकों को इन हिस्सों से गुजरते समय वाहन संभालकर चलाना पड़ रहा है। वहीं कानपुर से लखनऊ जाने वाली लेन पर किलोमीटर संख्या 65 से 65.7 के बीच भारी वाहनों के लिए निर्धारित तीसरी लेन भी कई स्थानों पर दबने की स्थिति में बताई गई है।

उन्नाव-लालगंज हाईवे पुल पर भी सड़क की ऊपरी परत खराब

एक्सप्रेसवे से जुड़े उन्नाव-लालगंज हाईवे पुल पर भी सड़क की ऊपरी परत करीब 40 मीटर के दायरे में कई स्थानों पर टूटने की जानकारी सामने आई है। सड़क की सतह खराब होने के कारण वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसी तरह किलोमीटर संख्या 42.6 पर मेदपुर गांव के पास बारिश के बाद जलभराव की स्थिति बन गई। कुछ देर की बारिश के बाद सड़क पर पानी जमा होने से वाहन चालकों को काफी परेशानी हुई। सड़क पर बने व्हील ट्रैक पानी भरने के बाद और अधिक स्पष्ट दिखाई दिए।

कुदिकापुर और अन्य स्थानों पर भी जलभराव

कानपुर से लखनऊ जाने वाली लेन पर किलोमीटर संख्या 44.9 के पास कुदिकापुर गांव के सामने भी जलभराव की स्थिति सामने आई। वहीं किलोमीटर संख्या 47.9 के आसपास सड़क दबने के कारण पानी जमा होने की बात सामने आई है। किलोमीटर संख्या 59 पर नेवरना गांव के पास करीब 40 मीटर सड़क दबने के बाद उसकी ऊपरी परत को हटाकर नई परत बिछाने का काम किया गया है। लगातार अलग-अलग स्थानों पर मरम्मत की जरूरत पड़ने से एक्सप्रेसवे की स्थिति को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

15 साल तक रखरखाव की जिम्मेदारी निर्माण एजेंसी की

एनएचएआई के अनुसार एक्सप्रेसवे के निर्माण के बाद करीब 15 वर्षों तक इसकी देखरेख और मरम्मत की जिम्मेदारी निर्माण एजेंसी पीएनसी की है। निर्माण एजेंसी लगातार मरम्मत और पैचवर्क का काम कर रही है। एनएचएआई अधिकारियों का कहना है कि एक्सप्रेसवे पर यातायात प्रभावित होने की स्थिति में संबंधित जिम्मेदारों से जवाब लिया जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक जब तक मरम्मत का काम पूरा नहीं हो जाता और भारी वाहनों का सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित नहीं होता, तब तक जनता से टोल टैक्स नहीं लिया जाएगा। इस दौरान निकलने वाले वाहनों का टोल निर्माण एजेंसी से वसूले जाने की बात कही गई है।

जेसीबी के बीच जोखिम में सफर

एक्सप्रेसवे पर ड्रेनेज सिस्टम को दुरुस्त करने के लिए निर्माण एजेंसी की ओर से कई स्थानों पर जेसीबी मशीनें लगाकर काम कराया जा रहा है। किलोमीटर संख्या 54.5 पर तौरा गांव के पास सड़क के एक हिस्से में मशीनों के कारण वाहन चालकों को सावधानी से निकलना पड़ रहा है। काम के दौरान पर्याप्त संकेतक नहीं लगाए जाने की भी बात सामने आई है। इससे वाहन चालकों को परेशानी हो सकती है और हादसे का खतरा बढ़ सकता है। हालांकि इस दौरान किसी दुर्घटना की सूचना नहीं है।

ड्रेनेज सिस्टम दुरुस्त करने पर जोर

निर्माण एजेंसी की ओर से बताया गया कि आटा बंथर के पास बारिश के कारण कटान से किनारे की मिट्टी धंसी है। एजेंसी का दावा है कि अंडरपास होने के कारण वहां बीम वॉल मौजूद है, इसलिए सड़क को तत्काल कोई बड़ा खतरा नहीं है। जानकारी मिलते ही मरम्मत का काम शुरू कर दिया गया है। एजेंसी के अनुसार एक्सप्रेसवे पर जहां-जहां व्हील ट्रैक बने हैं, वहां मरम्मत कराई जा रही है। साइड रोड दबने या सेफ्टी वॉल में समस्या आने पर उसे भी दुरुस्त किया जा रहा है। मरम्मत का अधिकांश काम पूरा होने का दावा करते हुए ड्रेनेज सिस्टम को भी ठीक किए जाने की जानकारी दी गई है। फिलहाल बारिश के मौसम में कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर सामने आ रही सड़क धंसने, जलभराव और व्हील ट्रैक की समस्याओं ने यात्रियों की चिंता बढ़ा दी है। अब निगाह इस बात पर है कि निर्माण एजेंसी और एनएचएआई इन खामियों को कितनी तेजी से और स्थायी रूप से दूर करते हैं, ताकि तेज रफ्तार एक्सप्रेसवे पर वाहन चालकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here