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शीर्षक: कानपुर में सांप के काटने से 2 साल के मासूम अंश की मौत, मां के साथ चारपाई पर सो रहा था बच्चा

सजेती के टिकरी गौरवा गांव में देर रात हुई दर्दनाक घटना; बच्चे की चीख सुनकर खुली मां की नींद, लाइट जलाकर देखा तो मासूम के सीने पर बैठा था सांप। परिजन अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन नहीं बच सकी जान।. डेस्क रिपोर्ट

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कानपुर नगर। उत्तर प्रदेश के कानपुर में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां मां के साथ चारपाई पर सो रहे दो साल के मासूम की सांप के काटने से मौत हो गई। बच्चा रात में अपनी मां के साथ सो रहा था, तभी सांप ने उसके कान के पीछे डस लिया। दर्द से मासूम की चीख निकली तो मां की नींद खुल गई। मां ने लाइट जलाकर देखा तो सांप बच्चे के सीने पर बैठा हुआ था। यह दृश्य देखकर मां की चीख निकल गई। शोर सुनकर परिवार के अन्य सदस्य भी मौके पर पहुंच गए। काफी कोशिश के बाद परिजनों ने डंडे की मदद से सांप को बच्चे के सीने से हटाया और उसे अस्पताल लेकर पहुंचे। हालांकि, डॉक्टरों ने जांच के बाद मासूम को मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है। यह हृदयविदारक घटना कानपुर नगर के सजेती थाना क्षेत्र के टिकरी गौरवा गांव की है। मृतक की पहचान दो वर्षीय अंश के रूप में हुई है। मासूम की मौत से परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं, घटना की जानकारी मिलने के बाद गांव में भी शोक का माहौल है।

मां के साथ चारपाई पर सो रहा था अंश, देर रात अचानक मची चीख-पुकार

जानकारी के मुताबिक, टिकरी गौरवा गांव निवासी शिव नारायण किसान हैं। उनके तीन बेटे राकेश, उमेश और दिनेश हैं। राकेश गुजरात की एक धागा फैक्ट्री में काम करते हैं, जबकि उनके दोनों भाई उमेश और दिनेश खेती-किसानी में पिता का हाथ बंटाते हैं। राकेश के तीन बेटे हैं, जिनके नाम प्रिंश, हिमांशु और अंश बताए गए हैं। इनमें अंश सबसे छोटा था और उसकी उम्र महज दो साल थी। परिजनों के अनुसार, शनिवार देर रात करीब 12 बजे परिवार के सभी सदस्य अपने-अपने कमरों में सो रहे थे। अंश भी अपनी मां भूरी के साथ चारपाई पर सो रहा था। घर में सब कुछ सामान्य था, लेकिन इसी बीच एक जहरीले सांप ने मासूम के कान के पीछे काट लिया। सांप के काटने से अंश को तेज दर्द हुआ और वह जोर-जोर से चीखने लगा। बच्चे की आवाज सुनकर मां भूरी की नींद खुल गई। शुरुआत में उन्हें स्थिति का अंदाजा नहीं था, लेकिन जैसे ही उन्होंने लाइट जलाकर देखा, उनके होश उड़ गए।

बच्चे के सीने पर बैठा था सांप, देखकर चीख पड़ी मां

मां भूरी ने लाइट जलाकर देखा तो सांप उनके मासूम बेटे अंश के सीने पर बैठा हुआ था। यह खौफनाक दृश्य देखकर वह घबरा गईं और जोर-जोर से चीखने लगीं। उनकी आवाज सुनकर परिवार के अन्य सदस्य भी मौके पर पहुंच गए। परिवार के लोगों ने सांप को बच्चे से दूर करने की कोशिश की, लेकिन वह काफी देर तक नहीं हटा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए परिजनों ने डंडे की मदद से सांप को बच्चे के सीने से अलग किया। इसके बाद उन्होंने मासूम को संभाला और उसकी बिगड़ती हालत देखकर तुरंत अस्पताल ले जाने की तैयारी की। परिवार के लिए यह पल बेहद भयावह था। जिस बच्चे को कुछ देर पहले मां अपनी गोद और चारपाई पर सुला रही थी, उसकी जिंदगी बचाने के लिए परिजन आनन-फानन में अस्पताल की ओर दौड़े। उन्हें उम्मीद थी कि समय रहते इलाज मिलने से बच्चे की जान बच जाएगी, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।

घाटमपुर सीएचसी से हैलट अस्पताल किया गया रेफर, नहीं बच सकी जान

सांप के काटने के बाद अंश की हालत लगातार बिगड़ने लगी। परिजन उसे आनन-फानन में घाटमपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। वहां चिकित्सकों ने बच्चे की गंभीर हालत को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए हैलट अस्पताल रेफर कर दिया। इसके बाद परिजन मासूम को लेकर हैलट अस्पताल पहुंचे। परिवार के लोगों को उम्मीद थी कि डॉक्टर इलाज करके बच्चे की जान बचा लेंगे, लेकिन अस्पताल में जांच के बाद चिकित्सकों ने अंश को मृत घोषित कर दिया। मासूम की मौत की खबर सुनते ही परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। जिस घर में कुछ समय पहले तक बच्चे की किलकारियां गूंजती थीं, वहां अब चीख-पुकार और मातम का माहौल बन गया। मां भूरी का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। परिवार के अन्य सदस्य भी इस दुखद घटना से सदमे में हैं।

गुजरात में काम करता है पिता, बेटे की मौत की खबर से परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

मृतक अंश के पिता राकेश गुजरात की एक धागा फैक्ट्री में काम करते हैं। परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों को निभाने के लिए वह घर से दूर रहकर नौकरी कर रहे हैं। वहीं, गांव में उनके परिवार के अन्य सदस्य रहते हैं। मासूम की मौत के बाद परिवार के सामने सबसे बड़ी पीड़ा बच्चे के पिता को यह दुखद खबर देने की भी थी। परिजनों के लिए यह समझना मुश्किल हो रहा था कि आखिर किस तरह राकेश को उनके दो साल के बेटे की मौत के बारे में बताया जाएगा। एक ओर बेटे को खोने का गम था, तो दूसरी ओर परिवार के उस सदस्य को दुखद समाचार देने की चिंता थी, जो रोजी-रोटी के लिए घर से दूर था। घटना ने पूरे परिवार को भीतर तक झकझोर दिया।

पोते का शव लेकर पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे दादा, फफक-फफककर रोए

रविवार शाम करीब 5:30 बजे परिजन मासूम अंश का शव लेकर पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। पोते की मौत से बुजुर्ग दादा शिव नारायण पूरी तरह टूट गए थे। अपने पोते का शव देखकर वह खुद को संभाल नहीं पा रहे थे। वह शव को हाथों में लेकर फफक-फफककर रोते रहे। इस दौरान उनकी बेबसी और दर्द देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं। दादा बार-बार लोगों से कह रहे थे, “साहब, सांप काट लिहिस है। जल्दी करि देव, बेटा घर आ रहा है… का जवाब देबे?” उनके इन शब्दों में पोते को खोने का दर्द और बेटे को यह खबर सुनाने की चिंता साफ झलक रही थी। एक दादा के लिए अपने पोते की मौत का दुख असहनीय था। वहीं, बेटे के घर लौटने पर उसे क्या जवाब देंगे, यह सवाल उन्हें लगातार परेशान कर रहा था। पोते की मौत के बाद शिव नारायण की हालत देखकर वहां मौजूद लोग भी भावुक हो गए। परिवार के लोगों के लिए इस दुखद घटना को स्वीकार करना बेहद मुश्किल हो रहा था।

पुलिस ने गांव पहुंचकर की जांच, पोस्टमार्टम के लिए भेजा शव

घटना की सूचना मिलने पर रविवार सुबह सजेती थाने की पुलिस गांव पहुंची। पुलिस ने मामले की जानकारी जुटाई और आवश्यक कार्रवाई पूरी की। इसके बाद पंचायतनामा भरकर मासूम के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। सजेती थाना प्रभारी अनुज भारती ने बताया कि देर रात सांप के काटने से मासूम की मौत होने की सूचना मिलने पर पुलिस गांव पहुंची थी। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल इस घटना से टिकरी गौरवा गांव में शोक का माहौल है। महज दो साल की उम्र में अंश की मौत ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। एक ओर मां अपने बच्चे को खोने के गम में टूट गई है, वहीं दादा और परिवार के अन्य सदस्य भी इस दुखद घटना से उबर नहीं पा रहे हैं।

बरसात और ग्रामीण इलाकों में सांपों से सतर्क रहने की जरूरत

ग्रामीण इलाकों में घरों के आसपास झाड़ियां, लकड़ियों के ढेर, दरारें और अन्य छिपने की जगहें सांपों के आने का कारण बन सकती हैं। ऐसे में घरों के आसपास सफाई रखना, दरवाजों और दीवारों की दरारों को बंद करना तथा रात में सोने की जगह को सुरक्षित रखना जरूरी है। सांप के काटने की आशंका होने पर पीड़ित को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाना चाहिए। घाव पर चीरा लगाने, जहर चूसने या कसकर पट्टी बांधने जैसे घरेलू उपाय नहीं करने चाहिए। सांप को पकड़ने या मारने की कोशिश में समय बर्बाद करने के बजाय तत्काल चिकित्सकीय सहायता लेना सबसे महत्वपूर्ण है। कानपुर के टिकरी गौरवा गांव की यह घटना एक परिवार के लिए कभी न भूलने वाला दुख बन गई है। दो साल के मासूम अंश की मौत ने सभी को गमगीन कर दिया है।

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