लखनऊ। राजधानी लखनऊ के महानगर क्षेत्र स्थित सार्वजनिक महानगर पार्क में कम उम्र के कुछ किशोर-किशोरियों द्वारा कथित रूप से नशीले पदार्थों का सेवन किए जाने की शिकायत सामने आई है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, पार्क में कभी-कभी किशोर उम्र के लड़के-लड़कियां सिगरेट और शराब का सेवन करते दिखाई देते हैं। कुछ किशोरियों के नशे की हालत में झूमने का दावा भी स्थानीय लोगों की ओर से किया गया है। सार्वजनिक स्थान पर इस तरह की गतिविधियों को लेकर नागरिकों में चिंता बनी हुई है। महानगर पार्क आसपास के लोगों के लिए रोजमर्रा की जिंदगी का एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थान है। यहां आसपास की दुकानों और प्रतिष्ठानों में काम करने वाले लोग दोपहर के समय भोजन करने और कुछ देर आराम करने के लिए आते हैं। इसके अलावा महिलाएं, बच्चे, बुजुर्ग और अन्य नागरिक भी पार्क में समय बिताते हैं। ऐसे में यदि सार्वजनिक स्थान पर कम उम्र के बच्चों या किशोरों द्वारा नशीले पदार्थों का सेवन किया जाता है, तो इससे पार्क का माहौल प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पार्क जैसे सार्वजनिक स्थानों पर बच्चों और परिवारों की आवाजाही रहती है। इसलिए वहां ऐसी गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए नियमित निगरानी जरूरी है। लोगों का मानना है कि पुलिस और संबंधित विभागों की सक्रिय मौजूदगी से असामाजिक गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सकता है।

पार्क में दोपहर के समय भी रहती है लोगों की आवाजाही

महानगर पार्क में दिन के समय भी काफी संख्या में लोग आते-जाते हैं। आसपास की दुकानों पर काम करने वाले कर्मचारी दोपहर में भोजन करने या कुछ समय आराम करने के लिए पार्क का इस्तेमाल करते हैं। स्थानीय महिलाएं अपने बच्चों के साथ यहां पहुंचती हैं, जबकि अन्य नागरिक भी कुछ समय शांति से बिताने के लिए पार्क में आते हैं स्थानीय लोगों का कहना है कि पार्क सार्वजनिक उपयोग का स्थान होने के कारण यहां आने वाले हर व्यक्ति को सुरक्षित और सहज वातावरण मिलना चाहिए। यदि कोई व्यक्ति खुले तौर पर नशीले पदार्थों का सेवन करता है या अन्य लोगों के लिए असहज स्थिति पैदा करता है, तो ऐसी गतिविधियों पर समय रहते कार्रवाई की जानी चाहिए। नागरिकों के मुताबिक, किशोर उम्र में नशे की आदत पड़ना चिंता का विषय हो सकता है। उनका कहना है कि युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए केवल कार्रवाई ही नहीं, बल्कि जागरूकता और परिवार तथा समाज की भूमिका भी महत्वपूर्ण है।

पुलिस चौकी की मौजूदगी के बावजूद गश्त बढ़ाने की मांग

स्थानीय नागरिकों के अनुसार महानगर पार्क से कुछ ही कदम की दूरी पर पुलिस चौकी भी स्थित है। इसके बावजूद पार्क में कथित रूप से नशे के सेवन जैसी गतिविधियां दिखाई देने की शिकायत सामने आना पुलिस निगरानी को लेकर सवाल खड़े करता है। नागरिकों का कहना है कि यदि पुलिसकर्मी नियमित अंतराल पर पार्क में गश्त करें और दिन में दो-तीन बार औचक निरीक्षण किया जाए तो ऐसी गतिविधियों पर काफी हद तक रोक लगाई जा सकती है। लोगों का सुझाव है कि खासकर दोपहर और उन समयों में निगरानी बढ़ाई जाए, जब पार्क में कम भीड़ होने के कारण ऐसी गतिविधियों की आशंका अधिक रहती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस की नियमित मौजूदगी से न केवल नशे का सेवन करने वालों पर कार्रवाई संभव होगी, बल्कि अन्य असामाजिक गतिविधियों पर भी अंकुश लगाया जा सकेगा।

बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता

महानगर पार्क में महिलाओं और बच्चों की भी आवाजाही रहती है। ऐसे में सार्वजनिक स्थान पर कथित रूप से शराब या अन्य नशीले पदार्थों का सेवन किए जाने की शिकायत से अभिभावकों और स्थानीय नागरिकों की चिंता बढ़ सकती है। लोगों का कहना है कि पार्क में आने वाले परिवारों को ऐसा वातावरण मिलना चाहिए, जहां वे बिना किसी असहजता के समय बिता सकें। यदि किसी को नशे की हालत में सार्वजनिक स्थान पर देखा जाता है तो उससे विवाद या अप्रिय स्थिति उत्पन्न होने की आशंका भी बनी रहती है। नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि पार्क में पर्याप्त निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। जरूरत पड़ने पर नियमित पुलिस गश्त के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर जागरूकता अभियान भी चलाया जाए, ताकि किशोरों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी जा सके।

नशे से दूर रखने के लिए जागरूकता भी जरूरी

स्थानीय लोगों का मानना है कि किशोरों के बीच नशे की किसी भी संभावित प्रवृत्ति को केवल पुलिस कार्रवाई के जरिए खत्म नहीं किया जा सकता। इसके लिए परिवार, स्कूल, सामाजिक संगठनों और प्रशासन को मिलकर काम करना होगा। यदि कम उम्र के बच्चों में नशे की आदत विकसित हो रही है तो अभिभावकों को भी उनकी गतिविधियों और संगति पर ध्यान देना चाहिए। साथ ही युवाओं के लिए खेल, शिक्षा और अन्य सकारात्मक गतिविधियों को बढ़ावा देने से उन्हें गलत संगत से दूर रखने में मदद मिल सकती है।नागरिकों का कहना है कि सार्वजनिक पार्कों में नशे से संबंधित गतिविधियों की शिकायत मिलने पर संबंधित विभागों को तत्काल संज्ञान लेना चाहिए। इससे एक ओर जहां पार्क का वातावरण बेहतर रहेगा, वहीं दूसरी ओर किशोरों को भी ऐसी गतिविधियों से दूर रखने का प्रयास किया जा सकेगा।

स्थानीय लोगों ने की नियमित निगरानी की मांग

महानगर पार्क को लेकर स्थानीय नागरिकों की मुख्य मांग है कि पुलिस नियमित रूप से पार्क का निरीक्षण करे। लोगों के अनुसार दिन में दो-तीन बार पुलिस गश्त और अचानक जांच होने से सार्वजनिक स्थान पर नशे के सेवन की शिकायतों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। लोगों ने यह भी मांग की है कि यदि जांच के दौरान कोई व्यक्ति सार्वजनिक स्थान पर कानून का उल्लंघन करता पाया जाता है तो नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाए। वहीं यदि किशोर नशे की स्थिति में पाए जाते हैं तो उनके मामले में कानून के अनुरूप आवश्यक कदम उठाने के साथ उनके परिवारों को भी जानकारी दी जानी चाहिए। फिलहाल महानगर पार्क में किशोर-किशोरियों द्वारा कथित नशे के सेवन को लेकर स्थानीय लोगों की शिकायत और चिंता सामने आई है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले में पुलिस की ओर से आधिकारिक कार्रवाई या जांच का विवरण सामने आने के बाद ही स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी। स्थानीय नागरिकों को उम्मीद है कि पुलिस पार्क में निगरानी बढ़ाएगी और सार्वजनिक स्थान को परिवारों तथा बच्चों के लिए सुरक्षित बनाए रखने की दिशा में आवश्यक कदम उठाएगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here