खखरेरू/फतेहपुर। जिले के खखरेरू थाना क्षेत्र के कोट गांव में सर्पदंश की घटना में 76 वर्षीय बुजुर्ग महिला ननकी देवी की मौत हो गई। बताया गया कि बृहस्पतिवार रात महिला अपने बिस्तर पर लेटी हुई थीं। इसी दौरान पास में बनी ताक पर रखी दवा उठाने के लिए उन्होंने हाथ बढ़ाया, तभी वहां छिपे सांप ने उनके हाथ में डस लिया। घटना के बाद परिवार में अफरा-तफरी मच गई। परिजन महिला को उपचार के लिए अस्पताल ले जाने से पहले झाड़-फूंक कराने भीमपुर पहुंचे। वहां उनकी हालत बिगड़ने लगी, जिसके बाद उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) हरदो ले जाया गया। अस्पताल में चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। महिला की मौत की खबर से परिवार में मातम छा गया। गांव में भी शोक का माहौल है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस के अनुसार, मामले में आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।
दवा उठाते समय हुआ हादसा
जानकारी के मुताबिक, कोट गांव निवासी ननकी देवी (76) पत्नी कंधई रैदास बृहस्पतिवार रात करीब आठ बजे अपने बिस्तर पर लेटी हुई थीं। उनके बगल में दीवार पर बनी ताक पर दवा रखी हुई थी। दवा उठाने के लिए जैसे ही उन्होंने हाथ बढ़ाया, वहां छिपे सांप ने उनके हाथ में डस लिया। सर्पदंश के बाद महिला की हालत को लेकर परिजन चिंतित हो गए। परिवार के लोग तत्काल उन्हें लेकर भीमपुर पहुंचे, जहां झाड़-फूंक कराई गई। हालांकि, महिला की हालत में सुधार होने के बजाय बिगड़ने लगी। इसके बाद परिजन उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हरदो लेकर पहुंचे। वहां चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद महिला को मृत घोषित कर दिया। घटना से परिवार के लोगों को गहरा सदमा पहुंचा। जिस समय परिवार के सदस्य महिला को बचाने के लिए प्रयास कर रहे थे, उसी दौरान उनकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों द्वारा मृत घोषित किए जाने के बाद परिजनों में चीख-पुकार मच गई।
झाड़-फूंक में बीता समय, अस्पताल पहुंचने पर हुई मौत की पुष्टि
इस घटना में परिजन पहले महिला को झाड़-फूंक कराने के लिए भीमपुर ले गए। इसके बाद हालत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। सर्पदंश जैसी आपात स्थिति में उपचार मिलने में देरी गंभीर परिणाम पैदा कर सकती है। ऐसे मामलों में तत्काल चिकित्सा सहायता लेना बेहद जरूरी है। विशेषज्ञों की सलाह है कि सांप के काटने पर पीड़ित को जल्द से जल्द नजदीकी अस्पताल पहुंचाया जाए। झाड़-फूंक, घरेलू उपचार या अन्य अप्रमाणित तरीकों में समय गंवाने से बचना चाहिए। सांप के काटने की स्थिति में घाव को काटने, चूसने या कसकर पट्टी बांधने जैसे उपाय भी नहीं करने चाहिए। पीड़ित को शांत रखकर बिना देरी चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना सबसे महत्वपूर्ण है। कोट गांव की यह घटना ग्रामीण क्षेत्रों में सर्पदंश से जुड़ी जागरूकता और समय पर चिकित्सा सुविधा की आवश्यकता को फिर सामने लाती है। खासकर बरसात और उसके बाद के मौसम में घरों के आसपास, दीवारों की दरारों, सामान के पीछे और अन्य अंधेरी जगहों पर सांप छिपे हो सकते हैं। इसलिए घरों में रखे सामान और दवाइयों को उठाते समय सावधानी बरतना जरूरी है।
परिवार में मातम, चार पुत्रों के सिर से उठा मां का साया
ननकी देवी के परिवार में उनकी मौत से दुख का माहौल है। मृतका के चार पुत्र रोशन लाल, गुलाब, रोहित और पप्पू हैं। मां की अचानक मौत से परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। जिस घर में रोजमर्रा की जिंदगी चल रही थी, वहां घटना के बाद मातम छा गया। गांव के लोगों ने भी बुजुर्ग महिला की मौत पर दुख जताया। घटना की जानकारी मिलने के बाद ग्रामीणों में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों के लिए यह हादसा बेहद दुखद रहा, क्योंकि महिला की मौत अचानक हुई और परिवार को उन्हें बचाने का अवसर नहीं मिल सका।
पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया, ताकि आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा सके। इस संबंध में थाना प्रभारी सत्यपाल सिंह ने बताया कि महिला के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
सर्पदंश से बचाव के लिए सावधानी जरूरी
सर्पदंश की घटनाओं से बचाव के लिए घरों और आसपास साफ-सफाई बनाए रखना जरूरी है। दीवारों की दरारों, लकड़ी के ढेर, पुराने कपड़ों और अंधेरी जगहों पर हाथ डालने से पहले सावधानी बरतनी चाहिए। दवाइयों और अन्य सामान को ऐसी जगह रखना बेहतर है, जहां उन्हें उठाते समय आसपास की स्थिति साफ दिखाई दे। यदि किसी व्यक्ति को सांप काट ले, तो उसे तुरंत चिकित्सा केंद्र पहुंचाना चाहिए और डॉक्टरों को घटना की जानकारी देनी चाहिए। सांप को पकड़ने या मारने के प्रयास में समय न गंवाएं। सांप के काटने के बाद लक्षणों का इंतजार किए बिना चिकित्सकीय सहायता लेना जरूरी है। कोट गांव में ननकी देवी की मौत ने परिवार को गहरे दुख में डाल दिया है। पुलिस की ओर से पोस्टमार्टम और अन्य विधिक प्रक्रिया की जा रही है। इस दुखद घटना के बीच सबसे महत्वपूर्ण संदेश यही है कि सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक के बजाय तत्काल अस्पताल पहुंचकर इलाज कराना चाहिए, क्योंकि समय पर चिकित्सा सहायता जीवन बचाने में अहम भूमिका निभा सकती है।















