Home Uttarpradesh Unnao Latest News: नगर पंचायत उगू की कार्यप्रणाली पर सवाल, सभासदों ने...

Unnao Latest News: नगर पंचायत उगू की कार्यप्रणाली पर सवाल, सभासदों ने डीएम से की शिकायत

अध्यक्ष की कार्यप्रणाली और अनधिकृत व्यक्ति के हस्तक्षेप का आरोप, विकास कार्य प्रभावित होने का दावा; उपाध्यक्ष के निर्वाचन की भी उठाई मांग. तनिश सिंह की रिपोर्ट

उन्नाव। नगर पंचायत उगू की कार्यप्रणाली को लेकर निर्वाचित सभासदों ने जिलाधिकारी और उपजिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर गंभीर आरोप लगाए हैं। सभासदों ने नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती अनीता पासी की कार्यप्रणाली, प्रशासनिक कार्यों में कथित रूप से अनधिकृत व्यक्ति के हस्तक्षेप और विकास कार्यों के प्रभावित होने का आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। सभासदों की ओर से दिए गए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया है कि नगर पंचायत अध्यक्ष के पद से जुड़े दायित्वों और प्रशासनिक कार्यों में अनुज कुमार दीक्षित का कथित हस्तक्षेप है। सभासदों का दावा है कि अनुज कुमार दीक्षित के पास नगर पंचायत में कोई संवैधानिक या आधिकारिक पद नहीं है, इसके बावजूद नगर पंचायत की प्रशासनिक व्यवस्था में उनका प्रभाव बना हुआ है। हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। मामले में प्रशासनिक जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

प्रशासनिक कार्यों में हस्तक्षेप का आरोप

सभासदों ने जिलाधिकारी/उपजिलाधिकारी को दिए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया है कि नगर पंचायत अध्यक्ष के अधिकार क्षेत्र से जुड़े कार्यों में एक ऐसे व्यक्ति का प्रभाव बढ़ गया है, जिसके पास नगर पंचायत में कोई आधिकारिक पद नहीं है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि नगर पंचायत जैसी स्थानीय स्वशासन संस्था में निर्वाचित अध्यक्ष और सभासदों की भूमिका निर्धारित होती है। ऐसे में यदि किसी बाहरी या अनधिकृत व्यक्ति का प्रशासनिक निर्णयों में हस्तक्षेप होता है तो इससे नगर पंचायत के कामकाज की पारदर्शिता और व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। सभासदों ने प्रशासन से इस पूरे मामले की जांच कराने और यदि आरोप सही पाए जाएं तो नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है।

करीबियों को लाभ पहुंचाने का भी आरोप

प्रार्थना पत्र में सभासदों ने आरोप लगाया है कि अनुज कुमार दीक्षित कथित तौर पर अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर अपने सहयोगियों और करीबियों को नगर पंचायत के विभिन्न कार्यों, निविदाओं तथा कर्मचारियों से जुड़े मामलों में लाभ पहुंचा रहे हैं। सभासदों ने इन आरोपों को गंभीर बताते हुए नगर पंचायत में होने वाले कार्यों की निष्पक्षता और वित्तीय पारदर्शिता की जांच की मांग की है। हालांकि, किसी व्यक्ति या संस्था पर लगाए गए इन आरोपों की पुष्टि अभी नहीं हुई है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि किन विशिष्ट निविदाओं, कार्यों या नियुक्तियों में कथित तौर पर अनियमितता हुई है। इसकी स्थिति प्रशासनिक जांच और संबंधित अभिलेखों की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकती है।

विकास कार्य प्रभावित होने का दावा

सभासदों ने नगर पंचायत क्षेत्र में विकास कार्यों के प्रभावित होने का भी आरोप लगाया है। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, अध्यक्ष द्वारा स्वतंत्र रूप से निर्णय नहीं लिए जाने और कथित बाहरी हस्तक्षेप के कारण नगर पंचायत के कई विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। सभासदों का कहना है कि नगर पंचायत का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र की मूलभूत सुविधाओं और विकास कार्यों को सुचारु रूप से संचालित करना है। यदि प्रशासनिक स्तर पर निर्णय लेने में किसी तरह की बाधा या अनावश्यक हस्तक्षेप होता है तो इसका सीधा असर आम नागरिकों पर पड़ सकता है। इसी को आधार बनाते हुए सभासदों ने जिलाधिकारी से मामले की गंभीरता से जांच कराने और नगर पंचायत की कार्यप्रणाली को व्यवस्थित कराने की मांग की है।

उपाध्यक्ष के निर्वाचन की भी मांग

सभासदों ने केवल अध्यक्ष की कार्यप्रणाली से संबंधित आरोप ही नहीं लगाए, बल्कि नगर पंचायत में उपाध्यक्ष के निर्वाचन की प्रक्रिया पूरी कराने की मांग भी उठाई है। शिकायतकर्ताओं ने उत्तर प्रदेश नगर पालिका अधिनियम के प्रावधानों के तहत निर्वाचित सभासदों के बीच पारदर्शी मतदान और बहुमत के आधार पर उपाध्यक्ष का चयन कराने की मांग की है। सभासदों का कहना है कि उपाध्यक्ष के निर्वाचन से नगर पंचायत की व्यवस्था को और अधिक सुचारु बनाया जा सकता है तथा निर्वाचित प्रतिनिधियों की भूमिका भी प्रभावी ढंग से सुनिश्चित हो सकेगी।

नगर पंचायत के कामकाज को लेकर बढ़ी चर्चा

उगू नगर पंचायत की कार्यप्रणाली को लेकर सभासदों की शिकायत के बाद स्थानीय स्तर पर भी चर्चा शुरू हो गई है। नगर पंचायत के निर्वाचित प्रतिनिधियों और प्रशासनिक व्यवस्था के बीच समन्वय को लेकर उठाए गए सवाल अब प्रशासन के सामने हैं। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि नगर पंचायत की व्यवस्था पूरी तरह नियमों और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार संचालित होनी चाहिए। उनका आरोप है कि प्रशासनिक निर्णयों में कथित बाहरी प्रभाव के कारण निर्वाचित प्रतिनिधियों की भूमिका प्रभावित हो रही है। अब प्रशासन के सामने शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाने की चुनौती है।

जांच के बाद स्पष्ट होगी आरोपों की सच्चाई

नगर पंचायत उगू के सभासदों द्वारा लगाए गए आरोप फिलहाल शिकायत और दावों के रूप में सामने आए हैं। इन आरोपों की पुष्टि प्रशासनिक स्तर पर जांच के बाद ही हो सकेगी। जांच के दौरान नगर पंचायत के रिकॉर्ड, विकास कार्यों, निविदाओं, कर्मचारियों से संबंधित दस्तावेजों और निर्णय लेने की प्रक्रिया की समीक्षा की जा सकती है। इसके साथ ही संबंधित पक्षों का पक्ष भी लिया जाना जरूरी होगा, ताकि मामले की निष्पक्ष तस्वीर सामने आ सके। यदि जांच में किसी तरह की वित्तीय या प्रशासनिक अनियमितता सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों या व्यक्तियों की जिम्मेदारी तय की जा सकती है। वहीं, यदि लगाए गए आरोप तथ्यहीन पाए जाते हैं तो प्रशासन की ओर से स्थिति स्पष्ट की जा सकती है।

अब प्रशासन के निर्णय पर नजर

सभासदों ने अपनी शिकायत के माध्यम से जिलाधिकारी और उपजिलाधिकारी से हस्तक्षेप की मांग की है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस शिकायत पर क्या कदम उठाता है और क्या नगर पंचायत की कार्यप्रणाली को लेकर जांच शुरू की जाती है। साथ ही उपाध्यक्ष के निर्वाचन को लेकर सभासदों की मांग पर भी प्रशासन की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। नगर पंचायत के संचालन में निर्वाचित प्रतिनिधियों की जिम्मेदारियों और अधिकारों को लेकर यदि कोई विवाद है तो उसे नियमों के अनुसार सुलझाना जरूरी होगा। फिलहाल नगर पंचायत उगू की कार्यप्रणाली को लेकर सभासदों की शिकायत ने कई सवाल खड़े किए हैं। अध्यक्ष की कार्यप्रणाली, कथित अनधिकृत हस्तक्षेप, विकास कार्यों और उपाध्यक्ष के निर्वाचन को लेकर उठाए गए मुद्दों पर प्रशासन की जांच और आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here