यूपी क्राइम अलर्ट न्यूज़ बयूरो
आगरा: एलपीजी की किल्लत अब रेल यात्रियों तक पहुंच गई है। गैस सिलेंडर की कमी के चलते आगरा कैंट रेलवे स्टेशन से चलने वाली प्रमुख ट्रेनों में यात्रियों के भोजन पर संकट खड़ा हो गया है। आईआरसीटीसी के अधिकृत वेंडरों के अनुसार बेस किचन में गैस सिलेंडर का स्टॉक केवल दो दिन का बचा है। यदि जल्द आपूर्ति नहीं हुई तो यात्रियों को ट्रेनों में भोजन मिलना बंद हो सकता है।जानकारी के अनुसार आगरा कैंट से गुजरने वाली बनारस वंदे भारत एक्सप्रेस में प्रतिदिन करीब 600 यात्रियों और मुंबई राजधानी एक्सप्रेस में 700 से अधिक यात्रियों के लिए भोजन तैयार किया जाता है। लेकिन वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति घटने से बेस किचन में गैस का संकट गहरा गया है। सूत्रों का कहना है कि सिलेंडर खत्म होने की स्थिति में इन ट्रेनों में यात्रियों को भोजन उपलब्ध कराना संभव नहीं होगा।बताया जा रहा है कि ईरान-अमेरिका/इजरायल के बीच जारी युद्ध के असर से आगरा में एलपीजी की आपूर्ति प्रभावित हुई है। खासकर वाणिज्यिक सिलेंडरों की डिलिवरी बहुत कम हो गई है, जिससे खानपान से जुड़े कारोबारियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।संकट का असर ऑनलाइन फूड डिलिवरी सेवाओं पर भी दिखने लगा है। आगरा कैंट के एक फूड डिलिवरी एजेंट ने गैस की कमी के कारण पिछले दो दिनों से ट्रेनों में भोजन की डिलिवरी बंद कर दी है। शहर में करीब एक दर्जन एजेंट यात्रियों को उनकी पसंद का खाना उपलब्ध कराते हैं। यदि संकट जारी रहा तो यह सेवा पूरी तरह ठप हो सकती है।
स्टेशन के बाहर स्थित ढाबों और होटलों की स्थिति भी खराब है। कई संचालक सिलेंडर ब्लैक में खरीदने को मजबूर हैं, जिससे खानपान के दाम बढ़ा दिए गए हैं। वहीं पूड़ी-सब्जी बेचने वाले वेंडरों का कहना है कि यदि सिलेंडर की आपूर्ति जल्द सामान्य नहीं हुई तो किचन बंद करने की नौबत आ सकती है।इस बीच आगरा फोर्ट रेलवे स्टेशन और आगरा कैंट के फूड प्लाजा संचालकों ने भी चेतावनी दी है कि यदि एलपीजी की आपूर्ति जल्दी बहाल नहीं हुई तो स्टॉक खत्म होने के बाद उन्हें भी अपने प्रतिष्ठान बंद करने पड़ सकते हैं।

यूपी में LPG संकट: अस्पताल, होटल और छात्र मेस पर पड़ा असर
पश्चिम एशिया में जारी युद्ध का असर अब भारत की रसोई तक महसूस किया जा रहा है। कई राज्यों की तरह उत्तर प्रदेश में भी एलपीजी की किल्लत बढ़ने लगी है। घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ अस्पतालों, छात्रावासों और होटलों पर इसका सीधा प्रभाव दिखाई दे रहा है। राजधानी लखनऊ के बड़े अस्पतालों में मरीजों के भोजन में कटौती तक करनी पड़ रही है, जबकि मेडिकल कॉलेजों के छात्र मेस में खाना न मिलने के कारण बाहर होटलों का रुख कर रहे हैं।
लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) में गैस की कमी का असर बुधवार को साफ दिखाई दिया। अस्पताल की रसोई में सिलेंडर की कमी के कारण मरीजों को उनकी मांग के अनुसार रोटियां नहीं मिल सकीं। वहीं मेडिकल छात्रों की मेस में भी कई जगह भोजन तैयार नहीं हो पाया, जिससे छात्र-छात्राओं को बाहर होटल या ढाबों में खाना खाने के लिए जाना पड़ा। अस्पताल प्रशासन ने इस स्थिति की जानकारी जिला प्रशासन को देते हुए जल्द गैस आपूर्ति बहाल कराने की मांग की है।
संकट का असर पर्यटन नगरी आगरा में भी दिखाई दे रहा है। यहां प्रतिदिन देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को होटलों में ठहरने की सुविधा तो मिल रही है, लेकिन रसोई में गैस की कमी के कारण कई जगह भोजन तैयार नहीं हो पा रहा है। कई होटल और उनसे जुड़े रेस्टोरेंट सीमित मेन्यू पर काम कर रहे हैं, जबकि कुछ ने नई बुकिंग तक रद्द करना शुरू कर दिया है।
होटल कारोबारियों का कहना है कि एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति घटने से रसोई चलाना मुश्किल हो गया है। यदि यह स्थिति लंबी चली तो पर्यटन और होटल उद्योग को भी बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक तनाव और ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ रहे दबाव का असर धीरे-धीरे स्थानीय स्तर तक दिखाई देने लगा है, जिसका सबसे पहला असर आम लोगों की रसोई और रोजमर्रा की सेवाओं पर पड़ रहा है।
मुख्य बिंदु
- रेलवे भोजन पर संकट – आगरा कैंट रेलवे स्टेशन के बेस किचन में एलपीजी सिलेंडर का स्टॉक केवल दो दिन का बचा है।
- ट्रेनों में भोजन बंद होने का खतरा – गैस आपूर्ति न होने पर वंदे भारत एक्सप्रेस और मुंबई राजधानी एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों में यात्रियों को भोजन मिलना बंद हो सकता है।
- आईआरसीटीसी वेंडर चिंतित – वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति कम होने से रेलवे के अधिकृत वेंडरों में चिंता बढ़ गई है।
- ऑनलाइन फूड डिलिवरी प्रभावित – गैस की कमी के कारण आगरा कैंट के कुछ एजेंटों ने ट्रेनों में फूड डिलिवरी सेवा बंद कर दी है।
- होटल और ढाबों पर असर – कई होटल और ढाबा संचालक सिलेंडर ब्लैक में खरीदने को मजबूर हैं, जिससे खाने की कीमतें बढ़ गई हैं।
- अस्पताल और छात्र मेस प्रभावित – यूपी में एलपीजी संकट के कारण अस्पतालों में मरीजों के भोजन में कटौती और छात्र मेस में खाना बनने में दिक्कत आ रही है।
- वैश्विक युद्ध का असर – विशेषज्ञों के मुताबिक पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के कारण एलपीजी आपूर्ति प्रभावित हो रही है, जिसका असर अब भारत तक पहुंच गया है।
















