संवाददाता- दुर्गेश मिश्रा
खखरेरू /फतेहपुर। फतेहपुर जिले के धाता विकासखंड क्षेत्र स्थित बिछियावां अस्थायी गौशाला के समीप शनिवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब गौशाला से लगभग 150 मीटर दूर ससुर खदेरी नदी किनारे झाड़ियों में एक दर्जन से अधिक गोवंशों के अवशेष, खाल और शरीर के विभिन्न अंग पड़े मिले। घटना की सूचना फैलते ही स्थानीय ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त हो गया। मौके पर पुलिस, प्रशासनिक अधिकारियों, पशु चिकित्सा विभाग की टीम तथा हिंदू संगठनों के पदाधिकारी पहुंच गए। मामले को लेकर हिंदू सुरक्षा परिषद ने गौहत्या की आशंका जताते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। वहीं पुलिस ने सभी अवशेषों का पोस्टमार्टम कराकर मामले की जांच शुरू कर दी है।

चरवाहों ने सबसे पहले देखे अवशेष
जानकारी के अनुसार शनिवार सुबह क्षेत्र के कुछ चरवाहे अपने पशुओं को चराने के लिए ससुर खदेरी नदी किनारे पहुंचे थे। इसी दौरान उनकी नजर झाड़ियों में बड़ी संख्या में पड़े गोवंशों के अवशेषों पर पड़ी। पास जाकर देखने पर वहां खाल, हड्डियां और शरीर के अन्य अंग बिखरे मिले। इसकी सूचना तत्काल स्थानीय लोगों और हिंदू सुरक्षा परिषद के गौ रक्षा जिला अध्यक्ष को दी गई। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और संगठन के कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए। संगठन के पदाधिकारियों का दावा है कि करीब 500 मीटर के दायरे में एक दर्जन से अधिक गोवंशों के अवशेष फैले हुए थे।

पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंचा
घटना की जानकारी मिलते ही कार्यवाहक थाना प्रभारी श्याम सुंदर गिरी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। प्रारंभिक जांच के दौरान सीमा विवाद की स्थिति स्पष्ट होने के बाद सैनी थाना पुलिस को भी मौके पर बुलाया गया। इसके साथ ही क्षेत्राधिकारी सिराथू सत्येंद्र तिवारी भी घटनास्थल पहुंचे और पूरे मामले का निरीक्षण किया। पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित कर आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए और उच्चाधिकारियों को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी।

हिंदू सुरक्षा परिषद ने जताई गौहत्या की आशंका
हिंदू सुरक्षा परिषद के प्रदेश अध्यक्ष रवि पांडेय ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद कहा कि वहां कथित रूप से खून के निशान और धारदार हथियार कवर मिलने की बात सामने आई है। उनके अनुसार इन परिस्थितियों में बड़े पैमाने पर गौहत्या की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए तथा यदि जांच में किसी की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी स्तर पर मामले को दबाने का प्रयास नहीं होना चाहिए।

ग्रामीणों ने भी उठाए कई सवाल
घटनास्थल पर मौजूद कई ग्रामीणों ने भी मामले को लेकर सवाल उठाए। उनका कहना था कि जहां अवशेष मिले हैं, वह स्थान आसपास के गांवों से लगभग दो किलोमीटर दूर है और वहां तक पहुंचने का रास्ता भी काफी कठिन है। ग्रामीणों के अनुसार इतनी बड़ी संख्या में मृत गोवंशों को इतनी दूर ले जाकर फेंकना सामान्य घटना नहीं लगती। उनका कहना है कि पूरे मामले की वैज्ञानिक और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि वास्तविक कारण सामने आ सकें।

पोस्टमार्टम के बाद दफनाए गए अवशेष
क्षेत्राधिकारी सत्येंद्र तिवारी ने मौके पर पशु चिकित्सकों की टीम बुलाकर सभी गोवंशों के अवशेषों का पोस्टमार्टम कराने के निर्देश दिए। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रशासन ने जेसीबी मशीन की सहायता से गड्ढा खुदवाकर सभी अवशेषों को सुरक्षित तरीके से दफना दिया। पुलिस ने घटनास्थल से मिले अन्य संभावित साक्ष्यों को भी कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।

सीओ बोले: रिपोर्ट के आधार पर होगी कार्रवाई
क्षेत्राधिकारी सिराथू सत्येंद्र प्रसाद तिवारी ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक साक्ष्य तथा अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि जांच में किसी प्रकार का अपराध सामने आता है तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मौके पर मौजूद रहे विभिन्न संगठन
घटनास्थल पर हिंदू सुरक्षा परिषद, बजरंग दल सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। इस दौरान हिंदू सुरक्षा परिषद के प्रदेश अध्यक्ष रवि पांडेय, गौ रक्षा प्रदेश अध्यक्ष आशीष शुक्ला, मंडल अध्यक्ष रोहित पांडेय, तहसील महासचिव शिवम सिंह सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने निष्पक्ष जांच की मांग की।
बीडीओ का पक्ष आना बाकी
गौशाला के समीप मिले गोवंशों के अवशेषों के संबंध में खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन समाचार लिखे जाने तक उनका पक्ष प्राप्त नहीं हो सका। उनका पक्ष मिलने पर समाचार को अपडेट किया जाएगा।
जांच रिपोर्ट का इंतजार
फिलहाल पुलिस और प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटे हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य वैज्ञानिक जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि गोवंशों की मृत्यु किन परिस्थितियों में हुई और क्या इस मामले में किसी आपराधिक कृत्य की पुष्टि होती है। जांच पूरी होने तक प्रशासन ने लोगों से अफवाहों से बचने और शांति बनाए रखने की अपील की है।















