Home WORD सिंगापुर में भारतीय कारोबारी दिवालिया घोषित, 407 प्रवासी श्रमिकों की सैलरी बकाया

सिंगापुर में भारतीय कारोबारी दिवालिया घोषित, 407 प्रवासी श्रमिकों की सैलरी बकाया

400 से अधिक प्रवासी श्रमिकों का वेतन बकाया, 13 अगस्त को जारी हुआ दिवालियापन आदेश. डिजिटल डेस्क

सिंगापुर में एक भारतीय मूल के कारोबारी और कई कंपनियों के निदेशक के खिलाफ दिवालियापन की कार्रवाई की गई है। कारोबारी रामू पलानी वेलु पर 400 से अधिक प्रवासी श्रमिकों का वेतन बकाया होने का मामला सामने आया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कुल 407 श्रमिकों ने बकाया वेतन के लिए दावे दायर किए हैं। इनमें भारतीय नागरिकों समेत विभिन्न प्रवासी श्रमिक शामिल हैं। रिपोर्ट के अनुसार, रामू पलानी वेलु सिंगापुर के स्थायी निवासी हैं और सात स्थानीय कंपनियों के निदेशक हैं। ये कंपनियां एयर-कंडीशनिंग, प्लंबिंग और निर्माण सेवाओं से जुड़ी हुई हैं। इनमें केपीए इंजीनियरिंग, एसके इंडस्ट्रीज और वीवीआर प्लांट इंजीनियरिंग समेत अन्य कंपनियां शामिल हैं। मामला उस समय गंभीर हो गया, जब बड़ी संख्या में श्रमिकों ने कई सप्ताह से वेतन नहीं मिलने की शिकायत की। कुछ कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें दो महीने से अधिक समय तक वेतन नहीं मिला था। वेतन नहीं मिलने के कारण प्रवासी श्रमिकों को रोजमर्रा के खर्च, आवास और अन्य जरूरी जरूरतों को पूरा करने में परेशानी का सामना करना पड़ा।

407 श्रमिकों ने बकाया वेतन के दावे किए

मिली जानकारी के मुताबिक, कुल 407 कर्मचारियों ने अपने बकाया वेतन को लेकर दावे दायर किए हैं। इनमें बड़ी संख्या में प्रवासी श्रमिक शामिल हैं। कई कर्मचारियों के लिए वेतन ही उनके परिवार की आय का प्रमुख स्रोत होता है। ऐसे में लंबे समय तक वेतन नहीं मिलने से उनकी आर्थिक स्थिति प्रभावित होने की बात सामने आई है। कुछ श्रमिकों को कथित तौर पर दो महीने से भी अधिक समय से वेतन नहीं मिला था। लगातार भुगतान नहीं होने के बाद श्रमिकों ने संबंधित अधिकारियों से मदद मांगनी शुरू की। 22 जून को 100 से अधिक श्रमिकों के मानव संसाधन मंत्रालय के कार्यालय पहुंचने के बाद मामला और सामने आया। श्रमिकों ने वहां अपनी समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं और बकाया वेतन दिलाने में मदद की मांग की।

डॉरमेटरी खाली करने के नोटिस से भी बढ़ी परेशानी

रिपोर्ट के अनुसार, मानव संसाधन अधिकारियों को कंपनी के कर्मचारियों के बकाया वेतन से जुड़ी समस्या की जानकारी पहले से थी। 8 जून को जारी किए गए डॉरमेटरी निष्कासन नोटिस से प्रभावित केपीए इंजीनियरिंग के कर्मचारियों से अधिकारियों ने बातचीत की थी। वेतन बकाया होने के साथ आवास से संबंधित परेशानी ने श्रमिकों की मुश्किलें और बढ़ा दीं। प्रवासी श्रमिकों के लिए नौकरी और आवास दोनों महत्वपूर्ण होते हैं। ऐसे में डॉरमेटरी से जुड़े नोटिस और वेतन भुगतान में देरी ने स्थिति को गंभीर बना दिया। अधिकारियों ने श्रमिकों के सामूहिक रूप से मानव संसाधन कार्यालय पहुंचने से पहले ही कंपनी के निदेशकों से संपर्क करने का प्रयास किया था। इसका उद्देश्य बकाया वेतन से जुड़े मामले को सुलझाने और श्रमिकों की शिकायतों पर कार्रवाई करना था।

बकाया वेतन का मामला सामने आने के बाद विदेश में थे रामू

जब बकाया वेतन का मामला सार्वजनिक रूप से सामने आया तो यह जानकारी सामने आई कि रामू पलानी वेलु उस समय सिंगापुर से बाहर थे। रिपोर्ट के मुताबिक, वह 26 जून को वापस सिंगापुर लौटे और मानव संसाधन कार्यालय की जांच में सहयोग किया। मामले की जांच और श्रमिकों के दावों के बीच अधिकारियों की ओर से कंपनी के निदेशकों से संपर्क करने की कोशिश की गई। इसके बाद कारोबारी की वापसी और जांच में सहयोग की जानकारी सामने आई।

9 जुलाई को दिवालियापन के लिए किया आवेदन

कानून मंत्रालय के दिवालियापन कार्यालय के रिकॉर्ड के अनुसार, रामू पलानी वेलु ने 9 जुलाई को दिवालियापन के लिए आवेदन किया था। इसके बाद उनके खिलाफ 13 अगस्त को दिवालियापन आदेश जारी किया गया। दिवालियापन की प्रक्रिया किसी व्यक्ति की वित्तीय स्थिति और उसके बकाया दायित्वों से जुड़ी कानूनी प्रक्रिया होती है। इस मामले में बड़ी संख्या में कर्मचारियों के वेतन दावे सामने आने के कारण श्रमिकों के बकाया भुगतान का मुद्दा महत्वपूर्ण हो गया है। हालांकि, दिवालियापन आदेश जारी होने का मतलब यह अपने आप नहीं है कि सभी आरोपों में व्यक्तिगत दोष साबित हो गया है। श्रमिकों के दावों और संबंधित कंपनियों की वित्तीय स्थिति से जुड़े मामलों पर कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत आगे निर्णय लिया जाएगा।

वेतन नहीं देने पर सिंगापुर में कड़े प्रावधान

सिंगापुर में कर्मचारियों को वेतन का भुगतान नहीं करना गंभीर श्रम कानून उल्लंघन माना जाता है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वेतन का भुगतान नहीं करने वाले नियोक्ताओं को प्रत्येक आरोप पर 3,000 से 15,000 सिंगापुर डॉलर तक का जुर्माना और छह महीने तक की जेल का सामना करना पड़ सकता है। इस प्रावधान का उद्देश्य कर्मचारियों के वेतन और उनके श्रम अधिकारों की सुरक्षा करना है। प्रवासी श्रमिकों के मामलों में संबंधित अधिकारी बकाया वेतन के दावों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करते हैं।

प्रवासी श्रमिकों के सामने आई आर्थिक चुनौती

इस मामले ने सिंगापुर में काम करने वाले प्रवासी श्रमिकों के सामने आने वाली आर्थिक चुनौतियों को भी उजागर किया है। विदेश में काम करने वाले कर्मचारी नियमित वेतन पर निर्भर रहते हैं। वेतन में देरी होने पर उनके लिए भोजन, आवास, परिवहन और परिवार को भेजी जाने वाली रकम का इंतजाम करना मुश्किल हो सकता है। कई प्रवासी श्रमिक अपने परिवारों की आर्थिक जिम्मेदारी भी संभालते हैं। ऐसे में कई महीनों का वेतन अटकने से उनकी स्थिति गंभीर हो सकती है। इस मामले में भी 407 श्रमिकों के बकाया वेतन के दावे सामने आने के बाद अधिकारियों का ध्यान इस ओर गया।

कंपनियों और कर्मचारियों के दावों पर आगे की प्रक्रिया

रामू पलानी वेलु से जुड़ी सात कंपनियां एयर-कंडीशनिंग, प्लंबिंग और निर्माण क्षेत्र में काम करती हैं। इन कंपनियों में बड़ी संख्या में श्रमिक कार्यरत थे। बकाया वेतन के दावों के बाद अब संबंधित कंपनियों की वित्तीय स्थिति और कर्मचारियों के दावों की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी। दिवालियापन आदेश के बाद कानूनी प्रक्रिया के तहत उपलब्ध संपत्तियों और देनदारियों का आकलन किया जा सकता है। कर्मचारियों के बकाया वेतन से जुड़े दावों का निपटारा संबंधित नियमों के अनुसार किया जाएगा। फिलहाल मामले में 407 श्रमिकों के दावे, कंपनियों की वित्तीय स्थिति और बकाया वेतन की वास्तविक राशि से जुड़े सभी विवरण संबंधित प्रक्रिया के तहत स्पष्ट होंगे।

श्रमिकों को भुगतान का इंतजार

सिंगापुर में सामने आए इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि जिन 407 श्रमिकों का वेतन कथित रूप से बकाया है, उन्हें उनका पैसा कब और किस प्रक्रिया के तहत मिलेगा। श्रमिकों ने अधिकारियों से मदद की मांग की है और मामले में प्रशासनिक तथा कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। रामू पलानी वेलु के खिलाफ 13 अगस्त को दिवालियापन आदेश जारी होने के बाद अब संबंधित रिकॉर्ड और श्रमिकों के दावों के आधार पर आगे की प्रक्रिया चलेगी। वहीं, वेतन भुगतान से जुड़े कानूनों के तहत नियोक्ताओं की जिम्मेदारी और संभावित कार्रवाई का मुद्दा भी इस मामले में महत्वपूर्ण है। फिलहाल यह मामला सिंगापुर में प्रवासी श्रमिकों के बकाया वेतन से जुड़ी बड़ी कार्रवाई के रूप में सामने आया है। 407 श्रमिकों के वेतन दावों और सात कंपनियों से जुड़े इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया पर सभी की नजर बनी हुई है।

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