अंबेडकर नगर/टांडा। पर्यावरण संरक्षण और समाज में प्रकृति के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से वैदिक भारत उत्थान संगठन के तत्वावधान में रविवार को पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन विद्युतनगर टांडा स्थित विवेकानंद शिशुकुंज सीनियर सेकेंडरी स्कूल परिसर में किया गया। इस अवसर पर संगठन के पदाधिकारियों एवं सदस्यों के साथ विद्यालय के प्रधानाचार्य, उपप्रधानाचार्य, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला प्रचारक तथा एनटीपीसी परियोजना के पदाधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर में विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपे गए। पौधारोपण के बाद उपस्थित लोगों ने लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल और उनके संरक्षण का संकल्प लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य केवल पौधे लगाना ही नहीं, बल्कि समाज में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करना भी रहा।
पौधारोपण के साथ संरक्षण का लिया संकल्प
कार्यक्रम में मौजूद संगठन के राष्ट्रीय स्तर के पदाधिकारियों ने कहा कि वर्तमान समय में पर्यावरण संतुलन बनाए रखना समाज की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। लगातार बढ़ते प्रदूषण और पर्यावरण असंतुलन को देखते हुए अधिक से अधिक पौधे लगाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पौधारोपण तभी सार्थक होगा, जब लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल और सुरक्षा भी सुनिश्चित की जाए। वक्ताओं ने कहा कि पेड़-पौधे केवल पर्यावरण को हरा-भरा बनाने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ वातावरण और सुरक्षित भविष्य की नींव भी हैं। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने स्तर पर पर्यावरण संरक्षण के लिए योगदान देना चाहिए। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करते हुए यह संदेश दिया गया कि पौधारोपण को किसी एक दिन या कार्यक्रम तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। इसके लिए लगातार जनजागरूकता अभियान चलाने और समाज के अधिक से अधिक लोगों को इससे जोड़ने की जरूरत है।

संगठन के पदाधिकारियों ने रखे विचार
पौधारोपण कार्यक्रम में निर्देशक अम्बर पांडे, प्रवक्ता विजय नारायण पांडे, संचालनकर्ता विजय कुमार ओझा, संरक्षक विजय कुमार मिश्रा, लेखपाल अधिकारी संतोष दुबे, सतर्कता अधिकारी अमरदीप मिश्रा, मीडिया प्रभारी श्रीमनी त्रिपाठी तथा लोक सेवक विवेक उपाध्याय सहित संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज के समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। जिस तेजी से प्रदूषण और पर्यावरण असंतुलन की समस्या बढ़ रही है, उसे देखते हुए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। उन्होंने कहा कि पौधारोपण के साथ-साथ लोगों को पौधों की देखभाल और संरक्षण के लिए भी प्रेरित करना जरूरी है। वक्ताओं के अनुसार, प्रकृति और पर्यावरण का संरक्षण केवल किसी संस्था या संगठन की जिम्मेदारी नहीं है। इसमें समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी आवश्यक है। यदि लोग अपने आसपास अधिक से अधिक पौधे लगाएं और उनकी नियमित देखभाल करें तो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है।
जनजागरूकता अभियान चलाने पर जोर
कार्यक्रम में शामिल अतिथियों और संगठन के पदाधिकारियों ने पर्यावरण संरक्षण को लेकर निरंतर जनजागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण का संदेश घर-घर तक पहुंचाने की आवश्यकता है, ताकि अधिक से अधिक लोग पौधारोपण और पौधों के संरक्षण के महत्व को समझ सकें। इस दौरान विद्यालय परिसर में लगाए गए पौधों की देखभाल के लिए भी संकल्प लिया गया। उपस्थित लोगों ने कहा कि पौधे लगाने के बाद उनकी नियमित देखभाल करना भी उतना ही जरूरी है, जितना पौधा लगाना। कार्यक्रम में विद्यालय परिवार की सहभागिता भी रही। विद्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों और समाज के बीच पर्यावरण संरक्षण का संदेश पहुंचाने का प्रयास किया गया।
समाजहित के कार्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प
कार्यक्रम के अंत में वैदिक भारत उत्थान संगठन के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष अरविंद तिवारी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कीर्ति उपाध्याय तथा कार्यकारिणी अध्यक्ष विश्वनाथ तिवारी ने कार्यक्रम में सहयोग करने वाले सभी अतिथियों, पदाधिकारियों और सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि संस्था का उद्देश्य समाजहित और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यों को निरंतर आगे बढ़ाना है। इसके लिए भविष्य में भी जनहित और पर्यावरण संरक्षण से संबंधित गतिविधियों को बढ़ावा देने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में छोटे-छोटे प्रयास भी भविष्य में बड़ा बदलाव ला सकते हैं। यदि प्रत्येक व्यक्ति पौधे लगाने के साथ उनकी देखभाल और संरक्षण की जिम्मेदारी निभाए, तो आने वाली पीढ़ियों को बेहतर और स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराया जा सकता है। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने और समाज में इसके प्रति जागरूकता फैलाने का संदेश दिया। इस तरह पौधारोपण कार्यक्रम ने प्रकृति संरक्षण के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश भी दिया।