Home Uncategorized कोर्ट के आदेश पर नगर आयुक्त कार्यालय में कुर्की करने पहुंची पुलिस...

कोर्ट के आदेश पर नगर आयुक्त कार्यालय में कुर्की करने पहुंची पुलिस टीम

यूपी क्राइम अलर्ट न्यूज़ ब्यूरो

>2.17 लाख के बकाये पर तीन घंटे तक मचा हड़कंप

लखनऊ: बकाये भुगतान के विवाद ने मंगलवार को लखनऊ नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए। लखनऊ के लालबाग स्थित नगर आयुक्त कार्यालय में सिविल कोर्ट के आदेश पर कुर्की की कार्रवाई शुरू होते ही निगम मुख्यालय में हड़कंप मच गया। पुलिस और न्यायालय के अमीन की टीम अचानक पहुंची और कार्यालय का सामान बाहर निकालना शुरू कर दिया, जिससे अफसरों और कर्मचारियों के बीच तीखी बहस छिड़ गई।कुर्की की प्रक्रिया के लिए हजरतगंज पुलिस और कोर्ट के अमीन वादी संस्था के वकीलों के साथ नगर निगम मुख्यालय पहुंचे। अमीन ने नगर आयुक्त कक्ष से टेबल, कुर्सियां, सोफा और इनवर्टर तक बाहर निकलवाना शुरू कर दिया। कर्मचारियों ने इसका विरोध किया, जिसके बाद मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया।सिविल कोर्ट के आदेश के मुताबिक 10 कंप्यूटर, 10 मेज, 50 कुर्सियां और 25 अलमारियां कुर्क करने के निर्देश दिए गए थे। साथ ही डिक्री धारक को कब्जा दिलाने के लिए पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराने का भी आदेश था।
मामले में प्रशासनिक लापरवाही भी सामने आई है। बताया गया कि कुर्की की सूचना एक दिन पहले ही संबंधित पुलिस चौकी ने अपर नगर आयुक्त ललित कुमार को दे दी थी, लेकिन यह जानकारी समय पर नगर आयुक्त और विधि विभाग तक नहीं पहुंच सकी। इसके चलते अचानक हुई कार्रवाई से निगम प्रशासन असहज स्थिति में आ गया।करीब तीन घंटे तक चले हंगामे के बाद वरिष्ठ अधिकारियों के हस्तक्षेप और कोर्ट के आदेश के खिलाफ अपील दाखिल करने की जानकारी देने पर कुर्की की कार्रवाई रोक दी गई। बाद में बाहर निकाला गया सामान फिर से नगर आयुक्त कक्ष में रखवा दिया गया और टीम वापस लौट गई।यह पूरा विवाद मेसर्स गंगा संस्थान और नगर निगम के अधीन डूडा विभाग के बीच पुराने भुगतान को लेकर है। संस्था के अधिवक्ता विवेक मिश्रा के अनुसार उनकी फर्म कैसरबाग क्षेत्र में शेल्टर होम संचालित करती थी। वर्ष 2019 में नगर निगम ने संस्था का नवीनीकरण समाप्त कर दिया और बकाया भुगतान भी रोक दिया।मामला अदालत पहुंचने पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने नगर निगम को संस्था को 2.17 लाख रुपये का बकाया और छह माह का ब्याज देने का आदेश दिया था। भुगतान न होने पर अदालत ने निगम कार्यालय के सामान की कुर्की का निर्देश जारी कर दिया, जिसके बाद मंगलवार को यह कार्रवाई देखने को मिली।

मुख्य बिंदु

  • सिविल कोर्ट के आदेश पर कार्रवाई: लखनऊ के लालबाग स्थित नगर आयुक्त कार्यालय में कोर्ट के आदेश पर कुर्की की प्रक्रिया शुरू हुई।
  • 2.17 लाख रुपये का विवाद: नगर निगम और मेसर्स गंगा संस्थान के बीच 2.17 लाख रुपये के बकाये भुगतान को लेकर मामला था।
  • पुलिस और कोर्ट अमीन पहुंचे: हजरतगंज पुलिस और कोर्ट के अमीन व वकीलों की टीम ने कार्यालय पहुंचकर सामान बाहर निकालना शुरू किया।
  • सामान कुर्क करने के निर्देश: कोर्ट ने 10 कंप्यूटर, 10 मेज, 50 कुर्सियां और 25 अलमारियां कुर्क करने का आदेश दिया था।
  • कार्यालय में हड़कंप: अचानक हुई कार्रवाई से नगर निगम मुख्यालय में अफसरों और कर्मचारियों के बीच बहस और अफरा-तफरी मच गई।
  • प्रशासनिक लापरवाही: कुर्की की सूचना पहले से होने के बावजूद यह जानकारी समय पर नगर आयुक्त और विधि विभाग तक नहीं पहुंची।
  • तीन घंटे बाद रुकी कार्रवाई: वरिष्ठ अधिकारियों के हस्तक्षेप और अपील दाखिल करने की जानकारी के बाद कुर्की रोक दी गई।
  • सामान वापस रखा गया: बाहर निकाला गया सामान फिर से नगर आयुक्त कक्ष में रखवाकर टीम लौट गई।
  • 2019 से चल रहा विवाद: गंगा संस्थान कैसरबाग में शेल्टर होम चलाता था, जिसका नवीनीकरण खत्म होने के बाद भुगतान रोक दिया गया था।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here